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PELÉ: A COMPLETE BIOGRAPHY (reprint and price update)
- Author Name:
Pushkar Kumar
-
Book Type:

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PELÉ: A COMPLETE BIOGRAPHY (reprint and price update)
Pushkar Kumar
20% offYuvi : Cricket Ka Yuvraj
- Author Name:
Makarand Waingankar
-
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Yuvi : Cricket Ka Yuvraj
Makarand Waingankar
20% offAkhada
- Author Name:
Saurabh Duggal
-
Book Type:

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Akhada
Saurabh Duggal
20% offCricket in Indian Mythology
- Author Name:
Ravi Chaturvedi Dalipnagar
-
Book Type:

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Cricket in Indian Mythology
Ravi Chaturvedi Dalipnagar
20% offShuttle Ki Rani P.V. Sindhu Ki Biography (Hindi Translation Of Shuttling To The Top)
- Author Name:
V. Krishnaswamy
-
Book Type:

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Shuttle Ki Rani P.V. Sindhu Ki Biography (Hindi Translation Of Shuttling To The Top)
V. Krishnaswamy
20% offOlympic Khelon Ko Jaanein
- Author Name:
Kanishk Pandey
-
Book Type:

- Description:
‘ओलम्पिक खेलों को जानें’—इस पुस्तक को आप ओलम्पिक खेलों की प्राथमिक मार्गदर्शिका कह सकते हैं। इसमें वह सब जानकारी दी गई है जो ओलम्पिक में भाग लेने के इच्छुक किसी भी खिलाड़ी को सबसे पहले चाहिए होती है। वे कौन से खेल हैं जो ओलम्पिक में खेले जाते हैं, इससे लेकर, कौन-सा खेल कैसे खेला जाता है, उसके नियम क्या होते हैं, ओलम्पिक में उस खेल को कब शामिल किया गया और अब तक किस-किस खिलाड़ी ने उसमें पदक जीते—यह सब आप इस पुस्तक से जान सकते हैं।
भारत जैसे देश में जहाँ युवाओं की इतनी बड़ी संख्या मौजूद है, खेलों के प्रति जैसी भावना और समर्पण होना चाहिए था, वैसा आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। सौ साल के अपने ओलम्पिक इतिहास में हमारी उपलब्धियाँ भी बहुत ज्यादा नहीं हैं। योग्य खिलाड़ियों को विश्व-स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए जिस तरह का वातावरण और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, वैसा हमारे युवाओं को आमतौर पर नहीं मिल पाता। सामाजिक-आर्थिक वजहों के साथ इसका एक कारण आधारभूत जानकारी का अभाव भी है।
यह पुस्तक उसी कमी को पूरा करने की एक कोशिश है। ओलम्पिक और अन्य खेलों के इतिहास तथा तकनीकी पक्ष के गहरे जानकर लेखक ने इस पुस्तक को सरल भाषा और तथ्यात्मक प्रामाणिकता के साथ लिखा है। हर स्तर के पाठक के लिए बोधगम्य और उपयोगी यह पुस्तक खासतौर पर ओलम्पिक खेलों में रुचि रखनेवाले भावी खिलाड़ियों, खेल-प्रेमियों और ऐसे पाठकों के लिए उपादेय साबित होगी जो खेल-संस्कृति और खेल-भावना को देश-दुनिया की आंतरिक सम्पन्नता के लिए जरूरी मानते हैं।
Olympic Khelon Ko Jaanein
Kanishk Pandey
20% offCricket Ki Marketing
- Author Name:
Suryaprakash Chaturvedi
-
Book Type:

- Description: v data-content-type="html" data-appearance="default" data-element="main">समय बदलता है तो स्थितियाँ भी बदलती हैं। जीवन का स्वरूप भी बदलता है। बदलते समय के साथ सब कुछ बदलता है। वैसे ही क्रिकेट के खेल में भी बदलाव आते रहे हैं। क्रिकेट बदला तो खेल की मार्केटिंग भी बदली। आज जहाँ भी जिन खेलों की लोकप्रियता है, वहाँ का मार्केट ही उन खेलों का मुख्य प्रायोजक है। भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता है तो आज विश्व क्रिकेट भी भारत के प्रायोजकों के धन से ही चल रहा है। इसलिए क्रिकेट की मार्केटिंग का हिसाब लगाती यह किताब आज के बदलते समय को समझने में भी काम आने वाली है। मार्केट या बाज़ार समाज का अहम हिस्सा रहे हैं। मार्केट पर भी समाज का ही नियंत्रण रहा। मगर आज मार्केट पर नियंत्रण करने वाला समाज ही उसके सामने नतमस्तक है। आज सब मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं। यहाँ तक कि खिलाड़ी भी आज खेल को खेल की तरह न खेलकर कि कोरे मुनाफे के लिए ही खेलते हैं। प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी की यह किताब क्रिकेट में मार्केट की बढ़ती दखलअन्दाजी को सामने लाने का अच्छा प्रयास है। क्रिकेट का मार्केट अगर खेल और खिलाड़ियों पर हावी होने लगेगा तो न तो क्रिकेट शानदार अनिश्चिततओं का खेल रह जाएगा और न ही इसके खिलाड़ी लोकप्रिय और यशस्वी हो पाएँगे। खेल खतम, पैसा हज़म नहीं होना चाहिए। किताब पढ़ें और क्रिकेट की विरासत को समझें।
Cricket Ki Marketing
Suryaprakash Chaturvedi
20% offBais Gaz Ki Duniya
- Author Name:
Suryaprakash Chaturvedi
-
Book Type:

- Description:
क़दमों से नापें तो जिस पिच पर क्रिकेट खेली जाती है, वह बाईस गज़ की होती है। क्रिकेट को जीवन से जुड़ा खेल भी माना जाता है। जीवन जितना दाँव-पेच या उतार-चढ़ाव से भरा-पूरा होता है उतना ही अस्थिर व रोमांचक खेल क्रिकेट होता है। जिस क्रिकेट को जीवन की तरह देखा जाता है, उसी से जीवन को खलने की प्रेरणा भी मिलती है। खेल के संस्मरण भी अपने जीवन को गढ़ते हैं। इसलिए ‘बाईस गज़ की दुनिया’ का यह स्मृति-संग्रह है।
लेखक के अकादमिक सरोकारों के अलावा जो स्मृतियाँ उन्होंने इस पुस्तक में सँजोई हैं, उनसे ही लेखक का संसार बना है। लेखक इन्दौर के एक महाविद्यालय में अंग्रेज़ी भाषा और साहित्य पढ़ाते हुए क्रिकेट-प्रेमी बने। इस स्मृति-संग्रह में इन्दौर आए या इन्दौर की क्रिकेट के प्रभुत्व खिलाड़ी, सफल खेल प्रशासक और साथी पत्रकारों का उनके जीवन आनन्द में आए योगदान को भावनात्मक ललक से प्रस्तुत किया है। आख़िर क्रिकेट-प्रेम ही उनके शिक्षक पेशे पर भारी पड़ा है।
एक समय देश और इन्दौर की क्रिकेट के महानायकों के जीवन की बारीकियों को उकेरनेवाली यह पुस्तक रोचकपूर्ण है। पुस्तक उस समय के इन्दौर की, और देश की क्रिकेट की स्थिति व
स्मृति को आज की बियाबानी दौड़ में सार्थकता प्रदान करती है। क्योंकि अतीत से ही भविष्य का वर्तमान साफ़ होता है और समझ आता है। पुस्तक पढ़ेंगे तो जानेंगे।
Bais Gaz Ki Duniya
Suryaprakash Chaturvedi
20% offKhelon Mein Bharat Ke Swarnim Pal
- Author Name:
Kanishk Pandey
-
Book Type:

- Description:
कोई भी खेल हो, उसे खेलते कुछ ही खिलाड़ी हैं, कई खेलों में तो सिर्फ एक ही; लेकिन वे प्रतीक बन जाते हैं पूरे देश के, देश के गौरव, सम्मान और संघर्ष-क्षमता के।
भारत के पास भी ऐसे खिलाड़ियों का बड़ा शक्ति-कोष है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में देश के गौरव-ध्वज को विश्व-मंच पर लहराया। वे न सिर्फ भारत की खेल-भावना के प्रतिनिधि बनकर उभरे बल्कि भावी खिलाड़ियों, युवाओं और सामान्यत: पूरे देश के लिए प्रेरणा भी साबित हुए।
इस पुस्तक में आजाद भारत के इतिहास के ऐसे ही क्षणों को एकत्रित किया गया है जब हमारे खिलाड़ियों ने, कई बार अनेक विपरीत परिस्थतियों के बावजूद, दुनिया को दिखा दिया कि कोई खेल ऐसा नहीं जिसमें हम दुनिया की बड़ी-से-बड़ी स्पर्द्धा में झंडा न गाड़ सकें।
स्वतंत्रता मिलने के अगले ही वर्ष हॉकी में पहला ओलम्पिक स्वर्णपदक जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने जो विजय-गाथा लिखना शुरू की थी, वह आज तक जारी है। इस बीच लगभग सभी खेलों में हमने अपनी मौजूदगी दर्ज की है, पदक हासिल किए हैं; विश्व-स्तर के अनेक खिलाड़ी दुनिया को दिए हैं।
उपलब्धियों और विजयों के ऐसे ही स्वर्णिम क्षणों का संकलन है यह किताब जिसमें पढ़नेवाले को ज्ञान के साथ, पवित्र खेल भावना की ऊर्जा तथा प्रेरणा के दर्शन भी होंगे।
Khelon Mein Bharat Ke Swarnim Pal
Kanishk Pandey
20% offOlympic Khel Aur Bharat
- Author Name:
Kanishk Pandey
-
Book Type:

- Description:
ओलम्पिक खेल प्राचीन यूनानी सभ्यता की देन है जहाँ ईसा पूर्व 776 से लेकर 393 ई. तक उनका आयोजन होता रहा। ये खेल ओलम्पिया पर्वत पर होते थे जिसके कारण इन्हें ओलम्पिक कहा जाने लगा। एक दन्तकथा के अनुसार हरक्यूलिस और उनके पिता को ओलम्पिक का जनक माना जाता है।
प्राचीन ओलम्पिक के ईसवी सन् 393 के बन्द होने के कोई पन्द्रह सौ साल बाद आधुनिक ओलम्पिक आयोजनों का आरम्भ उन्नीसवीं सदी के आखिरी दशक में आकर हुआ जो अब तक जारी है। आज यह विश्व का सबसे बड़ा खेल-महाकुम्भ है जिसमें अनेक खिलाड़ी, अनेक टीमें, अनेक देश विशुद्ध खेल भावना के साथ अपनी विजय के लिए संघर्ष करते हैं।
किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलम्पिक तक पहुँचना उसका सबसे बड़ा सपना होता है, एक महान उपलब्धि। कड़े परिश्रम और साधना के बाद ओलम्पिक तक पहुँचे इन खिलाड़ियों को इसलिए हम श्रेष्ठतम प्रतिभा कह सकते हैं, और ओलम्पिक को श्रेष्ठतम खेल-प्रतियोगिता।
ओलम्पिक में ऐसे अनेक खिलाड़ी सामने आते हैं जो देश-दुनिया और समाज के लिए आदर्श बन गए। विकट, विषम परिस्थतियों से पार पाकर वे कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।
इस पुस्तक में हम ओलम्पिक में शामिल सभी खेलों के साथ ही खिलाड़ियों के बारे में भी विस्तार से पढ़ेंगे। हर खेल के विवरण के साथ इसमें भारत के प्रदर्शन को विशेष रूप में रेखांकित किया गया है। और हो सकता है कि इन पृष्ठों पर दी गई जानकारी किसी भावी खिलाड़ी के लिए प्रेरणा ही बन जाए।
Olympic Khel Aur Bharat
Kanishk Pandey
20% offHamare Kaptan : Naidu Se Dhoni Tak
- Author Name:
Suryaprakash Chaturvedi
-
Book Type:

- Description:
क्रिकेट खेल में कप्तान की अहम भूमिका होती है। सादगी और शालीनता के इस खेल में एक सर्वमान्य खिलाड़ी नेतृत्व करने के लिए चुना जाता है। सभी खिलाड़ी कप्तान को आदर भाव से देखते हैं।
‘हमारे कप्तान’ किताब में लेखक ने आँकड़ों, प्रसिद्धि एवं कामयाब फ़ैसले लेने की क्षमता वाले ग्यारह भारतीय कप्तानों के बारे में अपनी राय रखी है। भारतीय क्रिकेट के परिप्रेक्ष्य में इन कप्तानों की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है। यह किताब उन्हीं सफल भारतीय कप्तानों के बारे में चर्चा करती है।
‘नायडू से धोनी तक’ खेल में अप्रतिम बदलाव आए हैं। टेस्ट क्रिकेट से बीसमबीस के खेल के सफ़र में हर कप्तान अपने अलग परिवेश में दर्शाया व दिखाया गया है। भारत का पहला टेस्ट खेलने वाले कप्तान सी.के. नायडू हैं तो भारत को पहला बीसमबीस विश्व कप जितानेवाले कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी हैं। बीच में भारत को एकदिवसीय विश्व कप जितानेवाले कपिल देव भी हैं, और साथ-ही-साथ खेल की कूटनीति में धनी माने गए कप्तान मंसूर अली खाँ पटौदी भी यहाँ हैं। जैसे-जैसे खेल लोकप्रिय होता गया, उसका फैलाव बढ़ता गया। ज़्यादा खेलने के कारण कप्तान ज़्यादा सफलता के आँकड़े पाते गए। इनमें मोहम्मद अज़हरुद्दीन और सौरव गांगुली भी शामिल हैं।
कुछ भारतीय कप्तान जो लेखक की राय में इस श्रेणी में नहीं आते, उनका भी ज़िक्र इस पुस्तक में किया गया है और कारण बताए गए हैं। कुल मिलाकर ‘हमारे कप्तान : नायडू से धोनी तक’ किताब एक रोचक व ऐतिहासिक बहस छेड़ती है। लेखक ने शानदार तैयारी व तरीक़े से अपने चुने हुए कप्तानों पर पैनी नज़र डाली है। पुस्तक रोचक ही नहीं, रोमांचित भी करती है।
Hamare Kaptan : Naidu Se Dhoni Tak
Suryaprakash Chaturvedi
20% offBhartiya Spin Gendbaji Ki Parampara
- Author Name:
Suryaprakash Chaturvedi
-
Book Type:

- Description:
भारतीय स्पिन गेंदबाज़ी का इतिहास क़रीब सौ साल पुराना है। हमारे देश की तस्वीर ही स्पिन गेंदबाजी की है व हमारी गेंद पट्टियाँ भी स्पिन गेंदबाज़ों को ही रास आती रही हैं। स्पिन कला भारतीय उपमहाद्वीप की विशेषता मानी जाने लगी है। यहाँ की मिट्टी ही नहीं, हवा-पानी में भी स्पिन की महक महसूस होती है।
भारत में सभी तरह की स्पिन गेंदबाज़ी फलती, फूलती व विकसित होती रही है। इसमें बाएँ हाथ की स्पिन गेंदबाज़ी भी है व दाहिने हाथ की ऑफ़ स्पिन व कलाई मोड़कर की जानेवाली लेग स्पिन और गुगली भी। बाएँ हाथ के स्पिनर्स में पी. बालू, जमशेद जी, वीनू मनकड़, हीरालाल गायकवाड़, सलीम दुर्रानी व नाडकर्णी भी हैं और बिशन सिंह बेदी, दिलीप दोषी, मनिन्दर सिंह व राजू भी। इसी तरह दाहिने हाथ के ऑफ स्पिनर्स में ग़ुलाम अहमद, प्रसन्ना, वेंकटराघवन, शिवलाल यादव व हरभजन सिंह प्रमुख हैं। दाहिने हाथ के लेग स्पिन गुगली गेंदबाज़ों में एस.एम. जोशी, सी.एस. नायडू, एस.जी. शिन्दे, सुभाष गुप्ते, नरेन्द्र हिरवानी व अनिल कुम्बले विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
आज भारत के सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेनेवाले गेंदबाज़ अनिल कुम्बले भी लेग स्पिनर ही तो हैं। रणजी ट्रॉफ़ी और इससे पहले मुम्बई की मुम्बई स्पर्धा—विशेषकर त्रिकोणी, चतुष्कोणी एवं पंचकोणी स्पर्धा—में भी स्पिन गेंदबाजी का ही दबदबा रहा है।
यह पुस्तक भारतीय स्पिन गेंदबाज़ी की परम्परा पर ही केन्द्रित है। मगर अन्तिम अध्याय में विश्व के सार्वकालिक महान स्पिन गेंदबाज़ों का भी उल्लेख किया गया है। क्रिकेट प्रेमी पाठकों के लिए यह न केवल उपहार है बल्कि जानकारी के साथ-साथ पठनीयता का रचनात्मक आस्वाद भी प्रदान करती है।
Bhartiya Spin Gendbaji Ki Parampara
Suryaprakash Chaturvedi
20% off1000 Khel Kood Prashnottari
- Author Name:
Narottam Puri
-
Book Type:

- Description: खेल जगत् के क्विज मास्टर डॉ. नरोत्तम पुरी द्वारा रचित पुस्तक ‘1000 खेल-कूद प्रश्नोत्तरी’ में खेल जगत् के लगभग सभी अंगों को समेटने का प्रयास किया गया है। इस पुस्तक के कलेवर में तैराकी जैसे पानी के खेलों से लेकर कुश्ती तक सभी प्रकार के खेल-कूद शामिल किए गए हैं। लेखक ने भारत सहित पूरे विश्व में होनेवाली खेल जगत् की प्रमुख गतिविधियों का पूरा ध्यान रखा है। लेखक की ज्ञान परिधि में प्राचीन ओलंपिक खेलों से लेकर आधुनिक व्यवस्थित प्रतिस्पर्धाओं तक की जानकारी समाहित है। इस पुस्तक में तैराकी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केट बॉल, मुक्केबाजी, फुटबॉल, जिमनास्टिक, हॉकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती, क्रिकेट आदि सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह खेल सबसे पहले कहाँ और कब खेला गया?यह खेल सर्वप्रथम किस- किसके बीच खेला गया?इस खेल का विश्व रिकॉर्ड क्या है? इस विश्व रिकॉर्ड को किसने कब ध्वस्त किया?...और इस प्रकार के अन्य सैकड़ों रोमांचकारी व आश्चर्यकारी प्रश्न, जिन्हें पढ़-जानकर पाठकों का भरपूर मनोरंजन और ज्ञानवर्द्धन होगा।
1000 Khel Kood Prashnottari
Narottam Puri
20% offFootball Fever : The Ultimate Quiz Book
- Author Name:
Srinjoy Chowdhury
-
Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Football Fever : The Ultimate Quiz Book
Srinjoy Chowdhury
20% offHockey Ke Jadugar Major Dhyanchand
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yamini'
-
Book Type:

- Description: "हॉकी सम्राट्’ और ‘हॉकी के जादूगर’ जैसे विशेष्णों से विभूष्त मेजर ध्यानचंद का नाम किसी के लिए भी अपरिचित नहीं है। बचपन में उनमें एक खिलाड़ी के कोई लक्षण नहीं थे, इसलिए कह सकते हैं कि उनमें के खेल की प्रतिभा जन्म जात नहीं थी।उन्होंने अपनी सतत साधना, लगन, अभ्यास, संकल्प व संघर्ष के माध्यम से इस खेल में दक्षता अर्जित की और विश्व के सर्वोत्तम हॉकी खिलाडि़यों की सूची में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा लिया। ध्यानचंद हॉकी के खेल में एक सेंटर फॉरवर्ड के रूप में जाने जाते थे और उनकी इस अद्भुत खेल प्रतिभा ने भारत को एक अलग ही मुकाम पर पहुँचा दिया था। वे तीनों बार उस भारतीय ओलंपिक टीम के सदस्य थे, जो अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाई। विदेशी जब उन्हें खेलते देखते तो वाहवाह कर उठते। वे लगभग 25 वर्षों तक विश्व हॉकी के शिखर पर छाए रहे। मेजर ध्यानचंद की प्रेरक जीवनगाथा, जो हर खेलप्रेमी और खिलाड़ी को समान रूप से प्रेरित करेगी और उनमें खेलों के प्रति जुनून पैदा करेगी।"
Hockey Ke Jadugar Major Dhyanchand
Rachna Bhola 'Yamini'
20% offShatranj Khelana Seekhen
- Author Name:
Vivek Anand
-
Book Type:

- Description: "शतरंज खेलना सीखें—विवेक आनंद शतरंज के बारे में लोगों की अकसर यह धारणा है कि यह खेल एक लत की भाँति बुरी तरह चिपक जाता है। इस संदर्भ में लोग नवाबों के उदाहरण देते हैं। इसलिए लोग इसे अपने घर में घुसने नहीं देना चाहते। यह तर्क ऊपर से देखने में ठीक लगता है। लेकिन आप इस बात से सहमत होंगे कि भोजन भी एक नशे से कम नहीं है, फिर भी हम उसका सम्मान करते हैं। इस खेल के मनोविज्ञान को यदि सब लोग समझ जाएँ तो ऐसा पूर्वग्रह दूर हो सकता है। जिसे हम सुख या आनंद कहते हैं, वह एकाग्रता में है और इस बारे में सभी एकमत हैं कि शतरंज में एकाग्रता अपने चरम पर होती है। जो चंचल है, वह शतरंज खेलने में सफल हो ही नहीं सकता। प्रस्तुत पुस्तक पाठकों को शतरंज खेलने से संबंधित प्रारंभिक जानकारी देने की एक कोशिश है। आप इसे पढ़ें और इसके अनुसार अभ्यास करें तो निश्चय ही आप में सोई प्रतिभा का अंकुरण होगा। एक बात ध्यान देने योग्य है कि बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं। उन्हें अपने तरीके से आगे बढ़ने दीजिए। उनकी रुचि को समझकर उस दिशा में उनका सहयोग कीजिए, ताकि वे अपनी विशेषताओं का पूर्णरूप से विकास कर पाएँ। इस पुस्तक को लिखते समय लेखक ने एक सामान्य पाठक को, जो इसे खेल के लिए खेलना चाहता है, तो सामने रखा ही है, विशेष रूप से उन्हें शतरंज के बारे में प्रारंभिक जानकारी देने की कोशिश की है, जो इसे अपने कैरियर के रूप में अपनाना चाहते हैं या अपने कैरियर का आधार बनाना चाहते हैं। शतरंज को जानने-समझने एवं अपने आप में निखार लाने में सहायक एवं मार्गदर्शक पुस्तक।
Shatranj Khelana Seekhen
Vivek Anand
20% offVolleyball : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
-
Book Type:

- Description: "वॉलीबॉल वॉलीबॉल एक व्यायाम वाला तथा मनोरंजक खेल है। इसके मैदान की लंबाई 18 मीटर एवं चौड़ाई 9 मीटर होती है। लंबाई में इसको दो बराबर भागों में बाँट दिया जाता है। तत्पश्चात् दो इंच (5 सेमी.) चौड़ाई की रेखा से इस मैदान की सीमारेखा बना दी जाती है। किसी भी प्रकार की रुकावट मैदान के चारों तरफ, तीन मीटर तक और ऊँचाई में 7 मीटर तक नहीं होनी चाहिए। मध्य रेखा के समांतर दोनों तरफ उससे तीन मीटर की दूरी पर आक्रामक रेखा खींच दी जाती है। मैदान के पीछे की रेखा के साथ, बगल की रेखा से दोनों तरफ, क्रीड़ाक्षेत्र की ओर तीन मीटर की दूरी पर, मैदान के बाहर पीछे की ओर एक रेखा खींच दी जाती है। इसे सेवाक्षेत्र (Service Area) कहते हैं। प्रत्येक दशा में एक टीम (दल) में छह खिलाड़ी ही खेलेंगे, लेकिन कोई भी दल 12 खिलाड़ियों से अधिक के नाम नहीं भेज सकता। बहुधा प्रतियोगिता तीन पाली की होती है, किंतु फाइनल मैच पाँच पाली का होता है। खेल के बहुत से नियम होते हैं, जिनका खिलाड़ियों को अनुपालन करना पड़ता है। इस रोचक खेल की विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में दी गई है, जो खेल-प्रेमियों को रुचिकर तथा उपयोगी लगेगी।
Volleyball : Khel Aur Niyam
Surendra Shrivastava
20% offSachin Tendulkar Prashnottari
- Author Name:
Suvam Pal
-
Book Type:

- Description: "वह जब बल्ला उठाते हैं, दुनिया भर के क्रिकेट-प्रेमी अपनी साँस रोक लेते हैं। सचिन रमेश तेंदुलकर सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं हैं बल्कि यह एक ऐसे व्यक्ति का नाम है, जो सपने जगाता है, आँकड़े इकट्ठा करनेवालों के काम को दिलचस्प बनाता है और क्रिकेट के कला-पारखियों के लिए कमाल की कसौटी प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक उस कीर्ति-पुरुष के जीवन की झलकियों से पाठकों को परिचित कराती है जो सही मायनों में भारत रत्न है। मैदान में उनका रूप क्या होता है और मैदान के बाहर कैसा—सचिन के दोनों पक्षों को पहेलियों और बहुतेरे तथ्यों तथा उनसे संबंधित अनेक छोटी-मोटी बातों के जरिए प्रकाश में लाने का प्रयास है यह पुस्तक। इसमें प्रस्तुत प्रश्न सचिन नाम की पहेली को खोलने की चेष्टा करते हैं और उनके प्रशंसकों को उनके बारे में अपनी समझ-बूझ की परख करने का अवसर प्रदान करते हैं। विश्व के एक महानतम क्रिकेट खिलाड़ी के जीवन के सभी पहलुओं पर नजर डालते हुए यह पुस्तक भारत के सबसे बड़े एवं सर्वश्रेष्ठ प्रिय खिलाड़ी के बारे में दिलचस्प सूचना और अल्प ज्ञात तथ्यों का एक व्यापक चित्र प्रस्तुत करती है। सचिन तेंदुलकर के जीवन का विश्वकोश है यह पुस्तक।
Sachin Tendulkar Prashnottari
Suvam Pal
20% offKushti : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
-
Book Type:

- Description: "कुश्ती एक ऐसा खेल है, जहाँ मात्र शरीर ही हथियार होता है। यदि आप प्रोफेशनल पहलवान बनना चाहते हैं अथवा इसके प्रति वास्तव में गंभीर हैं तो लगातार व नियमित रूप से अपनी शारीरिक ऊर्जा शक्ति को सक्रिय रखने तथा उसे बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है। एक पहलवान को हर समय शारीरिक रूप से फिट व चुस्त-दुरुस्त रहना चाहिए। चाहे वह डुअल मीट्स तथा कुश्ती टूर्नामेंट्स में भाग नहीं भी ले रहा हो, लेकिन उसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी ही चाहिए। एकमात्र वर्कआउट के जरिए ही आपका वेट तथा स्ट्रेंथ मेंटेन रहेगा। कुश्ती के विविध स्वरूप हैं। इनमें आर.ए.डब्ल्यू., स्मैक डॉउन, नो वे आउट, एस.एन. मेन इवेंट्स, रेसल मैनिया, हीट, डब्ल्यू. डब्ल्यू. ई., डब्ल्यू. डब्ल्यू. डब्ल्यू. एफ., वेलोसिटी, जूनियर, सीनियर टैग टीम आदि उल्लेखनीय हैं। इस पुस्तक में खेल के सभी तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालने की कोशिश की है। कुश्ती को अपना कॉरियर बनानेवालों, इसमें दिलचस्पी रखनेवाले छात्र-छात्राओं को खेल से जुड़े बुनियादी नियमों व तथ्यों की जानकारी भी दी गई है। निश्चित ही यह पुस्तक खेल-प्रेमियों को पसंद आएगी। "
Kushti : Khel Aur Niyam
Surendra Shrivastava
20% offHockey : Khel Aur Niyam
- Author Name:
Surendra Shrivastava
-
Book Type:

- Description: "हॉकी एक ऐसा खेल है, जिसमें दो टीमें लकड़ी या कठोर धातु या फाइबर से बनी विशेष लाठी (हॉकी-स्टिक) की सहायता से रबर या कठोर प्लास्टिक की गेंद को अपनी विरोधी टीम के नेट या गोल में डालने की कोशिश करती हैं। हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। हॉकी का प्रारंभ 4,000 वर्ष पूर्व ईरान में हुआ माना जाता है। इसके बाद बहुत से देशों में इसका आगमन हुआ, पर उचित स्थान न मिल सका। अंत में इसे भारत में विशेष सम्मान मिला और यह राष्ट्रीय खेल बन गया। 11 खिलाड़ियों के दो विरोधी दलों के बीच मैदान में खेले जानेवाले इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी मारक बिंदु पर हॉकी का इस्तेमाल एक छोटी व कठोर गेंद को विरोधी दल के गोल में मारने के लिए करता है। बर्फ में खेले जानेवाले इसी तरह के एक खेल आइस हॉकी से भिन्नता दरशाने के लिए इसे मैदानी हॉकी कहते हैं। भारतीय हॉकी टीम प्रथम बार ओलंपिक खेलों में सम्मिलित हुई और विजय प्राप्त की। 1932 में लॉस एंजेल्स ओलंपिक में जब भारतीयों ने मेजबान टीम को 24-1 से हराया, जो अब तक सर्वाधिक अंतर से जीत का कीर्तिमान है। 24 में से 9 गोल दो भाइयों ने किए, रूपसिंह ने 11 और शेष गोल ध्यानचंद ने। प्रस्तुत पुस्तक में हॉकी खेल के नियम, उपनियम, तैयारी, क्षेत्र-रक्षण, गोल दागने की तकनीक आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। हॉकी के खिलाड़ियों तथा खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी पुस्तक। क्रिकेट को अपना कॉरियर बनाने के इच्छुक युवाओं, खिलाड़ियों एवं खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी और मार्गदर्शक पुस्तक। "