Padhna, Zara Sochna
(2)
Author:
Chandramohan Kulkarni, Krishna KumarPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Picture-books₹
200
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क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ? जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है । आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं। माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Read moreAbout the Book
क्यों और क्या पढ़ना है, इस जिज्ञासा का अंत कैसे हुआ ?
जब आप स्कूल में थे और जब आप उसी स्कूल में शिक्षक हैं तो आप वही कर रहे हैं जो आपके साथ किया जा रहा था। पढ़े हुए लोगों में पढ़ने को लेकर इतनी विरक्ति क्यों है इसे कृष्ण कुमार ने कितनी सरलता से समझाया है। इस जटिल संसार में कृष्ण कुमार को पढ़ना ख़ुद को सरल बनाना है। हर बच्चा पढ़ना चाहता है लेकिन हर बच्चा पढ़ाई से दूर हो जाता है। इस पुस्तक को पढ़ने के लाभ नहीं हैं क्योंकि यह पुस्तक लाभ के लिए पढ़ने की मनोवृत्ति का प्रतिकार करती है। तय आपको करना है कि पढ़ना है या नहीं और क्यों पढ़ना है ।
आनंद आया। किसी ने पढ़ाया तो नहीं लेकिन पढ़ने का रास्ता बता दिया। शिक्षण में जो लोग हैं वो कैसे नहीं पढ़ाना चाहिए, उसके गुर सीखने के लिए इसे पढ़ सकते हैं।
माँ बाप,जिन्होंने माँ और बाप बनने के बहुत पहले पढ़ना छोड़ दिया लेकिन चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ें वो अगर इसे पढेंगे तो मज़ा आएगा।
Book Details
-
ISBN9789391218478
-
Pages68
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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