Ek Kahani
(1)
Author:
Vinod Kumar Shukla, Atanu RoyPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Picture-books₹
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मैंने आकाश की तरफ़, चाबी का गुच्छा उछाला तो आसमान खुल गया ज़रूर मेरी कोई चाबी आसमान में लगती है। ~ धूप थी। और मैदान में उड़ती चीलों की परछाई थी। हम तैयार थे। सावधान होकर पास-पास खड़े थे।माधव ने एक, दो, तीन कहा। हम परछाई के पीछे दौड़ पड़े।
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मैंने आकाश की तरफ़, चाबी का गुच्छा उछाला तो आसमान खुल गया
ज़रूर मेरी कोई चाबी आसमान में लगती है।
~
धूप थी। और मैदान में उड़ती चीलों की परछाई थी। हम तैयार थे। सावधान होकर पास-पास खड़े थे।माधव ने एक, दो, तीन कहा। हम परछाई के पीछे दौड़ पड़े।
Book Details
-
ISBN9788195063925
-
Pages52
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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