VISHWA KA ITIHAS
(0)
₹
450
₹ 360 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
इतिहास अतीत की घटनाओं का तथ्यात्मक वर्णन मात्र नहीं है, अपितु यह मानव केसुंदर भविष्य के निर्माण में भी अत्यंत सहायक है। इस प्रकार इतिहास हमारा पथ-प्रदर्शक है। ‘विश्व का इतिहास’ नामक इस पुस्तक में मानव सभ्यता केआरंभ से लेकर वर्तमान तक का विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं, इतिहास एक वृहद् विषय है तथा इसका आंकलन विभिन्न पक्षों, यथा सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक इत्यादि को दृष्टिगत रखकर किया जाता है। जब हम विश्व के इतिहास की बात करते हैं तो इसे लिखना एक चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि इसमें घटनाओं की महत्ता को देखते हुए उनका चयन करना होता है। प्रस्तुत पुस्तक में मैंने विश्व की समस्त प्रमुख सभ्यताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया है। इसमें विश्व के इतिहास की प्रमुख घटनाओं और स्थितियों को विवेचनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है तथा तथ्यों की प्रामाणिकता के साथ-साथ विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण पर विशेष बल दिया गया है।
Read moreAbout the Book
इतिहास अतीत की घटनाओं का तथ्यात्मक वर्णन मात्र नहीं है, अपितु यह मानव केसुंदर भविष्य के निर्माण में भी अत्यंत सहायक है। इस प्रकार इतिहास हमारा पथ-प्रदर्शक है। ‘विश्व का इतिहास’ नामक इस पुस्तक में मानव सभ्यता केआरंभ से लेकर वर्तमान तक का विवरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं, इतिहास एक वृहद् विषय है तथा इसका आंकलन विभिन्न पक्षों, यथा सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक इत्यादि को दृष्टिगत रखकर किया जाता है। जब हम विश्व के इतिहास की बात करते हैं तो इसे लिखना एक चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि इसमें घटनाओं की महत्ता को देखते हुए उनका चयन करना होता है।
प्रस्तुत पुस्तक में मैंने विश्व की समस्त प्रमुख सभ्यताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने का प्रयास किया है। इसमें विश्व के इतिहास की प्रमुख घटनाओं और स्थितियों को विवेचनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है तथा तथ्यों की प्रामाणिकता के साथ-साथ विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण पर विशेष बल दिया गया है।
Book Details
-
ISBN9789390600113
-
Pages240
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Drishya Aur Dhwaniyan : Khand 2
- Author Name:
Sitanshu Yashashchandra
- Book Type:

- Description: गुजराती आदि भारतीय भाषाएँ एक विस्तृत सेमिओटिक नेटवर्क अर्थात् संकेतन-अनुबन्ध-व्यवस्था का अन्य-समतुल्य हिस्सा हैं। मूल बात ये है कि विशेष को मिटाए बिना सामान्य अथवा साधारण की रचना करने की, और तुल्य-मूल्य संकेतकों से बुनी हुई एक संकेतन-व्यवस्था रचने की जो भारतीय क्षमता है, उसका जतन होता रहे। राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय राज्यसत्ता, उपभोक्तावाद को बढ़ावा देनेवाली, सम्मोहक वाग्मिता के छल पर टिकी हुई धनसत्ता एवं आत्ममुग्ध, असहिष्णु विविध विचारसरणियाँ/आइडियोलॉजीज़ की तंत्रात्मक सत्ता, आदि परिबलों से शासित होने से भारतीय क्षमता को बचाते हुए, उस का संवर्धन होता रहे। गुजराती में से मेरे लेखों के हिन्दी अनुवाद करने का काम सरल तो था नहीं। गुजराती साहित्य की अपनी निरीक्षण परम्परा तथा सृजनात्मक लेखन की धारा बड़ी लम्बी है और उसी में से मेरी साहित्य तत्त्व-मीमांसा एवं कृतिनिष्ठ तथा तुलनात्मक आलोचना की परिभाषा निपजी है। उसी में मेरी सोच प्रतिष्ठित (एम्बेडेड) है। भारतीय साहित्य के गुजराती विवर्तों को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में जाने बिना मेरे लेखन का सही अनुवाद करना सम्भव नहीं है, मैं जानता हूँ। इसीलिए इन लेखों का हिन्दी अनुवाद टिकाऊ स्नेह और बड़े कौशल्य से जिन्होंने किया है, उन अनुवादक सहृदयों का मैं गहरा ऋणी हूँ। ये पुस्तक पढ़नेवाले हिन्दीभाषी सहृदय पाठकों का सविनय धन्यवाद, जिनकी दृष्टि का जल मिलने से ही तो यह पन्ने पल्लवित होंगे। —सितांशु यशश्चन्द्र (प्रस्तावना से) 'हमारी परम्परा में गद्य को कवियों का निकष माना गया है। रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम इधर सक्रिय भारतीय कवियों के गद्य के अनुवाद की एक सीरीज़ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस सीरीज़ में बाङ्ला के मूर्धन्य कवि शंख घोष के गद्य का संचयन दो खण्डों में प्रकाशित हो चुका है। अब गुजराती कवि सितांशु यशश्चन्द्र के गद्य का हिन्दी अनुवाद दो जि़ल्दों में पेश है। पाठक पाएँगे कि सितांशु के कवि-चिन्तन का वितान गद्य में कितना व्यापक है—उसमें परम्परा, आधुनिकता, साहित्य के कई पक्षों से लेकर कुछ स्थानीयताओं पर कुशाग्रता और ताज़ेपन से सोचा गया है। हमें भरोसा है कि यह गद्य हिन्दी की अपनी आलोचना में कुछ नया जोड़ेगा।" —अशोक वाजपेयी
Yoddha Sannyasi : Vivekanand
- Author Name:
Vasant Potdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Subodh Chitrakala
- Author Name:
Avantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Fire in the Belly
- Author Name:
Sumer Sethi, Md
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Primary School Teacher Recruitment Class 1 to 5 General Studies - 2024 (English)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi Ki Anusuchit Jatiyan Va Aarakshan Vyavastha
- Author Name:
Ramesh Chander
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modiji Ki Pathshala: Discussion On Exam Modiji Classroom Book in Hindi
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharya Chatursen Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: आज के युग की भौतिकता और यंत्रवतता से यदि आप बेजार हो गए हों तो हिंदी के यशस्वी रचनाकार आचार्य चतुरसेन की ये कहानियाँ आपको मानवीय स्वाभाविकता व संवेदनशीलता, त्याग, समर्पण एवं सेवा के सुखद संसार में ले जाएँगी। सामान्य जीवन से और जमीनी वास्तविकता से जुड़े रहना आचार्यजी की रचनाओं की अपनी ही विशेषता है, इसी कारण आप उनकी रचनाओं के पात्रों को न केवल हर रूप में पसंद करते हैं, अपितु उनको प्यार भी करते हैं। यही कारण है कि ये कहानियाँ जीवन के प्रति आपके दृष्टिकोण में न केवल परिवर्तन लाएँगी, बल्कि जीवन और जीवन की घटनाओं को देखने तथा समझने का आपका नजरिया भी बदल जाएगा। इन कहानियों के पठन, चिंतन व मनन के बाद आप स्वयं को एक नए इनसान के रूप में पाएँगे, जिसका दुनिया में कोई वैरी नहीं होगा।
Handbook of Acupressure
- Author Name:
Dr. Preeti Pai +1
- Book Type:

- Description: Of late, it is being observed that people around the globe are becoming more health conscious. Whereas, on one hand, scientists are busy carrying out researches, finding the cause(S) in the sudden spurt of diseases in its dreaded form and finding drugs to combat such ailments which assume epidemic shape and a host of innovative methods being deviced in the field of Surgery, a marked shift is seen amongst the masses towards the holistic approach. More and more people trying to get focused towards fitness, adopting Yoga & Naturopathy as a way of life. Paying more attention than before on their diet regime. Trying to take recourse to available non-conventional systems of medicine. One of the causative factors, perhaps, is the exorbitant cost of medicine, growing awareness about the side effects of allopathic drugs etc...! The redeeming feature is that people have started realising the importance of Prevention rather than a Cure. Over a period of time, acupressure has emerged as a prominent therapy since it is free from any side effect, since no medication whatsoever is required. It is totally non-conventional, non-invasive & non-interventional, a home remedy, easy to learn and practice. The simple reason being that it is evolved on the principle that human body in itself possesses immense healing power, all that is required is to tap that healing force of the body and the rest is taken care by the body itself. This therapy has been found to be very very effective in handling conditions e.g. Cervical/Lumber spondylitis, knee pain, Sciatica, Slip-disc, depression, insomnia, migraine, asthma, hypertension, PMS, IBS, various female/male problems etc..... to name a few. After the publication of our book �101 Q&A acupressure & reflexology�, our students have been demanding a book sharing our experience of about 30 years in this �Art & Science�. This book is to meet the demand of upcoming and practicing therapists of acupressure as also for the people to get benefit of our experience. All possible efforts have been made to depict the location of the pressure points to be attended to through figures, suggestion for correction of the errors, if any, that might have crept in would be gratefully accepted.
Everest ki Beti
- Author Name:
Arunima Sinha
- Book Type:

- Description: "राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा के आगे उज्ज्वल भविष्य था। तभी एक दिन चलती ट्रेन में लुटेरों का मुकाबला करने पर लुटेरों ने उन्हें धकेलकर नीचे गिरा दिया। इस भयानक हादसे से इस चौबीस वर्षीय लड़की को अपना बायाँ पैर गँवाना पड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। एक वर्ष बाद उन्होंने पर्वतारोहण का प्रशिक्षण लिया और माउंट एवरेस्ट पर पहुँचनेवाली पहली विकलांग महिला बनीं। आशा, साहस और पुनरुत्थान की अविस्मरणीय कहानी। ‘पद्मश्री’ और ‘तेनजिंग नोर्गे अवॉर्ड’ से सम्मानित अरुणिमा की कहानी हर छात्र को पढ़नी चाहिए।
Bhagvadgita Ke Rahasya
- Author Name:
Shri Vishwanath
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Netaji Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Parveen Bhalla
- Book Type:

- Description: "स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिदूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। बचपन से ही सुभाष पढ़ाई में बडे़ कुशाग्र बुद्धि के थे। इंग्लैंड से पढ़ाई करके लौटने पर सुभाष कलकत्ता के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चित्तरंजन दास के साथ काम करना चाहते थे। उन दिनों गांधीजी ने अंग्रेजों के खिलाफ असहयोग आंदोलन छेड़ रखा था। उनके साथ सुभाष बाबू उस आंदोलन में सहभागी हो गए और जल्द ही देश के एक महत्त्वपूर्ण युवा नेता बन गए। सन् 1928 में जब साइमन कमीशन भारत आया तो कलकत्ता में सुभाष बाबू ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। सुभाष बाबू गांधीजी और कांग्रेस के तौर-तरीकों से असहमत थे। गांधीजी के विरोध के बावजूद वे कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए, पर कार्यकारिणी का सहयोग न मिलने पर उन्होंने त्याग-पत्र दे दिया। नजरबंदी में ब्रिटिश सरकार की आँखों में धूल झोंककर वे जापान पहुँचे और आजाद हिंद फौज की स्थापना की। उन्होंने नारा दिया—‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।’ उन्होंने भारत की आजादी के लिए सशस्त्र संघर्ष किया। सुभाष की राष्ट्रभक्ति बेमिसाल है। उनकी मृत्यु के बारे में अभी तक रहस्य बना हुआ है। कहा जाता है कि 23 अगस्त, 1945 को उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। राष्ट्रनायक सुभाष बाबू आज भी अदम्य प्रेरणा के स्रोत हैं।
Man With A Mission 2047: Modi's Luminous Vision for India (Narendra Modi Vision and Accomplishments)
- Author Name:
Rahul Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Make Profit in Share Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aatmanubhooti Ke Khule Rahasya
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: गुरदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था, “यदि आप भारत को जानना चाहते हैं, तो विवेकानंद को पढ़िए। उनमें आप सबकुछ सकारात्मक ही पाएँगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं ।”' जिस प्रकार कछुआ अपने सिर एवं पैरों को खोल के अंदर समेट लेता है और तब उसे हम मार ही क्यों न डालें, उसके टुकड़े-टुकड़े ही क्यों न कर डालें, पर वह बाहर नहीं निकलता, इसी प्रकार जिस मनुष्य ने अपने मन एवं इंद्रियों को वश में कर लिया है, उसका चरित्र भी सदैव स्थिर रहता है। वह अपनी आभ्यंतरिक शक्तियों को वश में रखता है और उसकी इच्छा के विरुद्ध संसार की कोई भी वस्तु उसे बहिर्मुख होने के लिए विवश नहीं कर सकती। प्रस्तुत पुस्तक 'आत्मानुभूति के खुले रहस्य' में स्वामीजी ने सरल शब्दों में 'अपने आत्म यानी स्व' को पहचानने की कला सिखाई है। जो व्यक्ति स्वयं को भलीभाँति पहचान लेता है, उसके जीवन में फिर कभी कोई अभाव नहीं रहता। अपने आपको गहराई से जानने-समझने वाले चिंतनशील व्यक्ति के लिए एक प्रेरक, जीवनोपयोगी और संग्रहणीय पुस्तक ।
JHARKHAND KE VEER SHAHEED
- Author Name:
Vinay Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: झारखंड की रत्नगर्भा धरती पर अनेक ऐसे वीरों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया है, जिन्होंने मातृभूमि की आन-बान-शान और सम्मान के लिए अपनी जान तक की कुर्बानी दे दी है। उन्हीं वीर-सपूतों में शीर्ष स्थान पर सितारों की भाँति स्थापित हो चुके हैं--रघुनाथ महतो, तिलका माँसी, तेलंगा खड़िया, अर्जुन सिंह, जग्गू दीवान, कुर्जी मानकी, पोटो सरदार, गोनो पिंगुआ, बुधु भगत, इकुर विश्वनाथ शाहदेव, पांडेय गणपत राय, टिकैत उमराँव सिंह, शेख भिखारी, सिदो, कान्हू, चाँद, भेरव, फूलो, झानो, बिरसा मुंडा, गया मुंडा, जतरा टाना भगत आदि। देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर प्रस्तुत पुस्तक इन्हीं बलिदानी सपूतों की वीर गाथाओं को सँजोने का प्रयास है। इस पुस्तक में जिन वीर-सपूतों की जीवन गाथा का बखान किया गया है, वे निश्चित रूप से अत्यंत साधारण थे, किंतु उन्होंने अपने 'सादा जीवन, उच्च विचार' की शैली में असाधारण कार्य कर न केवल देशवासियों, अपितु सात समुंदर पार से भारत में आकर सत्ता के शीर्ष पर बैठनेवाले सर्वशक्ति-संपनन अंग्रेजों को भी चकित-विस्मित कर दिया। प्रस्तुत पुस्तक उन वीर शहीदों के जीवन के कई अनुछुए पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिनसे जनसाधारण अभी तक अनभिनज्ञ रहा है । जहाँ तक इतिहासकारों की दृष्टि भी पहुँच नहीं पाई है, किंतु मान्यताओं, किंवदंतियों, लोककथाओं और लोकगीतों के रूप में आम झारखंडवासियों के दिलोदिमाग पर अमिट छाप छोड़ते रहे हैं। देश और समाज के भूले-भटके लोगों को राह दिखाने के लिए प्रकाश-स्तंभ स्थापित करने का विनम्र प्रयास है पुस्तक ' झारखंड के वीर शहीद '।
Divya Garbha Sanskar Vigyan : Garbha Vidya—Ancient Wisdom to Smart Mothers for Super-Child Birth
- Author Name:
Dr. Usha Rajender Pensiya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Childhood Of Kalam
- Author Name:
Srijan Pal Singh
- Book Type:

- Description: Greatness is not by accident. Greatness is a quality processed, honed and learnt over a lifetime of learning and hard work. Great human beings are built when a curious mind is met with life-changing lessons, often early in childhood. Just like the nature and quality of a tree are decided by the characteristic of the seed, and how it is sown, the worth of human life is shaped in the early stage of childhood. Often these life teachings as a growing up child transform into the values which set the boundaries of one�s adult actions and govern one�s decisions. We all know Dr Kalam as an eminent teacher, an excellent President, an exception scientist, a talented rocket scientist, a team man, an institution builder and a man of ethics and integrity. But what went behind the scenes in the formative days of "Little Kalam" shaped him slowly but surely into Dr Kalam � , the man we remember and admire. This book aspires to take you into this early history of the childhood of Kalam, tracking "Little Kalam" as he begins his first steps into the sands of Rameshwaram � , which one day will translate into a march to the Rashtrapati Bhawan.
Ramkatha Aaram
- Author Name:
Dr. Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tai
- Author Name:
Medha Kirit
- Book Type:

- Description: भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का संसदीय कामकाज, लोकसभा में सर्वोच्च स्थान पर विराजित नेतृत्व के समक्ष प्रकट होनेवाली चुनौतियाँ, उसके अधिकारों का विस्तृत दायरा, इन सबके साथ न्याय करनेवाले एक पंचवर्षीय व्रतधारी कर्तृत्ववान नेतृत्व की प्रेरक यशोगाथा, पुस्तक के रूप में.. लगातार आठ बार इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद, सर्वानुमति से लोकसभा अध्यक्ष का महती दायित्व निभानेवाली वरिष्ठ महिला सांसद। अपने मृदु स्वभाव और निरपेक्ष व्यवहार से सबको अपना बनाकर निर्बाध रूप से लोकसभा का संचालन करनेवाली तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'Mother of Speakers' से सम्मानित" पदमभूषण सुमित्रा महाजन (ताईजी) के लोकसभा अध्यक्ष पद के शीर्षस्थ कार्यकाल का बहुआयामी आलेख''मेधा किरीट की अध्ययनपूर्ण कलम से.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book