Acharya Chatursen Ki Lokpriya Kahaniyan
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आज के युग की भौतिकता और यंत्रवतता से यदि आप बेजार हो गए हों तो हिंदी के यशस्वी रचनाकार आचार्य चतुरसेन की ये कहानियाँ आपको मानवीय स्वाभाविकता व संवेदनशीलता, त्याग, समर्पण एवं सेवा के सुखद संसार में ले जाएँगी। सामान्य जीवन से और जमीनी वास्तविकता से जुड़े रहना आचार्यजी की रचनाओं की अपनी ही विशेषता है, इसी कारण आप उनकी रचनाओं के पात्रों को न केवल हर रूप में पसंद करते हैं, अपितु उनको प्यार भी करते हैं। यही कारण है कि ये कहानियाँ जीवन के प्रति आपके दृष्टिकोण में न केवल परिवर्तन लाएँगी, बल्कि जीवन और जीवन की घटनाओं को देखने तथा समझने का आपका नजरिया भी बदल जाएगा। इन कहानियों के पठन, चिंतन व मनन के बाद आप स्वयं को एक नए इनसान के रूप में पाएँगे, जिसका दुनिया में कोई वैरी नहीं होगा।
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आज के युग की भौतिकता और यंत्रवतता से यदि आप बेजार हो गए हों तो हिंदी के यशस्वी रचनाकार आचार्य चतुरसेन की ये कहानियाँ आपको मानवीय स्वाभाविकता व संवेदनशीलता, त्याग, समर्पण एवं सेवा के सुखद संसार में ले जाएँगी।
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Book Details
-
ISBN9789390900817
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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