Hindi Bhasha Aur Sahitya ka VastunishthA Itihas
(0)
Author:
Hemant Kukreti, Smt. Sumeeta KukretiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other₹
550
₹ 440 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भा और साहित्य के सवाल विषयनिष्ठ होते हैं। उनके किसी पक्ष पर सर्वसम्मत निष्कर्ष देना अत्यंत कठिन है। रचनाकारों के इतिवृत्त से जुडे़ जन्म एवं पुण्य तिथि, जन्म स्थान इत्यादि स्थूल तथ्य हों या उनके कृतित्व से जुडे़ गंभीर प्रश्न हों—उनके सीधे-सपष्ट और प्रत्यक्ष उत्तर भी कई बार विद्वानों, साहित्य-अध्येताओं और पाठकों को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि साहित्य जैसी कलाओं में व्यक्तिगत अभिरुचियों की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। इन सब जोखिमों के बाद भी हम हिंदी साहित्य के वस्तुनिष्ठ इतिहास के साथ साहित्य-मर्मज्ञों और हिंदी विषय लेकर आजीविका अर्जित करने की इच्छा रखनेवाले विपुल युवा समाज के सम्मुख उपस्थित हैं। प्रस्तुत पुस्तक में वस्तुनिष्ठ विवेचन होते हुए भी प्रत्येक युग का साहित्य परिवेश, प्रमुख रचनाकारों का योगदान, युगीन साहित्यिक विशेषताएँ, आलोचकों, साहित्येतिहासकारों एवं रचनाकारों के चर्चित मत, परिभाषाओं और हिंदी साहित्य की अंतर्वर्ती ऐतिहासिक निरंतरता विश्लेषित कर प्रश्नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया है। इससे विषय को समझने में सुगमता रहती है। विद्यार्थी-शोधार्थी ही नहीं, हर आयुवर्ग के पाठकों के लिए एक उपयोगी पुस्तक।
Read moreAbout the Book
भा और साहित्य के सवाल विषयनिष्ठ होते हैं। उनके किसी पक्ष पर सर्वसम्मत निष्कर्ष देना अत्यंत कठिन है। रचनाकारों के इतिवृत्त से जुडे़ जन्म एवं पुण्य तिथि, जन्म स्थान इत्यादि स्थूल तथ्य हों या उनके कृतित्व से जुडे़ गंभीर प्रश्न हों—उनके सीधे-सपष्ट और प्रत्यक्ष उत्तर भी कई बार विद्वानों, साहित्य-अध्येताओं और पाठकों को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि साहित्य जैसी कलाओं में व्यक्तिगत अभिरुचियों की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। इन सब जोखिमों के बाद भी हम हिंदी साहित्य के वस्तुनिष्ठ इतिहास के साथ साहित्य-मर्मज्ञों और हिंदी विषय लेकर आजीविका अर्जित करने की इच्छा रखनेवाले विपुल युवा समाज के सम्मुख उपस्थित हैं।
प्रस्तुत पुस्तक में वस्तुनिष्ठ विवेचन होते हुए भी प्रत्येक युग का साहित्य परिवेश, प्रमुख रचनाकारों का योगदान, युगीन साहित्यिक विशेषताएँ, आलोचकों, साहित्येतिहासकारों एवं रचनाकारों के चर्चित मत, परिभाषाओं और हिंदी साहित्य की अंतर्वर्ती ऐतिहासिक निरंतरता विश्लेषित कर प्रश्नोत्तर शैली में प्रस्तुत किया गया है। इससे विषय को समझने में सुगमता रहती है।
विद्यार्थी-शोधार्थी ही नहीं, हर आयुवर्ग के पाठकों के लिए एक उपयोगी पुस्तक।
Book Details
-
ISBN9789386231529
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Breaking The Habit of Being Yourself: How To Lose Your Mind And Create A New One | Mindset change Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Joe Dispenza
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swasthya Patrakarita
- Author Name:
Roopchand Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Vikram Batra (Known by Luv, Shershah, Kargil-ka-She) was born on September 9, 1974 in Palampur district of Himachal Pradesh. Rank—Captain Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Whenever any discussion comes up regarding the Kargil war, the first name that reminds to us is that of Captain Vikram Batra, the valiant son of India. Captain Vikram Batra of 13 Jammu and Kashmir Rifles is one of those bravehearts who contributed in the victory of the Kargil war after fiercely fighting on multiple peaks one after another. Captain Vikram Batra showed unprecedented valour in the Kargil war and attained martyrdom. He was awarded with the ‘Param Vir Chakra’ posthumously.
Karma Hi Pooja Hai
- Author Name:
Ram Sahay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lauhpurush Sardar Vallabhbhai Patel
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म नडियाद, गुजरात में हुआ। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से ही हुई। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की और वापस आकर गुजरात के अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से पूरी तरह जुड़ गए। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशक्त सत्याग्रह करने के लिए ही उन्हें ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांग्रेस का सभापति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। आजादी के बाद भारत के राजनीतिक एकीकरण में उनके महान् योगदान के लिए इतिहास उन्हें सदैव स्मरण रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पुरुष’ कहलाए। सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री होने के साथ प्रथम गृह, सूचना तथा रियासत विभाग के मंत्री भी थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में विलय करना। वे नवीन भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी और भारतीय जनमानस अर्थात् किसान की आत्मा थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दक्षता और अदम्य इच्छा-शक्ति के बल पर भारत को एक नई पहचान देनेवाले समर्पित इतिहास-पुरुष की प्रेरणाप्रद जीवनी।
Discover the Power Within You
- Author Name:
Arun H. Raikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Mystic Typewriter
- Author Name:
Rakesh Chopra
- Book Type:

- Description: Dr. Arvind Bakshi has a seemingly perfect life, a roaring medical practice, and a beautiful wife and daughter. But Destiny had other plans. A cruel turn of events, and he finds himself alone in a strange town. Would he be able to unravel the mystery of these terrible chains of events? Would some mystic occurrences help him to find a new lease of life, and in the process, make some startling discoveries?
Super Genius Computer Learner-8
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rom Rom Mein Ram "रोम-रोम में राम" Book in Hindi
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajendra Yadav Rachanawali : Vols. 1-15
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
राजेन्द्र यादव आज़ाद हिन्दुस्तान की दहलीज़ पर तैयार खड़ी नौजवान पीढ़ी के उस समुदाय के सदस्य हैं जिसकी मानसिकता 20वीं सदी के तीसरे-चौथे-पाँचवें दशक में विश्वव्यापी निराशा और मोहभंग में संरचित हुई है। दहलीज़ पर खड़ी आज़ाद, नौजवान पीढ़ी के इस समुदाय के लिए विचार, दर्शन, रणनीति, भविष्य की संरचना, आगामी का नक़्शा—सब कुछ एक भिन्न विवेक और नए तर्क के सहारे गढ़ा जाना है। उसकी मंशा में नई शुरुआत अतीत के साथ सम्पूर्ण विच्छेद से होनी है।
राजेन्द्र यादव के रचनात्मक उपक्रम की अन्तर्वस्तु यही विचार है जो नई दुनिया की रचना का मूलाधार है। यह ‘कैंड़े’ के आदमी का काम है; गुर्दा चाहिए। दूसरे शब्दों में कहें तो यह एक विरल पराक्रम है। अपनी पीढ़ी के रचनाकारों में राजेन्द्र यादव विशेषत: अपने विचार को उसकी तार्किक संगति की आख़िरी हद तक ले जा सकने की क्षमता से लैस दिखाई देते हैं। उनके उपन्यासों में ऐसे ही किसी जड़ीभूत पारिवारिक-सामाजिक-राजनीतिक आग्रहों के उच्छेदन का अभियान छेड़ा गया है। रचनावली के खंड 1 से 5 तक में संकलित उपन्यास इसकी गवाही देते हैं।
राजेन्द्र जी ने अपने लेखन का प्रारम्भ कविताओं से किया। परन्तु बाद में 1945-46 की इन आरम्भिक कविताओं को महत्त्वहीन मानकर नष्ट कर दिया। बाद में लिखी उनकी कविताएँ 'आवाज़ तेरी है' नाम से 1960 में ज्ञानपीठ प्रकाशन से प्रकाशित हुईं। इनके अतिरिक्त राजेन्द्र यादव की कुछ कविताएँ अभी तक अप्रकाशित हैं। रचनावली का पहला खंड उनके इसी आरम्भिक लेखन को समर्पित है। जिसमें एक तरफ़ उनकी प्रकाशित-अप्रकाशित कविताएँ हैं और दूसरी तरफ़ ‘प्रेत बोलते हैं’ और ‘एक था शैलेन्द्र’ जैसे प्रारम्भिक उपन्यास। दूसरे खंड में ‘उखड़े हुए लोग’ तथा ‘कुलटा’, तीसरे खंड में ‘सारा आकाश’, ‘शह और मात’, ‘अनदेखे अनजान पुल’ और चौथे खंड में ‘एक इंच मुस्कान’ तथा ‘मंत्रविद्ध’ जैसे उपन्यास शामिल हैं। रचनावली का पाँचवाँ खंड राजेन्द्र जी के अधूरे-अप्रकाशित उपन्यासों को एक साथ प्रस्तुत करता है। अधूरे होने के कारण इन सबको एक ही खंड में शामिल किया गया है।
India's Glorious Scientific Tradition
- Author Name:
Suresh Soni
- Book Type:

- Description: Most common people feel that the first rays of science broke out in the west and thus started the wheel of development throughout the world. There was darkness in the field of science in the east. As such, there is a tendency to follow the west. The unawareness of the fact that we had a scientific tradition and a scientific point of view often puts us on the backfoot. This book is an attempt to bring to light the glorious tradition that we had in various streams of science. Today’s generation can get a direction from reading this literature; they can gain self-respect and hold their head high for being the major contributors to science and technology. Besides acquainting the modern generation with India’s contributions in the field of science, this book will also inspire them to study more and experiment.
Ped Tatha Anya kahaniyan
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: कहानी अपने समय को सच्चाई को व्यक्त करने की सशक्त विधा है। आज एक बहुत बड़ा समाज, उसकी चिंताएँ, बाजार के सरोकार और वैश्विक महामारी से उत्पन्न खतरे तथा स्थितियाँ कहानीकार के सामने चुनौती के रूप में उपस्थित हैं। प्रस्तुत संग्रह की ये कहानियाँ इसी तात्कालिक पृष्ठभूमि में विकसित होती हैं, पर धैर्यपूर्वक अपनी पूर्ण संवेदनात्मक संरचना के साथ पाठक से सीधे-सीधे जुड़ती हैं। कथा, घटनाएँ, पारिवारिकता, सामाजिकता और महामारी की दहशत, सबमें अद्भुत सामंजस्य और संतुलन है। संग्रह की कई कहानियाँ कोरोना के आतंक से मुक्त हैं । ऐसी कहानियों में 'सुआपंखी साड़ी' विशेष उल्लेखनीय है, जिसमें एक श्रमिक के दांपत्य जीवन का भावपूर्ण चित्र है।' महानता' कहानी में जुगाड़ संस्कृति के आगे योग्य व्यक्तियों को असहायता पर तीखा व्यंग्य है। 'असफल होती प्रेमकथा' पारंपरिक प्रेम कथाओं के ताने-बाने से हटकर एक अपरिमेय पृष्ठभूमि पर आकार लेती है, जिसमें उसकी असफलता सांकेतिक है। कथ्य की किंचित् वक्रौयता और प्रस्तुति कौ दृश्यात्मकता इन कहानियों की विशेषता है। कहानी 'पेड़' एक विशेष कथा है, जो यह बताती है कि पेड़ हमारे परिवार के सदस्य हैं, इनको सुरक्षा पूरे समाज का अनिवार्य दायित्व है। विश्वास है, इस संग्रह की ये कहानियाँ बहुत दूर तक और बहुत देर तक पाठकों के साथ रहेंगी।
Vaikalya
- Author Name:
Dr. Shireesh Gopal Deshpande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aadidev Aarya Devata
- Author Name:
Smt. Sandhya Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokshilpi Delhi Nagar Nigam
- Author Name:
Jagdish Mamgain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vikram-Vetal Ki Kathayen
- Author Name:
Pooja Sharma
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Maa, Mujeh Batao Na!
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tumi Chir Sarathi
- Author Name:
Taranand Viyogi
- Book Type:

- Description: Memories based on Nagarjun
Meri Rajneetik Jeevan Yatra
- Author Name:
P. A. Sangma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmanya Bal Gangadhar Tilak
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book