Atulya Bharat Ki Khoj
(0)
₹
350
280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351862048
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Manav Charitra Ke Vyangya
- Author Name:
Dr. Giriraj Sharan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rifleman Sanjay Kumar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Sanjay Kumar was born on March 3, 1976 in Kalol Bakain of District Bilaspur in Himachal Pradesh. Rank—Rifleman (Presently, Subedar Major) Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—ParamVir Chakra Recognition—Rifleman Sanjay Kumar is a paradigm of extraordinary bravery. His enemies were amazed and impressed by his incredible bravery. The enemy attacked from the hill and most of the soldiers from his team were martyred. There was a point of time when Sanjay was out of ammunitions, but this never stopped him. He could see his end right in front of his eyes, yet he acted with determination and courage and thus defeating death, he successfully completed the mission assigned to him.
Vasudhaiva Kutumbakam "वसुधैव कुटुंबकम्" Book In Hindi
- Author Name:
Dr. Anil Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naresh Agarwal Ke Rajneetik 50 Varsh "नरेश अग्रवाल के राजनीतिक 50 वर्ष" Book In Hindi - Devaki Nandan Mishra
- Author Name:
Devaki Nandan Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwaguru Bharat: Kal, Aaj Aur Kal "विश्वगुरु भारत: कल, आज और कल" Book in Hindi- Dr. Parshuram Gupt
- Author Name:
Dr. Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Sankatgrast Vanya Prani
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: हम इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि किसी दिन इस धरती पर केवल मानव जाति का अस्तित्व होगा। पशु–पक्षियों व अन्य जीवधारियों की असंख्य प्रजातियों और वनस्पतियों की अगणित क़िस्मों के अभाव में क्या इस सृष्टि में जीवन को बचाए रखना सम्भव होगा। सच्चाई तो यह है कि सृष्टि एक अखंड इकाई है। चराचर की पारस्परिक निर्भरता ही जीवन का मूल मंत्र है। यदि किसी कारण से जीवन–चक्र खंडित होता है तो इसके भीषण परिणाम हो सकते हैं। ‘भारत के संकटग्रस्त वन्य प्राणी’ में प्रसिद्ध लेखक गुणाकर मुळे ने ऐसे प्राणियों की चर्चा की है जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने अनेक ऐसे प्राणियों का ज़िक्र किया है जिन्हें अब इस धरती पर कभी नहीं देखा जा सकता। विगत दशकों में 36 प्रजातियों के स्तनपायी प्राणी और 94 नस्लों के पक्षी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण नष्ट हो चुके हैं। लेखक की चिन्ता यह है कि यदि इसी प्रकार हिंसा, लालच और अतिक्रमण का दौर चलता रहा तो इस ख़ूबसूरत दुनिया का क्या होगा! यह असन्तुलन विनाशकारी होगा। लेखक के अनुसार, ‘हमारे देश में प्राचीन काल से वन्य प्राणियों के संरक्षण की भावना रही है। हमारी सभ्यता और संस्कृति में वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम-भाव रहा है। इसलिए हमारे समाज में वन्य जीवों को पूज्य माना जाता है। वन्य जीवों तथा पक्षियों को मुद्राओं और भवनों पर भी चित्रित किया जाता रहा है।’ हमें आज इस भाव को नए सन्दर्भों में विकसित करना होगा। वन्य प्राणी संरक्षण के लिए बनाए गए अधिनियमों से अधिक आवश्यकता व्यापक नागरिक चेतना की है। गुणाकर मुळे ने सहज, सरल भाषा में इस आवश्यकता को रेखांकित किया है। अनेक चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता निर्माण के लिए बहुत ही उपयोगी है। हर आयु के पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
Hindu-Padpadshahi
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: शिवाजी महाराज ने एक पत्र में लिखा था—‘‘स्वयं भगवान् के ही मन में है कि हिंदवी-स्वराज्य निर्मित हो।’’ उस युवा वीरपुरुष ने क्रांतियुद्ध की पहल की। शिवाजी महाराज ने शालिवाहन संवत् 156७ (ई.स. 16४5) में अपने एक साथी के पास भेजे हुए पत्र में—स्वयं पर लगे इस आरोप का निषेध किया कि बीजापुर के शाह का प्रतिरोध कर उन्होंने राजद्रोह का पाप किया है। उन्होंने इस बात का स्मरण कराते हुए उच्च आदर्शों की भावना भी जाग्रत् की कि अपना एकनिष्ठ बंधन यदि किसी से है तो वह भगवान् से है, न कि किसी शाह- बादशाह से। उन्होंने उस पत्र में लिखा है— ‘‘आचार्य दादाजी कोंडदेव और अपने साथियों के साथ सह्याद्रि पर्वत के शृंग पर ईश्वर को साक्षी मानकर लक्ष्य प्राप्ति तक लड़ाई जारी रखने और हिंदुस्थान में ‘हिंदवी-स्वराज्य’ यानी हिंदू-पदपादशाही स्थापित करने की क्या आपने शपथ नहीं ली थी? स्वयं ईश्वर ने हमें यह यश प्रदान किया है और हिंदवी-स्वराज्य के निर्माण के रूप में वह हमारी मनीषा पूरी करनेवाला है। स्वयं भगवान् के ही मन में है कि यह राज्य प्रस्थापित हो।’’ शिवाजी महाराज की कलम से उतरे ‘हिंदवी-स्वराज’—इस शब्द मात्र से एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जिस बेचैनी से महाराष्ट्र का जीवन तथा कर्तव्य निर्देशित हुआ और उसका आत्मस्वरूप जिस तरह से प्रकट हुआ, वैसा किसी अन्य से संभव नहीं था। मराठों की लड़ाई आरंभ से ही वैयक्तिक या विशिष्ट वर्ग की सीमित लड़ाई नहीं थी। हिंदूधर्म की रक्षा हेतु, विदेशी मुसलिम सत्ता का नामोनिशान मिटाने के लिए तथा स्वतंत्र और समर्थ हिंदवी-स्वराज्य स्थापित करने के लिए लड़ी गई वह संपूर्ण लड़ाई हिंदू लड़ाई थी।
Fijeedvip Mein Mere 21 Varsh
- Author Name:
Totaram Sanadhya
- Book Type:

- Description: ब्रिटिशकालीन भारतीय पराधीनता का एक त्रासद अध्याय है गिरमिटिया। गिरमिटिया यानी एग्रीमेंट के तहत देश के बाहर कुलीगीरी करने के लिए जबरन भेजा जाना। भूख, बेरोजगारी, उत्पीड़न या गृह कलह के चलते घर-परिवार छोड़नेवाले स्त्री-पुरुषों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें झाँसा देकर अज्ञात देश में भेज देना। सन् 1879 से लेकर सन् 1916 तक 60553 भारतीय ‘गिरमिटिया’ बनाकर फिजीद्वीप भेजे जा चुके थे। इन अभिशप्त भारतीयों के शापमोचन के लिए जो लोग आगे आये उनमें एक नाम था पण्डित तोताराम सनाढ्य का। कौन थे ये तोतारामजी? क्या रिश्ता बनता था उनका फिजी से और गिरमिटिया भारतीयों से? परदुखकातर एक सामान्य भारतीय जिन्होंने खुद इक्कीस वर्षों तक गिरमिटिया की यातना-भरी जिन्दगी जी; मुक्ति संघर्ष का आगाज किया। यूँ तो ‘गिरमिटिया’ प्रथा पर प्रेमचन्द और प्रसाद समेत कई दिग्गजों ने लिखा है पर स्वयं का भोगा हुआ सच सिर्फ और सिर्फ तोताराम सनाढ्य का ही है। इतिहास के अध्येताओं से लेकर आम पाठकों तक के लिए जानकारियों से भरी एक रोचक और जरूरी किताब!
Manus Tan
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janakalyan Ki Yatra : Shivraj Singh Chouhan (Vidhansabha Mein Diye Mere Bhashan (Set of Volumes 1, 2 & 3)
- Author Name:
Shivraj Singh Chauhan
- Book Type:

- Description: शिवराज सिंह चौहान — 5 अप्रैल, 1959 को मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म श्री शिवराज सिंह चौहान अपनी सादगी, सहजता और कर्मठता के लिए राजनीति में अलग पहचान रखते हैं। उन्हें विरासत में राजनीति नहीं मिली। दर्शनशास्त्र में स्वर्ण पदक के साथ स्नातकोत्तर की शिक्षा पानेवाले शिवराज को आपातकाल का विरोध करने के कारण स्कूली जीवन में ही जेलयात्रा करनी पड़ी। अपने आरंभिक राजनीतिक काल में ही वे एक कुशल वक्ता के रूप में स्थापित हो गए थे। उनकी यह विशेषता उनके भाषणों में देखी जा सकती है। विद्यार्थी काल से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहनेवाले शिवराज ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपनी यात्रा आरंभ करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व प्रदान किया। 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए और अगले ही वर्ष विदिशा लोकसभा से उपचुनाव लड़कर सांसद चुने गए। उसके बाद 1996, 1998, 1999 व 2004 में लगातार सांसद निर्वाचित हुए। 2005 में पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी। वे मध्यप्रदेश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहनेवाले राजनीतिज्ञ हैं। शुरुआती राजनीतिक जीवन में पैदल यात्रा करने के कारण वे 'पाँव-पाँववाले भैया' कहलाए तो मुख्यमंत्री के रूप में जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के चलते प्रदेश की जनता ने उन्हें अपना “मामा' मान लिया सांसद रहते हुए 2003 के विधानसभा चुनाव को छोड़कर कभी भी चुनावी पराजय का सामना नहीं करना पड़ा। मध्य प्रदेश विधानसभा में दिए गए अपने भाषणों में उन्होंने सदन की गरिमा और मर्यादा को हमेशा बनाए रखा। विरोधियों पर कटाक्ष और तर्कपूर्ण हमलों के साथ ही उनके प्रति आदरभाव में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने प्रदेश के विविध पहलूओं के अलावा समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें विकास की उनकी दृष्टि व अवधारणा समाहित रहती है तो सामाजिक मुद्दों पर उनका दृष्टिकोण व सोच उजागर होती है।
JTPTCCE JSSC Primary Recruitment Exam Intermediate Bachelors Degree Assistant Teacher Hindi Paper-III : प्राथमिक शिक्षक भरती परीक्षा इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा सहायक आचार्य
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Kahani Beech Me Hai
- Author Name:
Krishn Bihari Noor
- Book Type:

- Description: बीसवीं सदी के बेहद लोकप्रिय शायर कृष्ण बिहारी 'नूर' की ये किताब उनकी ग़ज़लों, गीतों, नज़्मों और अशआर का संकलन है। 'नूर' की ये किताब एहसास, जमाल, गुदाज़ और इख़्लास की शायरी से भरपूर है। इस किताब में अक्सर ऐसी लतीफ़ कैफ़ियतों को ज़बान दी गई है जो आसानी से लफ़्ज़-ओ-बयान की गिरफ़्त में आती हैं। इस संकलन में बहुत से आईने बोलते नज़र आते हैं, बोलते सुनाई देते हैं, और बोलते महसूस होते हैं।
Hindi Ke Paryaya Purushottam Das Tandon
- Author Name:
Sant Prasad Tandon +1
- Book Type:

- Description: ‘‘जो भी व्यक्ति टंडनजी के संपर्क में आए, सबने उनसे कुछ-न-कुछ सीखा। यह महापुरुषों की निशानी है, जो उनसे मिले, लेकर गए। हमने भी उनसे लिया, जिससे दिल और दिमाग की दौलत बढ़ी। वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो अपने सिद्धांतों पर अटल स्तंभ की तरह डटे रहते हैं।’’ —जवाहरलाल नेहरू ‘‘उनका जीवन भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है। वह अनेक प्रकार से राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक कामों में हमारा नेतृत्व करते आए है।’’ —गोविंदवल्लभ पंत ‘‘टंडनजी का व्यक्तित्व प्राचीन भारतीय संस्कृति की उस ओजस्विता का प्रतीक है, जिसने हर नए को अपनी अजस्र ज्ञान-धारा में समा लेने और उनके परस्पर समन्वय का प्रयास किया है।’’ —अनंतशयनम अय्यंगार ‘‘यह पुस्तक केवल एक महापुरुष की उल्लेखनीय जीवनी ही नहीं है, अपितु राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भाषायी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए ‘कर्मगीता’ भी है।’’ —गोपाल प्रसाद व्यास
Main Buddha Bol Raha Hoon
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
You Too Can Be Successful
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: This book will help you to move forward in every sphere by making you aware of the importance of qualities like effective measures, strong will, dedication, responsibility, discipline, self-confidence, character, patience and courage towards achieving your goals. You should only have faith to imbibe the above things. You can also write a new chapter in life. You too will realise your dreams by imbibing the important information given in this book. You don't have to worry about the time you wasted. It has been said—“Life is nothing, it is the name of smiling every moment.” The unputdownable book entitled ‘You too can be successful’ has been written in a lucid and simple manner without any cumbersome syntax. This book is an amazing read to all the students who are in pursuit of cracking their cherished goal and also for every individual who strives to be successful in life.
JANGALI DULHAN
- Author Name:
Neha Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Notam Namami
- Author Name:
Yashwant Kothari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Changemaker DM Jhansi Success Model ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Constitution of India
- Author Name:
Dr. P.K. Agrawal +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nanaji Deshmukh Chitrawali
- Author Name:
Atul
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book