Ghudsawar
(0)
Author:
Taposhi Ghoshal, Udayan VajpeyiPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Picture-books₹
200
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घोड़ा आवाज़ से भी तेज दौड़ता था राजकुमार ने पुकार सुनी तो अपना घोड़ा महल की ओर मोड़ दिया। और पूरी ताक़त से चिल्लाया, "माँ मैं आ रहा हूँ।" इसके पहले की उसका जवाब रानी तक पहुँच पाता वह रानी के सामने पहुँच चुका था। हमारे देखने में हमारी कल्पना भी शामिल होती है रात का आकाश, नक्षत्रों से खचाखच भरा आकाश थोड़ा सा ख़ुद है और थोड़ा सा हमारी कल्पना के कारण हैं।
Read moreAbout the Book
घोड़ा आवाज़ से भी तेज दौड़ता था
राजकुमार ने पुकार सुनी तो अपना घोड़ा महल की ओर मोड़ दिया। और पूरी ताक़त से चिल्लाया, "माँ मैं आ रहा हूँ।" इसके पहले की उसका जवाब रानी तक पहुँच पाता वह रानी के सामने पहुँच चुका था।
हमारे देखने में हमारी कल्पना भी शामिल होती है
रात का आकाश, नक्षत्रों से खचाखच भरा आकाश
थोड़ा सा ख़ुद है और थोड़ा सा हमारी कल्पना के कारण हैं।
Book Details
-
ISBN9789391218324
-
Pages68
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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