Sindhi Ki Lokpriya Kahaniyan
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अखंड भारत के भूखंड सिंध की मिट्टी में पल्लवित-पुष्पित कहानियाँ ही प्रमुख रूप से सिंधी कहानियों की अविरल बहती धारा का उद्गम बिंदु है। सिंधु नदी की निर्मल जलधारा की भाँति ही सिंधी कहानियाँ भी अपनी गति के साथ निर्बाध रूप से बह रही हैं। भारत-विभाजन के भूचाल से सिंध का सामाजिक, सांस्कृतिक व भौगोलिक ताना-बाना तहस-नहस हो गया। सिंध का हिंदू समाज निर्वासित हो गया। निर्वासन की इस पीड़ा का प्रभाव सिंधी कहानियों के विकास की गति पर भी पड़ा। सिंधी समाज का हर वर्ग खंडित भारत भूखंड में ‘अटो, लटो, अझो’, अर्थात् रोटी, कपड़ा और मकान के चक्कर में फँस गया। इससे लेखक वर्ग भी अछूता न रहा, उनका जीवन भी प्रभावित हुआ। कुछ ही वर्षों के अंतराल में कहानी लेखन की गति फिर बढ़ने लगी। अब कहानी जगत् के विषय भी अनेक थे। सिंध की भूमि से प्रेम, बिछोह, यादें, दर्द, पीड़ा, सरकारी निर्णय की निंदा के साथ-साथ विस्थापितों के कैंप में रहने के अनुभव, स्थानीय समाज के व्यवहार, संबंध, जीवन की संवेदनाएँ, कोमल व कठोर भावनाएँ सिंधी लेखक की कहानियों के विषय बने हैं। सिंध की लोकप्रिय कहानियों के इस संकलन में विविध विषयों, शैलियों को समेटने का प्रयास किया गया है। सिंधी कहानियों का आसमान अति विशाल है; उसमें से कुछ रत्न यहाँ हिंदी पाठकों के लिए इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं।
Read moreAbout the Book
अखंड भारत के भूखंड सिंध की मिट्टी में पल्लवित-पुष्पित कहानियाँ ही प्रमुख रूप से सिंधी कहानियों की अविरल बहती धारा का उद्गम बिंदु है। सिंधु नदी की निर्मल जलधारा की भाँति ही सिंधी कहानियाँ भी अपनी गति के साथ निर्बाध रूप से बह रही हैं। भारत-विभाजन के भूचाल से सिंध का सामाजिक, सांस्कृतिक व भौगोलिक ताना-बाना तहस-नहस हो गया। सिंध का हिंदू समाज निर्वासित हो गया। निर्वासन की इस पीड़ा का प्रभाव सिंधी कहानियों के विकास की गति पर भी पड़ा। सिंधी समाज का हर वर्ग खंडित भारत भूखंड में ‘अटो, लटो, अझो’, अर्थात् रोटी, कपड़ा और मकान के चक्कर में फँस गया। इससे लेखक वर्ग भी अछूता न रहा, उनका जीवन भी प्रभावित हुआ।
कुछ ही वर्षों के अंतराल में कहानी लेखन की गति फिर बढ़ने लगी। अब कहानी जगत् के विषय भी अनेक थे। सिंध की भूमि से प्रेम, बिछोह, यादें, दर्द, पीड़ा, सरकारी निर्णय की निंदा के साथ-साथ विस्थापितों के कैंप में रहने के अनुभव, स्थानीय समाज के व्यवहार, संबंध, जीवन की संवेदनाएँ, कोमल व कठोर भावनाएँ सिंधी लेखक की कहानियों के विषय बने हैं।
सिंध की लोकप्रिय कहानियों के इस संकलन में विविध विषयों, शैलियों को समेटने का प्रयास किया गया है। सिंधी कहानियों का आसमान अति विशाल है; उसमें से कुछ रत्न यहाँ हिंदी पाठकों के लिए इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं।
Book Details
-
ISBN9789355211941
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dr. Babasaheb Ambedkar
- Author Name:
Surynarayan Ransubhe
- Book Type:

-
Description:
जाति और अस्पृश्यता के दलदल में फँसे भारतीय समाज को उबारने का उपक्रम करनेवालों में डॉ. आंबेडकर अग्रणी हैं। उनका चिंतन मनुष्य की मुक्ति से जुड़ा है। वह समतावादी समाज का सपना देख रहे थे। आकाशवाणी पर दिए गए अपने एक भाषण में उन्होंने कहा था, “शंकराचार्य के दर्शन के कारण हिन्दू समाज-व्यवस्था में जाति-संस्था और विषमता के बीज बोए गए। मैं इसे नकारता हूँ। मेरा सामाजिक दर्शन केवल तीन शब्दों में रखा जा सकता है। ये शब्द हैं—स्वतंत्रता, समता और बन्धुभाव। मैंने इन शब्दों को फ्रेंच राज्य क्रान्ति से उधार नहीं लिया है। मेरे दर्शन की जड़ें धर्म में हैं, राजनीति में नहीं। मेरे गुरु बुद्ध के व्यक्तित्व और कृतित्व से मुझे ये तीन मूल्य मिले हैं।”
हिन्दी में डॉ. आंबेडकर पर ढेरों पुस्तकें और पुस्तिकाएँ उपलब्ध हैं। जो पुस्तकें ठीक हैं, वे मिलती नहीं और पुस्तिकाओं में सिवाय व्यक्तिपूजा के कुछ होता नहीं। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक लिखी गई है, ताकि एक शताब्दी पूर्व जन्मे इस महापुरुष का विराट व्यक्तित्व खुलकर सामने आए और पाठकों को उद्वेलित कर सके।
Anokha Pyar Hindi Translation of An Uncommon Love: The Early Life of Sudha and Narayana Murthy
- Author Name:
Chitra Banerjee Divakaruni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kavita Ki Baat
- Author Name:
Ashish Singh
- Book Type:

- Description: Criticism
Shivgiri
- Author Name:
Karan Singh
- Book Type:

- Description: "‘शिवगिरि’ कश्मीर की पृष्ठभूमि में रचित उपन्यास है और प्रधानतः आध्यात्मिक अन्वेषण के विषय को परखता है। यह न केवल एक उत्कृष्ट कथा है, अपितु प्रगाढ़ आंतरिक संदेशों से भी गर्भित है, जो विवेकी पाठकों के लिए अत्यंत रुचिकर होंगे। आदिशंकराचार्य की रचनाओं में अभिव्यक्त उनके दर्शन की यत्किंचित् व्याख्या एक गुरु और साधक के बीच संवाद के रूप में इस उपन्यास में प्रस्तुत है। गुरु पूछते हैं—‘‘तुम किसकी खोज कर रहे हो?’’ साधक उत्तर देता है—‘‘मैं उपनिषदों द्वारा व्याख्यायित उस आदर्श अवस्था की खोज में हूँ—वह अवस्था, जिसमें सारे दुःखों व संघर्षों का अंत होता है और जिसमें आनंद एवं निश्चिंतता का प्रकाश है।’’ ‘‘तुम्हारा अन्वेषण उचित है, अशोक! तुम वही खोज रहे हो, जो तुम्हारा जन्मसिद्ध अधिकार है।’’ गुरु कहते हैं। सभी आयु वर्ग के पाठकों हेतु जानकारीपरक एवं अत्यंत रुचिकर उपन्यास। "
Ath Kaikeyi Katha
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Akhil Bharatiya Prashasnik Kosh
- Author Name:
Bhola Nath Tiwari +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Vivekanand Bol Raha Hoon
- Author Name:
Giriraj Sharan Agrawal
- Book Type:

- Description: "भारतीय आध्यात्मिक चेतना के सिरमौर स्वामी विवेकानंद अद्भुत मेधा के स्वामी थे। उन्होंने कहा था कि सारे अनर्थों की जड़ है हमारी गरीबी। स्वामीजी दरिद्रनारायण के दुखों से द्रवित और दलितवर्ग के प्रति किए जानेवाले अन्याय से व्यथित थे। वे जाति-पाँति के घोर विरोधी थे और इसे सामाजिक जीवन का घोर कलंक मानते थे। स्वामीजी का विश्वास था कि प्रत्येक राष्ट्र को अपनी नारी-जाति का सम्मान करना चाहिए। उनकी मान्यता थी कि भारत के सर्वसाधारण में यदि धर्म का संचार हो जाए, तो हम छोटी-छोटी समस्याओं से सहज में ही मुक्त हो जाएँगे। स्वामीजी धर्मपुरुष थे और भारतीय संस्कृति के सजग प्रहरी। वे कट्टर राष्ट्रवादी थे, किंतु उनका राष्ट्रवाद मानवता का पोषक था। स्वामीजी ने धर्म और संस्कृति का निदान करते हुए सोए हुए भारत को उसके गौरवशाली अतीत से परिचित कराया। वेदों और उपनिषदों के प्राचीन आत्मज्ञान के संदेश को पाश्चात्य देशों तक गुंजारित किया। वेदांत के अद्वितीय प्रचारक, भारतीय संस्कृति के विशिष्ट उद्घोषक, मानवता के महान् पोषक, दूरदर्शी विचारक स्वामी विवेकानंद के विचार देश की भावी युवा पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य करेंगे। इसी भावना और शुभ संकल्प के साथ स्वामीजी के विचारों का यह संकलन प्रस्तुत है।
Uske Pankhon Ki Udaan
- Author Name:
Swati Lahoti
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aaj Ki Taaza Khabar
- Author Name:
Rajendra Mohan Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ratn Dr. Bhimrao Ambedkar Autobiography
- Author Name:
Pankaj Kishor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekananda Quiz Book
- Author Name:
Virendra Yagnik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pratap Ki Sangharsh Gatha
- Author Name:
Ramesh Misra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lata Aur Vriksh
- Author Name:
Smt. Kranti Trivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
My Inventions: The Autobiography of Nikola Tesla
- Author Name:
Nikola Tesla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chanakya In The Classroom: Timeless Wisdom for Students
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A TALE OF TWO CITIES
- Author Name:
Charles Dickens
- Rating:
- Book Type:

- Description: This Book Doesnt have any Description.
Uru-Jyotih
- Author Name:
Dr. Vasudeva Sharan Agrawala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sahaj Hindi
- Author Name:
Ramvachan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeet Ka Jadu
- Author Name:
Ratneshwar K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nelson Mandela
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने रंगभेद विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर संघर्ष कर दुनिया के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। 1944 में अफ्रीका नैशनल कांग्रेस में शामिल होने के बाद लगातार रंगभेद के खिलाफ लड़ते रहे और राजद्रोह के आरोप में 1962 में गिरफ्तार कर लिये गए। उम्रकैद की सजा सुनाकर इन्हें रॉबेन द्वीप पर भेज दिया गया। किंतु सजा से भी इनका उत्साह कम नहीं हुआ। इन्होंने जेल में अश्वेत कैदियों को भी लामबंद करना शुरू किया। इस कारण जेल में लोग इन्हें ‘मंडेला विश्वविद्यालय’ कहा करते थे। जीवन के 27 वर्ष कारागार में बिताने के बाद अंतत: 11 फरवरी, 1990 को रिहाई हुई और अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बने। समझौते और शांति की नीति द्वारा उन्होंने एक लोकतांत्रिक एवं बहुजातीय अफ्रीका की नींव रखी। इससे रंगभेद काफी हद तक समाप्त हुआ और बाद में उनके विरोधी भी उनके प्रशंसक बने। श्री मंडेला को उनके कार्यों के लिए दुनिया भर से पुरस्कार एवं सम्मान मिले। 1993 में उन्हें विश्व शांति के लिए ‘नोबेल पुरस्कार’ तथा 2008 में भारत के प्रतिष्ठित ‘गांधी शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। श्री मंडेला अपने कार्यों का प्रेरणा-स्रोत महात्मा गांधी को बताते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में उनके कैदी से लेकर राष्ट्रपति बनने तक की संघर्षपूर्ण जीवन का मार्मिक वर्णन है। एक अंतरराष्ट्रीय प्रेरणा- पुरुष की प्रेरक जीवन-गाथा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book