Putin And The Russian Renaissance
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awaiting description
Read moreAbout the Book
Awaiting description
Book Details
-
ISBN9789355627049
-
Pages184
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Paramparagat Sanskriti aur Adhunikta ka Sangam AUSTRIA
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: ऑस्ट्रिया अत्यधिक औद्योगीकृत, विकसित और समृद्धि के हिसाब से दुनिया के शीर्षतम देशों में शुमार है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देखने लायक है। यहाँ के नागरिकों द्वारा अपनी संस्कृति, अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों का उच्च सम्मान किया जाता है। ऑस्ट्रिया एक समृद्ध, स्थिर और संपन्न देश है। चाहे पर्यावरण की रक्षा हो, चाहे अपनी पुरानी स्थापत्य कला का संरक्षण हो, चाहे जरूरतमंद शरणार्थियों की सहायता की बात हो, महिलाओं के सम्मान का विषय हो, धार्मिक स्वतंत्रता हो या फिर विदेशियों के प्रति प्रेम-आदर का भाव हो, ऑस्ट्रिया की बात ही अलग है। ऑस्ट्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है ही, साथ ही इसे शास्त्रीय संगीत के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है। एक गतिशील अर्थव्यवस्था, विदेशी व्यापार के बड़े केंद्र, आधुनिक औद्योगिक राष्ट्र होने के अलावा यह यूरोप के सबसे नवोन्मेषी देशों में से एक है। यह पुस्तक संक्षेप में ऑस्ट्रिया की संस्कृति, अर्थव्यवस्था, रीति-रिवाज, इतिहास, भूगोल से लेकर वहाँ के पर्यटक स्थलों, शैक्षिक तंत्र, धार्मिक विविधता, भाषा, जैवविविधता, राजनीतिक व्यवस्था की जानकारी सहज ही उपलब्ध कराती है।
Sabhi Ke Liye Yoga
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: "योग-साधना के विश्वविख्यात उपासक एवं योगाचार्य बी.के.एस. आयंगार द्वारा योग विषय पर हिंदी में प्रकाशित पहली पुस्तक। यह कहना अतिशयोक्ति न होगी कि योग जैसे विस्तृत विषय पर लिखित यह पुस्तक परंपराओं से हटकर है। इसमें योगासनों के विशुद्ध रूप, उनका शुद्धाचरण, उनकी बारीकियाँ, शरीर की कमियाँ और रोग-व्याधियों के अनुसार योगासनों का चयन आदि के संबंध में सविस्तार मार्गदर्शन सहज, सरल एवं बोधगम्य रूप में किया गया है। योग और योगासनों का सूक्ष्म विश्लेषण, जो हर आयु-वर्ग के पाठकों हेतु उपयोगी है। अधिक विस्तृत व उपयोगी जानकारियाँ, जिन्हें पढ़कर पाठकगण आसानी से योग, योगासन व प्राणायाम सीख सकते हैं। विशिष्ट संप्रेषण शैली एवं शरीर विज्ञान संबंधी वैज्ञानिक विश्लेषण पुस्तक की अतिरिक्त विशेषता है। योगासनों की विभिन्न स्थितियों को दरशाते लगभग 300 रेखाचित्र, ताकि विषय को समझने में आसानी रहे। आसन, प्राणायाम, धारणा, ध्यान आदि अंगों के सर्वांगीण विवेचन से परिपूर्ण पुस्तक। प्रत्येक परिवार के लिए पठनीय, उपयोगी एवं संग्रहणीय पुस्तक।
Shanker dayal Singh ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Shanker Dayal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patrakarita Bihar Se Jharkhand
- Author Name:
Sanjay Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paramveer Albert Ekka: 1971 Ke Nayak
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: सन 1971 के मार्च महीने से लेकर दिसंबर तक के नौ महीनों के मुक्तियुद्ध का परिणाम है बांग्लादेश। मार्च के महीने में ही स्थितियाँ बिगडऩी शुरू हो गई थीं। पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच कड़वाहट और तेज हो गई थी। यह कहानी उसी अल्बर्ट एक्का की है, जिस अल्बर्ट ने 1962 के चीन के साथ युद्ध में भाग लिया और 1971 के युद्ध में भी, लेकिन 1971 के युद्ध में वे शहीद हो गए। 44 साल बाद उनकी मिट्टी उनके गाँव आई और 46 साल बाद उनकी कथा लिपिबद्ध की जा रही है। इस दीर्घावधि सालों में शंख और महानंदा में न जाने कितना पानी बह गया। परमवीर के संगी-साथी उनके बचपन की यादें-बातें बताने को रहे नहीं। गाँव वैसा ही है, जैसा वे छोड़ गए थे। परमवीर का परिवार संघर्ष करते हुए आगे बढ़ता रहा। प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. शिवप्रसाद सिंह का एक लेख, डॉ. धर्मवीर भारती का चर्चित यात्रा-वृत्तांत और एक रिपोर्ट भी है। इनके साथ ही विष्णुकांत शास्त्रीजी का एक रिपोर्ताज भी यहाँ दिया जा रहा है। इन रचनाओं से गुजरते हुए पाठक उस समय के कराह, द्वंद्व, संघर्ष और नरसंहार को भीतर तक महसूस कर सकेंगे। एक ही धर्म के माननेवाले कैसे एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। दुनिया में यह अकेला युद्ध था, जिसकी पृष्ठभूमि में धर्म नहीं, भाषा थी। धर्म के आधार पर बँटा यह देश भाषा के कारण अलग हो गया। 1971 के युद्ध के हीरो, बांग्लादेश बनाने में सहायक रहे जाँबाज परमवीर अल्बर्ट एक्का की रोमांचक और प्रेरक कहानी।
The Life and Times of Birsa Munda
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: The Life and Times of Birsa Munda The year: 1890-92. It was a time of turmoil when several Adivasis in the Chhotanagpur region fell prey to the false preaching of the Christian churches and were forced to embrace Christianity. It was a ploy by the British to convert Adivasis to Christianity to stem protests. Birsa Munda and his family also believed in preaching initially and converted to Christianity. Soon, however, Birsa saw through the trickery and not merely did he convert to Hinduism again, but he also convinced several Adivasis. They had converted to Christianity to embrace Hinduism again. It was this Birsa Munda who later became the "God" of the Adivasis and came to be regarded as "Dharti-Aba" or "Father of the Universe." In an attempt to capture Birsa, the British administration was jolted and announced a reward of Rs 500 for his arrest. The British trick worked, and some greedy informers of the British caught Birsa when he was sleeping at night. This book, a biography of the great Adivasi leader, Birsa Munda, tries to capture some of the brave glimpses from the life of a daring revolutionary who gave up all he had to fight for the rights of his people and to ensure the freedom of his motherland.
Sahitya Ka Dalit Saundaryashastra
- Author Name:
Chanchal Chauhan
- Book Type:

-
Description:
मनुवादी व्यवस्था में सदियों से पिसते, शूद्र-अतिशूद्र की श्रेणी में डाले गए लोगों को अभिव्यक्ति का अवसर मिला तो उन्होंने भावपूर्ण रचनाएँ कीं। मध्यकाल के अनेक सन्त कवियों, ख़ासतौर से निर्गुण कवियों ने जात-पाँत के भेदभाव के विरोध में आवाज़ उठाई। जोतिबा फुले ने उन्नीसवीं सदी में दलित समाज को ‘ग़ुलामगीरी’ की पहचान कराई, ‘सत्यशोधक’ बनने का सपना दिया। बाबा साहब आंबेडकर ने बीसवीं सदी में उनमें जागृति की नई चेतना पैदा की और इसी चेतना से पढ़े-लिखे दलित समाज ने अपने दमन-शोषण और उपेक्षा को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
मराठी आदि भाषाओं से होते हुए नई दलित रचनाशीलता सभी भाषाओं में प्रस्फुटित हुई। इस रचनाशीलता के विकास के लिए जब ख़ुद दलित रचनाकार अपने साहित्य की परख के लिए सौन्दर्यशास्त्र रचने की कोशिश में प्रवृत्त हुए तो लगा कि ज़रूरत सिर्फ़ दलित साहित्य के लिए ही सौन्दर्यशास्त्र रचने की नहीं है बल्कि जो नया नज़रिया जोतिबा फुले और आंबेडकर ने हमारे समाज को दिया है, उससे एक सार्वभौमिक ‘दलित सौन्दर्यशास्त्र’ की वैचारिकी गढ़ी जानी चाहिए।
इस पुस्तक का आधार यही विचार है। इसमें जिस सौन्दर्यशास्त्र को गढ़ने का प्रयास किया गया है, वह सिर्फ़ दलित साहित्य का नहीं, समूचे साहित्य पर लागू होने वाला दलित सौन्दर्यशास्त्र है।
15 Practice Sets for REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 2 (Class 6 to 8) Ganit Evam Vigyan Exam 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Rajniti Shastra Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Political Science Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Derh Biswa Zameen "डेढ़ बिस्वा जमीन" Book in Hindi | Shri Brij Lal, IPS (Retd.)
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DEVYANI: Ek Pauranik Katha
- Author Name:
Rajeev ‘Acharya’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MUHAMMAD ALI (MUKKEBAZ)
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA CUET (UG) Common University Entrance Test (Under-Graduate) 2024 | Complete Study Guide (Hindi Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Warren Buffett
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Amar Krantikari Khudiram Bose
- Author Name:
Swatantra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Talking To The Self!
- Author Name:
Durgadas Uikey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttari Bharat Ki Sant Parampara
- Author Name:
Parshuram Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
‘उत्तरी भारत की सन्त-परम्परा’ कृति आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की साहित्यिक साधना की वह अनन्यतम प्रस्तुति है, जिसके समानान्तर आज कई दशक बाद भी हिन्दी साहित्य के अन्तर्गत वैसी कोई दूसरी रचना सामने नहीं आ सकी है। सन्त साहित्य के उद्भव से जुड़े अनेक प्रक्षिप्त मतों का खंडन करते हुए उसके मूल प्रामाणिक प्रेरणास्रोतों को प्रकाश में लाकर चतुर्वेदी जी ने उसकी अखंडता का जो अपूर्व परिचय प्रस्तुत किया है, वह हमारी साहित्यिक मान्यताओं से जुड़ी शोध-परम्परा का सर्वमान्य ऐतिहासिक साक्ष्य है।
परवर्ती काल में यह सन्त साहित्य उत्तर भारत के बीच पर्याप्त रूप से समृद्ध हुआ, किन्तु इसके प्रेरणासूत्र समग्र भारतीयता से सम्बद्ध है। महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओड़िसा, बंगाल, आसाम, पंजाब आदि राज्यों में फैले हुए इसके प्रारम्भिक तथा परवर्ती सूत्र इस तथ्य के प्रमाण हैं कि यह जन-आन्दोलन के रूप में समग्र भारतीय लोकजीवन से जुड़ा रहा है। सन्त नामदेव, ज्ञानदेव, नानक, विद्यापति, कबीरदास, दादू आदि सन्तों ने अपनी सन्तवाणी से समग्र भारत की एकता, अखंडता को जोड़ते हुए हमें अन्धविश्वासों एवं रूढ़ मान्यताओं से मुक्त किया है। आचार्य परशुराम चतुर्वेदी की यह कृति इन तथ्यों की प्रस्तुति का सबसे प्रामाणिक और सबसे सशक्त दस्तावे़ज़ है।
आचार्य चतुर्वेदी की इस ऐतिहासिक धरोहर को पुन: समक्ष रखते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं और आशा करते हैं कि पाठक समाज इसे पूर्ववत् निष्ठा के साथ स्वीकार करेगा।
Whispers of Time
- Author Name:
Dr. Krishna Saksena
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Kaksha-6 Solved Papers 2024-2005
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JNV Jawahar Navodaya Vidyalaya Class-6 Solved Papers (2003-2024) Exam 2024 (English Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book