Kuchh Chitra Rachen, Kuchh Rang Bharen "कुछ चित्र रचें, कुछ रंग भरें" Book In Hindi - Dr. Rashmisheel
(0)
₹
500
400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355621733
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
MARIE CURIE
- Author Name:
Deepika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SIDDH-NATH AUR SANT SAHITYA KI RACHNATMAK ANTARDHARA
- Author Name:
Anupam Singh
- Book Type:

- Description: अब तक सिद्धों-नाथों और संतों के बीच दार्शनिक सम्बन्ध ही अधिक खोजा गया है। परन्तु इस पुस्तक में मैंने दार्शनिक पक्ष के साथ-साथ उनके सामाजिक पक्ष को भी अंत:सम्बद्धता में देखा है। सिद्धों-नाथों और संतों के बीच अनेक समान्तर अंत सूत्र होने के बावजूद उनके दर्शन और विचार, उनकी भाषा और उनके सामाजिक सरोकार में अंतर देखने को मिलता है। यह भेद और उनके बीच की समानता को इस पुस्तक में कथ्य, संवेदना,रूप आदि के अलग-अलग स्तरों पर देखा गया। इस पुस्तक को प्रकाशित कराने का मेरा विचार 'प्रति संस्कृति' के निर्माण में सिद्धों, नाथों एवं संतों के योगदान को देखकर हुआ। अपने समय में प्रचलित मान्यताओं से इन्होंने अलग राह ली। परन्तु उसमें से कुछ समय से आगे और कुछ समय के दबाव और बहाव में ही गति करती रहीं। तीनों सम्प्रदाय के कवियों ने समाज में व्याप्त अनेक बाह्य आडम्बरों पर प्रहार किया, उनसे प्रति प्रश्न किया। परन्तु स्त्री के प्रति प्रचलित नजरिये को सिर्फ सिद्ध कवि ही तोड़ पाए। आडम्बरों पर तीनों सम्प्रदाय के कवि मुखर हैं परन्तु नाथों एवं संतों ने स्त्री को 'पितृसत्तात्मक' समाज में घुटने के लिए छोड़ ही नहीं दिया बल्कि अपनी राह भी अलग कर लीं।
Priyatama
- Author Name:
Phani Mohanty
- Book Type:

- Description: चारों दिशाएँ, चौदह भुवन खाली-खाली लगते हैं, एक अध-जला दीया की रस्सी की तरह नाम के वास्ते हाथ-पैर पसारकर, गिरा हुआ हूँ मैं। यह कैसा जीवन है प्रियतमा? हर पल मैं कितने शब्द जोड़ता हूँ और तोड़ता हूँ, जुड़े-तुड़े इन्हीं शब्दों से मैं एक वाक्य की माला भी बना नहीं सका, इस जीवन में। करोड़ों तारों और चाँद और सूरज के मेले में, तुम ही तो मेरे साक्षी हो, तुम ही मेरे साक्षी हो भाव में रहकर भी कवि मर सकता है, अभाव के नरक में। इस जीवन को अकेले में जाने दो, प्रियतमा, चाहे तुम जितने न पहुँचनेवाले दुनिया में, तुम ही मेरी प्रथम और आखिरी वर्णमाला तुम ही मेरा प्रथम और आखिरी वादा। —इसी पुस्तक से
Psychology of Option Trading Book - Mahesh Chandra Kaushik
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Farrago
- Author Name:
Faiz Yusuf
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmanthan
- Author Name:
Prof. Sanjeev Kumar Sharma +3
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Vikas : Chunautiyan Evam Samadhan
- Author Name:
Prabodh Kumar Sanyal
- Book Type:

- Description: भारत की पंचवर्षीय योजनाओं, नीति आयोग से लेकर पंचायती राज, कृषि, आपदा क़ानून समेत सामाजिक-राजनीतिक समस्याओं की विस्तृत व्याख्या इस पुस्तक में मिलेगी। सामान्य अध्ययन एवं निबन्ध सम्बन्धी टॉपिक्स के लिए उपयोगी पुस्तक। पुस्तक के लेखक बंगाल कैडर के आएएस अधिकारी रहे हैं।
Vedik Vichar
- Author Name:
Chitranjan Savant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Supreme Court Ke 85 Aitihasik Judgments "सुप्रीम कोर्ट के 85 ऐतिहासिक जजमेंट्स" For UPSC and State Civil Services Examination, Interview, CLAT and Judicial Examinations Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Pramod Kumar Agrawal, IAS (Retd.)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskar Ramayan
- Author Name:
Vinod Bala Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Sankatgrast Vanya Prani
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: हम इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि किसी दिन इस धरती पर केवल मानव जाति का अस्तित्व होगा। पशु–पक्षियों व अन्य जीवधारियों की असंख्य प्रजातियों और वनस्पतियों की अगणित क़िस्मों के अभाव में क्या इस सृष्टि में जीवन को बचाए रखना सम्भव होगा। सच्चाई तो यह है कि सृष्टि एक अखंड इकाई है। चराचर की पारस्परिक निर्भरता ही जीवन का मूल मंत्र है। यदि किसी कारण से जीवन–चक्र खंडित होता है तो इसके भीषण परिणाम हो सकते हैं। ‘भारत के संकटग्रस्त वन्य प्राणी’ में प्रसिद्ध लेखक गुणाकर मुळे ने ऐसे प्राणियों की चर्चा की है जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने अनेक ऐसे प्राणियों का ज़िक्र किया है जिन्हें अब इस धरती पर कभी नहीं देखा जा सकता। विगत दशकों में 36 प्रजातियों के स्तनपायी प्राणी और 94 नस्लों के पक्षी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण नष्ट हो चुके हैं। लेखक की चिन्ता यह है कि यदि इसी प्रकार हिंसा, लालच और अतिक्रमण का दौर चलता रहा तो इस ख़ूबसूरत दुनिया का क्या होगा! यह असन्तुलन विनाशकारी होगा। लेखक के अनुसार, ‘हमारे देश में प्राचीन काल से वन्य प्राणियों के संरक्षण की भावना रही है। हमारी सभ्यता और संस्कृति में वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम-भाव रहा है। इसलिए हमारे समाज में वन्य जीवों को पूज्य माना जाता है। वन्य जीवों तथा पक्षियों को मुद्राओं और भवनों पर भी चित्रित किया जाता रहा है।’ हमें आज इस भाव को नए सन्दर्भों में विकसित करना होगा। वन्य प्राणी संरक्षण के लिए बनाए गए अधिनियमों से अधिक आवश्यकता व्यापक नागरिक चेतना की है। गुणाकर मुळे ने सहज, सरल भाषा में इस आवश्यकता को रेखांकित किया है। अनेक चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता निर्माण के लिए बहुत ही उपयोगी है। हर आयु के पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
Captain Anuj Nayyar
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prabhat Vidyarthi Hindi-English Dictionary
- Author Name:
Badri Nath Kapoor
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Tum Kahan Ho, Naveen Bhai ?
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Police (UP) Arakshi Bharti Pareeksha-2024 Visheshank Mansik Abhiruchi (Mental Aptitude)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Watershed
- Author Name:
Varsha Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sankalp (Hindi Translation of Promises To Keep)
- Author Name:
Joe Biden
- Book Type:

- Description: राष्ट्रपति जो बाइडन बराक ओबामा के प्रिय और एक प्रभावशाली उपराष्ट्रपति के रूप में उभरने से पूर्व की अपनी जीवन-यात्रा की चर्चा कर रहे हैं। जो बाइडन ने अमेरिकी इतिहास का एक प्रभावशाली युग देखा है और उसका अंग भी रहे हैं। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक में उन्होंने अपने अनुभवों से अपने व्यक्तित्व, अपने सहयोगियों तथा सरकारी संस्थाओं से जो कुछ सीखा है, उसका रहस्योद्घाटन किया है। अपनी परंपरागत ईमानदारी एवं सद्बुद्धि के साथ बाइडन बेहद मर्मस्पर्शी व प्रेरक ढंग से स्क्रैंटन, पेंसिलवेनिया व विल्मिंगटन, डेलावेयर के रूढि़वादी कैथोलिक परिवार में अपनी परवरिश, व्यक्तिगत त्रासदियों पर विजय, जानलेवा बीमारियों, व्यावसायिक असफलताओं, राष्ष्ट्रपतियो, वैश्विक नेताओं और विधायकों के साथ अपने संबंधों तथा सीनेट कमेटियों पर अपने दमदार नेतृत्व को याद कर रहे हैं। अपनी स्मृतियों के माध्यम से बाइडन अपने आरंभिक जीवन में प्राप्त उन प्रेरणादायक सिद्धांतों की चर्चा करना भी नहीं भूलते, जिससे उन्होंने दूसरे व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाकर परिवार और भरोसे का सम्मान कर, संकल्प, स्पस्टवादिता तथा ईमानदारी की कद्र कर इस नींव के सहारे अपने जीवन में पति, पिता एवं जन-सेवक की भूमिका को बखूबी निभाया है। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक राजनेता के चिंतन-मनन की एक अंतरंग शृंखला है, जिसने अमेरिका के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में स्थान बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन राजनीति के दाँव-पेंच से दूरी बनाकर रखी। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति संकल्प का भी एक जीवंत साक्ष्य है।
Islam Aur Shakahar
- Author Name:
Muzaffar Hussain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DOST KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Trashika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Grahak Andolan
- Author Name:
Siddhartha Shankar Gautam
- Book Type:

- Description: आधुनिक काल के भारतीय ग्राहक आंदोलन के 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और इन 50 वर्षों की यात्रा में ग्राहक पंचायत ने यह सुनिश्चित किया है कि ग्राहक को उसका कानूनी अधिकार प्राहृश्वत हो तथा जहाँ अभी अधिकार प्राहृश्वत नहीं है, वहाँ आंदोलन और समाज के साथ से कानूनी अधिकार की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो। व्यापारी और ग्राहक के मध्य यदि आर्थिक आचरण ठीक न हो तो यह सामाजिक व्यवस्था को छन्न-भिन्न कर देता है। ग्राहक पंचायत ने इसी आर्थिक आचरण के व्याप्तिकरण हेतु जागरण के इतर जहाँ संभव हो, वहाँ संघर्ष का मार्ग चुना है और उसके इस मार्ग से निस्संदेह ग्राहक-हितों को व्यापक संरक्षण प्राहृश्वत हुआ है। आधुनिक ग्राहक हितों के इन्हीं संघर्षों को लक्षित करती है भारतीय ग्राहक आंदोलन यात्रा की यह पुस्तक।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book