Supreme Court Ke 85 Aitihasik Judgments "सुप्रीम कोर्ट के 85 ऐतिहासिक जजमेंट्स" For UPSC and State Civil Services Examination, Interview, CLAT and Judicial Examinations Book in Hindi
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355216403
-
Pages268
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Samvad Purush Prof. Devendra Swarup
- Author Name:
Jitendra Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamayani (Raj)
- Author Name:
Jaishankar Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rahasyopadesh Ka Rahasya
- Author Name:
Satish Dhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antariksh Ki Kahani, Antariksh Yatriyon Ki Zubani
- Author Name:
Kali Shankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pareeksha Mein Merit Kaise Payen?
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dalit Sahitya Ka Saundaryashastra
- Author Name:
Omprakash Valmiki
- Book Type:

-
Description:
वर्ण-व्यवस्था के अमानवीय बन्धनों ने शताब्दियों से दलितों के भीतर हीनता भाव को पुख़्ता किया है। धर्म और संस्कृति की आड़ में साहित्य ने भी इस भावना की नींव सुदृढ़ की है। ऐसे सौन्दर्यशास्त्र का निर्माण किया गया जो अपनी सोच और स्थापनाओं में दलित विरोधी है और समाज के अनिवार्य अन्तर्सम्बन्धों को खंडित करने वाला भी। जनवादी, प्रगतिशील और जनतांत्रिक साहित्य द्वारा भारत में जन्मना जाति के सन्दर्भ में केवल वर्ग की ही बातें करने से उपजी एकांगी दृष्टि के विपरीत दलित साहित्य सामाजिक समानता और राजनीतिक भागीदारी को भी साहित्य का विषय बनाकर आर्थिक समानता की मुहिम को पूरा करता है—ऐसी समानता जिसके बग़ैर मनुष्य पूर्ण समानता नहीं पा सकता। दलित चिन्तन के नए आयाम का यह विस्तार साहित्य की मूल भावना का ही विस्तार है जो पारम्परिक और स्थापित साहित्य को आत्मविश्लेषण के लिए बाध्य करता है और झूठी और अतार्किक मान्यताओं का विरोध। अपने पूर्व साहित्यकारों के प्रति आस्थावान रहकर नहीं, बल्कि आलोचनात्मक दृष्टि रखकर दलित साहित्यकारों ने नई जद्दोजहद शुरू की है, जिससे जड़ता टूटी है और साहित्य आधुनिकता और समकालीनता की ओर अग्रसर हुआ है।
यह पुस्तक दलित साहित्यान्दोलन की एक बड़ी कमी को पूरा करती हुई दलित-रचनात्मकता की कुछ मूलभूत आस्थाओं और प्रस्थान बिन्दुओं की खोज भी करती है, और साहित्य के स्थापित तथा वर्चस्वशाली गढ़ों को उन आस्थाओं के बल पर चुनौती भी देती है।
BATHROOM KA SHISHTACHAR
- Author Name:
Shaurya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Selected Poems
- Author Name:
Atal Bihari Vajpayee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Million Dollar ki Hera-Pheri
- Author Name:
Jeffrey Archer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Grah Vigyan Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Home Science Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dampatya Ki Dhoop-Chhanh
- Author Name:
Mridula Sinha +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trilochan Rachanawali Vol. 1-4
- Author Name:
Trilochan
- Book Type:

-
Description:
जनसाधारण की दुख-प्रसूत स्थानिक संवेदना को कविता में ढालकर मनुष्यता की सार्वभौमिक चेतना से जोड़ने वाले, शास्त्र की सटीकता और जनजीवन के नित नवीन अनुभवों को कई-कई छन्दों में अंकित करनेवाले विद्वान कवि त्रिलोचन हिन्दी के विराट कविता-लोक में अपनी तरह के अनूठे हस्ताक्षर हैं।
कई भाषाओं के ज्ञाता, संस्कृत के विद्वान और प्रगतिशील चेतना से सम्पन्न कवि त्रिलोचन ने रोला और बरवै जैसे प्राचीन छन्दों को भी साधा, गीत-ग़ज़ल भी लिखे और 'सॉनेट' जैसे विदेशी छन्द को हिन्दी का अपना बना दिया। मुक्त-छन्द भी लिखा और 'गद्य-वद्य' लिखते हुए आलोचना को भी एक आत्मीय रंग दिया।
यह त्रिलोचन की रचनावली है, जिसकी ज़रूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। त्रिलोचन महज़ एक कवि नहीं, कविता के विद्यालय थे; मौज़ूदा और आनेवाले रचनाकार उनसे हमेशा ही सीख सकते हैं। प्रस्तुत रचनावली में त्रिलोचन का सम्पूर्ण संकलित है।
कविताओं के साथ-साथ त्रिलोचन ने आलोचनात्मक गद्य भी लिखा। इस खंड में उनके द्वारा लिखित आलोचनात्मक लेखों, समीक्षाओं आदि को लिया गया है। कविता हो या गद्य उन्होंने बोलचाल की भाषा को ही प्राथमिकता दी। यह इन आलेखों से भी ज़ाहिर होता है। कुछ अप्रकाशित लेख भी यहाँ प्रस्तुत हैं। साथ में उनकी दैनन्दिनी भी।
Vichar Pravah Book in Hindi - Hukmdev Narayan Yadav
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Why I Am An Atheist And Other Letters
- Author Name:
Bhagat Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nardiya Sanchar Neeti "नारदीय संचार नीति" (The Philosophy of Communication of the Narada) Book in Hindi
- Author Name:
Jay Prakash Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Sri Sri Ravi Shankar Bol Raha Hoon
- Author Name:
Karishma Bajaj
- Book Type:

- Description: "आध्यात्मिक गुरु एवं मार्गदर्शक श्री श्री रविशंकरजी ने करोड़ों लोगों को सेवा का मार्ग दिखाया है। प्यार और सामंजस्य विकसित करने के लिए मानवता की सेवा की, ताकि मनों के बीच की दीवार को तोड़ा जा सके। विश्व भर में उनके भक्तों ने आर्ट ऑफ लिविंग को दुनिया का विशालतम गैर-सरकारी संगठन बनाने में अपना सहयोग दिया है। गुरुजी की छत्रच्छाया में असंख्य कल्याणकारी योजनाएँ आरंभ की गई हैं, जिन्हें उनके भक्त चला रहे हैं और करोड़ों लोगों के जीवन का उद्धार कर रहे हैं। इस पुस्तक में संकलित प्रत्येक सूत्र एक बहुमूल्य खजाना है, जो पाठक की जीवन-यात्रा को अमूल्य बना देता है। जीवन के विविध रंग लिये इन विचारों को पढ़ने से आपके तनाव, भय, चिंताएँ, असुरक्षाएँ, क्रोध, घृणा आदि दूर हो जाएँगे और आप अपने में एकाकार होकर स्वतः ही खुश रहने लगेंगे। प्यार से आपको प्यार हो जाएगा; आप करुणामय हो जाएँगे, शांति महसूस करेंगे; आनंदमय हो जाएँगे, संतुष्टि के भाव से भर जाएँगे। "
CIA: Unravelling Mysteries of USA's First Line of Defence | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahatma Gandhi - Pratham Darshan : Pratham Anubhuti
- Author Name:
Shanker Dayal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti
- Author Name:
Ashok Pankaj
- Book Type:

- Description: लोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।
Steel Man Jamsetji Tata Ki Biography "स्टीलमैन जमशेदजी टाटा की बायोग्राफी" | Hindi Version of Jamsetji TATA: A Complete Biography
- Author Name:
Prashant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book