Esop Ki Kahaniyan
(0)
₹
300
240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789380823652
-
Pages96
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gautam Buddh Se Seekhen Jeevan Jeene Ki Kala (Hindi Translation of Buddha on Happiness)
- Author Name:
Dr. K.P. Wasnik
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक महात्मा बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं को बहुत ही सरल एवं स्पष्ट तरीके से रेखांकित करती है; बुद्ध की महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं का वर्णन करती है; दुःख को सुख और प्रसन्नता में बदलने की अंतर्दृष्टि प्रदान करती है ।यह शिक्षा सिखाती है कि कैसे अपने प्रति दयालुता और अपने एवं दूसरों के दर्द के प्रति करुणामय भाव विकसित करें। बुद्ध द्वारा सिखाई गई महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं का अभ्यास करके हम जीवन में विभिन्न चुनौतियों का कुशलता से प्रबंधन करने में सक्षम हो जाते हैं। जो कोई इस पुस्तक द्वारा बुद्ध की शिक्षाओं का अध्ययन तो करे पर अपने जीवन में अभ्यास न करे, तो उसकी स्थिति एक सूप में चम्मच की तरह है, जो हर रोज बरतन में तो है, लेकिन सूप का स्वाद नहीं जानता | सुख, शांति और आनंदपूर्ण जीवन जीने के लिए हमें अपने दैनिक जीवन में बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाने की आवश्यकता है, जो हम इस पुस्तक से सीख सकते हैं।
The Boss
- Author Name:
Prakash Biyani +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Hidden Hindu Book 3 "द हिडन हिंदू-3" - अक्षत गुप्ता 3rd Book of Hidden Hindu Triology (Hindi Version) - Akshat Gupta
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kaise Bhoolen Aapatkal Ka Dansh
- Author Name:
Dr. Chandra Trikha, Dr. Ashok Garg +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prema
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Vikram Batra (Known by Luv, Shershah, Kargil-ka-She) was born on September 9, 1974 in Palampur district of Himachal Pradesh. Rank—Captain Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Param Vir Chakra (Posthumously) Whenever any discussion comes up regarding the Kargil war, the first name that reminds to us is that of Captain Vikram Batra, the valiant son of India. Captain Vikram Batra of 13 Jammu and Kashmir Rifles is one of those bravehearts who contributed in the victory of the Kargil war after fiercely fighting on multiple peaks one after another. Captain Vikram Batra showed unprecedented valour in the Kargil war and attained martyrdom. He was awarded with the ‘Param Vir Chakra’ posthumously.
Akhiri Meel "आखिरी मील" : Lokniti ki Asali Chunauti Book in Hindi - Amarjeet Sinha
- Author Name:
Amarjeet Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kavya-Pustak Samiksha Ka Swaroop
- Author Name:
Ramkishor Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Burhiya Aur Bandar
- Author Name:
Shivmurti Singh 'Vats'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaheed Udham Singh
- Author Name:
Poonam Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Loktantra Ki Maya
- Author Name:
Arvind Mohan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajgondon Ki Vanshgatha
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
गोंड राजवंश का उदय कल्चुरियों या हैहयवंशी राजवंश के अस्त होने पर हुआ। गोंड राजवंश के प्रारम्भिक राजा स्वतंत्र राजा थे। इनके राजकाल के ऐतिहासिक साक्ष्य तब से मिलने प्रारम्भ होते हैं जब भारत में लोदीवंश का शासन था। इन प्रारम्भिक स्वतंत्र गोंड राजाओं का जीवन चरित लेखक ने राजकमल प्रकाशन द्वारा वर्ष 2008 में प्रकाशित ग्रन्थ ‘चरितानि राजगोंडानाम्’ में लिपिबद्ध किया था। करद राजाओं का जीवन चरित ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत
है।
इस वृत्तान्त में गढ़ा कटंगा राज्य की उन सभी पीढ़ियों के राजाओं की जिजीविषा की कहानियाँ हैं, जिन्होंने मुग़लकाल के पश्चात् मराठा काल तक राज्य किया। ये गाथाएँ मानवीय विश्वास, संवेदना और कर्मठता के अतिरिक्त चार से अधिक शताब्दियों की कालावधि में हुए मानवीय विकास की कथाएँ हैं। ये जनजातीय राजे अपने विकासक्रम में निरक्षर, अपढ़ या गँवार नहीं रहे, न ही ये सर्वथा ऐकान्तिक रहे वरन् इनमें से अनेक साहित्यानुरागी, कलाप्रेमी और समकालीन राजनीति के खिलाड़ी भी रहे। ऐसे राजाओं में हृदयशाह का नाम उल्लेखनीय है। ग्रन्थ के पूर्वार्द्ध में राजगोंड कुलभूषण हृदयशाह की दो आगे की और दो पीछे की पीढ़ियों का वर्णन है। इन सभी पीढ़ियों में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है।यह पुस्तक निश्चित ही न तो इतिहास विषय का ग्रन्थ है और न ही सामाजिक शोध-प्रबन्ध, अतः इसकी अकादमिक उपयोगिता को बढ़ाने से सम्बन्धित किसी प्रयास की चर्चा बेमानी है। प्रयास यह रहा है कि कहानियों में ऐतिहासिकता अक्षुण्ण रहे, कल्पना प्रसूत पात्र एवं घटनाएँ यथासम्भव कम से कम हों। प्रत्येक ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग इतिहासकार अपने नज़रिए से देखते हैं, परन्तु कहानी में घटना को किसी एक ही नज़रिए से देखा जा सकता है, यह उसकी सीमा है और आवश्यकता भी। सामान्य तौर पर कथाओं में वे घटनाएँ चुनी गई हैं जिनसे सर्गों की सूत्रबद्धता क़ायम रहे, परन्तु साथ ही वे सम्बन्धित राजाओं के जीवन की मुख्य घटनाएँ हों।
Upanyas Ki Pahchan : Divya
- Author Name:
Gopal Ray
- Book Type:

- Description: यशपाल के उपन्यास ‘दिव्या’ का प्रकाशन 1945 में हुआ था। उपन्यास के प्रकाशन के साथ ही यह ऐतिहासिक कथानक का उपन्यास होने के कारण उसी रूप में अपनी पैठ बना रहा था। कई बार इसके कथ्य को ध्यान में रखते हुए इसे बौद्धकालीन उपन्यास कहा गया है। जैसा कि ऐतिहासिक उपन्यासों के साथ अक्सर होता है 'दिव्या' के साथ भी वही परम्परा चल पड़ी अर्थात् उपन्यास के कथानक को बौद्धकालीन प्रामाणिकता पर परखना आलोचकों ने समीचीन समझा। बहरहाल। गोपाल राय की ‘उपन्यास की पहचान’ शृंखला में ‘दिव्या’ पाँचवीं पुस्तक है। आलोचक ने अपने स्तर पर न केवल कथानक की समीचीनता की पड़ताल की है बल्कि ‘अतीत, इतिहास और उपन्यास’ पर एक अध्याय भी इस पुस्तक के आरम्भ में रख दिया है। मूलत: मूल रचनाओं की पड़ताल करते हुए आलोचक मूल पाठ की व्यावहारिक आलोचना को भी प्राथमिकता देते हैं। ‘दिव्या’ के मूल पाठ पर गोपाल राय ने इन्हीं कड़ियों को सूत्रबद्ध करने का कार्य किया है। जैसे कि ‘दिव्या’ का कथा-संसार और उसके मार्मिक प्रसंग, पात्र, ऐतिहासिकता की कसौटी, दिव्या में चित्रित समाज और भारतीय संस्कृति अस्मितामूलक नारी-विमर्श की झलक, शिल्प और भाषा आदि-आदि की रचनात्मकता के स्तर पर गोपाल राय ने उपन्यास को खँघालने का महत्ती कार्य पूरा किया है। अत: उक्त आयामों की विविधता में उपन्यास की दृष्टि से दिव्या का मूल्यांकन गोपाल राय का इस आलोचनात्मक पुस्तक में प्राथमिक ध्येय रहा है। इस कार्य में वे कितनी उत्कृष्टता प्राप्त कर पाए हैं यह इस पुस्तक के अध्ययन से स्पष्ट होगा। यह भी ज्ञान होगा कि पाठ्यक्रमों की सीमाओं को पार करते हुए कोई आलोच्य कृति कितनी समयानुकूल और प्रासंगिक ठहरती है।
Vibhajit Savera
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jainendra Kumar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Jainendra Kumar
- Book Type:

- Description: जैनेन्द्र अपने समय के सर्वाधिक पढ़े जानेवाले लेखक रहे हैं। उनके द्वारा लिखी गई ‘जनता में’, ‘पत्नी’, ‘तत्सत्’, ‘पाजेब’ तथा ‘पढ़ाई’ आदि कहानियों में कुछ नए कथा-प्रसंग हैं। ‘जनता में’ कहानी रेल के तीसरे दर्जे के डिब्बे में यात्रा करने का अनुभव है। इसमें भी एक बालक है, जो दस यात्रियों के आकर्षण का केंद्र है, पर लेखक अंत में लोक-संशय से हिंदू-मुसलमान का प्रश्न उठा देता है। ‘पत्नी’ कहानी में पत्नी की सेवा, विवशता तथा भारतमाता की स्वतंत्रता के लिए हिंसा या अहिंसा के रास्ते पर मित्रों में बहस होती है। कालीचरण का मत है कि आतंक विवेक को कुंठित करता है और उसके मित्रों का मत है कि बाघ को मारने के लिए आतंकवाद जरूरी है। ‘तत्सत्’ एक दार्शनिक कहानी है, जो आदमी तथा जंगल के वृक्षों तथा जानवरों के माध्यम से कही गई है। बड़ दादा नायक है और सभी इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि वह ही अर्थात् ब्रह्म ही सर्वत्र है।
Lagan
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Andhkar Bela
- Author Name:
Suchitra Bhattacharya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Great Media Circus
- Author Name:
Ravindra Ranjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ayodhya Ka Chashmadeed
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Ke Mele
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book