Dictionary of Chemistry
(0)
₹
450
₹ 360 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350484982
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Great Oceans Within Us
- Author Name:
Killada Satyanarayana, IPS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Surgeon ka Chintan
- Author Name:
V.N. Shrikhande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramjanmabhoomi
- Author Name:
Arun Anand +1
- Book Type:

- Description: Ramjanmabhoomi’ means the birthplace of Lord Rama who is the reincarnation of Lord Vishnu. The birth place of Lord Rama is situated in Ayodhya in the state of Uttar Pradesh which makes Ayodhya one of most sacred places for Hindus. In 1528, Babar who had invaded India, got the Ram Temple demolished and built a Mosque like structure over it. Since then, Hindus have been trying to get this place back and build a Ram Temple on it. Many Hindus sacrificed their lives for this cause. In recent times, the movement to build a Ram Temple was launched in mid-1980s. It became one of the defining moments for India as it brought a paradigm shift in Indian politics too. The case to build a Ram Temple at Ramjanmabhoomi also has the distinction of being the longest running legal battle in the history of the world. The matter was finally decided by the Supreme Court in 2019 paving way for the construction of a Ram Temple at Ramjanmabhoomi. This book explores all these facets of ‘Ramjanmabhoomi’ and brings together at one place all the important details of this grand and tumultuous saga. It starts with the birth of Lord Rama and culminates with the verdict of the Supreme Court exploring how this saga unfolded on battle fields, archaeological sites and in court rooms and newsrooms. Backed by historical documents, scriptures, anecdotes and documented debates on this issue, this book takes you on a journey which spans over thousands of years and helps one understand the historicity as well as significance of Ramjanmabhoomi.
BPSC Main Paper-1 (General Studies) Samanya Adhyayan For 70th BPSC Mains Examination With Latest Important Practice Questions
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sapanon Bhare Din
- Author Name:
Ramdarash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Rajendra Prasad Bol Raha Hoon
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kabeer Granthawali
- Author Name:
Shyam Sundar Das
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संस्करण ‘कबीर ग्रंथावली’ में कबीरदास के जो दोहे और पद सम्मिलित किए गए हैं, उन्हें आजकल की प्रचलित परिपाटी के अनुसार खराद पर चढ़ाकर सुडौल, सुन्दर और पिंगल के नियमों से शुद्ध बनाने का कोई उद्योग नहीं किया गया, वरन् उद्देश्य यही रहा है कि हस्तलिखित प्रतियों या ग्रन्थसाहब में जो पाठ मिलता है, वही ज्यों-का-त्यों प्रकाशित कर दिया जाए। कबीरदास के पूर्व के किसी भक्त की वाणी नहीं मिलती। हिन्दी साहित्य के इतिहास में वीरगाथा काल की समाप्ति पर मध्यकाल का आरम्भ कबीरदास जी से होता है, अतएव इस काल के वे आदिकवि हैं। उस समय भाषा का रूप परिमार्जित और संस्कृत नहीं हुआ था। कबीरदास स्वयं पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने जो कुछ कहा है, वह अपनी प्रतिभा तथा भावुकता के वशीभूत होकर कहा है। उनमें कवित्व उतना नहीं था जितनी भक्ति और भावुकता थी। उनकी अटपट वाणी हृदय में चुभनेवाली है। अतएव उसे ज्यों का त्यों प्रकाशित कर देना ही उचित जान पड़ा और यही किया भी गया है। आशा है, पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा पाठकों का मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होगी।
Modi Ka Vikasnama
- Author Name:
Saravanan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sadho Jag Baurana
- Author Name:
Ramesh Nayyar
- Book Type:

- Description: Sadho Jag Baurana
JSSC Jharkhand Para Medical "पारा मेडिकल" Combined Competitive Examination (JPMCCE) Nurse Grade 'A' | नर्स ग्रेड 'ए' Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maa, Mujeh Batao Na!
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Miracle of Gratitude | No Debate Only Thanks Book in Hindi
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Haryana Police Ke Veer
- Author Name:
Dr. Hanif Qureshi
- Book Type:

- Description: हरियाणा पुलिस के शहीदों की वीरता की कहानियों को इस पुस्तक में संकलित किया गया है। हरियाणा पुलिस 24x7x365 आधार पर अपराधियों, आतंकवादियों और कानून तोड़नेवालों के खिलाफ चौबीसों घंटे कार्य करती है। पी.के. अग्रवाल, भा.पु.से. पुलिस महानिदेशक, हरियाणा
Jack London Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Jack London
- Book Type:

- Description: एक बार फिर उसने चारों ओर दृष्टि घुमाकर देखा, यह बहुत हर्षदायक नजारा नहीं था। चारों ओर एक धुँधली आकाशरेखा था। सारे पहाड़ नीचे थे। कहीं पर भी कोई पेड़, झाड़ी या घास नहीं दिख रही थी। यहाँ तो केवल विशाल और भयंकर अकेलापन था, जिससे उसके अंदर एक भय की लहर सी दौड़ गई थी। वह दुधिया पानी में थोड़ा झुक गया, जैसे कि वह विशाल जलधारा उसके ऊपर ही चढ़ी आ रही थी और उसको निर्दयता से कुचले दे रही थी, उसकी सुषुप्ति से। वह बहुत जोर-जोर से हिलने लगा, जैसे उसको दौरा आ गया हो और उसकी बंदूक हाथ से छूटकर गिर पड़ी। वह अपने भय से लड़ा, अपने को सीधा किया तथा पानी में अपनी बंदूक खोजने लगा और फिर उसे पुनः वापस पा लिया। उसने अपने बैकपैक को बाएँ कंधे की ओर कर लिया, जिससे उसके घायल टखने को कुछ आराम मिल सके। फिर वह धीरे-धीरे दर्द से सिकुड़ते हुए आगे तट की ओर बढ़ने लगा। —इसी पुस्तक से जैक लंडन ने बहुत सारे साहसिक अभियान किए, जिससे नदी, पहाड़, जंगल और जंगल के जीवों ने उनकी कहानियों में प्रमुखता से स्थान बना लिया। उनकी ये कहानियाँ साहस और रोमांच से भरपूर हैं, जो पाठकों को रोमांचित कर देती हैं।
Sahitya Ki Vyapak Chintayen
- Author Name:
Nand Chaturvedi
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तक में संकलित साक्षात्कार, सामयिक विषयों पर गम्भीर चिन्ताएँ तो हैं ही, साथ ही नन्द चतुर्वेदी के साहित्यिक सोच की अभिव्यक्ति भी है। वे कविता की परम्परागत बुनावट के साथ-साथ उसकी सामाजिकता और उससे जुड़े सरोकारों को भी जानते-पहचानते थे। ये सम्पूर्ण रूप से नन्द चतुर्वेदी की साहित्यिक चिन्ताओं और उनके सफल-असफल होने की कथा भी हैं।
शिक्षा, मीडिया, नया आर्थिक परिदृश्य, जिसमें निजीकरण और वैश्वीकरण शामिल हैं, उनकी व्यापक चिन्ताओं का हिस्सा थे। उनको एक दु:ख यह भी था कि राजस्थान के हिन्दी लेखकों को वह सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं मिली जिसके वे हक़दार थे। वे राजस्थान को उत्तर प्रदेश की मंडी बनाने के ख़िलाफ़ थे और बार-बार इस दु:ख का बयान इन साक्षात्कारों में करते हैं।
नौ दशकों के लम्बे जीवनकाल में नन्द जी ने कई सामाजिक कालखंडों में अपना जीवन जिया। झालावाड़-उदयपुर का सामन्ती-काल, आज़ादी की लड़ाई और देश-निर्माण के सपने। आज़ादी के बाद बराबरी का सपना भी टूटा और बहुत बाद के दिनों में उन्हें निजीकरण और वैश्वीकरण के सवालों के उत्तर भी खोजने पड़े। ये साक्षात्कार उनके हर अनुभव का आईना हैं। इस पुस्तक के कई साक्षात्कारकर्ता नन्द जी के साथी, सहयोगी कवि और प्रियजन रहे हैं। विदेश और देश के अन्य भागों से आए विद्वज्जनों ने भी उनसे बातचीत की है। इन लम्बे साक्षात्कारों में वे अपने पढ़ने-लिखने, स्मृतियों और बचपन के दिनों की चर्चा भी करते हैं। पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें शामिल सभी साक्षात्कारों को नन्द जी ने अपने जीवन के आख़िरी वर्षों में स्वयं सम्पादित और चयनित किया था। व्यवस्था के पुनर्निर्माण की आशा अब भी बची है, क्योंकि ये जो बहुत-से सपने हैं, वे काल्पनिक नहीं हैं। वे मनुष्य के अस्तित्व की बुनियादी शर्तें हैं—जैसे मनुष्य की स्वाधीनता, जैसे मनुष्य की समता। इनको छोड़ना सम्भव नहीं है। और तब मुझे यह प्रतीत होता है कि चाहे जितने दिन तक चीज़ें उथल-पुथल होती रहें लेकिन अन्त में समता और स्वाधीनता के प्राप्त हुए बिना मनुष्य बच नहीं पाएगा। —इसी पुस्तक से
Hindi Ka Janpakshdhar Rangmanch
- Author Name:
Editor : Aalok Mishra
- Book Type:

- Description: हमारी भारतीय नाट्य परंपरा में आरंभ से ही लोक की अवधारणा विद्यमान रही है। भरत ने अपने नाट्य शास्त्र में पहली बार लोक और शास्त्रीय के रूप में दो अलग-अलग धाराओं को परिभाषित किया। कालांतर में और विशेष रूप से बीसवीं शती में साहित्य की प्रगतिशील विचारधारा, भारत छोड़ो आंदोलन के बीच से उभर कर आई इप्टा के जन्म ने इस लोक को क्रमश: जनवादी, जननाट्य और जनपक्षधर जैसी संज्ञाओं को विकसित किया। आलोक मिश्र द्वारा सम्पादित 'हिंदी का जनपक्षधर रंगमंच’ पुस्तक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ विद्वानों द्वारा लिखित सत्रह आलेखों के माध्यम से उपर्युक्त परंपरा का गहन लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। रंगमंच की जनपक्षधरता से जुड़ा कोई भी ऐसा विषय नहीं है जिसका यहाँ गहन विवेचन और विश्लेषण न किया गया हो, चाहे वह पारंपरिक रंगमंच का स्वायत्व स्वरूप और उसकी लोक पक्षधरता हो अथवा दलित आंदोलन या हिंदी नुक्कड़ नाटक हो। हमें पूरा विश्वास है कि रंगकर्मियों शोधकर्ताओं और अध्येताओं को इस पुस्तक के बहाने से हिंदी रंगमंच में जनपक्षधरता के बहुआयामों को जाँचने-परखने का अवसर मिलेगा। —देवेन्द्र राज अंकुर
BACHCHON KO YAUN DURVYAVHAR SE KAISE BACHAYEN
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Ramtirth Ke Prerak Vichar
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Kahani Se Samwad
- Author Name:
Rashmi Rawat
- Book Type:

- Description: कहानी से संवाद शास्त्रीय आलोचना नहीं है। जैसाकि नाम से ही ज़ाहिर है, यह कहानी के साथ चलते हुए, उससे बतियाने और उसे समझने की एक रचनात्मक प्रक्रिया है। रश्मि रावत रचना को उसकी समग्रता में देखती हैं, अपने समय और समाज के आलोड़न से उपजी एक जैविक इकाई के रूप में; जो उन मूल्यों को भी वहन करती है, जिन्हें रचनाकार जान रहा होता है, और उन चीजों को भी जो उसके अदेखे स्वयमेव रचना में आ जाती हैं, और कई बार लेखक की सचेत अभिव्यक्तियों से ज्यादा कुछ बता जाती हैं—कहानी के ही बारे में नहीं, लेखक के बारे में भी, और उस सामाजिक-नैतिक पर्यावरण के बारे में भी जिसमें उस रचना ने आकार लिया। यह आलोचना की उस परिपाटी से आगे जाना है जो दी गई कसौटियों पर कहानी या किसी भी रचना को विश्लेषित करके अपने काम को पूरा मान लेती है। इस पुस्तक में शामिल कथा-समीक्षाएँ, हर कहानी को पढ़ते हुए अपनी कुछ कसौटियाँ बनाती हैं; जिनकी जड़ें केवल साहित्य-चिन्तन में नहीं होतीं, बल्कि समाज और उन मूल्यों से जुड़ी चिन्ताओं में होती हैं, जिनकी खोज वे कहानी के घोषित उद्देश्यों के अलावा पात्रों की गठन, लेखकीय भाषा की बुनावट और उसके शब्द-चयन तक में करती हैं। यही वह विशेषता है जिसके चलते ये समीक्षाएँ सिर्फ सम्बद्ध कहानियों की समीक्षाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि वृहत्तर पैमाने पर अपने समय, समाज और संस्कृति की समीक्षा हो जाती हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book