Devi Devtaon Ke Rahasya
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
हिंदू देवी-देवताओं के नयनाभिराम और सुंदर चित्र भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तथा उनमें आस्था एवं भक्तिभाव की अजस्र धारा प्रवाहित कर देते हैं। पर कम ही लोग इन चित्रों में प्रदर्शित विभिन्न स्वरूपों के बारे में ज्ञान रखते हैं। प्रस्तुत पुस्तक हिंदू कलेंडर कला के इन चित्रों के रहस्यों को सुलझाने का एक सुंदर प्रयास है। इसमें बताया गया है— गणेश सभी बाधाओं को दूर करनेवाले देवता हैं। शेर पर सवार चामुंडा प्रकृति पर अपने प्रभुत्व का संकेत करती है। अपनी हथेली को उठाकर देवी अपने भक्तों से कहती हैं कि डरने की जरूरत नहीं है। गणेश का एक टूटा हुआ दाँत संयम का प्रतीक है। भू-देवी, यानी गाय के रूप में पृथ्वी लक्ष्मी का दूसरा रूप है। हिंदुओं की आस्था के केंद्रबिंदु देवी-देवताओं के चित्रों के माध्यम से धार्मिक नवजागरण का मार्ग प्रशस्त करती एक पठनीय पुस्तक।
Read moreAbout the Book
हिंदू देवी-देवताओं के नयनाभिराम और सुंदर चित्र भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तथा उनमें आस्था एवं भक्तिभाव की अजस्र धारा प्रवाहित कर देते हैं। पर कम ही लोग इन चित्रों में प्रदर्शित विभिन्न स्वरूपों के बारे में ज्ञान रखते हैं।
प्रस्तुत पुस्तक हिंदू कलेंडर कला के इन चित्रों के रहस्यों को सुलझाने का एक सुंदर प्रयास है। इसमें बताया गया है—
गणेश सभी बाधाओं को दूर करनेवाले देवता हैं।
शेर पर सवार चामुंडा प्रकृति पर अपने प्रभुत्व का संकेत करती है।
अपनी हथेली को उठाकर देवी अपने भक्तों से कहती हैं कि डरने की जरूरत नहीं है।
गणेश का एक टूटा हुआ दाँत संयम का प्रतीक है।
भू-देवी, यानी गाय के रूप में पृथ्वी लक्ष्मी का दूसरा रूप है।
हिंदुओं की आस्था के केंद्रबिंदु देवी-देवताओं के चित्रों के माध्यम से धार्मिक नवजागरण का मार्ग प्रशस्त करती एक पठनीय पुस्तक।
Book Details
-
ISBN9789350487891
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
From Rags To Riches: The Gautam Adani Story
- Author Name:
Sujata Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Ke Chamakte Sitare झारखंड के चमकते सितारे - Basant Hetamsaria Book in Hindi
- Author Name:
Basant Hetamsaria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Mahaveer Bol Raha Hoon
- Author Name:
Dulichand Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raghuvansh Ki Kathayen
- Author Name:
K.K. Krishnan Nambootiri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adhyatma Ki Khoj Mein
- Author Name:
Sanjiv Shah
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gitanjali
- Author Name:
Rabindranath Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tana Bana
- Author Name:
Smt. Manju Madhukar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Discover the Power Within You
- Author Name:
Arun H. Raikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwadgita-Kaavya
- Author Name:
Mulchand Pathak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vikram Sarabhai: A Complete Biography | Father of The Indian Space Program
- Author Name:
Vaibhav Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mazedar Chutkule
- Author Name:
Gopal Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Genius Computer Learner-2
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR KE LOK SANGEET KO JANEN
- Author Name:
RAHUL KISHORE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Duniya Meri Nazron Mein (Hindi Translation of The World as I See It)
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: मनुष्य के कार्य उसकी बाहरी व आंतरिक आवश्यकताओं से निर्धारित होते हैं। अल्बर्ट आइंस्टाइन को उनके ‘सापेक्षता के सिद्धांत’ तथा सैद्धांतिक भौतिकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। सन् 1921 में उन्हें भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्वांटम थ्योरी, वॉर्महोल्स तथा थर्मोडायनामिक्स पर उनके लेख एवं शोध आज भी नवोदित वैज्ञानिकों के दिमाग में जिज्ञासा की तरंगें उत्पन्न करते हैं। ‘द वल्र्ड ऐज आई सी इट’ (1934) पुस्तक की रचना प्रथम विश्वयुद्ध तथा हिटलर के सत्तारूढ़ होने के परिणामस्वरूप हुई थी, जिसमें आइंस्टाइन अपने जीवन में संतुलन बिठाने की तमाम उथल-पुथल के बीच भी एक शांतिपूर्ण विश्व की कामना करते हैं। वैज्ञानिक शब्दजाल से परे इस पुस्तक में आइंस्टाइन ने कई पत्रों, लेखों तथा साक्षात्कारों के माध्यम से यहूदी समाज में व्याप्त शिक्षा, नैतिकता, राजनीति, विज्ञान, धर्म आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर अपनी अंतर्दृष्टि प्रकट की, जिससे वे असंख्य पाठकों में लोकप्रिय बन गए।
Geet Gawai (Bhojpuri folk songs in Mauritius)
- Author Name:
Dr. Sarita Boodhoo
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
B.Sc Nursing General Nursing and Midwifery (GNM) Training Selection Examination 2023 Guide with Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Vaigyanik Ki Aatmakatha
- Author Name:
C.N.R. Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaheed-E-Vatan Ashfaq Ullah Khan
- Author Name:
Mi Rajasvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book