BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 11-12 "हिंदी भाषा" Hindi | 20 Practice Sets (Hindi)
(0)
₹
365
₹ 292 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354888267
-
Pages292
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bhakta Janani Maa Sharda
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwa Ke 20 Mahan Samaj Sudharak
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SAMVEDNA KI AADRATA
- Author Name:
Pushpita Awasthi
- Book Type:

- Description: Article
Warren Buffett
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
NTA CUET UG 2024 Exam | Biology | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mewar Evam Marathaon Ki Sahasra Varshon Ki Shauryagatha "मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Why I Am An Atheist And Other Letters
- Author Name:
Bhagat Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Speed English Speaking Course
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Fijeedvip Mein Mere 21 Varsh
- Author Name:
Totaram Sanadhya
- Book Type:

- Description: ब्रिटिशकालीन भारतीय पराधीनता का एक त्रासद अध्याय है गिरमिटिया। गिरमिटिया यानी एग्रीमेंट के तहत देश के बाहर कुलीगीरी करने के लिए जबरन भेजा जाना। भूख, बेरोजगारी, उत्पीड़न या गृह कलह के चलते घर-परिवार छोड़नेवाले स्त्री-पुरुषों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें झाँसा देकर अज्ञात देश में भेज देना। सन् 1879 से लेकर सन् 1916 तक 60553 भारतीय ‘गिरमिटिया’ बनाकर फिजीद्वीप भेजे जा चुके थे। इन अभिशप्त भारतीयों के शापमोचन के लिए जो लोग आगे आये उनमें एक नाम था पण्डित तोताराम सनाढ्य का। कौन थे ये तोतारामजी? क्या रिश्ता बनता था उनका फिजी से और गिरमिटिया भारतीयों से? परदुखकातर एक सामान्य भारतीय जिन्होंने खुद इक्कीस वर्षों तक गिरमिटिया की यातना-भरी जिन्दगी जी; मुक्ति संघर्ष का आगाज किया। यूँ तो ‘गिरमिटिया’ प्रथा पर प्रेमचन्द और प्रसाद समेत कई दिग्गजों ने लिखा है पर स्वयं का भोगा हुआ सच सिर्फ और सिर्फ तोताराम सनाढ्य का ही है। इतिहास के अध्येताओं से लेकर आम पाठकों तक के लिए जानकारियों से भरी एक रोचक और जरूरी किताब!
Sang-Satsang
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
नामवर सिंह न सीमित अर्थों में साहित्यकार हैं, न आलोचक। इसके बावजूद वे इन साक्षात्कारों में मुख्यत: आलोचक के रूप में उभरते हैं। नामवर जी का आलोचक समाज में बातचीत करते हुए, वाद-विवाद-संवाद करते, प्रश्न-प्रतिप्रश्न करते सक्रिय रहता है और विचार, तर्क और संवाद की उस प्रक्रिया से गुज़रता है जो आलोचना की बुनियादी भूमि है। आलोचना लिखित हो या वाचिक, उसके पीछे बुनियादी प्रक्रिया है—पढ़ना, विवेचना, विचारना। तर्क और संवाद। नामवर जी के साक्षात्कारों में इसका व्यापक समावेश है। इनसे गुज़रते हुए हम महसूस करते हैं कि वह किसी रचना को हमेशा नई और अपनी तरह से पढ़ने की कोशिश करते हैं और इस तरह ‘पढ़ते’ हुए वे लगातार नई तरह से ‘सोचते’ और ‘विचारते’ हुए सामने आते हैं। उनकी वाचिक आलोचना मूल्यांकन की ऊपरी सीढ़ी तक पहुँचती है। निकष बनाती है। प्रतिमानों पर बहस करती है। उसमें ‘लिखित’ की तरह की ‘कौंध’ मौजूद होती है।
इस पुस्तक में संकलित साक्षात्कारों का विषय-क्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है। मार्क्सवाद, समकालीन विश्व, पूँजीवाद, नवसाम्राज्यवाद, नवफ़ासीवाद और भारतीय लोकतंत्र के विरूपीकरण से लेकर कविता, कहानी, उपन्यास और निजी जीवन तक—साहित्य और देश-दुनिया की उनकी समझ का एक स्पष्ट प्रतिबिम्ब यहाँ मिलता है। उनकी विश्व-दृष्टि का रूपायन इनमें हुआ है।
REET Grade-III Adhyapak Level 2 Samajik Adhyan Guide (REET Level 2 Teacher Social Studies Guide in Hindi)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARATIYA SAMVIDHAN : ANAKAHI KAHANI
- Author Name:
Ram Bahadur Rai
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक भारतीय संविधान के ऐतिहासिक सच, तथ्य, कथ्य और यथार्थ की कौतूहलता का सजीव चित्रण करती है। संविधान की कल्पना, अवधारणा और उसका उलझा इतिहास इसमें समाहित है। घटनाएँ इतिहास नहीं होतीं, उसके नायक इतिहास बनाते हैं। 1920 से महात्मा गांधी ने स्वाधीनता आंदोलन की मुख्यधारा का नेतृत्व किया। उन्होंने ही स्वराज्य को पुनर्परिभाषित किया। फिर संविधान की कल्पना को शब्दों में उतारा। इस तरह संविधान की अवधारणा का जो विकास हुआ, उसके राजनीतिक नायक महात्मा गांधी हैं। वे संविधान सभा के गठन, उसे विघटित होने से बचाने और सत्ता हस्तांतरण की हर प्रक्रिया में अत्यंत सतर्क हैं। उन्होंने हर मोड़ पर कांग्रेस को बौद्धिक, विधिक, राजनीतिक और नैतिक मार्गदर्शन दिया। संविधान के इतिहास से पता नहीं क्यों, इसे ओझल किया गया है। ग्रेनविल ऑस्टिन ने जो स्थापना दी, उसके विपरीत इस पुस्तक में महात्मा गांधी की नेतृत्वकारी भूमिका का प्रामाणिक विवरण है। पंडित नेहरू बड़बोले नेता थे। खंडित चित्त से उनका व्यक्तित्व विरोधाभासी था। संविधान के इतिहास में वह दिखता है। इस पुस्तक में उसके तथ्य हैं कि कैसे उन्हें अपने कहे से बार-बार अनेक कदम पीछे हटना पड़ा जब 1945 से 1947 के दौरान ब्रिटिश सरकार से समझौते हो रहे थे। सरदार पटेल ने मुस्लिम सदस्यों को सहमत कराकर पृथक् निर्वाचन प्रणाली को समाप्त कराया, जिससे संविधान सांप्रदायिकता से मुक्त हो सका। इसे कितने लोग जानते हैं! डॉ. भीमराव आंबेडकर ने उद्देशिका में बंधुता का समावेश कराया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा का भरोसा उन झंझावातों में भी विचलित होने नहीं दिया। संविधान की नींव में जो पत्थर लगे उन्हें बेनेगल नरसिंह राव ने लगाया, जिस पर इमारत बनी। उस इतिहास में एक पन्ना ‘राजद्रोह धाराओं की वापसी’ का भी है, जिसे असंवैधानिक संविधान संशोधन कहना उचित होगा। पंडित नेहरू ने यह कराया। यह अनकही कहानी भी इसमें आ गई है।
Shaheed Udham Singh
- Author Name:
Poonam Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Beyond Death and Other Stories
- Author Name:
Sunil R.P. Sethi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Pratapi Samrat
- Author Name:
Maj (Dr.) Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: पुराणों में दिग्विजयी सम्राटों के अनेक प्रमाण देखे जा सकते हैं। विभिन्न रूपों में आज भी उनके जीवित प्रमाण भारत सहित विश्वभर में बिखरे पड़े हैं। इनकी गौरव गाथाएँ जन-सामान्य की आस्था के केंद्र हैं, जो पग-पग पर उनका मार्गदर्शन भी करती हैं। इस पुस्तक में भगवान बुद्ध के बाद के उन विशिष्ट भारतीय सम्राटों की चर्चा की गई है, जिनकी गौरव-गाथाओं ने काल के कपाल पर अनेक गरिमामय अभिलेख अंकित किए हैं। उनकी दिग्विजयी सेनाओं ने भारत की सीमाओं के बाहर जाकर भी विजय के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इन विजयों में धम्म विजय महत्त्वपूर्ण है। सम्राट् अशोक और कनिष्क जैसे सम्राटों ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई। विक्रमादित्य, चंद्रगुप्त मौर्य,समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय, हर्षवर्धन, बप्पा रावल, ललितादित्य, मिहिर भोज, महाराणा प्रताप, महाराणा साँगा, परमार भोज, अनंगपाल, राजेंद्र चोल प्रथम, हेमचंद्र विक्रमादित्य व सम्राट् कृष्णदेव राय की अपनी-अपनी गौरव गाथाएँ हैं।इन्होंने जहाँ अपने भुजबल से संपूर्ण भारतवर्ष को एकता के सूत्र में बाँधने काप्रयास किया, वहीं इनके घोड़ों के टापों की धमक पेकिंग से लेकर गांधार तक अनुभव की गई। सम्राट् राजेंद्र चोल प्रथम के नौसैनिक बेड़े श्रीलंका से लेकर दक्षिण पूर्व एशियाके कई भागों तक पहुँचे और वहाँ भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक बने। भारत के प्रतापी सम्राटों के शौर्य, प्रराक्रम, प्रजावत्सलता, सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकारों का दिग्दर्शन करवाकर गौरवबोध जाग्रत करनेवाली प्रेरक पुस्तक।
BPSC Bihar Higher Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | Class 11-12 History "इतिहास" 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindu "हिंदू" Book in Hindi by Maithili Sharan Gupt
- Author Name:
Maithili Sharan Gupt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JAWAHAR LAL NEHRU
- Author Name:
S.K. Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Physics (Bhautik Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
- Author Name:
Subhash Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Resurgent India
- Author Name:
Ed. Prabhat Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book