Trikon
(0)
Author:
Ramkeval SharmaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
195
₹ 156 (20% off)
Available
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क्या अब देश में शहर ही रहेंगे? गाँव उजड़ जाएँगे? अथवा गाँव अल्पशिक्षितों, अशिक्षितों और मूर्खों से भर जाएँगे? क्या गाँव महाभारत का अखाड़ा बन जाएँगे? आज क्यों गाँवों के लोग विस्तृत जगह-ज़मीन और बड़े मकान छोड़कर शहर में भागने के लिए बाध्य हैं? वहाँ के संकुचित और तंग जीवन को पसन्द करने के लिए कुछ विशेष लाचार और मजबूर क्यों हैं? इसका समाधान ‘त्रिकोण' उपन्यास में पूर्णत: मिलेगा।</p> <p>आज छुआछूत और ऊँच-नीच की भावनाएँ मिटी हैं परन्तु जातिवाद और खटिया अपनी जगह मुकम्मल और अडिग हैं। ‘त्रिकोण’ उपन्यास दोनों के बीच एक धुरी की तरह स्थित गाँवों के दोनों कालखंडों के विश्लेषण और समाधान में अनोखा और विलक्षण है।
Read moreAbout the Book
क्या अब देश में शहर ही रहेंगे? गाँव उजड़ जाएँगे? अथवा गाँव अल्पशिक्षितों, अशिक्षितों और मूर्खों से भर जाएँगे? क्या गाँव महाभारत का अखाड़ा बन जाएँगे? आज क्यों गाँवों के लोग विस्तृत जगह-ज़मीन और बड़े मकान छोड़कर शहर में भागने के लिए बाध्य हैं? वहाँ के संकुचित और तंग जीवन को पसन्द करने के लिए कुछ विशेष लाचार और मजबूर क्यों हैं? इसका समाधान ‘त्रिकोण' उपन्यास में पूर्णत: मिलेगा।</p>
<p>आज छुआछूत और ऊँच-नीच की भावनाएँ मिटी हैं परन्तु जातिवाद और खटिया अपनी जगह मुकम्मल और अडिग हैं। ‘त्रिकोण’ उपन्यास दोनों के बीच एक धुरी की तरह स्थित गाँवों के दोनों कालखंडों के विश्लेषण और समाधान में अनोखा और विलक्षण है।
Book Details
-
ISBN9789388211062
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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