Laharon Ka Aarav - Award Winning Novel
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R. Krishnamurthi 'Kalki', Radha JanardanPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
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लहरों का आरव प्रसिद्ध तमिल लेखक रा कृष्णामूर्ति 'कल्कि' द्वारा लिखित और साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास अलैयोशे का हिन्दी अनुवाद है। उपन्यास में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान १९३० से १९४७ तक की अठारह वर्ष की कहानी को विभिन्न पात्रों के ज़रिए उभारा गया है। यह वह समय था, जब भारत की धरती पर कई बड़ी घटनाएँ एक साथ घट रही थीं। एक तरफ़ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अपनी अहिंसा की शक्ति के दम पर पर करोड़ों भारतीयों के मन पर राज कर रहे थे तो ख़ुद यहाँ की जनता भी परिवर्तन के लिए कई क्रांतिकारियों कदम उठा रही थी। देश की स्वतंत्रता के लिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप कोई-न-कोई कदम उठा रहा था। इन छोटे बड़े प्रयासों की गूँज इस उपन्यास में आप सर्वत्र महसूस कर सकते हैं।
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लहरों का आरव प्रसिद्ध तमिल लेखक रा कृष्णामूर्ति 'कल्कि' द्वारा लिखित और साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास अलैयोशे का हिन्दी अनुवाद है। उपन्यास में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान १९३० से १९४७ तक की अठारह वर्ष की कहानी को विभिन्न पात्रों के ज़रिए उभारा गया है। यह वह समय था, जब भारत की धरती पर कई बड़ी घटनाएँ एक साथ घट रही थीं। एक तरफ़ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी अपनी अहिंसा की शक्ति के दम पर पर करोड़ों भारतीयों के मन पर राज कर रहे थे तो ख़ुद यहाँ की जनता भी परिवर्तन के लिए कई क्रांतिकारियों कदम उठा रही थी।
देश की स्वतंत्रता के लिए हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप कोई-न-कोई कदम उठा रहा था। इन छोटे बड़े प्रयासों की गूँज इस उपन्यास में आप सर्वत्र महसूस कर सकते हैं।
Book Details
-
ISBN9788126045372
-
Pages591
-
Avg Reading Time20 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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The River of Blood (Kuruthippunal) was first published in Tamil in 1975. As a work of art, the novel stands testimony to the multifaceted personality of its author. The novel is based on the Keezhavenmani carnage of 1967 in which 42 Harijans were burnt to death in landlord-peasant clash. To the agrarian problem, tinged with untouchablity, Indira Parthasarthy gives a psychological dimension, which is the unique aspects of the book. Parthasarthy has beautiful highlighted the degradation in the field of politics and the corruption having assumed the way of life.
Two Letters - Du Patra - Award Winning Maithili novel
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Upendra Nath Jha 'Vyas'
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"Two Letters" is an award-winning Maithili novel, "Du Patra," translated into English. The novel is structured around two letters, each written by a different woman to a different man. The story revolves around four characters, including the two men who receive the letters. The women, who come from different cultural backgrounds and value systems, attempt to reconcile the differences between Western and Indian cultures while grappling with their own personal tragedies. Additionally, the novel delves deeply into the inner selves and psyches of the female characters.
Two Letters - Du Patra - Award Winning Maithili novel
Upendra Nath Jha 'Vyas'
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