CTET/TETs Solved Papers (2023-2011) Paper-2 (Class 6 - 8) Samajik Adhyayan/Samajik Vigyan (Social Study / Social Science)
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
375
₹ 300 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355218209
-
Pages364
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
NCERT Objective Samanya Vigyan Evam Prodyogiki (General Science & Technology) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Siri Gita Jee Cho Mahema
- Author Name:
Ramsingh Thakur
- Book Type:

-
Description:
सिरी गिता जी चो महेमा के ए किताप भितरे भाइगमानी सिरी ठाकुर साहेब इतरो सुँदर साँगलासोत की एके पढ़तो लोग एक हार पढ़ुक मुरयाला बल्ले हुन मन के किताप के छाँडुक नीं भायदे। मोके बिस्वास आसे की एके सब झन खुबे मन करदे आउर आपलो सँगे-सँगे आपलो घर-गाँव चो लोग मन के बले पढ़तो काजे साँगदे-बलदे। एचो सँगे-सँगे जे लोग पढ़ुक नीं सकोत नाहले नीं जानोत, असन मन के पढ़ुन भाती साँगतो बले पढ़लो-गुनलो लोग चो धरम आय। तेबेय ए किताप भितरे साँगलो गियान चो गोठ गुलाय बाटे बिगरेदे। फुल चो सुँदर बास असन गुलाय माहकेदे।
—हरिहर वैष्णव
Coronanama : Buzurgon Ki Ankahi Dastaan
- Author Name:
Amit Rajpoot
- Book Type:

- Description: "यह रिपोर्ताज-संग्रह कोरोनानामा : बुजुर्गों की अनकही दास्तान वैश्विक महामारी कोविड-19 यानी कोरोना-काल में बुजुर्गों के प्रति सजगता को परिलक्षित करती हुई उनकी विशिष्ट भूमिकाओं की एक ग्राउंड रिपोर्ट है। इसमें पाठकों को इस सामाजिक आपातकाल में वृद्धजनों की सेवा, सहयोग और सम्मान के कुछ अप्रतिम उदाहरणों के बारे में पढ़ने को मिलेंगे। बुजुर्गों की सेवा और उनके वीरत्व के ये उत्कृष्ट उदाहरण अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय हैं। बुजुर्गों के प्रति संवेदना और श्रद्धा की आधारित घटनाओं की सजीवता न सिर्फ आपके हृदय को स्पर्श करेगी वरन् आपको भी किसी-न-किसी रूप में इनसे संबद्ध करेगी। हर वर्ग के पाठकों के भीतर संवेदनाओं को उकेरे और समाज में बुजुर्गों के प्रति हमारी भूमिका को रेखांकित कर पाए तो इसका प्रकाशन सोद्देश्य होगा।
Vajood Aurat Ka
- Author Name:
Gloria Steinem
- Book Type:

-
Description:
दुनिया की सर्वाधिक प्रतिष्ठित नारीवादी लेखिका ग्लोरिया स्टायनेम ने अपने कुछ शुरुआती साल भारत में बिताए हैं। जिस दौरान ग्लोरिया भारत में थीं, वे इस गाँधीवादी विचार से प्रभावित हुईं कि परिवर्तन को हमेशा एक वृक्ष की तरह नीचे से ऊपर की ओर बढ़ना चाहिए। इसके बाद, अमेरिका और विश्व-भर के नारीवादी आन्दोलनों के लिए किए गए अपने कई दशकों के काम से उन्होंने सीखा कि कर्ता और कारक, शासक और शासित, 'मर्द’ और 'औरत’ के रूप में मनुष्यों के झूठे बँटवारे की आड़ में हिंसा और वर्चस्व का सामान्यीकरण किया जाता रहा है।
'वजूद औरत का’ में, ग्लोरिया स्टायनेम और एक्टिविस्ट रुचिरा गुप्ता ने साथ मिलकर ग्लोरिया के कुछ अभूतपूर्व निबन्धों को प्रस्तुत किया है। ये वे निबंध हैं जो अपने लिखे जाने के बाद से, सीमाओं से बेपरवाह दुनिया-भर में पहुँच गए और आधुनिक नारीवादी विचारों के एक बड़े हिस्से के लिए नींव तैयार की। इन पन्नों में, ग्लोरिया ने यह सच्चाई खोलकर रख दी है कि स्त्री-शरीर पर नियंत्रण के ज़रिए ही नस्ली और जाति तथा वर्ग आधारित भेद-भाव अपनी जड़ें जमाए हुए हैं—ग्लोरिया यह भी बताती हैं कि किस-किस तरह से स्त्री और पुरुष इस नियंत्रण के लिए आपस में लड़ रहे हैं। वह बड़े ही शानदार ढंग से पुरुषत्व के प्रति अडोल्फ़ हिटलर की सनक का विश्लेषण करती हैं और उसके व्यक्तित्व में जड़ें जमाते हुए हिंसा के लैंगिक विचार को उभरता हुआ पाती हैं। उन्होंने कामुक साहित्य (इरोटिका) और पोर्नोग्राफ़ी के अंतर को समझाया है और स्पष्ट किया है कि यह अन्तर दोनों लिंगों के मध्य सम्बन्धों को नियंत्रित करनेवाली असमानता के कारण पैदा होता है। एक प्लेबॉय बनी के रूप में बिताए अपने कुछ दिनों के मार्मिक अनुभव के अलावा इस किताब में ग्लोरिया द्वारा देह-व्यापार के लिए की जानेवाली मानव तस्करी पर लिखा गया और अब तक अप्रकाशित निबन्ध 'तीसरी राह’ भी शामिल है।
'वजूद औरत का’ एक अध्ययनशील नज़रिए से लिखी गई किताब है जिसमें काफ़ी गहराई है। इस किताब को ऐसे अन्दाज़ में लिखा गया है कि इसमें मौजूद जटिल बहसें भी सहजता के स्पर्श के कारण पढ़नेवाले को एकदम सरल रूप में समझ आती हैं। इस संग्रह में आपको नए विचार, ग़ुस्सा, गम्भीरता और हँसी और एक दोस्त, सबकुछ मिलेगा।
Shuddha Anna Swastha Tan
- Author Name:
Prempal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Fundamentals of English Grammar
- Author Name:
N.C. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC Staff Selection Commission Constable (GD) (Male and Female) Computer Based Examination (15 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sapne Hue Sach
- Author Name:
Preeti Kumari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhugol (CUET Geography in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA National Defence Academy & Naval Academy Entrance Examination Solved Paper 2023-2015
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MADHYA PRADESH POLICE ARAKSHAK SAMVARG (KARYAPALIK) BHARTI PAREEKSHA 15 PRACTICE SETS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vismrit Chehare
- Author Name:
Lajwanti Jha
- Book Type:

- Description: आजादी के इतिहास पर अनेक ग्रंथ हैं। कुछ में अग्रणी भूमिका निर्वहन करनेवाले सेनानियों की जीवनियाँ भी उपलब्ध हैं, परंतु स्त्रियों की समान भागीदारी पर बहुत खोजबीन के बावजूद भी कुछ विशेष नहीं मिला। घर-घर चरखा चलाने, खादी का प्रचार- प्रसार करने, विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार करने, धरना देने, छूआछूत की भावना मिटाने, मद्य निषेध आंदोलन को सफल बनाने तथा परदा प्रथा उन्मूलन में नारी-शक्ति की लगन, त्याग एवं बलिदान की भावना ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन को प्रबल एवं सफल बनाया तथा अपने पुरुष स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर अग्रसर हुईं, लेकिन सिर्फ शिक्षित, कुलीन, संभ्रांत एवं संपन्न वर्ग की ही भागीदारी के मद्देनजर इनका सर्वव्यापीकरण नहीं हो पाया तथा इनका संख्या बल नगण्य सा रहा। कुछ ऐसी ही महिलाओं के परिवार के सदस्यों से साक्षात्कार, तत्कालीन समाचार-पत्रों की प्रतियों एवं यत्र-तत्र बिखड़ी हुई अल्प उपयोगी सामग्री का संकलन कर प्रस्तुत पुस्तक का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें स्वाधीनता संग्राम के संदर्भ में बिहार की नारी-शक्ति के योगदान को जनता के समक्ष प्रस्तुत करने के पुनीत कार्य द्वारा बिहार की महिलाओं के गौरव एवं आत्मसम्मान तथा बल एवं साहस को उत्प्रेरित कर राष्ट्र-निर्माण की ओर उन्मुखीकरण के साथ सभी अनाम एवं गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि एवं श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
Ekatma Bharat Ke Praneta Dr. Syama Prasad Mookerjee
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी पर अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, परंतु यह सत्य उजागर नहीं हो सका कि उनका बलिदान हुआ या किया गया? अर्थात् उनकी मृत्यु स्वाभाविक थी या षड्यंत्र के तहत की गई? कोई नहीं जानता कि सच क्या है? परंतु यह तो सत्य है कि उनका बलिदान न होता तो कश्मीर अब तक भारत से अलग हो चुका होता। नेहरूजी ने शेख अब्दुल्ला की सभी शर्तें मान ली थीं। यह उनकी कायरता थी या अदूरदर्शिता, कुछ नहीं कहा जा सकता। शायद विश्व का लोकप्रिय शांतिदूत बनने का स्वप्न ही इस नीति का कारण रहा हो ! एकात्म भारत के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी की प्रामाणिक जीवन-कथा।
Vaishali Ki Nagar Vadhu
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: अपने जीवन के पूर्वाह्न में--सन् 1909 में, जब भाग्य रुपयों से भरी थेलियाँ मेरे हाथों में पकड़ाना चाहता था--मैंने कलम पकड़ी। इस बात को आज 40 वर्ष बीत रहे हैं। इस बीच मैंने छोटी-बड़ी लगभग 84 पुस्तकें विविध विषयों पर लिखीं तथा दस हजार से अधिक पृष्ठ विविध सामयिक पत्रिकाओं में लिखे। इस साहित्य-साधना से मैंने पाया कुछ भी नहीं, खोया बहुत-कुछ, कहना चाहिए, सब कुछ--धन, वैभव, आराम और शांति। इतना ही नहीं, यौवन और सम्मान भी। इतना मूल्य चुकाकर निरंतर चालीस वर्षों की अर्जित अपनी संपूर्ण साहित्य-संपदा को मैं आज प्रसन्नता से रदृद करता है और यह घोषणा करता हूँ कि आज मैं अपनी यह पहली कृति विनयांजलि सहित आपको भेंट कर रहा हूँ। यह सत्य है कि यह उपन्यास है, परंतु इससे अधिक सत्य यह है कि यह एक गंभीर रहस्यपूर्ण संकेत है, जो उस काले परदे के प्रति है, जिसकी ओट में आर्यों के धर्म, साहित्य, राजसत्ता और संस्कृति की पराजय और मिश्रित जातियों की प्रगतिशील संस्कृति की विजय सहस्राब्दियों से छिपी हुई है, जिसे संभवत: किसी इतिहासकार ने आँख उषधाड़कर देखा नहीं है।
Ek Sainik Ka Atmachintan
- Author Name:
A.K. Vidyarthi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shoodra Kaun The?
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: "शूद्र कौन थे ? डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 1946 में लिखी गई पुस्तक, जो भारतीय जाति प्रणाली के सबसे निचले वर्ण शूद्रों के इतिहास पर केंद्रित है। यह पुस्तक ज्योतिराव फुले को समर्पित है और शूद्रों को भारत में एक अस्पृश्य जाति मानने की मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास करती है। आंबेडकर ने वेदों और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का संदर्भ देते हुए तर्क दिया कि शूद्र वास्तव में आर्य राजा थे, जो ब्राह्मणों के साथ लंबे संघर्ष के बाद एक निम्न जाति में परिवर्तित कर दिए गए। वे आर्य नस्ल सिद्धांत की भी चर्चा करते हैं और इंडो-आर्यन प्रवासन सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते हैं, जिसे अकसर आर्य जाति के इतिहास का अभिन्न अंग माना जाता है। यह पुस्तक उन मिथकों और विचारधाराओं का खंडन करती है, जो शूद्रों को गलत तरीके से परिभाषित करती आई हैं और भारत में इस गलत समझी गई एवं शोषित जाति के प्रति सहिष्णुता स्थापित करने की आशा रखती है।"
Through My Eyes: Sketches From A Cop's Notebook
- Author Name:
O. P. Singh
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Vanijya 12 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Commerce Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PARINITA & BARI DIDI (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: विचारो में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकांत कमरे में बैठे थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा, “बाबू! बाबू! माँ ने एक नन््ही सी बच्ची को जन्म दिया है।'' यह शुभ समाचार गुरुचरण बाबू के हृदय में तीर की भाँति समा गया, उसका चेहरा ऐसा सूख गया, मानो कोई बड़ा भारी अनिष्ट हो गया हो! यह पाँचवीं कन्या थी, जो बिना किसी बाधा के उत्पन्न हुई थी। गुरुचरण बाबू एक साधारण आदमी थे। वह केवल साठ रुपए मासिक वेतन के नौकर थे। उनकी दशा शोचनीय थी, जीवन शुष्क तथा नेत्रों में निराशा की झलक थी। शरीर दुर्बल, मरियल, टट्टू की भाँति था। देखने में ऐसा लगता था कि जान होते हुए भी बेजान हों। फिर ऐसी दशा में यह अशुभ समाचार सुनते ही उनका खून ही सूख गया और हाथ में हुक््का लिये हुए निर्जीव की भाँति, फटे-पुराने तकिए के सहारे लेट रहे। जान पड़ता है कि साँस लेने में भी उन्हें कष्ट हो रहा था। अन्नाकाली से यह शुभ समाचार सुनकर भी गुरुचरण बाबू कुछ नहीं बोले तो थोड़ी देर बाद वह उन्हें हिलाकर फिर कहने लगी, ““बाबूजी, मुन्नी को देखने न चलोगे ?!!
Manas Mein Nari
- Author Name:
Rajendra Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book