SSC Staff Selection Commission Constable (GD) (Male and Female) Computer Based Examination (15 Practice Sets)
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
225
₹ 180 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354884870
-
Pages220
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Purushottam Ki Padyatra
- Author Name:
Dr. Mayank Murari
- Book Type:

- Description: जीवन में पुरुषोत्तम की यात्रा आसान नहीं होती है। मानव जीवन में शिखर पर पहुँचने के लिए पदयात्रा करनी होती है। श्रीराम के जीवन को ध्यान से देखिए | उन्होंने कभी खुद को अवतार कौन कहे, पुरुषोत्तम के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया। वे सदैव जीवन की जटिलताओं के बीच खड़े एक आम मानव की तरह चलते हैं, सामान्य लोगों के साथ बराबरी का संबंध बनाते हैं। पुरुषोत्तम की पदयात्रा को जिस प्रकार श्रीराम ने अपने विचार और विवेक के धरातल पर सहज बनाया, वह आज अनुकरणीय बने-- वैज्ञानिक चेतना के आधार पर मौलिक विचारों के प्रकटीकरण तथा विचार और विवेक के साथ अध्यात्म में प्रवेश करने की सरल यात्रा करवाती है यह पुस्तक “पुरुषोत्तम की पदयात्रा'। इसके लिए अंतर्यात्रा आवश्यक है । रामायण में वर्णन है कि विश्वमित्र के साथ भेजने के निर्णय के पश्चात् दशरथजी ने श्रीराम को बुलाकर पूछा कि वह आजकल सब कामों के प्रति उदासीन क्यों हैं ? राम कहते हैं कि जीवन में आदमी जो कुछ भी करता है, वह अंतत: क्षणिक परिणामों वाला तथा मृत्यु की ओर जानेवाला होता है। जीवन में कहीं किसी बात की कोई स्थायी उपलब्धि नहीं है; धन, यश, बल और पद--सभी के अपने अंतर्विरोध हैं। भला कोई विवेकशील प्राणी क्यों इन क्षणिक सुख से जुड़ना चाहेगा ? भारतीय चिंतन में उत्कृष्टता की खोज सदैव की गई है। नचिकेता ऐसे ही कुछ सवाल यम के समक्ष उठाते हैं, महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन शंका व्यक्त करते हैं और इस युग में तथागत को भी कट सत्य से जुझना पड़ता है। लेकिन कोई पुरुषोत्तम कैसे बनता है ? इसके लिए श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के सामने है।
Dharohar
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Grade-I, Grade-II, Sharirik Shiksha Adhyapak Rajasthan Bhugol Evem Arthvyavastha
Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj
- Author Name:
Chitra Awasthi
- Book Type:

- Description: समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्, पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उद्देश्य को पूर्ण करेगी।
Antarrashtriya Sangathan
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: अंतर्राष्ट्रीय संगठन ऐसे संगठन होते हैं, जो एकांतिक रूप से किसी विशेष राष्ट्र या राज्य के न होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे संयुक्त राष्ट्र संघ, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), दक्षेस/सार्क, आसियान, एपेक, यूरोपीय संघ, राष्ट्रमंडल, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, ओपेक, विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन इत्यादि। विगत दशक में अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में प्रकाशित हुए हैं, किंतु हिंदी में इस विषय पर एक संपूर्ण पुस्तक का सर्वथा अभाव रहा है। अत: इसी अभाव की पूर्ति हेतु इस ग्रंथ 'अंतरराष्ट्रीय संगठन' का सृजन किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सांगोपांग वर्णन है। प्रत्येक संगठन के अंत में उससे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को कोष्ठक में दिया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु को उपयोगी बनाने हेतु अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संबंधित कई पुस्तकों से संदर्भ भी लिये गए हैं। आशा है, यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
Roshni
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Urdu Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ed. Shaikh Aqeel Ahmed
- Book Type:

- Description: This book has no description
SANTON KE PRERAK PRASANG
- Author Name:
Surendra Singh Negi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manas Ki Prasangikta
- Author Name:
Ram Janma Singh
- Book Type:

- Description: आज के युग में जहाँ थोड़ी-थोड़ी संपत्ति के लिए भाई भाई को मार डालता है; हिस्से में थोड़ी सी न्यूनता हो जाने पर पुत्र अपने माता-पिता की निर्मम हत्या तक कर देता है, वहीं पिता द्वारा दिए गए चक्रवर्ती राज्य को छोटा भाई (श्री भरत) बड़े भाई की संपत्ति समझता है और चौदह वर्ष तक पर्णकुटी में रहकर उसकी रक्षा करता है। आज जबकि टूटते परिवारों से दुःखी समाज के हितैषी संत-महात्मा तथा सरकारें चिंतित हैं और संयुक्त परिवारों की पुनर्स्थापना हेतु अनेक प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में ‘रामचरितमानस’ बहुत ही प्रासंगिक है। हमारे सामाजिक जीवन की आधारशिला परिवार है। यहीं हम संस्कारित होते हैं। ‘रामचरितमानस’ हमको यह सिखाता है कि पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, एक-दूसरे को सम्मान देने, प्रेम और पारस्परिक संतुष्टि से ही कोई कुटुंब समृद्धशाली बनता है। अपने लिए वनवास दिए जाने की घटना को श्रीराम कितनी सहजता और प्रसन्नता से लेते हैं, तभी तो असमंजस में पड़े पिता से कहते हैं, ‘‘पितु असीस आयसु मोहि दीजै। हरष समय बिसमउ कत कीजै॥’’ यह पुस्तक आज के टूटते-बिखरते समाज और परिवारों को प्रेम, सद्भाव, साहचर्य, सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं अन्य मानवीय गुणों से समाहित कर आदर्श समाज की स्थापना का शाश्वत संदेश देनेवाली ‘रामचरितमानस’ की प्रासंगिकता और महत्त्व को रेखांकित करती है।
K.R. Malkani Hindu-Muslim Samvad (Hindi Translation of K.R. Malkani Hindu-Muslim Dialogue)
- Author Name:
Ed. Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: भारत विविधता का स्वागत करता है परंतु वहीं तक, जहाँ तक एकता होती हो। हम भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के लोग पिछले 50 वर्षों के घावों को भरने में एक-दूसरे की मदद करें और गत शताब्दियों के ऐतिहासिक अनुभव के आधार पर हिंदुस्तान में जीवन का नया व प्रसन्नतादायक साँचा तैयार करें। दंगों के बारे में इतना शोर-शराबा मचा रहने के बावजूद अधिकांश समय मुसलमान व हिंदू शांति व सद्भाव के साथ रह रहे हैं। भारत व पाकिस्तान की तनातनी के बावजूद इनकी आपसी लड़ाई एक बार में 2 सप्ताह ज्यादा नहीं चली। (ईरान व इराक एक-दूसरे का 8 वर्षों की दीर्घावधि तक खून बहाते रहे।) यहाँ तक कि विभाजन के समय भी हरमंदिर साहब, अमृतसर में सर्वोत्तम गायक मुसलमान थे। जिन लोगों ने नागपुर में रा.स्व. संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की समाधि बनाई, वे मुसलमान थे। अपनी सब विविधताओं के बावजूद हम सब हिंदुस्तान प्रायद्वीप के लोग एकजन हैं। यहाँ इस बात के साथ कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रायद्वीप में कितने राज्य हैं। हम शांति और सद्भाव से रह सकते हैं, अतः इसी तरह से रहना चाहिए । —इसी पुस्तक से
The Essence of Life
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lauhpurush Sardar Patel Ke Prerak Prasang
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: देश को स्वतंत्र कराने के लिए अनेक नेताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। अंग्रेजों के अत्याचारों का डटकर सामना किया। अपनी निर्भीकता से देश के वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं ने अंग्रेजों की मनमानियों को रोकने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरदार वल्लभभाई पटेल भी उनमें से एक हैं। उन्हें उनकी निर्भीकता, कठिनाइयों का डटकर सामना करने, कार्य के प्रति लगन एवं व्यवहारकुशलता के कारण ‘लौहपुरुष’ का सम्मान दिया गया। सरदार पटेल ने अपना सर्वस्व देश को समर्पित कर दिया, यहाँ तक कि उनका व्यक्तिगत जीवन भी देश के सामने कुछ नहीं रहा। उन्होंने जन्म लिया ही था देश के लिए कुछ कर गुजरने के लिए। देश के छोटे-छोटे राज्यों का एकीकरण उन्हीं के द्वारा किया गया। वे अपनी वाक्पटुता से बचपन से ही विरोधियों को पराजित करते रहे और अपने मार्ग पर बढ़ते रहे। उनका जीवन बेहद संघर्षमय रहा। यदि यह कहा जाए कि वे अपने जीवन में तलवार की धार पर चलते रहे, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने अपनी सूझ-बूझ से राज-रजवाड़ों में बँटे देश को अखंड बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पुस्तक में उनके जीवन की कुछ घटनाओं को यहाँ कथाओं के रूप में समेटने का एक विनम्र प्रयास किया गया है। इन कथाओं के माध्यम से पाठकों को लौहपुरुष सरदार पटेल के तपस्वी, त्यागपूर्ण, कर्तव्यनिष्ठ व अपार देशभक्ति की झलक मिलेगी।
Agni Raag
- Author Name:
Usha Yadav
- Book Type:

- Description: ‘अग्नि-राग’ समकालीन संदर्भों में नारी-सशक्तीकरण की कहानी है। धधकती अग्नि-ज्वाला में जलती-झुलसती दीपिका की कहानी। विवाह का झाँसा देकर एक डॉक्टर वर्षों उसका यौन-शोषण करता है। जब युवती को डॉक्टर का विवाह अन्यत्र तय हो जाने की सूचना मिलती है, तो वह किस प्रकार प्रतिशोध लेती है—इसका उपन्यास में चित्रण है। बलात्कार-पीडि़ता के प्रति समाज की प्रतिक्रिया, मीडिया की प्रतिक्रिया, कानून की प्रतिक्रिया आदि का यह ऐसा विश्वसनीय आख्यान है, जिसमें अनुरंजन और चिंतन दोनों मौजूद हैं। बलात्कार के आँकड़े बताते हैं कि औरत दिनोदिन असुरक्षित हुई है। घर, स्कूल, सड़क, खेत-खलिहान—कहाँ पर ‘निर्भयाकांड’ नहीं होते? देह-शोषण की शिकार औरत अमूमन लोक-लाज अथवा ग्लानि के चलते अपना मुँह बंद रखती है या फाँसी के फंदे पर झूल जाती है। किंतु जब किसी रेप-पीडि़ता के भीतर आग धधक उठती है, तो वह अपने अर्धनारीश्वर रूप में एक मिसाल बन जाती है। नारीगत कोमलता और पौरुषेय कठोरता की धूपछाँही द्युति एक विलक्षण आलोक-लोक सिरज देती है। यही अग्नि-राग है। पंचतत्त्वों से बने हर मानव शरीर में अग्नि का वास है, कहीं कम, कहीं ज्यादा। इसलिए यदि ‘अग्नि-राग’ की दीपिका अपनी नन्ही सी लौ से अन्य रेप-पीडि़ताओं के अँधेरे जीवन को प्रकाशमान करने का उद्यम करती है, तो उसके इस संकल्प और साहस को नमन करने का जी चाहता है। ‘अग्नि-राग’ इसी संवेदना का उपन्यास है।
UPSC CSAT Samanya Adhyayan Paper-Ii Solved Papers 2011-2023
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BINDO KA LADKA (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: इसे वे ही नहीं बल्कि बाहर के लोग भी भूल गए थे कि यादव मुखर्जी और माधव मुखर्जी दोनों सगे भाई नहीं हैं। जाने कितनी तकलीफें उठाकर बेचारे यादव मुखर्जी ने अपने छोटे भाई माधव को कानून की शिक्षा दिलाई थी। बड़ी मेहनत व कोशिशों के बाद कहीं वे धनी-मानी जमींदार की एकमात्र संतान, पुत्री बिंदुवासिनी को अपनी भ्रातृ बहू बनाकर घर में लाए थे। बहू बिंदुवासिनी बहुत ही रूपवती थी, असाधारण सुंदरी। पहले ही दिन जब बहू बिंदुवासिनी अपना बेजोड़ रूप तथा दस हजार रुपयों के प्रामेसरी नोट लेकर घर में आई थी तब बड़ी बहू अन्नपूर्णा की आँखों से आनंद के आँसू लुढ़कने लगे थे। घर में सास-ननद तो थी नहीं। वे ही घर की मालकिन थीं। उसी दिन छोटी देवरानी का मुँह अपने हाथों से ऊपर उठाकर उन्होंने जाने कितने गर्व से पड़ोसिनों के सामने कहा था ‘घर में बहू आवे तो ऐसी! हूबहू लक्ष्मी का रूप।’ मगर दो ही दिनों में उन्हें पता लग गया कि उनका सोचना गलत था। दो ही दिन में सर्वविदित हो गया कि बहू अपने साथ जिस नाप-तौल से रूप व रुपया लाई है उससे कई गुना ज्यादा अहंकार व अभिमान भी साथ लेती आई है। फौरन ही बड़ी बहू ने अपने पति को एक ओर बुलाकर कहा, ‘क्यों जी, क्या रूप और रुपयों की गठरी को ही देखकर बहू को ले आए थे, जाना-पहचाना भी था? यह तो काली नागिन है, नागिन!
Complete Study Guide for NTSE (MAT+SAT) for Class 10
- Author Name:
Subhash Jain, Dr Rajesh Thakur, Dr S R Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sukhi Evan Deerghayu Jeevan Ke 90 Secrets
- Author Name:
Dr. B.M. Hegde
- Book Type:

- Description: मार्च 2009 में हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज का उनके लगभग आधे से अधिक वरिष्ठ शिक्षकों का फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री का स्थायी कर्मचारी होने का खुलासा उस सत्य को स्पष्ट करता है, जिसे मैं इस पुस्तक में प्रकट करने का प्रयास कर रहा हूँ। चिकित्सकीय पाठ्य पुस्तकें आमतौर पर दवा कंपनियों द्वारा मेडिकल कॉलेजों में अपने लेखकों के संपर्कों द्वारा वित्त-पोषित होती हैं। मेरे शिक्षा काल की बीती यादें और इसके सुख व दु:ख मेरी इस पुस्तक रचना का प्रथम कारण रहा। आशा करता हूँ कि यह प्रयास चिकित्सकों की सोच को रोगी शय्या पर आने के लिए प्रेरित करेगा, जो स्वास्थ्य सेवा का मर्म है। इससे मानवता अधिक खुशहाल होगी। मेरा सपना है कि मैं डॉक्टरों को दवा और प्रौद्योगिकी विक्रेता नहीं, बल्कि उनके उपचारक के नियत स्थान पर देखूँ। काश, यह पुस्तक डॉक्टरों की मदद करे और वे रोगियों को दिलचस्प मामले की तरह नहीं, बल्कि परेशान मनुष्यों के रूप में देखने लगें! मैं उस दिन की प्रतीक्षा में हूँ, जब स्वास्थ्य सेवा प्रतिपादन में दुनियाभर के अनेकानेक प्राचीन ज्ञान को सम्मिलित कर इन्हें मानक वैज्ञानिक पद्धति से परखने के बाद प्रमाणीकरण करके अधिक मानवीय, रोगी-मित्रवत तथा सस्ता बनाया जा सके। हमें इतना विनम्र अवश्य होना चाहिए कि हम अपनी कमजोरियों को स्वीकार करें और दूसरों की अच्छाइयों को बिना किसी भय या पक्षपात के स्वीकार कर सकें। आखिरकार, डॉक्टर यहाँ समाज को स्वस्थ करने के लिए हैं, न कि बीमार को जोड़-तोड़ प्रदान करने के लिए।
Sati Vishakha (Ek Mochi ki Beti)
- Author Name:
Babulal Sankhala 'Saini Babu'
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक गाँव की कहानी है, जो अशिक्षा, जातिवाद और अंधविश्वासों से घिरा हुआ है। विशाखा गरीब मोची की बेटी है। रामाशंकर गाँव के प्रतिष्ठित पंडित दयाशंकरजी का बेटा है। वह विशाखा से उम्र में छोटा है। वह विशाखा के गाने को बहुत पसंद करता है। यही बात दोनों को करीब ले आती है, और उन दोनों के बीच एक परस्पर स्नेह का जन्म होता है। किंतु वहाँ प्रणय नहीं है। इसी गाँव के ठाकुर साहब का लड़का शरारती है। वह विशाखा से छेडख़ानी करता है। यह बात रामाशंकर से हजम नहीं होती। वह ठाकुर के बेटे को पत्थर मारकर लहूलुहान कर देता है। विशाखा भी उसे अपनी जूती से मारती है, जिसकी वजह से ठाकुर के बेटे के अहं पर चोट लगती है। वह विशाखा को बदनाम करने लगता है। आगे के घटनाक्रम कुछ यों होते हैं कि दोनों की एक ही चिता में जलकर मृत्यु हो जाती है। रामाशंकर चूँकि दयाशंकरजी का अकेला लड़का था, वे बेटे की ऐसी मृत्यु से बहुत दु:खी थे। उन्हें अहसास होता है कि जातिवाद ही समस्या की मूल वजह है, जिसके कारण उन्हें अपना पुत्र खोना पड़ा। वे चतुरतापूर्वक जातिवाद के विरुद्ध कार्य करते हुए विशाखा और रामाशंकर का एक मंदिर बनवाते हैं, जिसे पूरा गाँव पूजता है और उसका पुजारी एक चमार है। कुल मिलाकर यह उपन्यास जातिवाद के दंश को उजागर करता है। बाकी पाठकों की प्रतिक्रिया समय आने पर निर्भर करेगी।
NCERT Objective Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti (History of India, Art & Culture) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SILAS MARNER (CLASS XII)
- Author Name:
George Eliot
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NVS NAVODAYA VIDYALAYA SAMITI PGT HINDI 14 PRACTICE PAPERS
- Author Name:
Suman Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book