Shoodra Kaun The?
(0)
Author:
DR. B.R. AmbedkarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"शूद्र कौन थे ? डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 1946 में लिखी गई पुस्तक, जो भारतीय जाति प्रणाली के सबसे निचले वर्ण शूद्रों के इतिहास पर केंद्रित है। यह पुस्तक ज्योतिराव फुले को समर्पित है और शूद्रों को भारत में एक अस्पृश्य जाति मानने की मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास करती है। आंबेडकर ने वेदों और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का संदर्भ देते हुए तर्क दिया कि शूद्र वास्तव में आर्य राजा थे, जो ब्राह्मणों के साथ लंबे संघर्ष के बाद एक निम्न जाति में परिवर्तित कर दिए गए। वे आर्य नस्ल सिद्धांत की भी चर्चा करते हैं और इंडो-आर्यन प्रवासन सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते हैं, जिसे अकसर आर्य जाति के इतिहास का अभिन्न अंग माना जाता है। यह पुस्तक उन मिथकों और विचारधाराओं का खंडन करती है, जो शूद्रों को गलत तरीके से परिभाषित करती आई हैं और भारत में इस गलत समझी गई एवं शोषित जाति के प्रति सहिष्णुता स्थापित करने की आशा रखती है।"
Read moreAbout the Book
"शूद्र कौन थे ? डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 1946 में लिखी गई पुस्तक, जो भारतीय जाति प्रणाली के सबसे निचले वर्ण शूद्रों के इतिहास पर केंद्रित है। यह पुस्तक ज्योतिराव फुले को समर्पित है और शूद्रों को भारत में एक अस्पृश्य जाति मानने की मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास करती है।
आंबेडकर ने वेदों और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का संदर्भ देते हुए तर्क दिया कि शूद्र वास्तव में आर्य राजा थे, जो ब्राह्मणों के साथ लंबे संघर्ष के बाद एक निम्न जाति में परिवर्तित कर दिए गए। वे आर्य नस्ल सिद्धांत की भी चर्चा करते हैं और इंडो-आर्यन प्रवासन सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते हैं, जिसे अकसर आर्य जाति के इतिहास का अभिन्न अंग माना जाता है।
यह पुस्तक उन मिथकों और विचारधाराओं का खंडन करती है, जो शूद्रों को गलत तरीके से परिभाषित करती आई हैं और भारत में इस गलत समझी गई एवं शोषित जाति के प्रति सहिष्णुता स्थापित करने की आशा रखती है।"
Book Details
-
ISBN9789355627704
-
Pages216
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army Clerk/Store Keeper Bharti Pareeksha Guide
Murti-Bhanjan
- Author Name:
Kshama Kaul
- Book Type:

- Description: अपने इस नवीनतम उपन्यास की अंतिम रूप से संशोधित पांडुलिपि को मुझे क्षमा कौल ने कई किश्तों में सुनाया। एक महत्त्वपूर्ण मूर्तिशिल्पी स्त्री के जीवन-संघर्षों, सृजन की प्रक्रियाओं, उसके सपनों, उपलब्धियों, उसकी निश्छलताओं तथा उसके प्रेम, शोषण, जीवन दर्शन, बीहड़ यात्राओं, हताशाओं, टूटन एवं उसके हृदयविदारक अंत और निष्कर्ष पर यह एक विलक्षण उपन्यास बन पड़ा है। कश्मीर की इस मूर्तिशिल्पी के जीवन में कैसे जिहादी आतंक भयंकर उथल-पुथल मचाता है और चित्त में प्रवेश कर बिना गोली इत्यादि के नष्ट कर डालता है। व्यक्ति, समाज और परिवेश के गहन मनोविज्ञान की पृष्ठभूमि में सभी चरित्र इतने जटिल हैं कि उनकी जटिलताओं की तमाम तहें और उनकी आनुषंगिक कथाएँ व अंतर्कथाएँ उपन्यासकार ने कैसे एक कुशल सूत्रधार की तरह समायोजित की हैं कि मैं आश्चर्यचकित रह गया। अंत तक आते-आते मार्मिकता से इतना विह्वल हुआ कि बिलख-बिलख उठा। मुझे विश्वास है कि ‘मूर्ति-भंजन’ अपने संपूर्ण ताने-बाने में कश्मीर की अंतरंग कथा कहता हुआ और जिनोसाइड के अछूते आयामों पर प्रकाश डालता हुआ विशेष कृति के रूप में प्रतिष्ठा पाएगा और एक अनूठा उपन्यास सिद्ध होगा। —अग्निशेखर जम्मू
Dharma and Communalism
- Author Name:
Narendra Mohan
- Book Type:

- Description: Selfishness and arrogance have become so inextricably associated with distortion and misconception of religion that the ordinary person is forgetting the real concept of religion has started accepting divided consciousness as the true form. Many of the different religions that have emerged from divided and self- oriented consciousness are flourishing only because of their ego, selfishness and aggressiveness. This very aggressiveness adopted under the cover of religion is ‘Communalism’. This aggressiveness was adopted sometimes for political reasons, sometimes for economic reasons and sometimes for social reasons. Today, the situation has deteriorated to the extent that the money power, wiles and muscle power are being used openly by different groups to impose their own so-called religious philosophies, that too in the name of civilisation and culture. The goal of religion is to eliminate discriminatory misconceptions and ignorance. But the reality is that this elimination has to be done through cognition at the individual level itself. From this point of view, the existence of the power of duality cannot be denied. Just as the existence of wave in the ocean cannot be denied, the existence of the wave of duality in the ocean of the Supreme Consciousness will have to be accepted; but keeping in mind that the real existence is not that of the wave but of the ocean.
Patnim Manoramam Dehi...
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Guidebook in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit (MPTET Maths Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Para-Medical Staff
- Author Name:
Vivek Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Railway RPF / RPSF SI Recruitment Exam 2024-2025 (RPF & RPSF Sub Inspector Study Guide Include 2 Practice Sets and 2023 Solved Papers) in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Vedic Mathematics For Students
- Author Name:
Manu Tripathi
- Book Type:

- Description: This book ‘Vedic Mathematics for Students’ is a learning and knowledge tool for anyone who wants to acquire knowledge of Vedic Mathematics. Which is one of the easiest approaches to solving Mathematics. Mathematics is one subject, that is the same all across the globe and mathematical calculations are needed everywhere. With the help of techniques of Vedic Mathematics, it becomes much easier. Vedic Mathematics is well-recognised methodology by most Indian scholars. This book is a value addition to this particular ancient knowledge with small sachets of Vedic Mathematic’s knowledge in the form of chunks of different methods and techniques. This book is compiled in such a manner that whosoever reads it, will definitely get benefited. A must-read book for anyone who wants to add more value and knowledge in Mathematics in very less time with minimum efforts.
Madhya Pradesh Samanya Gyan
- Author Name:
Rajesh Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Islami Sanskriti
- Author Name:
Zafar Raza
- Book Type:

-
Description:
लब्धप्रतिष्ठ लेखक प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा की 'भारतीय इस्लामी संस्कृति' एक महत्त्वपूर्ण विषय पर एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है। उसके नौ अध्याय इस्लामी धर्म और व्यवस्था, ज्ञान और विज्ञान, कला और संगीत के विस्तृत आयामों का संक्षिप्त पर विशद वर्णन प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने इस्लामी परम्परा के भारतीय विकास पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। उनका दृष्टिकोण सन्तुलित और युक्तिसंगत है। अनेकता में एकता के प्रसिद्ध सूत्र को अपनाए रखने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता को लेखक ने रेखांकित किया है। औपनिवेशिक भेद नीति से उबरने के लिए यह आवश्यक है कि हिन्दू और मुस्लिम परम्पराओं का समन्वित अध्ययन किया जाए।
प्रस्तुत पुस्तक जिज्ञासुओं को आवश्यक तथ्यों और विचारों से अवगत कराने में सहायक सिद्ध होगी। प्रोफ़ेसर जाफ़र रज़ा को इतनी सुन्दर पुस्तक लिखने के लिए बधाई।
—प्रो. गोविन्द चन्द्रपाण्डे; नई दिल्ली; 20 अप्रैल, 2011
Super Genius Computer Learner-3
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: आधुनिक युग के विकास में कंप्यूटर का अतुलनीय योगदान है। आज किसी भी क्षेत्र में कंप्यूटर की उपस्थिति अनिवार्य रूप में देखी जा सकती है। हमारे राजमर्रा के लगभग सभी कार्य कंप्यूटर पर निर्भर हैं। बैंकका लेन-देन, टिकट, ए.टी.एम. सेवा, मोटरकार व हवाई जहाज नियंत्रण, पुस्तक-प्रकाशन, दस्तावेज तैयार करना, फोटो, फिल्म व संगीत से जुड़े कार्य, कक्षा में पढ़ाई करना इत्यादि सभी कार्य कंप्यूटर की मदद से सरलता से, तेजी से और त्रुटिहीनता के साथ पूरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज के युग को ‘कंप्यूटर का युग’ कहा जाता है। विज्ञान, तकनीकी, शोध, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, उड्डयन, संचार एवं शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर ने कृषि के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई है। कंप्यूटर क्रांति ने विश्व को एकसूत्र में बाँध दिया है। इंटरनेट ने तो कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार में और भी बड़ी भूमिका निभाई है। इंटरनेट के माध्यम से आज एक ‘क्लिक’ करके हम दुनिया के किसी भी कोने में पहुँच सकते हैं। इंटरनेट टेलीफोनी और इ-मेल ने संचार क्रांति को पंख लगा दिए हैं। इंटरनेट टेलीफोन से हम लगभग निशुल्क दुनिया के किसी भी कोने में टेलीफोन की तरह बात कर सकते हैं। ‘चैट’ के जरिए ‘लाइव’ बातचीत की जा सकती है।
NCERT Sar Sankalan (Kaksha VIXII Sahit)
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: For UPSC/IAS, BPSC, JPSC, MPPSC Preparation and All Other Competitive Exams With Updated Syllabus 2025
LOVE IN LUCKNOW
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी। दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा? ‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
LIC-ASSISTANT PRELIMINARY EXAMINATION-2019 FOR CLERICAL STAFF (20 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Ranjan Sahay
- Book Type:

- Description: LIC-ASSISTANT Preliminary Examination-2019 for CLERICAL STAFF 20 PRACTICE SETS Cover 2000 Questions & Answers with Explanations Each Set with 100 MCQS • Reasoning Ability-35 MCQs • Numerical Ability-35MCQS • English Language-30 MCQs Based on Latest Exam Pattern and Syllabus
Bhartiya Sanskriti Ka Pravah
- Author Name:
Kripashankar
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय संस्कृति के प्रवाह का संक्षिप्त विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में भारतीय संस्कृति के विकास का विवेचन उसके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में किया गया है।
संस्कृति अपरिवर्तनशील नहीं होती, वरन् उत्पादन प्रणाली के विकसित होने के साथ संस्कृति भी रूपान्तरित होती रहती है। मनुष्य सामाजिक चेतना और सौन्दर्यवृत्ति की अभिव्यक्ति हर युग में करता है। संस्कृति की कहानी इसी अभिव्यक्ति की कहानी है।
भारतीय संस्कृति तथा जीवन-दर्शन का प्रारम्भ से ही जीवन के प्रति एकांगी दृष्टिकोण नहीं रहा है। सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास भारतीयों का उद्देश्य था। यह सत्य है कि कुछ धार्मिक समुदायों तथा दार्शनिकों ने जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया था। परन्तु सामान्य जीवन में जीवन के प्रति उल्लास बना रहा और भारतीय विचारकों ने जीवन के उद्देश्यों को चार पुरुषार्थों के रूप में प्रस्तुत किया।
भारत का इतिहास सहस्रों वर्ष पुराना है और यह आश्चर्य की बात है कि इस काल में अनेक साम्राज्य बने तथा बिगड़े, अनेक जातियों का उत्कर्ष तथा पतन हुआ, भारत ने अनेक विदेशी आक्रमण झेले परन्तु इतिहास की परम्परा नहीं टूटने पाई। भारत का इतिहास संश्लेषण के प्रयत्नों का इतिहास है। अनेक विदेशी जातियों, धर्मों तथा संस्कृतियों ने हमारी वर्तमान भारतीय संस्कृति का निर्माण किया है। इस प्रकार की मिश्रण की प्रक्रिया आज भी हमारे देश में देखी जा सकती है।
यह पुस्तक न केवल इस विषय के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी; वरन् साधारण पाठकों के लिए जो अपनी संस्कृति को समझना चाहते हैं, लाभदायक होगी।
SSC CHSL (10+2) Sanyukt Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Online Pareeksha (Tier-1) 20 Practice Sets Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khwabon Ke Khat
- Author Name:
Tripti Bhatt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samanya Buddhi Evam Tarkshakti Parikshan (Verbal Non-Verbal & Analytical Book Hindi)
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Ek Chikitskiya Drishtikon
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: यूरोपियन उपनिवेशवादी गोरे लोगों के अलावा सबको उजड्ड समझते थे। उन्होंने एक सिद्धांत प्रतिपादित किया था कि ईश्वर ने उन्हें दुनिया को सभ्य बनाने का अधिकार सौंपा है। उन्होंने भारतीय ग्रंथों को कबीलाई धर्म के रूप में प्रचारित किया। इसलिए आरंभ में 'गीता' को भी एक धर्मग्रंथ बताया गया था, जबकि यह एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं, मनोविज्ञान की अद्भुत पुस्तक है, जिसे अब तो सारे संसार में मान लिया गया है और पश्चिमी लोग इसी के आधार पर mindfullness yoga का व्यापार कर करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं। मानव मन की चंचल वृत्ति (संशय, द्वंद्व) को साधने, काबू करने की विधियों को योग कहा जाता है। इसमें सबसे गुह्य शिक्षा यह कि मनुष्य अपने गुण, कर्म, स्वभाव के विपरीत आचरण करने पर दु:ख प्राप्त करता है, अत: उसे अपने गुण-कर्म-स्वभाव को पहचानकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मनुष्य का व्यक्तित्व त्रिगुण—सत्त्व, रजस एवं तमस पर आधारित होता है, इन्हीं गुणों के अनुसार हम सात्त्विक, राजसी एवं तामसिक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। मानव जीवन के लिए आधार-ग्रंथ 'श्रीमद्भगवद्गीता' के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सीय शास्त्र भी है, जो जीवन में बेहद उपयोगी एवं पठनीय है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book