(0)
Author:
Sir Arthur Conan DoylePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
शरलॉक होम्स ब्रिटिश लेखक सर आर्थर कॉनन डायल का काल्पनिक चरित्र है, लेकिन लोकप्रियता के मामले में वह अपने रचयिता से कहीं ज़्यादा प्रसिद्ध है। वर्ष 1887 में अपनी पहली जासूसी कहानी ‘ग्लोरिया स्कॉट’ में डायल ने उसे पहली बार काग़ज़ पर उतारा और फिर वह उनके चार उपन्यासों तथा छप्पन कहानियों में अपराधों की गुत्थियाँ सुलझाता रहा।</p> <p>अनेक फ़िल्मों और धारावाहिकों का विषय बन चुके शरलॉक होम्स की विशेषता है–जासूसी को लेकर उसका सहजबोध और आपराधिक रहस्यों को खोलने के प्रति उसकी मानवीय सदिच्छा। उसकी तार्किक बुद्धि देर-सबेर अपराधी के दिमाग़ की कार्यशैली को समझ जाती है, और फिर उसे किसी भी मामले को सुलझाने में समय नहीं लगता। उसकी चतुराई, हाज़िरजवाब और मानव-व्यवहार को समझने की क्षमता उसे एक आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
शरलॉक होम्स ब्रिटिश लेखक सर आर्थर कॉनन डायल का काल्पनिक चरित्र है, लेकिन लोकप्रियता के मामले में वह अपने रचयिता से कहीं ज़्यादा प्रसिद्ध है। वर्ष 1887 में अपनी पहली जासूसी कहानी ‘ग्लोरिया स्कॉट’ में डायल ने उसे पहली बार काग़ज़ पर उतारा और फिर वह उनके चार उपन्यासों तथा छप्पन कहानियों में अपराधों की गुत्थियाँ सुलझाता रहा।</p>
<p>अनेक फ़िल्मों और धारावाहिकों का विषय बन चुके शरलॉक होम्स की विशेषता है–जासूसी को लेकर उसका सहजबोध और आपराधिक रहस्यों को खोलने के प्रति उसकी मानवीय सदिच्छा। उसकी तार्किक बुद्धि देर-सबेर अपराधी के दिमाग़ की कार्यशैली को समझ जाती है, और फिर उसे किसी भी मामले को सुलझाने में समय नहीं लगता। उसकी चतुराई, हाज़िरजवाब और मानव-व्यवहार को समझने की क्षमता उसे एक आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है।
Book Details
-
ISBN9788195308569
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Nachti Akritiyaan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
शरलॉक होम्स ब्रटिश लेखक सर आर्थर कॉनन डायल का काल्पनिक चरित्र है, लेकिन लोकप्रियता के मामले में वह अपने रचयिता से कहीं ज़्यादा प्रसिद्ध है। वर्ष 1887 में अपनी पहली जासूसी कहानी ‘ग्लोरिया स्कॉट’ में डायल ने उसे पहली बार काग़ज़ पर उतारा और फिर वह उनके चार उपन्यासों तथा छप्पन कहानियों में अपराधों की गुत्थियाँ सुलझाता रहा।
अनेक फ़िल्मों और धारावाहिकों का विषय बन चुके शरलॉक होम्स की विशेषता है–जासूसी को लेकर उसका सहजबोध और आपरधिक रहस्यों को खोलने के प्रति उसकी मानवीय सदिच्छा। उसकी तार्किक बुिद्ध देर-सबेर अपराधी के दिमाग़ की कार्यशैली को समझ जाती है, और फिर उसे िकसी भी मामले को सुलझाने में समय नहीं लगता। उसकी चतुराई, हाज़िरजवाबी और मानव-व्यवहार को समझने की क्षमता उसे एक आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करती है।
Sherlock Holmes ki Detective Stories
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
This book does not have any description.
Sherlock Holmes Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
होम्स ने घंटी बजाते हुए जवाब दिया, ‘‘कुछ ठंडा मीट और एक गिलास बियर हो जाए, मैं इतना व्यस्त था कि मैं खाने के बारे में सोच भी न सका और मेरी आज की शाम के भी व्यस्त रहने की संभावना है। डॉक्टर, मुझे तुम्हारे साथ की जरूरत होगी।’’ ‘‘मुझे इसमें खुशी होगी।’’ ‘‘तुम्हें कानून तोड़ना बुरा तो नहीं लगेगा?’’ ‘‘बिलकुल नहीं।’’ ‘‘गिरफ्तार होने की संभावना से भी नहीं?’’ ‘‘अच्छे कारण के लिए, बिलकुल नहीं।’’ ‘‘हाँ, कारण तो बहुत ही अच्छा है।’’ ‘‘तब तो मैं तुम्हारा ही आदमी हूँ।’’ ‘‘मुझे यकीन था कि मैं तुम पर भरोसा कर सकता हूँ।’’ ‘‘मगर, तुम चाहते क्या हो?’’ —इसी संग्रह से शेरलॉक होम्स की कहानियाँ दुनिया भर में जासूसी और साहसिक कारनामों के लिए जानी जाती हैं। कहानी के अंत तक रोमांच तथा सस्पेंस बना रहता है। बेहद पठनीय एवं रोमांच से भरपूर सर आर्थर कॉनन डॉयल सृजित पात्र शेरलॉक होम्स की लोकप्रिय कहानियों का पठनीय संग्रह।
Arthur Conan Doyle Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
उस पुराने फौजी के सिर के पिछले भाग में कोई दो इंच लंबा-गहरा घाव था, जो स्पष्ट रूप से किसी धारदार हथियार के वार से किया गया लगता था पर यह अनुमान लगाना कठिन था कि वह हथियार क्या रहा होगा! फर्श पर, जहाँ पहले शव था, उसके पास नक्काशीदार लकड़ी का एक भारी डंडा पड़ा था। कर्नल के पास तरह-तरह के हथियारों का संग्रह था, जो उन देशों से लाए गए थे, जहाँ वह लड़ा था; और पुलिस का अनुमान था कि वह डंडा उसके पदकों में से एक था। नौकरों ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने उस डंडे को पहले कभी देखा था, परंतु यह संभव है कि अजीब चीजों से भरे उस घर में उनका ध्यान उस तरफ न गया हो। —इसी पुस्तक से प्रतिष्ठित लेखक सर आर्थर कॉनन डॉयल ने अनेक प्रसिद्ध उपन्यास और कहानियाँ लिखकर एक बडे़ पाठकवर्ग को अपना प्रशंसक बनाया। जासूसी, रोमांच और अपराधों पर केंद्रित उनकी कहानियाँ बहुत पसंद की गईं। इस संग्रह में उनकी अत्यंत लोकप्रिय कहानियाँ संकलित हैं।
Sherlock Holmes ki Bestseller Kahaniyan
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
This book has no description
THE HOUND OF THE BASKERVILLES
- Author Name:
Sir Arthur Conan Doyle
- Book Type:

- Description:
This Book Doesn’t have Description
Katha Saptak Manisha Kulshreshtha
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:


- Description:
स्त्री जीवन के विभिन्न रंगों को उकेरी ७ कहानियाँ, हरेक कहानी अपने आप में भावनाओं के अनूठे अनुभवों को समेटे हुए। - कठपुतलियाँ - स्वाँग - एडोनिस और लिली के फूल - क़सुमल रंग - आर्किड - एक थी लिलन - ज़मीन
Prem Ke Pahle Basant Me
- Author Name:
Rashmi Bhardwaj
- Book Type:


- Description:
ख़ुसरो दरिया प्रेम का, उल्टी वा की धार। जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार।।
Pratinidhi Kahaniyan : Bhisham Sahni
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

- Description:
भीष्म साहनी के कथा-साहित्य से गुज़रना अपने समय को बेधते हुए गुज़रना है। हिन्दी के प्रगतिशील कहानीकारों में उनका स्थान बहुत ऊँचा है। यहाँ उनके सात कहानी-संग्रहों से प्राय: सभी प्रतिनिधि कहानियों को संकलित कर लिया गया है। युग-सापेक्ष सामाजिक यथार्थ, मूल्यपरक अर्थवत्ता और रचनात्मक सादगी इन कहानियों के कुछ ऐसे पहलू हैं, जो हमारे लिए किसी भी काल्पनिक और मनोरंजक दुनिया को ग़ैर-ज़रूरी ठहराते हैं। विभिन्न जीवन-स्थितियों में पड़े इनके असंख्य पात्र आधुनिक भारतीय समाज की अनेक जटिल परतों को पाठकों पर खोलते हैं। उनकी बुराइयाँ, उनका अज्ञान और उनके हालत व्यक्तिगत नहीं, सार्वजनीन और व्यवस्थाजन्य हैं। इसके साथ ही इन कहानियों में ऐसे चरित्रों की भी कमी नहीं, जो गहन मानवीय संवेदना से भरे हुए हैं और अपने-अपने यथास्थितिवाद से उबरते हुए एक सार्थक सामाजिक बदलाव के लिए संघर्षरत शक्तियों से जुड़कर नया अर्थ ग्रहण करते हैं। वे न तो अपनी भयावह और दारुण दशा से आक्रान्त होते हैं न निराश, बल्कि अपने साथ-साथ पाठकों को भी संघर्ष की एक नई उर्जा से भर जाते हैं।
Download Hote Hain Sapne
- Author Name:
Geeta Shree
- Book Type:

- Description:
collection of stories
Sandigdh
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:


- Description:
पंद्रह बेहतरीन कहानियों का संग्रह।
Hari Mohan Jha Ki Shreshtha Kathayen
- Author Name:
Lavanya Kirti Singh 'Kavya'
- Book Type:

- Description:
Hari Mohan Jha Ki Shreshtha Kathayen
Mansarovar Vol. 7 : Jail Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
प्रेमचन्द जहाँ भी समाज में अन्याय था, उसका प्रतिकार अपने ढंग से कर रहे थे। ईश्वर द्वारा मनुष्य के प्रति किया गया अन्याय ही नहीं, वे ग्रीक ट्रेजेडी नहीं लिख रहे थे, मनुष्य द्वारा मनुष्य के प्रति किया गया अन्याय, इसी समाज द्वारा इसी समाज में रहने वाले लोगों के प्रति किया गया अन्याय, उसे भी सतह पर लाकर दिखा रहे थे। जहाँ दमन और अन्याय था, उस अन्याय की व्यथा, पीड़ा सामने रख रहे थे और साथ ही उस व्यथा-पीड़ा का ऐसा चित्रण कर रहे थे, जो हमें आपको इस हद तक झकझोर दे कि हम स्वयं उस व्यवस्था के खिलाफ खड़े हो सकें, जो अमानवीय है ग़ैरबराबरी पर खड़ी है, जिसको हम अनजाने संस्कारवश ढोए चले जा रहे हैं और कभी-कभी परम्परा के प्रति श्रद्धा के नाम पर हम जिसका पोषण-समर्थन करते हैं। —नामवर सिंह
Mansarovar Vol. 6 : Laag - Daat Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
भारत के स्वाधीनता संघर्ष के साथ अनेक बड़े साहित्यकार उदित हुए किन्तु उन सबमें प्रेमचन्द अनूठे हैं। प्रेमचन्द का साहित्य भारत की करोड़ों जनता—विशेषतः किसानों की अपनी आवाज़ है : भारतीय किसान के समान ही सरल, सादा, साफ़ बेबाक, ज़मीन के नज़दीक और सहज बुद्धि से युक्त। इसीलिए रवीन्द्रनाथ ठाकुर और मोहम्मद इक़बाल जैसे महान साहित्यकारों का सम्मान करते हुए भी भारत की जनता ने प्रेमचन्द के साथ विशेष रूप से आत्मीयता का अनुभव किया—उनकी आवाज़ को अपनी आवाज़ समझा; उनके साहित्य में अपनी पीड़ा अपनी आशा-आकांक्षा, अपने अधिकारों और संघर्षों का प्रतिबिम्ब पाया। प्रेमचन्द के उपन्यासों और कहानियों में कबीर और तुलसीदास जैसे मध्ययुगीन सन्तों की वाणी चार-पाँच सौ वर्षों बाद एक नए अंदाज़ के साथ गोया फिर सुनाई पड़ी। राजनीति में इसी आवाज़ के प्रतीक गाँधी थे। —नामवर सिंह
Katha Saptak - Bhalchandra Joshi
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:


- Description:
Description Awaited
Katha Saptak Ushakiran Khan
- Author Name:
Usha Kiran Khan
- Book Type:

- Description:
Padamshri Ushakiran Khan Famous 7 Stories
Mansarovar Vol. 4 : Laag - Daat Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sach Kuchh Aur Tha
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description:
Book
Is Hamam mein
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
कहानी को लेकर होनेवाली तमाम चर्चाओं को ध्यान में रखा जाए तो यह विश्वास करना पड़ेगा कि किसी के लिए कहानी केवल भाषा है, किसी के लिए केवल स्थिति चित्रण, कुछ के लिए केवल विचार है तो कुछ के लिए सिर्फ संवेदनाओं का अभिलेख। हरेक के अपने-अपने प्रवर्तक और समर्थक हैं, जो कभी इसे तो कभी उसे कहानी का शिखर घोषित करते रहते हैं। अपने उत्साह में वे यह भुला देते हैं कि कथा साहित्य के व्यापक कैनवस पर अलग-अलग रंगों के रूप में तो उनका कुछ महत्त्व हो सकता है, लेकिन किसी एक को ही कहानी का सर्वोच्च पैमाना नहीं बनाया जा सकता। अर्थरहित भाषा का झुनझुना कब तक बज सकता है, या जीवन-स्थितियों से रहित संवेदना का या संवेदनाविहीन जीवन-स्थितियों का क्या अर्थ है? बहुत से रचनाकार ऐसे हैं, जो प्रचलित मुहावरों और फैशनों से अप्रभावित रहते हुए इस बात के प्रति सचेत हैं कि कहानी वह सबकुछ है और इन सबसे मिलकर बनती है। चित्रा मुद्गल इन्हीं सचेत दृष्टि सम्पन्न रचनाकारों में हैं। उनकी कहानियों का मुख्य सरोकार समकालीन जीवन-स्थितियों में मनुष्य के भीतरी संसार का उद्घाटन है। लेकिन यह भीतरी कशमकश भी बदलते जीवन-परिवेश का आत्मीय ब्योरों और कलात्मक नजर के साथ अंकन भी करती चलती है। इस तरह ये इकहरी अभिव्यक्ति की कहानियाँ न होकर कई स्तरों पर प्रभावित करनेवाली कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ मानवीय सम्बन्धों की आन्तरिक जटिलताओं का अंकन पात्रों को उनके परिवेश से काटकर शिमला या कश्मीर के डाकबँगलों में ले जाकर नहीं, बल्कि उनके दैनन्दिन जीवन के संघर्षों के बीच, सामाजिक व्यवस्था की पृष्ठभूमि में करती हैं, जहाँ रोजी-रोटी का संघर्ष भी है और पारिवारिक परम्पराओं तथा जीवन की रूढ़ स्थितियों से टकराव भी।
Pratinidhi Kahaniyan : Usha Priyamvada
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

- Description:
उषा प्रियम्वदा को पढ़ना एक साथ बहुत से बिम्बों में घिर जाना है। बिम्ब जो घुमड़ते बादलों की तरह अनायास तैरते चले आते हैं और एक सार्थक संगति में गुँथकर पहले दृश्य का रूप लेते हैं। कहानियों में परम्परा के निर्वहण की अभ्यस्तता और उसे तोड़ देने की सजगता एक साथ गुँथी हुई मिलती है। 1952 से 1989 तक के कालखंड में फैली उषा प्रियम्वदा की कहानियों का अधिकांश साठ के दशक में उनके विदेश प्रवास के बाद आया है। ज़ाहिर है, डायस्पोरा मनोविज्ञान रिवर्स कल्चरल शॉक से उबरने की क्रमिक प्रक्रिया को नॉस्टेल्जिया में तब्दील कर देता है। इसलिए उषा जी की कहानियों की ज़मीन भले ही विदेशी हो गई हो, वहाँ की खुली संस्कृति और उदार वर्जनामुक्त माहौल से सम्बन्धों में सहजता और कुंठाहीनता पनपी हो, लेकिन उनकी नायिका स्वयं को भारतीयता के संस्कारों से मुक्त नहीं कर पाई है। यही वजह है कि दाम्पत्येतर प्रेम सम्बन्ध बनाते हुए भी वह अपराध-बोध और लोकापवाद के भय से ग्रस्त रहती है। सरपट दौड़ते हुए अचानक ठिठककर खड़े हो जाना, और फिर बिना कुछ कहे अपनी खोह में दुबक जाना उनकी स्त्री की विशेषता है। उषा जी बेहद महीन और कलात्मक पच्चीकारी के साथ उसके चारों ओर रहस्यात्मकता का वातावरण बुनती हैं, जो एक सम्मोहक तिलिस्म का रूप धरकर पाठक के भीतर सीढ़ी-दर-सीढ़ी उतरता चला जाता है, ठीक कृष्णा सोबती की लम्बी कहानी 'तिन पहाड़' की जया की तरह।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book