Lok Vyavahar
(0)
₹
450
₹ 360 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"एक सफल नेता बनने के लिए किसी व्यक्ति को न केवल बढि़या काम करना जरूरी है, बल्कि उसके साथ में एक प्रभावशाली वक्ता होना भी आवश्यक है। सफल नेताओं को अपने फैसलों और शब्दों, दोनों पर पूरा विश्वास होता है। मानव मनोविज्ञान की गहन समझ डेल कारनेगी को अपने पाठकों को जीवन में एक सही और फलदायी विकल्प चुनने में पथ-प्रदर्शन में सक्षम बनाती है। यह पुस्तक ‘‘लोक व्यवहार ः प्रभावशाली व्यक्तित्व की कला’’ पाठकों को जिज्ञासोत्तेजक वक्तव्य की कला सिखाते हुए उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाती है। "
Read moreAbout the Book
"एक सफल नेता बनने के लिए किसी व्यक्ति को न केवल बढि़या काम करना जरूरी है, बल्कि उसके साथ में एक प्रभावशाली वक्ता होना भी आवश्यक है। सफल नेताओं को अपने फैसलों और शब्दों, दोनों पर पूरा विश्वास होता है। मानव मनोविज्ञान की गहन समझ डेल कारनेगी को अपने पाठकों को जीवन में एक सही और फलदायी विकल्प चुनने में पथ-प्रदर्शन में सक्षम बनाती है।
यह पुस्तक ‘‘लोक व्यवहार ः प्रभावशाली व्यक्तित्व की कला’’ पाठकों को जिज्ञासोत्तेजक वक्तव्य की कला सिखाते हुए उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाती है।
"
Book Details
-
ISBN9789352663767
-
Pages216
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
VICHAR JO KAMYAB RAHE (PB)
- Author Name:
Bhagwati Prasad Dobhal
- Book Type:

- Description: ‘विचार जो कामयाब रहे’ भारत के बीस अग्रणी उद्योगपतियों, राजनेताओं, अधिकारियों और समाजसेवियों के रोचक और ज्ञानवर्द्धक लेखों का संकलन है। इन लेखों में इन प्रबुद्ध हस्तियों ने बताया है कि कैसे उन्होंने अपने सामने आई चुनौतियों का सामना किया और देशी व नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास किया, जिनसे राष्ट्र की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आनेवाली चुनौतियों और उनमें मिली सफलताओं के बारे में बताया है, साथ ही पाँच ऐसे मेगा प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बताया है, जो हमारे राष्ट्र को एक विकसित देश बना सकते हैं। एन.आर. नारायण मूर्ति याद करते हैं कि किस तरह उन्होंने अपनी टीम के साथ इंफोसिस टेक्नोलॉजीज को विश्वस्तरीय फॉर्चून 500 कंपनी की सूची में शामिल होने लायक बनाया। रतन टाटा भारत की पहली स्वदेशी जिसकावर्णन इंडिका के निर्माण और उसका डिजाइन तैयार करने से जुड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का ब्योरा देते हैं, तो मुकेश अंबानी 2005 तक नॉलेज इकोनॉमी में भारत द्वारा विश्व का नेतृत्व करने के अपने सपने को विस्तार से बताते हैं। आलोक शर्मा ने अपने उन दो सालों के अनुभव का जिक्र किया है, जब उन्होंने प्रतिदिन लगभग दो करोड़ लोगों के जमावड़े वाले दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले कुंभ के आयोजन की तैयारियाँ की थीं, और विलासराव सालुंखे ने पानी पंचायत के विकास का ब्योरा दिया है, जो जल-सक के क्षेत्र में एक नायाब प्रयोग है और जिसने सूखे की मार झेल रहे महाराष्ट्र के गाँवों में किसानों की जिंदगी बदल दी है। ये अनुभव भारत के विकास की अंदरूनी कहानियाँ बताएँगे और आपको प्रेरित भी करेंगे। इसी पुस्तक से.
Arabpati Karobariyon Ke Motivational Vichar
- Author Name:
Swati Gautam
- Book Type:

- Description: सफल और अनुभवी लोगों के सद्विचार, प्रेरक वाणी और अनुकरणीय जीवनशैली भी आपके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस पुस्तक में संकलित एलोन रीव मस्क, जैक मा, नारायण मूर्ति, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग, रतन टाटा, रॉबर्ट कियोसाकी, वॉरेन बफे, वॉल्ट डिज्नी, सुंदर पिचाई जैसे अत्यंत कामयाब कारोबारियों के उत्साह और ऊर्जा से भरपूर मोटिवेशनल विचार आपके चिंतन को धार देंगे और सफलता के नए फलक छूने में मदद भी करेंगे— आप एकाग्रचित्त होकर ही महान् कार्य कर सकते हैं, चाहे आप कितने ही योग्य क्यों न हों; सपने वही सच होते हैं, जिन पर विश्वास किया जाता है; समस्या के समाधान के लिए हमें खुद से क्यों पूछना चाहिए; असफलता हमारी स्वीकार्यता पर निर्भर करती है; अपनी संस्कृति को ध्यान में रखें; छोटे से शुरुआत करिए; करो और दुनिया बदल दो; सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए हमें सर्वश्रेष्ठ के साथ खड़ा होना होगा; विश्वास किसी भी बिजनेस की पहली सीढ़ी है; हमें हमेशा सीखते और सुनते रहना चाहिए; जोखिम उठाने का साहस कीजिए; सिक्के के दोनों पहलुओं को देखें; अपने दिमाग से काम लीजिए; अपने शब्दों पर ध्यान दीजिए; रिस्क लेना सीखें; बडे़ लक्ष्य निर्धारित करें; पहली सफलता पर ही मत रुको; जोखिम के बिना सफलता नहीं मिलती।
NAUKARI NAHIN, BUSINESS IDEA DHOONDHO
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "आज कहीं नौकरी करने की तुलना में स्वतंत्र कर्मी बनना बल्कि अपने खुद का बिजनेस शुरू करना आसान है। इसकेलिए आपकी लगन, मेहनत, दूरदर्शिता, निर्णय-क्षमता और नए-नए आइडिया ही सफलता का मार्ग खोलेंगे, इसलिए ‘नौकरी नहीं, बिजनेस आइडिया’ आपके स्वर्णिम भविष्य का आधार है। प्रसिद्ध मोटिवेशनल गुरु एवं वक्ता श्री एन. रघुरामन के दीर्घ अनुभव से उपजे ये फंडे आपको नई ऊर्जा देंगे और आपका आत्मविश्वास जाग्रत् करेंगे— जीवन में किसी क्षेत्र में सच्ची रुचि जागती है, तो अवसर दरवाजे खटखटाते हैं। कुछ के जीवन में जल्दी तो कुछ के देर से। बिजनेस और भरोसा भी साथ-साथ चल सकते हैं। बस इसके लिए सही तालमेल बैठाने की जरूरत है। अपने दरवाजे पर बड़े अवसरों की दस्तक का इंतजार मत कीजिए, छोटी पहल करके उनकी तलाश कीजिए। वे आपके लिए बड़े दरवाजे खोल देंगी। जब आप क्वालिटी से समझौता करते हैं तो कोई भी बिजनेस क्यों न हो, वह ग्राहकों की उदासीनता का शिकार होने लगता है। "
Greatest Speeches of India
- Author Name:
Ram Kumar
- Book Type:

- Description: We present here, a collection of 25 great speeches made by some of the tallest Indian personalities. Many of these personalities are men and women who have made invaluable contributions to our coming together as a nation of people and are the pride and honour of the country. These are people who have made a great impact on the lives around them and thus their words are the gems which had the power to evoke the courage and emotion in people and inspire them to make history. The power of a great speech, especially when everyone listens is something that sets the wheels of history in motion to many great events that changed the face of our known world. Some of these are from the era of the struggle for Indian independence from the colonial rule such as, Subhas Chandra Bose, Dr. B.R. Ambedkar, Mahatma Gandhi and Jawaharlal Nehru to mention a few. Polar contemporaries such as Nathuram Godse, Vinayak Damodar Savarkar also make an appearance in this collection to present a different perspective. In today’s times, Ratan Tata, N.R. Narayana Murthy, Kiran Bedi, Sachin Tendulkar are defining trailblazers in their own fields. The quality of a great speech is not only the wisdom that comes from the experience of their unique lives but the timelessness of these words which work their magic anytime you hear or read it.
Teachers
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: ‘टीचर’ मतलब—शिक्षक! यह शब्द ही हमें मनुष्य को सांस्कारिक और बौद्धिक राह पर ले जानेवाला दिखता है। शिक्षक सिर्फ तनख्वाह लेकर विषयों को पढ़ानेवाला कोई व्यक्तित्व नहीं है, बल्कि व्यक्ति के जीवन की हर समस्या का समाधान एवं मनुष्यत्व का पाठ पढ़ानेवाला एक महान् व्यक्तित्व है। इस पुस्तक में प्रसिद्ध समाजधर्मी संजय राय ‘शेरपुरिया’ ने एक शिक्षक के जीवन में आवश्यक साकारित गुणों का विवरण दिया है, जो व्यक्ति को एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व में बदल सकते हैं।
Jab Socho Bada Socho
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: "बुद्धि 29 वर्ष की है। बचपन से साहसी और सहानुभूति की भावना रखनेवाली। उसके जीवन में घटित हुई कई घटनाओं ने उसके चरित्र को और मजबूती दी। वह दिल्ली के पास नोएडा में एक आई.टी.फर्म में नौकरी करती है। एक प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज हुआ है। उसने किया क्या था? उसने नोएडा में अपनी जिंदगी खतरे में डालकर 15 वर्षीय बच्ची का विवाह रोका था। लड़के की माँ ने उस पर पीछे से हमला कर दिया था। इससे उसके गले के पीछे कट लग गया था। इससे पहले भी सुबुद्धि ने नोएडा में ही एक नाबालिग लड़की के बाल विवाह को रोका था। हमले के बाद सुबुद्धि गिर गई थी। उसे तत्काल अस्पताल ले गए। कुछ समय कोमा में भी रही। जब कोमा से लौटी तो कहा कि वह समाज सेवा जारी रखेगी। जितने भी नाबालिगों को बाल विवाह से बचा सकती है, बचाएगी। बाल विवाह के खिलाफ उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति को देखकर ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने केंद्र के साथ ही ओडिशा और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उसे ब्रेवरी अवार्ड, आर्थिक सहायता और सिक्योरिटी देने की सिफारिश की। आज सुबुद्धि कई आई.टी. पेशेवरों के लिए प्रेरणा है। महिलाओं के प्रति चिंता जब मोमबत्ती रैलियों और सोशल नेटवर्किंग तक सीमित थी, तब सुबुद्धि ने आगे बढ़कर मुश्किलों का सामना किया। —इसी पुस्तक से सोच ही मनुष्य का विकास करती है। सकारात्मक और बड़ी सोच सफलता और उत्कर्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। यह पुस्तक ऐसी बड़ी और विवेकपूर्ण समझ के जीवंत उदाहरणों का संकलन है, जो मानवहित और कल्याण का अनुपम संदेश देती है।"
Atalji Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: "एक दोपहर अटलजी और दीनदयालजी जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए। वहीं सिराहने कुछ ईंटें रखी हुई थीं। दोनों ने उन्हीं ईंटों को तकिए की तरह अपने सिर के नीचे लगा लिया। उस समय भारत प्रेस के हिसाब-किताब का काम श्री राधेश्याम कपूरजी देखा करते थे। वैसे तो उनकी अमीनाबाद में अपनी दुकान भी थी, लेकिन वे उसमें कम ही बैठते, क्योंकि उनका दिल तो भारत प्रेस में ही लगा रहता था।...तो अचानक वे आ गए और दोनों को ऐसे सोता देख द्रवित हो उठे, जबकि सच तो यह है कि अटलजी और दीनदयालजी को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट महसूस ही नहीं हुआ था, वे दोनों तो थकान के बाद की नींद का आनंद ले रहे थे। बाद में तो यह अकसर ही होने लगा। कोई भी सोता तो उन्हीं ईंटों का तकिया लगा लेता। उन दिनों संघ की शाखा में रोज कबड्डी खेली जाती थी। अटलजी को भी कबड्डी खेलना बड़ा अच्छा लगता था, लेकिन वे ठीक से खेल ही नहीं पाते थे। खेल के नियम तो सारे जानते थे, लेकिन दरअसल कारण यह था कि उन दिनों वे बहुत दुबले-पतले हुआ करते थे, इसलिए वे जिसके भी पाले में आते, उस पाले के स्वयंसेवक अपना सिर पकड़ लेते। —इसी संग्रह से भारत रत्न अटलजी जननायक थे, कवि-साहित्यकार थे, सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता लिये संवेदना से भरपूर एक महान् विभूति थे। उनकी स्मृतियाँ सँजोने का एक विनम्र उपक्रम है यह पुस्तक, जो पाठकों को प्रेरित करेगी। "
Zindagi Ka Bonus
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: ‘जिंदगी का बोनस’ जीवन के कुछ ऐसे अनोखे पलों का दस्तावेज है जो अनायास आपकी झोली में आ गिरते हैं, लेकिन फिर आपकी स्थायी निधि बन जाते हैं। ये पल आपको हँसाते भी हैं, गुदगुदाते भी हैं और वक्त पड़ने पर आपको चिकोटी भी काटते हैं। कभी आँखें नम कर जाते, तो कभी आह्लाद की अनुभूति कराते हैं। ‘कुछ अल्प विराम’ और ‘पलभर की पहचान’ के बाद रम्य रचनाओं की ये तीसरी प्रस्तुति है जो अपनी तरह का एक अनूठा प्रयोग है। जीवन का कौन सा पल कब आपके लिए क्या संदेश लाएगा, कहा नहीं जा सकता। इन पलों को सँजोकर रखना इसलिए जरूरी है। ‘जिंदगी का बोनस’ एक धरोहर बनकर जीवन के आनंद को तो बढ़ाएगा ही, साथ ही मानवीय संबंधों की अमूल्य निधि भी साथ दे जाएगा।
Jeevan Ek Darpan
- Author Name:
Ravindra Nath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: कोई भी व्यक्ति जन्म से महान् नहीं होता, बल्कि वह अपने कर्म के बल पर एवं अपने अंदर निहित गुणों को विकसित कर महान् बनता है। हमारा जन्म गरीब परिवार में हो कि अमीर परिवार में, यह हमारे वश में नहीं होता, लेकिन गरीब से अमीर बनना हमारे वश में है। समस्याएँ आएँगी, परंतु समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हर समस्या का निराकरण संघर्ष से ही संभव है। अतः आप संघर्ष करने को तैयार रहें। बिना संघर्ष किए आप किसी समस्या से निजात नहीं पा सकते। यदि आप आगत समस्याओं के निराकरण हेतु संघर्ष करने को तैयार नहीं हैं तो आपकी समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाएगी। एक समय ऐसा आएगा कि आप चारों ओर से समस्या के मकड़जाल में घिर जाएँगे। अपने अंदर के गुणों को पहचानकर व्यक्तित्व में निखार लाना होगा तथा सोच के दायरे को व्यापक बनाना होगा। जब हम अपने अंदर की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास, स्वाभिमान, सकारात्मक सोच, समर्पण, क्षमा, त्याग, अनुशासन जैसे गुणों को विकसित कर उन पर खरा उतरेंगे, तब हम चट्टान की भाँति दृढ़ होकर जीवन के महत्त्व को समझ पाएँगे। ऐसी स्थिति में जिंदगी के रहस्यों को समझना और उन रहस्यों से परदा उठाना हमारे लिए आसान होगा। —इसी पुस्तक से यह पुस्तक जिंदगी का शास्त्र है, जीवनशास्त्र—जो हमें स्वस्थ, सुखी, संतुष्ट, संतुलित एवं सफल समाजोपयोगी जीवन जीना सिखाता है।
Satya-Vrat Katha
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

-
Description:
यह प्रबन्धन का युग है। हर क्षेत्र में हर बात में प्रबन्धन है। जीवन में सफलता अर्जित करने के जितने सूत्र हैं, उनमें से एक प्रमुख है सत्य और सत्य का भी अपना प्रबन्धन होता है। वैसे तो ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ बहुत प्राचीन है लेकिन इसमें प्रबन्धन के जो सूत्र आए हैं, वे बिलकुल नवीन हैं, आज के लिए उपयोगी हैं और हर क्षेत्र में सफलता को सुनिश्चित करते हैं। इस कथा में पाँच अध्याय हैं और प्रत्येक में प्रबन्धन के गूढ़ सूत्र हैं। पहले अध्याय में सेवा प्रबन्धन, दूसरे में सम्पत्ति प्रबन्धन, तीसरे में सन्तान प्रबन्धन, चौथे में संघर्ष प्रबन्धन और पाँचवें में संस्कार प्रबन्धन को देखा जा सकता है।
हम देख रहे हैं कि वर्षों से अनेक परिवारों में, कई स्थानों पर ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ हो रही है। हमने ही इसको एक पारम्परिक, पारिवारिक और सामान्य-सा धार्मिक आयोजन बना दिया है। या तो हम स्वयं कथा करते हैं या किसी विद्वान् से करवाते हैं। पंडित जी आते हैं, संस्कृत या हिन्दी में कथा करते हैं। घर की महिलाएँ रसोईघर में प्रसाद बनाने में व्यस्त रहती हैं। बच्चे इस दिन जितना हो सके उपद्रव कर लेते हैं। यजमान या तो फ़ोन सुनेंगे या कौन आया, कौन नहीं आया यह सब देखने में ही उनका समय बीत जाता है। कथा आरम्भ होती है, कथा समाप्त हो जाती है। हमने इसको एकत्र साधारण-सा आयोजन बना दिया है। यह कथा ऐसी सामान्य कथा नहीं है। इस कथा के पीछे भाव यह है कि जीवन में ‘सत्य’ उतरे। इस कथा में दो प्रमुख विषय हैं। एक है संकल्प की विस्मृति और दूसरा है प्रसाद का अपमान। संकल्प की विस्मृति और प्रसाद का अपमान ये दो थीम हैं, जिनके आसपास यह कथा चलती है। संकल्प, जीवन में सत्य उतारने का। इसका प्रसाद क्या है? क्या पंजीरी या शुद्ध घी में बना हुआ हलवा...? वास्तव में ‘श्रीसत्यनारायणव्रतकथा’ का प्रसाद है ‘सत्य’।
तो जीवन में जो भी सत्य को विस्मृत करेगा, जब-जब भी उसको भूल जाएगा, तब-तब परेशानी में पड़ेगा। जीवन में जब-जब भी हम सत्य के प्रसाद का अपमान करेंगे यानी सत्य का अपमान करेंगे, तब-तब हम अपने-आप को संकट में पाएँगे। इस कथा में जो प्रसंग आए हैं यदि उनके भाव को ठीक से समझा जाए तो स्पष्ट सन्देश निकलकर आता है कि यह सत्य के अन्वेषण की कथा है। इसमें विशेषता है कि सत्य के साथ नारायण जोड़े गए हैं। सत्य को नारायण का भगवान् का टेका, सहारा, आधार और बल दिया गया है।
ACHCHHA BOLNE KI KALA AUR KAMYABI
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: प्रखर वक्ता होना, ओजस्वी वाणी का स्वामी होना, प्रभावी शैली में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने की क्षमता जिसमें हो, वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक सफल होने की संभावना रखता है। बातचीत करना भाषण की कला सीखने का सबसे पहला सिद्धांत है। शुरुआती दौर में स्वर एवं अंदाज जैसी कलाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती है। बातचीत करना कला को सीखने का पहला सिद्धांत है; अर्थात् बोलिए, वादविवाद में हिस्सा लीजिए, अपनी प्रतिभा का स्वयं आकलन कीजिए और दर्शकों की आलोचना से सीखने की कोशिश कीजिए। सवाल है कि खुद की गलतियों को कैसे समझा जाए? इसके लिए कुछ तथ्यों को समझने की आवश्यकता है—महान् वक्ता में कौन से विशेष गुण होते हैं और उन गुणों को कैसे प्राप्त किया जा सकता है? स्वयं के व्यक्तित्व में ऐसी कौन सी कमी है, जो इन गुणों की प्राप्ति में बाधा बन सकती है? इस विषय पर महान् लेखक डेल कारनेगी की सदाबहार एवं सर्वाधिक पसंद की जानेवाली इस पुस्तक के द्वारा कोई भी सामान्य व्यक्ति दर्शकों के समक्ष बोलने के क्षेत्र में कामयाबी के शिखर तक पहुँच सकता है।
Ghogho Rani Kitta Paani
- Author Name:
Shaligram
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत रचना रिपोर्ताजीय शैली की कलात्मक कृति है, जो अपनी कथा तथा उपकथाओं के छोटे-छोटे द्वीप बनाती आधुनिक तथा पौराणिक बिंबों का आदर्शोन्मुख वृत्त-चित्र उपस्थित करती है। रचना के अंतिम भाग में लोककथाओं के नायक अपने-अपने सुकर्मों की ध्वजा उठाए समाज के सिरमौर बने हुए हैं, जिसमें लोकनायक, लोरिक तथा लोकदेवता विशुराउत, कारूखिरहरि एवं दीनाभदरी के नाम शुमार में आते हैं, जिन्हें लेखक ने अपनी भाषिक पकड़ से बेहद रोचक बना दिया है। प्रस्तुत रचना में किस्सागोई तो है ही, लोकजीवन के विविध रंगों के साथ-साथ रागात्मक संवेदना भी उपस्थित है। रचना के प्रथम भाग में कोसी नदी के उद्गम, जल-ग्रहण क्षेत्र, प्रवाह मार्ग, इसकी विध्वंसक परिवर्तनशीलता, विभिन्न धाराएँ, गंगा में संगमन इत्यादि भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक स्थितियों के रेखांकन के साथ-साथ इसकी विनाशलीला का भी विस्तार से वर्णन है। कोसी क्षेत्र संगीत-कला का भी गढ़ रहा है, जो सहरसा के अंतर्गत पंचगछिया घराने के नाम से जाना जाता है। मांगन कामति पंचगछिया राजदरबार के बेजोड़ ठुमरी गायक थे। उनकी प्रसिद्धि बिहार से बाहर तक फैली हुई थी। पं. ओंकारनाथ ठाकुर, विनायकराव पटवर्द्धन, पं. जशराज, फैयाज खाँ जैसे दिग्गज संगीतज्ञों ने उनकी प्रशंसा की है। कहा जाता है कि एक महफिल में सुप्रसिद्ध गायिका अखतरीबाई फैजाबादी (बेगम अख्तर) ने जब मांगन के बोल सुने तो बोल पड़ीं—‘‘अरे भाई, जिंदा रहने दोगे या नहीं!’’ क्या मधुर एवं जादुई आवाज थी उनकी। तभी तो वे पंचगछिया राजदरबार के तानसेन कहलाते थे।
Acres Of Diamonds
- Author Name:
Russell H. Conwell
- Book Type:

- Description: स्टीवर्ट यह नहीं जानते थे कि लोगों को किस चीज़ जरूरत थी, इसलिए उन्होंने ग़लत चीजें खरीद लीं, जो उनके पास बेकार पड़ी रहीं। लेकिन स्टीवर्ट ने इस घटना से अपने व्यावसायिक जीवन का सबसे महान सबक सीख लिया और कहा, "मैं भविष्य में कोई चीज़ तब तक नहीं खरीदूंगा, जब तक कि मैं यह व जान लूँ कि लोगों की जरूरत किस चीज की है। इसके बाद ही मैं अपना माल खरीदूँगा।" वे घर-घर जाकर लोगों से पूछने लगे कि उन्हें कौन सी चीजें पसंद हैं । जब उन्हें यह पता चल गया कि लोग क्या चाहते हैं, उन्होंने अपने बचे हुए साढ़े बासठ सेंट का निवेश ऐसी चीजों में किया, जिन्हें लोग खरीदना चाहते थे। अब वे एक "सही माँग" की पूर्ति कर रहे थे। मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि जिंदगी में आपका व्यवसाय या पद क्या है। मुझे इस बात की परवाह भी नहीं है कि आप वकील, डॉक्टर, हाउसकीपर, टीचर या कुछ और हैं। आप चाहे जो हाँ, सिद्धांत वही रहता है। हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि दुनिया को किस चीज़ की ज़रूरत है और फिर हमें उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए अपना निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको विश्चित रूप से सफलता मिलेगी। दोस्तो, इसी सिद्धांत पर चलकर ए. टी. स्टीवर्ट ने अपनी संपत्ति को साढ़े बासठ सेंट से चालीस मिलियन डॉलर तक पहुँचाया था।
Facebook Success Story
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Man Ke Liye Amrit Ki Boondein
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Dheeraj ka Jadu
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: "धीरज के जादू से जुबान, कान, आँख, नाक और हाथ सब असली खुशी पाने का साधन बन जाते हैं। बिना धीरज यही इंद्रियाँ रोग और विकार का कारण बन जाती हैं। जैसे... जुबान - धीरज = साँप का जहर, गाली, बद्दुआ। जुबान + धीरज = विकास की सीढ़ी, रिश्तों में मिठास कान - धीरज = युद्ध का मैदान, शोर कान + धीरज = सत्य श्रवण का द्वार आँख - धीरज = माया का विज्ञापन आँख + धीरज = करुणा की लहरों का महासागर नाक - धीरज = डर, यम का बैल, कम साँसें नाक + धीरज = प्राणायाम, लंबा स्वस्थ जीवन हाथ - धीरज = पाप कर्म हाथ + धीरज = महानिर्वाण निर्माण का साधन धीरज में ताकत है, धीरज में जादू है। धीरज निरंतर प्रयास है, प्रहार है, जो हर मुसीबत से आपको निकाल सकता है। हर कार्य के साथ यदि धीरज जुड़ जाए तो जीवन सीधा, सहज, सरल बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप धीरज पाने के लिए धीरज के साथ प्रयत्नशील रहें। कुछ नहीं करना, केवल इंतजार करना धीरज नहीं है। तो सवाल आ सकता है कि यह कैसे करें? जवाब बिल्कुल आसान है। इसके लिए आपको केवल यह पुस्तक पढ़कर इसमें दिए गए मार्गदर्शन को अपने दैनिक जीवन में उतारना है। www.watchwaitandwonder.com यानी थोड़ा देखें, थोड़ा इंतजार करें, मगर आश्चर्य के साथ!"
Zindagi Itni Sasti Kyon Hai
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: दवा कंपनियों ने मीडिया, टेलीविज़न और प्रचारतंत्र से चिंता तनाव और डिप्रेशन से लगभग सभी को पीड़ित घोषित कर दिया है तथा इसका उपचार दवाइयों को बताने में सफल हो चुकी है। कारण कुछ भी हो और उपचार एक ही तरह का ये तो चिकित्सा के सिद्धांत के विपरीत है। जानिए की हमने ज़िंदगी को इतनी सस्ती क्यों बना दिया है।
Foundations for Success
- Author Name:
Napoleon Hill, Judith Williamson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Har Pal Sukha Aur Khushi Payen
- Author Name:
Stephen Knapp
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक खुशी की राह दिखाती है, जो जीवन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। स्वाभाविक रूप से सभी खुश रहना चाहते हैं। नहीं तो हमारे जीने और काम करने का मतलब क्या है? कई लोग खुशी को सुख-सुविधाओं में वृद्धि के तौर पर देखते हैं। कुछ लोग पद, या जीने में आसानी, रोमांच, या अधिक पैसा और उसके कुछ भी खरीदने की ताकत से इसका अंदाजा लगाते हैं। हालाँकि, पूरब से मिले ज्ञान का इस्तेमाल करने और इसमें जो कहा गया है, उसके अनुसार वैकल्पिक दृष्टिकोण को अपनाने से हमें अपनी सच्ची स्थिति और उस खुशी तक पहुँचने के आवश्यक साधनों की जानकारी मिलती है जिसके लिए हम हमेशा तरसते रहते हैं। यह जानकारी निश्चित रूप से आपको अधिक-से-अधिक संभावनाओं का एहसास करा देगी। इससे आप उस स्वाभाविक प्रसन्नता की अनुभूति करेंगे, जो सदैव आपकी आत्मा में ही रहती है। जीवन के सच्चे सुख को परिभाषित करने की व्यावहारिक जानकारी और दृष्टि देनेवाली अनुपम पुस्तक।
Adhiktam Safalata
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: डॉ. नेपोलियन हिल के लेखन को जानने के बाद यह जानना आसान हो जाता है कि ज्यूडिथ विलियमसन ने जीवन की संपदाओं से भरपूर पुस्तक के लिए ‘अधिकतम सफलता’ नाम यों चुना? डॉ. हिल ने तेरह वर्ष की अल्पायु में, दक्षिण-पश्चिम वर्जीनिया के पर्वतों पर रहते हुए अपना लेखन आरंभ किया और आनेवाले सात दशकों तक अपनी लेखन प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। उन्होंने अपने प्रमुख लेखन में जिन व्यतियों पर अध्ययन और शोध किया, मानो उनके जीवन में से सोना प्राप्त करने के लिए खदानें खोद दीं। उनके प्रमुख कार्यों में ‘लॉ ऑफ ससेस और थिंक ऐंड ग्रो रिच’ को शामिल कर सकते हैं। उनके संपूर्ण लेखन से उनके पाठकों ने यह अनमोल विरासत पाई। अगर आप ‘नेपोलियन हिल : अधिकतम सफलता’ में सुश्री विलियमसन द्वारा दिए गए लेखों को पढ़ेंगे तो निश्चित रूप से इनका लाभ पा सकेंगे। इनमें से कुछ नियम आपकी सफलता की यात्रा में काम आनेवाले हैं। अगर आपको पूरी पुस्तक को पढ़कर लगे कि आपके गुणों में किसी एक गुण विशेष, जैसे लोच आदि की कमी आ रही है तो आपको उस अध्याय को एक बार फिर से पूरी तरह पढ़ना चाहिए, ताकि आप अपने व्यवहार में वांछित बदलाव ला सकें और आप भी सोने की इस खदान से अपने लिए संपदा चुन सकें। अधिकतम सफलता के लिए प्रेरित करने वाली एक पठनीय पुस्तक।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book