The Hungry Stones And Other Stories (Pb)
(1)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
This book has no description
Read moreAbout the Book
This book has no description
Book Details
-
ISBN9789355716538
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Seengawale Gadhe
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description: प्रेम जनमेजय से मिलकर, बात कर, कभी नहीं लगता कि ये व्यंग्य विधा की राह के पहुँचे हुए मुसाफिर हैं। ऐसा ही श्रीलाल शुक्लजी के साथ था। वे कभी बातचीत में व्यंग्य नामक हथियार का इस्तेमाल नहीं करते थे। ये ऐसे व्यंग्य-गुरु हैं, जो अपनी तिरछी नजर पर मृदुता, मस्ती और मितभाषिता का चश्मा लगाए रहते हैं। कुछ लोगों का खयाल है कि व्यंग्य लेखक एक किस्म के कार्टूनकार होते हैं, जिन्हें सारी दुनिया आँकी-बाँकी दिखाई देती है। एकदम गलत धारणा है यह। जैसे कविता, कहानी, उपन्यास नाटक और निबंध, साहित्य की विधाएँ हैं, वैसे ही व्यंग्य तथा हास्य, व्यंग्य की विधाएँ हैं। कमजोर हाथों में पडक़र ये विद्रूप और फूहड़ हँसी-ठट्ठा का रूप लेती होंगी, लेकिन प्रेम जनमेजय उन इलाकों में जाते ही नहीं हैं। वे हरिशंकर परसाई, शरद जोशी और श्रीलाल शुक्ल की परंपरा में व्यंग्य विधा में संलग्न हैं। उनके लिए व्यंग्य एक गंभीर कार्य और चिंतन है, जिससे वे समाज की विसंगतियों और समय के अंतर्विरोधों पर रोशनी डाल सकें। परिवर्तन काल सुविधा के साथ-साथ सक्रांति काल भी लाता है। प्रेम जनमेजय ने बहुत समझदारी और गहन अध्ययन से अपनी साहित्य-विधा चुनी है। व्यंग्य विधा पर चाहे जितना हमला किया जाए, सब जानते हैं कि बिना व्यंग्य-विनोद के कोई भी रचना पठनीय नहीं हो सकती। प्रेमजी में एक कथातत्त्व समानांतर चलता है। इसी कथा-जाल में वे धीरे से अपना काम कर जाते हैं। —ममता कालिया
Captain Saurabh Kalia
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Dalit Sahitya Sanchayita
- Author Name:
Preeti Sagar
- Book Type:

- Description: सवर्णवाद के सामाजिक-सांस्कृतिक वर्चस्व को चुनौती देनेवाले दलित साहित्य का आधार आधुनिक संवैधानिक मूल्य, मानव की सार्वभौमिक समानता और प्रजातंत्र में विश्वास है, और प्रेरणा का स्रोत उस अनन्त पीड़ा में है जो इस देश की दलित जातियों ने सदियों-सदियों अकारण और बिना कोई प्रतिरोध किए सही है। सन् 1914 में ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हीरा डोम की कविता ‘अछूत की शिकायत’ से आरम्भ मानी जानेवाली दलित साहित्य की यात्रा अठारहवीं-उन्नीसवीं सदी के सामाजिक-राजनीतिक अदालतों और आज़ादी के बाद संविधान से मिले नए स्पेस से होती हुई आज एक स्थापित धारा का रूप ले चुकी है। मात्र प्रतिरोध और आक्रोश की कलाहीन अभिव्यक्ति के आरोपों को झुठलाते हुए अपनी रचनात्मकता को उसने एक भिन्न सौन्दर्यशास्त्रीय ज़मीन भी दी है। प्रस्तुत संचयिता पिछली पूरी शताब्दी की दलित मनीषा के प्रमुख पड़ावों को संकलित करने का हिन्दी में सम्भवतः पहला सर्वांगीण प्रयास है। विद्रोह की तीव्र आकांक्षा को बेलाग स्वर में वाणी देनेवाली कविता, दलित जन के संघर्ष को गहराई से रेखांकित करनेवाली कहानी, दलित जीवन के अन्तर्बाह्य रेशों की व्याख्या करनेवाले उपन्यासों की स्वानुभूत पीड़ा की प्रामाणिक अभिव्यक्ति, आत्मकथा और अपनी पहचान के लिए लड़ रही रचना को ठोस वैचारिक आधार प्रदान करनेवाली आलोचना, सभी विधाओं का सम्यक् प्रतिनिधित्व इसमें हुआ है। उद्देश्य यही है कि दलित साहित्य के पाठकों, अध्येताओं और छात्रों को पीड़ा और प्रतिकार से उपजी सन्दर्भमूलक रचनाएँ एक जिल्द में उपलब्ध हो सकें; और दलित साहित्य का मूल स्वर कुछ प्रमुख रचनाओं के माध्यम से सामने लाया जाए। संचयिता में उनतीस कवियों की कविताएँ, तेरह कहानियाँ, सात महत्त्वपूर्ण उपन्यास-अंश, छह आत्मकथा-अंश और आठ आलोचनात्मक आलेख शामिल हैं।
I Am Simran
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Destiny tossed her from one tragedy to another. Pushed into the dark lanes of hatred and neglect, love came not from known but from unknown. Happiness occasionally peeped in her life through small slits of life-window only to wither soon and make way for perpetual pain. Death, she thought, would have been more sympathetic than the cruelty of life but she was determined to live for a mission. Destiny defied even her noble thoughts and deeds. Lured by the charms of green pastures, love and trust were sacrificed by one who promised to be her life-partner. She finally discovered peace, tranquility and eternal bliss in the service of the destitute and in search of enlightenment. She lived for others. She discovered herself.
Amar Krantikari Sukhdev
- Author Name:
M. I. Rajasvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh B.Ed. Combined Entrance Examination 2024 Arts Stream "कला वर्ग" 15 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhrashtachar Ka Bolbala
- Author Name:
Sadachari Singh Tomar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shubh Vivah
- Author Name:
Rajni Borar
- Book Type:

- Description: "विवाह जैसे मांगलिक अवसर को शानदार एवं यादगार बनाने के लिए उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को इस पुस्तक में समाहित किया गया है। आपके यहाँ आयोजित शादी अपने सुव्यवस्थित अंदाज के कारण सदैव सराही जाए और यह जीवन के स्वर्णिम क्षण के रूप में सबके मनमस्तिष्क पर अमिट छाप छोड़ सके, इस हेतु इस पुस्तक में विवाह की रस्मों का सचित्र एवं प्रसंग सहित वर्णन करने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक न केवल निर्देशिका की तरह कार्य करेगी बल्कि विवाह की प्रत्येक रस्मरिवाज के साथसाथ एक मित्र व मार्गदर्शिका के रूप में भी कार्य करेगी। इसमें जहाँ एक तरफ न केवल संस्कारों की परंपरा और प्रासंगिकता का ध्यान रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ आडंबरों पर चोट भी की गई है। इस पुस्तक में कुछ नए विषय, जैसे जेवर, विवाह का रजिस्ट्रेशन, वरवधू को परोटना आदि भी शामिल किए गए हैं। जैसेजैसे विवाह की रस्मरिवाजें परवान चढ़ती जाएँगी, वैसेवैसे इस पुस्तक की उपयोगिता व उपादेयता भी बढ़ती जाएगी। आपकी प्रतिक्रिया और सुझावों का सदैव इंतजार रहेगा।"
Priya
- Author Name:
Abhimanyu Unnuth
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Jnan Parampara Aur Vicharak
- Author Name:
Rajaneesh Kumar Shukla
- Book Type:

- Description: "भारत की सनातन-सांस्कृतिक परंपरा समावेशी, करुणाप्रधान एवं समतामूलक रही है। समय के झंझावातों, विदेशी आक्रांताओं के प्रहारों और तकनीक की चकाचौंध ने इसके बाह्य स्वरूप को प्रभावित अवश्य किया है लेकिन मूल रूप में समस्त चराचर जगत् को स्वयं का रूप मानने की भारतीय-दृष्टि आज भी लोकजीवन में अपना स्थान बनाए हुए है। आचार्य रजनीश शुक्ल की यह पुस्तक भारतीय समाज, इतिहास, संस्कृति, राष्ट्र-निर्माण, आत्मनिर्भरता, पत्रकारिता आदि विषयों को सारगर्भित तरीके से प्रस्तुत करती है और ऐसा करते हुए वह गौतमबुद्ध, कबीर, तुलसीदास, गांधी, विनोबा, आंबेडकर, वीर सावरकर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों को उद्धृत करते हैं, जिससे उनके विचार एक सनातन ज्ञानपरंपरा के वाहक के रूप में दिखलाई देते हैं। —रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार ) आचार्य रजनीश कुमार शुक्ल ने इस कृति में भारतीय ज्ञानपरंपरा को उसके वर्तमान व्यापक संदर्भ में देखा है। वे अपनी परिपुष्ट दार्शनिक पृष्ठभूमि के कारण प्राचीन भारतीय चिंतन के विविध आयामों पर अधिकार रखते हैं तथा समकालीन पश्चिमी विचार और दर्शन के साथ-साथ आधुनिक भारतीय दर्शन एवं चिंतन पर भी उनकी वैसी ही पकड़ है। यह पुस्तक एक नई बहस को आरंभ करेगी। —प्रो. कमलेशदत्त त्रिपाठी कुलाधिपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा पिछले दो दशकों में पूरे विश्व की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संरचना में व्यापक बदलाव आया है। इस परिदृश्य में भारत एक बार फिर से विश्वगुरु बन सकता है—इसमें कोई संदेह नहीं है। हालाँकि कुछ लोग असहमत हो सकते हैं। राष्ट्रीय चिंतक यह मानते हैं कि भारत की सांस्कृतिक विशिष्टता में विश्वगुरु बनने के बीज-तत्त्व विद्यमान हैं। यहाँ का जन अपनी पहचान से भारत को विशिष्ट बनाए हुए है। भारतीय चिंतन और भारतीय दृष्टि मनुष्य को एक संपोष्य जीवन प्रणाली दे सकती है और यही वह कारण है जिससे भारत को विश्वगुरु बनना ही है, इसे कोई रोक नहीं सकता है। इस लघु संग्रह में इसकी पड़ताल करने की कोशिश की गई है। इसमें भारतीय ज्ञानपरंपरा के सनातन प्रवाह की विविध धाराओं के रूप में समझने की कोशिश की गई है। इस धारा को प्रवाहित करने में योगदान करनेवाले कुछ विचारकों की विचार-सरणि का निदर्शन करने का यह एक विनम्र प्रयास भी है। विश्वास है कि अनादि से अनंत तक विस्तृत भारत की ज्ञानयात्रा को समझने में यह लघुतम प्रयास पाठकों को सार्थक लगेगा। "
Jharkhand Andolan Ka Dastavej: Shoshan, Sangharsh
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: ______ ___ _____ ___ __ __ ____ ___ __ ____ _____ __ __ ____ ____ ____ _______ _____ __ ____ ________ ___ ___ ____ ___ ___-_____ ___ ___ _____ ___, ____-____ ____ __, ____-____ _____ ____ ___ __ ______ __ _____ __ ____ __ __ _______ _____ ______ __ ___ _______ _________ __ ___ ___, ___ __ ____ __ ______ __ ____: __ _____ ___ _____ ___ ___ ____ ___ ___ _____ _______ __ _____ ______ ____ __ _____________ __ _____ ___ _____ ___ ___ __ ______ __ _____ ____ ___ __, ____ __________ _____ __ ____ __ ____ ___, _____ _______-______ __ ______ __ ____ _____ __ ___ _____ ___ ___ __ ___-_______ _____________ __ _____ ____ ___ __, _____ ______ ______ ___ ____ ____ ______ ___ __, _________ ______ __ ____ ___ ____ ___ _______ __ _______ ___ _____ ______ ______ ___ _______ __ ______ __ _____ ___ ______ __ _______ ___ ___ ___ __ _____________ __ __ _____ ____ ___ __ _____ ___ _____ __ ______ __ ____ __ ____ ___, _____ _________ ____ __ ____ ___ __ _____, _____ _________ __ ________ ___ ___ __ __, __ ____ ______ ___ ____ ______ ___ _____ __ _____________ __ __ _____ ____ ___ __, _________ ______ ___ ____ ___ ____ ___ ___ ____ _____________ __ __ ______ ____ ___ __, __ ___ _____ ___, __ _________ ______ ___ __ ______ __ ______ ___ ___
R.R.B. Junior Engineer Recruitment Exam–2024, Stage-1 20 Practice Sets CBT Based With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mandala Tear Out Sheet Colouring Book for Adults
- Author Name:
Namaskar Kids
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shaheed Bhagat Singh : Kranti Ka Sakshya
- Author Name:
Sudhir Vidyarthi
- Book Type:

- Description: विगत कुछ वर्षों से शहीदे–आज़म भगतसिंह के बुत को अपनी–अपनी तरह तराशने की कोशिशें इतिहास, राजनीति और संस्कृति की दुनिया में हमें दिखाई पड़ीं। बुद्धिजीवियों और प्रगतिशीलों के मध्य भगतसिंह विमर्श का मुद्दा बने रहे। उनके अदालती बयान, आलेख, पत्र, निबन्ध, जेल नोटबुक उन्हें एक सचेत बौद्धिक क्रान्तिकारी बनाते हैं। वहीं दूसरी ओर उनका बेहद सक्रिय क्रान्तिकारी जीवन जिसकी शुरुआत उन्होंने 1925–26 से की थी और जिसका अन्त 23 मार्च, 1931 को लाहौर जेल में उनकी फाँसी से हुआ। अर्थात् कुल मिलाकर लगभग छह–सात वर्षों की तूफ़ानी ज़िन्दगी जहाँ वे काकोरी केस के रामप्रसाद बिस्मिल को फाँसीघर से छुड़ाने की ख़तरनाक योजना में अपनी प्रारम्भिक जद्दोजेहद करते दिखाई देते हैं। तब ‘बलवन्त सिंह’ नाम से उनकी इब्तदाई गतिविधियाँ जैसे भविष्य के गम्भीर क्रान्तिधर्मी की रिहर्सलें थीं। काकोरी की फाँसियों (1927) के पश्चात् भगतसिंह विचार की दुनिया में अद्भुत छलाँग लगाते हैं—अपने पूर्ववर्ती क्रान्तिकारी आन्दोलन को बहुत पीछे छोड़ते हुए। भगतसिंह के समस्त दस्तावेज़ों, अदालती बयानों, पत्रों, रेखाचित्रों, निबन्धों, जेल नोटबुक और उनके मूल्यांकन सम्बन्धी अभिलेखीय साक्ष्यों के बीच उनके साथियों के लिखे संस्मरणों की यह प्रथम कृति भगतसिंह से प्यार करनेवाले लोगों के हाथों में सौंपते हुए मुझे निश्चय ही बड़ी प्रसन्नता है। इन दुर्लभ स्मृतियों को सामने रखकर वे भगतसिंह के जीवन और उस युग के क्रान्तिकारी घटनाक्रम की एक स्पष्ट छवि निर्मित करने के साथ ही अपने समय के सवालों से टकराने के लिए आगे की अपनी क्रान्तिकारी भूमिका की भी खोजबीन कर सकेंगे, ऐसी आशा है।
BPSC BIHAR SHIKSHAK BAHALI CLASS 6 TO 12 PRATHMIK GANIT
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gandhivadi Kaka Kalelkar
- Author Name:
Prakhar Kundan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Astonishing extrateriterial facts
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: The world of extraterrestrial life is a fascinating and mysterious one. Astonishing Extra-terrestrial Facts by renowned author Dr.Sanjay Rout takes readers on an incredible journey through the unknown, uncovering hidden secrets about our universe and its inhabitants. With engaging stories, vivid illustrations, and captivating facts that will leave you spellbound, this book offers up-close insight into the lives of aliens from across galaxies far away. From their diets to their customs to even how they communicate with each other – no stone is left unturned in this thrilling exploration into the unknown! So if you're looking for answers to some of your most burning questions about outer space creatures – then look no further than Astonishing Extraterrestrial Facts!
Swasthya Patrakarita
- Author Name:
Roopchand Gautam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ath Haveli Katha Novel Book in Hindi
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chart Pattern Evam Price Action Breakout Se Trading Kaise Karen? by Mahesh Chandra Kaushik Book in Hindi
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Customer Reviews
5 out of 5
Book
30/06/2023
Harshkumar Mahavar
"The Hungry Stones and Other Stories" is a collection of short stories written by Rabindranath Tagore, a renowned Indian writer, poet, and Nobel laureate. "The Hungry Stones and Other Stories" is a collection of short stories by Rabindranath Tagore. In addition to the title story, it includes other notable tales such as "The Cabuliwallah," which explores friendship and empathy, "The Home-Coming," which reflects on nostalgia and change, "The Postmaster," delving into loneliness and human relationships, "Master Mashai," examining desire and obsession, and "The Castaway," a reflection on resilience and isolation. Each story offers unique perspectives on the human experience, emotions, and societal dynamics, showcasing Tagore's storytelling prowess and his ability to create engaging narratives. "The Hungry Stones" is the title story of the collection and is often regarded as one of Tagore's most famous and powerful tales. It revolves around a nameless narrator who encounters a mysterious and enigmatic palace while traveling through the Indian state of Rajasthan. The palace is said to be inhabited by the ghosts of the people who had lived there in the past. The story explores themes of desire, illusion, and the human longing for the unattainable. The collection features other short stories that touch upon a variety of themes such as love, loss, spirituality, and social issues.