Renu Rachanawali : Vols. 1-5
(0)
₹
3000
₹ 2400 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
रेणु के ‘मैला आँचल’ का प्रकाशन अगस्त, 1954 में हुआ और इसके ठीक दस वर्ष पूर्व उनकी पहली कहानी ‘बट बाबा’ 27 अगस्त, 1944 के साप्ताहिक ‘विश्वमित्र’ में प्रकाशित हुई। 1944 ई. से 1972 ई. तक उन्होंने लगातार कहानियाँ लिखीं—प्रारम्भिक कहानियों—‘बट बाबा’, ‘पहलवान की ढोलक’, ‘पार्टी का भूत’ से लेकर अन्तिम कहानी ‘भित्तिचित्र की मयूरी’ तक एक ही कथा–शिल्पी रेणु का दर्शन होता है जो अपने कथा–विन्यास में एक–एक शब्द, छोटे–से–छोटे पात्र, परिवेश की मामूली बारीकियों, रंगों, गन्धों एवं ध्वनियों पर एक समान नज़र रखता है; किसी की उपेक्षा नहीं करता। नई कहानी के दौर में रेणु ने अपनी कहानियों द्वारा एक नई छाप छोड़ी। उनकी ‘रसप्रिया’, ‘लालपान की बेगम’ और ‘तीसरी क़सम’ अर्थात् ‘मारे गए गुलफ़ाम’ छठे दशक की हिन्दी कहानी की महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ मानी जाती हैं। ‘तीसरी क़सम’ पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लोकप्रिय फ़िल्म का निर्माण हो चुका है। रेणु की ‘पंचलाइट’ कहानी पर एक टेलीफ़िल्म भी बन चुकी है। ‘रेणु रचनावली’ के पहले खंड में रेणु की सम्पूर्ण कहानियाँ पहली बार एक साथ, एक जगह प्रकाशित हो रही हैं। इन तमाम कहानियों से एक साथ गुज़रने के बाद पाठक यह सहज ही महसूस करेंगे कि रेणु ने एक कहानी की वस्तु या पात्र को परिवेश या नाम बदलकर दुहराया नहीं है। हर कहानी में रेणु का अपना मिज़ाज और रंग होते हुए भी वे एक–दूसरे से अलग हैं और उनके अपूर्व रचना–कौशल की परिचायक हैं।
Read moreAbout the Book
रेणु के ‘मैला आँचल’ का प्रकाशन अगस्त, 1954 में हुआ और इसके ठीक दस वर्ष पूर्व उनकी पहली कहानी ‘बट बाबा’ 27 अगस्त, 1944 के साप्ताहिक ‘विश्वमित्र’ में प्रकाशित हुई। 1944 ई. से 1972 ई. तक उन्होंने लगातार कहानियाँ लिखीं—प्रारम्भिक कहानियों—‘बट बाबा’, ‘पहलवान की ढोलक’, ‘पार्टी का भूत’ से लेकर अन्तिम कहानी ‘भित्तिचित्र की मयूरी’ तक एक ही कथा–शिल्पी रेणु का दर्शन होता है जो अपने कथा–विन्यास में एक–एक शब्द, छोटे–से–छोटे पात्र, परिवेश की मामूली बारीकियों, रंगों, गन्धों एवं ध्वनियों पर एक समान नज़र रखता है; किसी की उपेक्षा नहीं करता।
नई कहानी के दौर में रेणु ने अपनी कहानियों द्वारा एक नई छाप छोड़ी। उनकी ‘रसप्रिया’, ‘लालपान की बेगम’ और ‘तीसरी क़सम’ अर्थात् ‘मारे गए गुलफ़ाम’ छठे दशक की हिन्दी कहानी की महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ मानी जाती हैं। ‘तीसरी क़सम’ पर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लोकप्रिय फ़िल्म का निर्माण हो चुका है। रेणु की ‘पंचलाइट’ कहानी पर एक टेलीफ़िल्म भी बन चुकी है।
‘रेणु रचनावली’ के पहले खंड में रेणु की सम्पूर्ण कहानियाँ पहली बार एक साथ, एक जगह प्रकाशित हो रही हैं। इन तमाम कहानियों से एक साथ गुज़रने के बाद पाठक यह सहज ही महसूस करेंगे कि रेणु ने एक कहानी की वस्तु या पात्र को परिवेश या नाम बदलकर दुहराया नहीं है। हर कहानी में रेणु का अपना मिज़ाज और रंग होते हुए भी वे एक–दूसरे से अलग हैं और उनके अपूर्व रचना–कौशल की परिचायक हैं।
Book Details
-
ISBN9788171787401
-
Pages2913
-
Avg Reading Time97 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
My Inventions: The Autobiography of Nikola Tesla
- Author Name:
Nikola Tesla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Into the Oblivion
- Author Name:
Vineeta Chandak +1
- Book Type:

- Description: This is not merely a tale. Reflecting upon the harsh realities of life, this book on one hand throws useful light on the various intricacies related to the treatment of Cancer, and on the other, penetrates deep into the spiritual world, and poignantly exposes the nuances of the difficulties of human life. Ultimately, it carries its protagonist far beyond the worldly bondages into the horizon of freedom, there, where everything remains forever �unsaid�.
Buy Main Shabari Hoon Ram Ki - Shabari and Rama Hindi Story Book
- Author Name:
Urvashi Agrawal ‘Urvi’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Discover the Power Within You
- Author Name:
Arun H. Raikar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Khud Hi Best Hain
- Author Name:
Anupam Kher
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC BIHAR SHIKSHAK BAHALI CLASS 11 TO 12 HINDI 20 PRACTICE SETS
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Samagra by IAS Ranjit Kumar Singh for For Primary Teacher BPSC BSSC in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Phoolon Ki Boli
- Author Name:
Vrindavan Lal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhyan Aur Iski Vidhiyan "ध्यान और इसकी विधियाँ" | Philosophy Self-Realization & Enlightenment | Swami Vivekananda Book in Hindi
- Author Name:
Swami Vivekananda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHARE INVESTMENT HANDBOOK
- Author Name:
Shri C.A. Vikram Narsaria
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description
Rajendra Babu Patron Ke Aaine Mein-1
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Captain Vikram Batra
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stop Negative Thinking: Transform Your Mental Habits
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awaiting description
UTTARAKHAND KE TYOHAR
- Author Name:
Jyotsna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Oonchi Udaan Ki Ore
- Author Name:
Dr. Ram Buxani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
100 Modi Mantras: A Decade of India's Uprising
- Author Name:
Shankar Lalwani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Panchkon
- Author Name:
Smt. Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pathik-Dharma : Ek Prerak Geet
- Author Name:
Sunil Bajpai 'Saral'
- Book Type:

- Description: श्री सुनील बाजपेयी ‘सरल’ की अभिनव काव्य-कृति ‘पथिक-धर्म : एक प्रेरक गीत’ अबतक का सबसे लंबा छंदोबद्ध गीत है। इसमें संवेदना और वैचारिकता की जुगलबंदी है। इस धरती पर मानव-जीवन संघर्षों की एक कहानी है और इन संघर्षों के बीच कवि का संदेश है—रुको मत, चलते रहो। निरंतर चलते रहने का आह्वान एक ओर ऋषियों के आप्तकथन ‘चरैवेति-चरैवेति’ से जुड़ता है, दूसरी ओर रवींद्रनाथ ठाकुर के ‘एकला चलो रे’ की ध्वनि भी इसमें अंतर्निहित है। जीवन-पथ पर फिसलन, अँधेरा, काँटे, निराशाओं के मेघ, संशय के बादल और ऐसी ही बहुत सी बाधाएँ मिलती हैं। साथ-ही-साथ, संसार में अनेक आकर्षण भी हैं, जो व्यक्ति को कर्म-विमुख कर सकते हैं। इन सभी परिस्थितियों का एक ही उपचार है—चलते रहो, निरंतर चलते रहो। पाँवों में काँटे चुभते हैं, कंधों पर है बोझ अधिक। किंतु निरंतर चलते जाना, यही तुम्हारा धर्म पथिक॥
Raj Kapoor (Hindi Translation of Raj Kapoor : the Master at Work)
- Author Name:
Rahul Rawail
- Book Type:

- Description: This book has no description
Main Bhagat Singh Bol Raha Hoon
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की धधकती ज्वाला के बिंब शहीद-ए-आजम भगत सिंह से सब परिचित हैं। युवावस्था में ही मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। अपने जाँबाज साथियों के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का एक ऐसा मोरचा खोला कि अंग्रेजी शासन की चूलें हिल गईं। भगत सिंह न केवल प्रखर क्रांतिकारी थे, अपितु एक दूरदर्शी व्यक्ति, गहन अध्येता व कुशल वक्ता भी थे। उनके विचार समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा देनेवाले थे। यह संकलन भारत माँ के वीर सपूत क्रांतियोद्धा भगत सिंह के सुविचारों से हमारा परिचय कराएगा और मार्ग प्रशस्त करेगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book