Raja Ravi Varma
(0)
₹
600
480 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
यह एक ऐसे बालक की कहानी है, जो लकड़ी के कोयले से ताजा पुताई वाली दीवारों पर चित्र बनाते हुए बड़ा हुआ और जिसने आगे चलकर अपने कलात्मक कौशल के दम पर ‘राजा’ की पदवी प्राप्त की। अपनी पत्नी के घर में काम करनेवाली एक नायर महिला का चित्र बनाने पर उन्हें जितने क्रोध का सामना करना पड़ा, उतना ही सम्मान भी मिला। अनेक आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान महाराष्ट्र की महिला सुगंधा के साथ उनके गहरे संबंध की ओर आकृष्ट हुआ, जो उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध चित्रों की मेनका, दमयंती और उर्वशी बनी। रवि वर्मा भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। वे जितने विवादित थे, उतने ही प्रतिभावान। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को मंदिर से बाहर लाकर सामान्य लोगों के घरों तक पहुँचाया और अपने ब्रश के स्पर्श से इतिहास की अनेक हस्तियों एवं पलों को अमर कर दिया। यूरोपीय कला से पूरी तरह प्रभावित वर्मा को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में यश मिला और देश की कई रियासतों ने उन्हें सम्मानित किया। ऐसा कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने उनसे अपना छायाचित्र बनवाया था। सांस्कृतिक इतिहास से समृद्ध और ब्रिटिश राज की पृष्ठभूमि में लिखा गया प्रसिद्ध मराठी लेखक राजा रवि वर्मा के जीवन पर केंद्रित रणजीत देसाई का यह उपन्यास हमें भारत के पहले और महान् कलेंडर आर्टिस्ट के जीवन से जुड़ी कई नई बातों को जानने और उनके मन को समझने का अवसर देता है।
Read moreAbout the Book
यह एक ऐसे बालक की कहानी है, जो लकड़ी के कोयले से ताजा पुताई वाली दीवारों पर चित्र बनाते हुए बड़ा हुआ और जिसने आगे चलकर अपने कलात्मक कौशल के दम पर ‘राजा’ की पदवी प्राप्त की। अपनी पत्नी के घर में काम करनेवाली एक नायर महिला का चित्र बनाने पर उन्हें जितने क्रोध का सामना करना पड़ा, उतना ही सम्मान भी मिला। अनेक आलोचकों और प्रशंसकों का ध्यान महाराष्ट्र की महिला सुगंधा के साथ उनके गहरे संबंध की ओर आकृष्ट हुआ, जो उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध चित्रों की मेनका, दमयंती और उर्वशी बनी।
रवि वर्मा भारत के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। वे जितने विवादित थे, उतने ही प्रतिभावान। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को मंदिर से बाहर लाकर सामान्य लोगों के घरों तक पहुँचाया और अपने ब्रश के स्पर्श से इतिहास की अनेक हस्तियों एवं पलों को अमर कर दिया। यूरोपीय कला से पूरी तरह प्रभावित वर्मा को अनेक अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में यश मिला और देश की कई रियासतों ने उन्हें सम्मानित किया। ऐसा कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने उनसे अपना छायाचित्र बनवाया था।
सांस्कृतिक इतिहास से समृद्ध और ब्रिटिश राज की पृष्ठभूमि में लिखा गया प्रसिद्ध मराठी लेखक राजा रवि वर्मा के जीवन पर केंद्रित रणजीत देसाई का यह उपन्यास हमें भारत के पहले और महान् कलेंडर आर्टिस्ट के जीवन से जुड़ी कई नई बातों को जानने और उनके मन को समझने का अवसर देता है।
Book Details
-
ISBN9789390366019
-
Pages288
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
School Debate Book
- Author Name:
R Shankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Class 1 To 5 (PRT) Primary School Teachers 20 Practice Sets with Latest Solved Papers
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Wealth Unlocked The Science And Psychology Behind Money Book in Hindi
- Author Name:
Shashish Kumar Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Shaheed Bhagat Singh
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand B.Ed. Combined Entrance Exam Study Guide 2024 | 2200+ MCQs Latest Solved Papers and 3 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rajasthan REET Grade-III Adhyapak (Teacher) Level 2 Hindi Guide (Class 6 to 8)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modi Aur Bharatiya Musalman "मोदी और भारतीय मुसलमान" Book In Hindi | Dr Kaynat Kazi
- Author Name:
Dr Kaynat Kazi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand ke Sahityakar Aur Naye Sakshatkar
- Author Name:
Vandana Tete
- Book Type:

- Description: झारखंड के रचनाकार शुरू से ही शिक्षा, साहित्य, समाज और राजनीति में उपेक्षित रहे हैं। मुंडारी के प्रथम लेखक-उपन्यासकार मेनस ओड़ेया हों, हिंदी की पहली आदिवासी कवयित्री और संपादक सुशीला सामद हों या नागपुरी के धनीराम बक्शी, ऐसे सभी झारखंडी-लेखकों और साहित्य साधकों का जीवन और कृतित्व अलिखित दुनिया के अँधेरे में समाया हुआ है। रघुनाथ मुर्मू, प्यारा केरकेट्टा, लको बोदरा पर हिंदी में एकाध पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं, लेकिन फादर पीटर शांति नवरंगी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर जिस तरह का महत्त्वपूर्ण शोध और उसका प्रकाशन हुआ है, अन्य झारखंडी लेखकों-साहित्यकारों पर नहीं हो सका है। झारखंड के राँची, धनबाद और जमशेदपुर से विपुल मात्रा में पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशित होती रही हैं, परंतु इन पत्र-पत्रिकाओं में झारखंडी रचनाकारों के साक्षात्कारों के लिए जगह नहीं होती। झारखंड अलग राज्य बनने के बाद भी इस स्थिति में कोई मूलभूत बदलाव नहीं आया है। इस पुस्तक में उन पुरखा साहित्यकारों के परिचय व साक्षात्कारों को संकलित किया गया है, जिन्होंने हिंदी और अपनी आदिवासी एवं देशज मातृभाषाओं में झारखंडी साहित्य को विकसित और समृद्ध किया है। इसका उद्देश्य झारखंडी साहित्य के इतिहास में रुचि रखनेवालों को आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि विश्व साहित्य-जगत् हमारे पुरखा रचनाकारों और समकालीन झारखंडी लेखकों के चिंतन और रचनाकर्म से परिचित हो सके।
Savarkar : Vichar Ki Prasangikta "सावरकर : विचार की प्रासंगिकता" Book in Hindi - Dr. Ashok Modak
- Author Name:
Dr. Ashok Modak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat mein Print, Electronic Aur New Media
- Author Name:
Sundeep Kulshrestha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dinkar Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

- Description: (आधुनिक हिन्दी कविता के) तृतीय उत्थान में आकर परिस्थिति बहुत बदल गई । आन्दोलनों ने सक्रिय रूप धारण किया और गाँव–गाँव राजनीतिक और आर्थिक परतन्त्रता के विरो/ा की भावना जगाई गई । सरकार से कुछ माँगने के स्थान पर अब कवियों की वाणी देशवासियों को ही ‘स्वतन्त्रता देवी की वेदी पर बलिदान’ होने को प्रोत्साहित करने में लगी । अब जो आन्दोलन चले वे सामान्य जन–समुदाय को भी साथ लेकर चले ।––– अब संसार के प्राय% सारे सभ्य भाग एक–दूसरे के लिए खुले हुए हैं । इससे एक भू–खंड में उठी हवाएँ दूसरे भू–खंड में शिक्षित वर्गों तक तो अवश्य ही पहुँच जाती हैं । यदि उनका सामंजस्य दूसरे भू–खंड की परिस्थिति के साथ हो जाता है तो उस परिस्थिति के अनुरूप शक्तिशाली आन्दोलन चल पड़ते हैं । इसी नियम के अनुसार शोषक साम्राज्यवाद के विरुद्ध राजनीतिक आन्दोलन के अतिरिक्त यहाँ भी किसान–आन्दोलन, मजदूर–आन्दोलन, अछूत–आन्दोलन इत्यादि कई आन्दोलन एक विराट् परिवर्तनवाद के नाना व्यावहारिक अंगों के रूप में चले । श्री रामधारी सिंह दिनकर, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’, माखनलाल चतुर्वेदी आदि कई कवियों की वाणी द्वारा ये भिन्न–भिन्न प्रकार के आन्दोलन प्रति/वनित हुए ।
The Miracle of Gratitude | No Debate Only Thanks Book in Hindi
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Balasahab Devras
- Author Name:
Ed. Ram Bahadur Rai,Rajeev Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Fir Aaya Mausam Chunav Ka
- Author Name:
Sunita Shanoo
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jeewan Sangram "जीवन संग्राम" Book in Hindi- K.L. Khanna
- Author Name:
K.L. Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Interview Mein Safalta Ke Gurumantra "इंटरव्यू में सफलता के गुरुमंत्र" | Rules For Success in Interview | Key to Success in Interview, Useful For Crack All interviews | Book in Hindi
- Author Name:
Ashok Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Oriya Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Rejendra Prasad Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
6 Sundays A Week Life "ए वीक लाइफ" Book In Hindi
- Author Name:
Dev Gadhvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CHORI KI SAJA
- Author Name:
Anurag Dev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brihat Tithi Kosh
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book