Pehla Sanatan Hindu "पहला सनातन हिंदू" Book in Hindi- Ratneshwar
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355215574
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kashmir Nirantar Yuddh Ke Saye Mein
- Author Name:
Lt. Gen. K.K. Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramayana | Indian Mythology, History & Folktales | A Timeless Story of Courage, Honor, And Sacrifice Book in Hindi
- Author Name:
Shankar Baam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aavedan-Praroop
- Author Name:
Shivnarayan Chaturvedi
- Book Type:

- Description: सरकारी कार्यालयों के कार्य-व्यवहार का एक आवश्यक पहलू है फ़ाइलों पर की जानेवाली टिप्पणियाँ, विभागीय पत्राचार और विषयानुरूप मसौदे। परम्परागत रूप से इन्हें अंग्रेज़ी में किया जाता है, परन्तु अब कुछ वर्षों से इन्हें हिन्दी में भी किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से विभिन्न पुस्तकें भी प्रकाशित हुई हैं, लेकिन डॉ. शिवनारायण चतुर्वेदी की यह पुस्तक ऐसी तमाम पुस्तकों से अलग हटकर लिखी गई है। सरकारी फ़ाइलों से जुड़े टिप्पण-आवेदन-प्रारूप के महत्त्व को स्वीकारते हुए भी डॉ. चतुर्वेदी का मानना है कि उक्त विषय सरकारी कार्यविधि का केवल एक पक्ष है। दूसरा पक्ष है—छुट्टी, स्थानान्तरण, स्थायीकरण, पदोन्नति, वरिष्ठता-वेतन, अग्रिम वेतन, आवास आदि से जुड़े आवेदन-प्रारूप। यह पुस्तक ऐसे प्रारूपों के कई-कई नमूने प्रस्तुत करती है। इसके अलावा पुस्तक के तीसरे खंड में विभिन्न सरकारी अधिकारियों से पत्र-व्यवहार के प्रारूप दिए गए हैं। सम्पादकों के नाम पत्र, विभिन्न अवसरों से सम्बद्ध निमंत्रण-पत्र आदि भी इसी खंड में शामिल हैं। पुस्तक के तीन-तीन परिशिष्टों में भी कुछ उपयोगी जानकारियाँ निहित हैं। इसी प्रकार प्रस्तुत पुस्तक आवेदन-पत्रों के प्रायः सभी आवश्यक हिन्दी रूपों को समाहित किए हुए है, जिनकी ज़रूरत एक कर्मचारी को अपने जीवन में पड़ती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि डॉ. चतुर्वेदी की यह पुस्तक उन तमाम सरकारी कर्मचारियों के दैनंदिन उपयोग से जुड़ी हुई है, जो विभागीय और विभागेतर पत्राचार हिन्दी में करना चाहते हैं। यही नहीं, जैसा कि लेखक ने कहा है, यह पुस्तक हिन्दी-शिक्षण-योजना के अन्तर्गत ‘प्रवीण’ और ‘प्राज्ञ’ परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी होगी, क्योंकि पिछले अनेक वर्षों में इन परीक्षाओं में प्रारम्भिक आलेखन के अन्तर्गत आवेदन-पत्रों से सम्बन्धित जितने भी प्रश्न आए हैं, उन्हें भी इसमें शामिल कर लिया गया है।
Shravasti Ka Vijayparva "श्रावस्ती का विजयपर्व" Book In Hindi - Shatrughan Prasad
- Author Name:
Shatrughan Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MUSALMAN AUR SHARNARTHI
- Author Name:
Sardar Patel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tackling the Kala-Azar Memance In Bihar
- Author Name:
Ganga Kumar/Ragini Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
- Author Name:
Dr. Kailash Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Dadi Janki A Century of Service
- Author Name:
Liz Hodgkinson
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 11 To 12 Bhugol "Geography" 20 Practice Sets- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naresh Agarwal Ke Rajneetik 50 Varsh "नरेश अग्रवाल के राजनीतिक 50 वर्ष" Book In Hindi - Devaki Nandan Mishra
- Author Name:
Devaki Nandan Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Young Doctor's Manual
- Author Name:
Dr R.P Gupta
- Book Type:

- Description: The purpose of writing this book to put my experience of fifty years and practical tips, to pen down for benefits of young fresh graduates of medicine and surgery. Every young doctor should read this book which will help him for safe sojourn during internship and house job. It is no replacement for a textbook of surgery but it has practical tips which will help in difficult circumstances to help the patient. It will help the novice to step into the shoes that he is expected to wear to become a successful and above all a good doctor, sympathetic towards all�his patients and their relatives and with his colleagues and other members of his profession. Moreover, he will gain knowledge from a seasoned doctor who will help him handle any situation with ease and fulfill his professional goal.
Arastu
- Author Name:
Sukesh kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lincoln: Ek Mahanayak | Biography of Abraham Lincoln and The American Struggle With Inspirational Thoughts Book in Hindi
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kali Barf
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media ka Vartmaan Paridrishya
- Author Name:
Rakesh Praveer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Upanivesh Mein Stree
- Author Name:
Prabha Khetan
- Book Type:

- Description: यह किताब जीवन के दो पक्षों के बारे में है। एक स्त्री का और दूसरा उपनिवेश का। न इस उपनिवेश को समझना आसान है और न स्त्री को। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे बीसवीं सदी के मध्य में कई देशों और सभ्यताओं ने मुक्ति पाई थी तो शायद हम इसे राजनीतिक और आर्थिक परतंत्रता की संरचना करार दे सकते थे। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे लड़ने के लिए राष्ट्रवादी क्रान्तियाँ की गई थीं और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की अवधारणा पेश की गई थी तो शायद हम इसके ख़िलाफ़ उपनिवेशवाद विरोधी प्रत्यय की रचना आसानी से कर सकते थे। यह नवउपनिवेश के नाम से परिभाषित हो चुकी अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी की अप्रत्यक्ष हुकूमत भी नहीं है। यह तो अन्तराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी, पितृसत्ता, इतरलिंगी यौन चुनाव और पुरुष-वर्चस्व की ज्ञानमीमांसा का उपनिवेश है जिसकी सीमाएँ मनोजगत से व्यवहार-जगत तक और राजसत्ता से परिवार तक फैली हैं। दूसरे पक्ष में होते हुए भी स्त्री पाले के दूसरी तरफ़ नहीं है। वह उपनिवेश के बीच में खड़ी है। उपनिवेश के ख़िलाफ़ संघर्ष उसका आत्म-संघर्ष भी है और यही स्थिति स्त्री को समझने की मुश्किलों के कारण बनी हुई है। स्त्री मुक्ति-कामना से छटपटा रही है लेकिन उपनिवेश के वर्चस्व से उसका मनोजगत आज भी आक्रान्त है। गुज़रे ज़मानों के उपनिवेशवाद विरोधी संघर्षों की तरह औरत की दुनिया के सिपहसालार उपनिवेश के साथ हाथ-भर का वह अन्तराल स्थापित नहीं कर पाए हैं जो इस लड़ाई में कामयाबी की पहली शर्त है। ‘उपनिवेश में स्त्री : मुक्ति-कामना की दस वार्ताएँ’ इस अन्तराल की स्थापना की दिशा में एक प्रयास है। ये वार्ताएँ कारख़ाने और दफ़्तर में काम करती हुई स्त्री, लिखती-रचती हुई स्त्री, प्रेम के द्वन्द्व में उलझी हुई स्त्री, मानवीय गरिमा की खोज में जुटी हुई स्त्री, बौद्धिक बनती हुई स्त्री और भाषा व विमर्श के संजाल में फँसी हुई स्त्री से सम्बन्धित हैं।
Ek Kahanikar Ki Notebook
- Author Name:
Swayam Prakash
- Book Type:

- Description: Thought Provoking Article
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
Johannes Kepler
- Author Name:
Manjari Sinha
- Book Type:

- Description: केपलर का जन्म सन् 1571 में दक्षिणी जर्मनी के एक शहर वाइल में हुआ था। अभी वह चार साल के ही थे कि चेचक के शिकार हो गए। इससे उनकी आँखें बहुत कमजोर हो गईं और हाथों से लगभग अपंग ही हो गए। इन सब बाधाओं के बावजूद केपलर बचपन से ही एक प्रतिभाशाली विद्यार्थी थे। चर्चों की व्यवस्थापक संस्था ने उनका भविष्य निर्धारित कर दिया और वे धर्म विज्ञान का अध्ययन करने के लिए ईसाइयों के ‘गुरुकुल’ में दाखिल हो गए। उन्होंने ट्यूविंजेन विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति उपार्जित की। यहाँ वे कोपरनिकस के विचारों के संपर्क में आए, जैसे किस प्रकार ग्रह-नक्षत्र सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हैं। गणित पर आधारित नक्षत्रों की गतिविधि का ‘सूक्ष्म’ अध्ययन जहाँ उनका विषय था, वहाँ उन्होंने मूर्त आकृतियों, धन वर्ग, चतुष्फलक, अष्टफलक, द्वादशफलक तथा विशंतिफलक की पूर्णता के संबंध में भी एक अंतर्सूत्र सा, एक ‘स्थूल’ नियम सा प्रस्तुत करने की कोशिश की। केपलर ने विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी अन्वेषण किए। मानव दृष्टि तथा दृष्टि विज्ञान के संबंध में जो स्थापनाएँ उन्होंने विकसित कीं, उनका प्रकाश के ‘अपसरण’ के क्षेत्र में बहुत महत्त्व है। इस पुस्तक में जोहैनीज केपलर की जीवनकथा का रोचक एवं प्रेरक वर्णन है।
Sanskriti Ka Pravah
- Author Name:
Rakesh Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book