Narayana Murthy: A Complete Biography of Indian Businessman
(0)
₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awaiting description
Read moreAbout the Book
Awaiting description
Book Details
-
ISBN9789355628435
-
Pages172
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Soor Padawali
- Author Name:
Vagdev
- Book Type:

- Description: कृष्ण-भक्ति शाखा के कवियों में महाकवि सूरदास का नाम शीर्ष पर प्रतिषष्ठित है। अपनी रचनाओं में उन्होंने अपने आराध्य भगवान् श्रीकृष्ण का लीला-गायन पूरी तन्मयता के साथ किया है। घनश्याम सूर के रोम-रोम में बसते हैं। गुण-अवगुण, सुख-दुःख, राग-द्वेष लाभ-हानि, जीवन-मरण—सब अपने इष्ट को अर्पित कर वे निर्लिप्त भाव से उनका स्मरण-सुमिरन एवं चिंतन-मनन करते रहे। सूदासजी मनुष्यमात्र के कल्याण की भावना से ओतप्रोत रहे। उनके अप्रयत्यक्ष उपदेशों का अनुकरण करके हम अपने जीवन को दैवी स्पर्श से आलोकित कर सकते हैं—इसमें जरा भी संदेह नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक में सूरदासजी के ऐसे दैवी पदों को संकलित कियाग या है, जिनमें जन-कल्याण का संदेश स्थान-स्थान पर पिरोया गया है। पुस्तक में सूरकृत ‘विरह पदावली’, ‘श्रीकृष्ण बाल-माधुरी’ और ‘राम चरितावली’ के प्रमुख पदों को सरल भावार्थ सहित प्रस्तुत किया गया है, जिससे कि सामान्य पाठक भी उन्हें सरलता से ग्रहण करके भक्तिरस के आनंद-सागर में गोते लगा सकें।
Man on Mission Maharashtra
- Author Name:
Ashish Chandorkar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sumitranandan Pant Granthavali : Vols. 1-7
- Author Name:
Sumitranandan Pant
- Book Type:

-
Description:
ग्रंथावली के इस प्रथम खंड में पंत जी की वे पाँच आरम्भिक कृतियाँ सम्मिलित हैं, जिनकी रचना उन्होंने काल–क्रमानुसार सन् 1935 से पूर्व की थी। हिन्दी कविता के प्रसिद्ध छाया–युग की विशिष्ट देन के रूप में ये बहुचर्चित रही हैं।
पहली कृति ‘हार’ एक उपन्यास है जिसकी रचना उन्होंने सोलह–सत्रह वर्ष की अल्प वय में की थी। विश्व-प्रेम को वाणी देनेवाली यह कथा–कृति रचनाकार के समस्त कृतित्व के अन्त:स्व को अनुध्वनित करती है। ‘वीणा भावमय’ प्रगीतों का संग्रह है जिसमें कवि–मन की सहज कोमलता, माधुर्य और भोलापन है, साथ ही एक ‘दुधमुँही आत्मा की सुरभि’ भी। ‘ग्रन्थि’ एक लघु खंडकाव्य है, इसकी वियोगान्त प्रणय–कथा इतनी मर्मस्पर्शी है कि इससे सहज ही कवि की ‘आपबीती’ का भ्रम होने लगता है। ‘पल्लव’ की कविताएँ प्रकृति और मानव–हृदय के तादात्म्य के मोहक भावचित्र प्रस्तुत करती हैं, विश्वव्यापी वेदनानुभूति इनमें पूरी प्रभावकता से अभिव्यंजित है। ‘गुंजन’ के गीत सौन्दर्य–सत्य के साक्षात्कार के गीत हैं। ‘सुन्दरम्’ के आराधक कवि इनमें क्रमश: ‘शिवम्’ की ओर उन्मुख होते हैं। ये गीत वस्तुत: व्यापक जीवन–चेतना के मुखरित उल्लासराग हैं। ‘ज्योत्स्ना’ एक प्रतीकात्मक गद्य–नाटक है जिसमें ज्योतिर्मय प्रकाश से जाज्वल्यमान सुन्दर–सुखमय जग–जीवन की कल्पना को कलात्मक अभिव्यक्ति मिली है, इसमें गीतिकाव्य–सा सम्मोहन है।
Sone Ki Chirhiya Indian History Book In Hindi
- Author Name:
Shree Anish::Shri Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Not Much Is As It Seems
- Author Name:
Navniit Gandhi
- Book Type:

- Description: It has often happened with all of us. A friend turned out to be quite different from what he or she had seemed to be! Or, a relative from whom we never expected much, came before us in a different light altogether when the going was rough for us. Or, just when we thought that a much-coveted job would give us the ultimate joy, life took a different turn altogether... Haven’t we often been caught off-guard thus? Even situations, which we had firmly labelled as unfortunate or wonderful, ultimately belied all our emphatic declarations. Yes, all of us have a limited sense of comprehension. And we are very complex beings. The situations that life presents us with, are quite perplex too. We just cannot fathom a person or a situation in its truest form and in its entirety. Most of the time, we err gravely, in concluding about people and circumstances. It is important to take a pause, and look beyond what is obvious...In doing so, it may dawn on us that not much is as it seems to be!!!
Jeet Ka Jadu
- Author Name:
Ratneshwar K. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
I—The Inception of Jiriki
- Author Name:
Jagriti Shivpuri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhakta Janani Maa Sharda
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Steel Man Jamsetji Tata Ki Biography "स्टीलमैन जमशेदजी टाटा की बायोग्राफी" | Hindi Version of Jamsetji TATA: A Complete Biography
- Author Name:
Prashant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Milate-Julate Shabdon Ke Manak Prayog
- Author Name:
Ravindra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishna Janmabhoomi
- Author Name:
Mahek Maheshwari
- Book Type:

- Description: The sole intention of the outcome of the book is do provide clearer view with regard to the position of the Krishna Janmasthan and Shahi Idgah Mosque. I have written this book so that Readers may arrive at a conclusion themselves with regard to status quo of the disputed site whether it is a Temple or a Mosque. The book encompasses vividly the historical facts with regard to Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah mosque, legal position what is and what should be. It’s not only about the historical facts but then also about the Islamic law, Hindu Dharmshastras, culture & practices and above all a broader picture in the light of the Constitution of India. Efforts have been made to keep this book as a complete package of historical, philosophical and legal treatise with a flow and language that even the layman could assimilate it.
Grenadier Yogendra Singh Yadav
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Yogendra Singh Yadav was born on May 10, 1980 in the Ahir village of Aurangabad in Bulandshahr district of Uttar Pradesh. Rank—Grenadier, Retired as Honorary Captain Unit—18 Grenadiers War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—ParamVir Chakra Recognition—five months old when he joined the Indian Army. He became the youngest 'ParamVir Chakra' awardee at the age of 19 years. The entire world will always remember the exemplary valour displayed by the Indian soldiers in the Kargil war. Grenadier Yogendra Singh Yadav not only defeated the enemy but also dodged death in this war. At the time of receiving the ParamVir Chakra award he was only 19 years of age. He is the youngest soldier to have received the ParamVir Chakra.
Yugpurush Dr. Rajendra Prasad
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SACHITRA HINDI VYAKARAN
- Author Name:
Neha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meera Sikri Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Meera Sikri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tap Aur Tapasya
- Author Name:
Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: मैं एक घर छोड़ा, लाखों घर मेरे हो गए, मैं लाखों परिवार का हिस्सा बन गया, शायद एक गृहस्थ इतने घर नहीं देख सकता। संन्यासी जीवन में सभी कुछ त्यागना पड़ता है। आज मैं धन्य हो गया कि मेरे बेटे ने धर्म का, सेवा का, जग के कल्याण कार्य हेतु जो कार्य किया, वह विलक्षण व्यक्ति ही करते हैं। जब गृह त्याग कर गए थे तो घर में सभी दुःखी व परेशान थे, परंतु आज सभी अपने को धन्य मान रहे हैं। तभी एक स्वर स्वामीजी के कानों में पड़ा, जब से आपने गृह त्यागा है, तब से माँ ने मिष्टान्न को हाथ भी नहीं लगाया है। जब भी खाने को कहो तो वह कहती है कि मिष्टान्न तो वह अपने बेटे (स्वामीजी) के हाथ से ही खाएँगी। --इसी उपन्यास से आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरिजी महाराज एक चुंबकीय व्यक्तित्व के स्वामी हैं। ऊँचा कद, गौर वर्ण, उन्नत भाल, आभायुक्त देव सदृश्य मुखमंडल, देवत्वयुक्त प्रभावशाली महान् व्यक्तित्व, उस पर गेरुए वस्त्र, जैसे उनके गौर वर्ण में घुलकर स्वयं गेरुआमय हो गए हों! वह मात्र संन्यासी ही नहीं, जैसे संन्यास उनके लिए हो उनके चेहरे पर सदा छाई रहनेवाली पवित्र व सौम्य मुसकान लोगों को स्वयं ही नत- मस्तक कर देती है; मन में श्रद्धा सी उमड़ पड़ती है। बच्चों में बच्चों की निश्च्छल मुसकान, महिलाओं में कभी वह भाई बनकर, माताओं के बेटा बनकर, युवतियों के पितृ सदृश्य बन वह सभी के सम्मान का केंद्र बन जाते हैं | ऐसे तपोनिष्ठ, समाज के पथ-प्रदर्शक और मानवता के अग्रदूत पूज्य स्वामीजी के प्रेरणामय व त्यागपूर्ण जीवन पर अत्यंत भावप्रवण, मार्मिक, पठनीय औपन्यासिक कृति है “तप और तपस्या |
Pandey Bechan Sharma ‘Ugra’ Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Pandey Bechan Sharma (Ugra)
- Book Type:

- Description: पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ असाधारण रचनाकार और सृजक थे। सारा हिंदी जगत् एक अरसे तक ‘उग्र’ की उग्रता से काँपता रहा, उनसे लोहा लेने में डरता रहा; मगर ‘उग्र’ जी का बाह्य व्यक्तित्व देख हिंदी जगत् ने उन्हें जीते जी उपेक्षा के गर्त में और विरोध की खाइयों में ढकेल दिया। यह उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी व विडंबना थी। उनके अंतरंग कोमल पक्ष को, जो नारियल की तरह बाहर से कठोर और अंदर से मृदु व कोमल था, कोई नहीं जान पाया। ‘उग्र’ के संपूर्ण व्यक्तित्व पर विगत 44 वर्षों से अनथक अनवरत परिश्रम करते हुए उनके कृतित्व के अनछुए पहलुओं पर कार्य किया है। अब तक ‘उग्र’ पर, उनके साहित्य पर मेरी 24 से अधिक कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनका हिंदी जगत् ने सम्यक् स्वागत किया है। हाँ, समीक्षकों से अवश्य हमेशा की तरह जैसा ‘उग्र’ के साथ हुआ, ‘उग्र’ के साहित्य को भी उपेक्षा और अवमूल्यन मिला है। खैर— मेरे लबों पे दुआ उसके लबों पे गाली, जिसके अंदर जो था वही तो बाहर निकला। इस क्रम में निवेदित है ‘उग्र’ की कलम से निःसृत मार्मिक और हृदयस्पर्शी लोकप्रिय कहानियों का संग्रह।
Motapa Karan Aur Bachav
- Author Name:
S K Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Botany
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhuno Ki Yatra
- Author Name:
Pankaj Raag
- Book Type:

- Description: ‘धुनों की यात्रा’ हिन्दी फ़िल्म के संगीतकारों पर केन्द्रित ऐसी पहली मुकम्मिल और प्रामाणिक पुस्तक है, जिसमें सन् 1931 से लेकर 2005 तक के सभी संगीतकारों का श्लाघनीय समावेश किया गया है। संगीतकारों के विवरण और विश्लेषण के साथ उनकी सृजनात्मकता को सन्दर्भ सहित संगीत, समाज और जनाकांक्षाओं की प्रवृत्तियों से गुज़रते पहली बार इस पुस्तक के माध्यम से रेखांकित किया गया है। ‘धुनों की यात्रा’ में मात्र संगीत की सांख्यिकी को ही नहीं देखा गया है, वरन् संगीत रचनाओं के तत्कालीन जैविक और भौतिक अनुभूतियों के साथ ही संगीत के राग, ताल, प्रभाव, बारीकी और उसकी विशिष्टताओं के साथ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवेश, चेतना और उसके पुराने एवं नए ढहते और बनते रूपाकारों को उसके उल्लास, आवेश-आवेग, संघर्षों एवं संयोजनों को भी सूक्ष्मता के साथ विवेचित किया गया है। आम तौर पर फ़िल्मी संगीत के बारे में धारणा और प्रारम्भिक आकर्षण रोमान का ही होता है। ‘धुनों की यात्रा’ इस मिथकीय भ्रम को तोड़ती है। स्वातंत्र्य चेतना के प्रादुर्भाव, स्वतंत्रता आन्दोलन, रूढ़ सामाजिक विसंगतियों के प्रति अलगाव, विभिन्नता, बहुलता और बहुमत के प्रति लगाव, जनाकांक्षा की तीव्र अभिव्यक्ति, धर्म और बाज़ार के खंड-खंड पाखंड, युवा और युवतर चेतना की सशक्त वैश्विक दृष्टि, उनकी शैलियों और उनके समय की पड़ताल के सन्दर्भ में यह पुस्तक फ़िल्मी संगीत पर सर्वथा नए दृष्टि पथ का निर्माण करती है। स्वतंत्रता के पूर्व की चेतना से लेकर आज के भूमंडलीकरण के दौर तक, संगीत की सन्दर्भों के साथ बदलती प्रवृत्तियों की यह यात्रा आम पाठकों और संगीत रसिकों के लिए तो उपयोगी है ही; साथ ही भारतीय फ़िल्म संगीत के इतिहास, सांगीतिक धुनों की छवि और छाप, शैलियों की विविधता और विशिष्टता, राग और तालों के विवरण और विस्तार तथा फ़िल्म संगीत के क्रमिक विस्तार के तत्त्वों और सन्दर्भों के कारण फ़िल्म संगीत के विद्यार्थियों के लिए भी यह अनिवार्य सन्दर्भ पुस्तक के रूप में महत्त्वपूर्ण और उपयोगी होगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book