Gaban
₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
'गबन' मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास है जो भारतीय मध्यवर्ग की झूठी शान, नैतिक पतन और आभूषण प्रेम के परिणामों का यथार्थवादी चित्रण करता है। यह उपन्यास समाज की दिखावे की संस्कृति और उसके कारण पैदा होने वाले संकटों पर गहरा प्रकाश डालता है।कहानी का सारांशउपन्यास की मुख्य नायिका जालपा को बचपन से ही आभूषणों (खासकर चंद्रहार) का बहुत शौक है। जालपा का विवाह रमानाथ (रमा) नामक एक सामान्य क्लर्क से होता है। रमा अपनी पत्नी की इच्छाओं को पूरा करने और समाज में अपनी झूठी हैसियत बनाए रखने के लिए अपनी आय से अधिक खर्च करता है।कर्ज में डूबने और सच छिपाने के चक्कर में, रमा ऑफिस के पैसों में गबन (हेराफेरी) कर बैठता है और डरकर घर से भाग जाता है। इसके बाद कहानी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, रमा झूठ और अपराध के दलदल में धंसता चला जाता है, और जालपा को कठोर वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है।प्रमुख पात्ररमानाथ: उपन्यास का नायक, जो एक कमजोर, दिखावा पसंद और डरपोक युवक है। परिस्थितियों के दबाव में वह गलतियाँ करता है, लेकिन अंततः पछतावे से गुजरता है।जालपा: उपन्यास की नायिका, जो पहले आभूषण प्रेमी और नासमझ है, लेकिन संकट के समय में एक मजबूत, आदर्शवादी और साहसी नारी बनकर उभरती है।अन्य पात्र: देवीदीन (एक देशभक्त), रतन, और जोहरा।उपन्यास के मुख्य विषयआभूषण प्रेम का प्रभाव: प्रेमचंद ने दिखाया है कि कैसे जेवरों के प्रति महिलाओं का अत्यधिक लगाव और पुरुषों का उसे पूरा करने का दबाव, उन्हें अपराध की ओर धकेलता है।मध्यवर्गीय दिखावा: समाज में अपनी झूठी प्रतिष्ठा (Status) बनाए रखने के चक्कर में लोग किस प्रकार अपनी आर्थिक सीमाएं लांघते हैं और बर्बाद होते हैं।चरित्र निर्माण और प्रायश्चित: यह कहानी केवल पतन की नहीं, बल्कि रमा के चरित्र के विकास और जालपा द्वारा उसे सही राह दिखाने की यात्रा भी है।यह कालजयी उपन्यास समाज की कमजोरियों पर करारा व्यंग्य करता है और मानवीय मूल्यों की महत्ता को स्थापित करता है। आप इसकी संपूर्ण कहानी इंटरनेट आर्काइव पर पीडीएफ के माध्यम से पढ़ सकते हैं।यदि आप 'गबन' उपन्यास के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं:क्या आप प्रमुख पात्रों के चरित्र-चित्रण के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?क्या आप उपन्यास की प्रासंगिकता (आज के समय में इसकी स्थिति) पर चर्चा करना चाहते हैं?या आप प्रेमचंद की अन्य कृतियों के बारे में जानकारी चाहते हैं?9 sitesग़बन (उपन्यास) - विकिपीडियाग़बन का मूल विषय है - 'महिलाओं का पति के जीवन पर प्रभाव'। ग़बन प्रेमचन्द के एक विशेष चिन्ताकुल विषय से सम्बन्धित उपन्यास है। यह वि प्रेमचंद गबनतीसरा पहर है;पर ऐसा मालूम हो रहा है, शाम हो गई। आमों. के बाग में झूला पड़ा है। लड़कियाँ झूल रही है और उनकी. माताएँ भी। दो-चार झूल by Premchand | गबन उपन्यास की पूरी कहानी | Episode 2 ...21 Jan 2026 — नमस्कार श्रोताओं आप सुन रहे हैं साहित्य. स्वर भाग दो में प्रवेश कर रहे हैं अगर आपने भाग एक नहीं सुना तो हमारी प्लेलिस्ट में जाकर |
Read moreAbout the Book
'गबन' मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास है जो भारतीय मध्यवर्ग की झूठी शान, नैतिक पतन और आभूषण प्रेम के परिणामों का यथार्थवादी चित्रण करता है। यह उपन्यास समाज की दिखावे की संस्कृति और उसके कारण पैदा होने वाले संकटों पर गहरा प्रकाश डालता है।कहानी का सारांशउपन्यास की मुख्य नायिका जालपा को बचपन से ही आभूषणों (खासकर चंद्रहार) का बहुत शौक है। जालपा का विवाह रमानाथ (रमा) नामक एक सामान्य क्लर्क से होता है। रमा अपनी पत्नी की इच्छाओं को पूरा करने और समाज में अपनी झूठी हैसियत बनाए रखने के लिए अपनी आय से अधिक खर्च करता है।कर्ज में डूबने और सच छिपाने के चक्कर में, रमा ऑफिस के पैसों में गबन (हेराफेरी) कर बैठता है और डरकर घर से भाग जाता है। इसके बाद कहानी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, रमा झूठ और अपराध के दलदल में धंसता चला जाता है, और जालपा को कठोर वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है।प्रमुख पात्ररमानाथ: उपन्यास का नायक, जो एक कमजोर, दिखावा पसंद और डरपोक युवक है। परिस्थितियों के दबाव में वह गलतियाँ करता है, लेकिन अंततः पछतावे से गुजरता है।जालपा: उपन्यास की नायिका, जो पहले आभूषण प्रेमी और नासमझ है, लेकिन संकट के समय में एक मजबूत, आदर्शवादी और साहसी नारी बनकर उभरती है।अन्य पात्र: देवीदीन (एक देशभक्त), रतन, और जोहरा।उपन्यास के मुख्य विषयआभूषण प्रेम का प्रभाव: प्रेमचंद ने दिखाया है कि कैसे जेवरों के प्रति महिलाओं का अत्यधिक लगाव और पुरुषों का उसे पूरा करने का दबाव, उन्हें अपराध की ओर धकेलता है।मध्यवर्गीय दिखावा: समाज में अपनी झूठी प्रतिष्ठा (Status) बनाए रखने के चक्कर में लोग किस प्रकार अपनी आर्थिक सीमाएं लांघते हैं और बर्बाद होते हैं।चरित्र निर्माण और प्रायश्चित: यह कहानी केवल पतन की नहीं, बल्कि रमा के चरित्र के विकास और जालपा द्वारा उसे सही राह दिखाने की यात्रा भी है।यह कालजयी उपन्यास समाज की कमजोरियों पर करारा व्यंग्य करता है और मानवीय मूल्यों की महत्ता को स्थापित करता है। आप इसकी संपूर्ण कहानी इंटरनेट आर्काइव पर पीडीएफ के माध्यम से पढ़ सकते हैं।यदि आप 'गबन' उपन्यास के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं:क्या आप प्रमुख पात्रों के चरित्र-चित्रण के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?क्या आप उपन्यास की प्रासंगिकता (आज के समय में इसकी स्थिति) पर चर्चा करना चाहते हैं?या आप प्रेमचंद की अन्य कृतियों के बारे में जानकारी चाहते हैं?9 sitesग़बन (उपन्यास) - विकिपीडियाग़बन का मूल विषय है - 'महिलाओं का पति के जीवन पर प्रभाव'। ग़बन प्रेमचन्द के एक विशेष चिन्ताकुल विषय से सम्बन्धित उपन्यास है। यह वि प्रेमचंद गबनतीसरा पहर है;पर ऐसा मालूम हो रहा है, शाम हो गई। आमों. के बाग में झूला पड़ा है। लड़कियाँ झूल रही है और उनकी. माताएँ भी। दो-चार झूल by Premchand | गबन उपन्यास की पूरी कहानी | Episode 2 ...21 Jan 2026 — नमस्कार श्रोताओं आप सुन रहे हैं साहित्य. स्वर भाग दो में प्रवेश कर रहे हैं अगर आपने भाग एक नहीं सुना तो हमारी प्लेलिस्ट में जाकर |
Book Details
Customer Reviews
Be the first to write a review...
