Desh, Samaj aur Sanskriti
(0)
₹
500
400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789386871558
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
NTA CUET UG 2024 Exam | Chemistry | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BAGICHE KA SHISHTACHAR
- Author Name:
Manjari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
TWAMAPI MAYA SAHA CHAL (& Jeevanpathe)
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Hindi Bhasha Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Hindi Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KHAIRAGARH MEIN KAT CHAY AUR DABAL PAAN
- Author Name:
Sanjeev Buxy
- Book Type:

- Description: Memories
BHARAT KE MANDIR
- Author Name:
SHYAM CHANDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Buy Main Shabari Hoon Ram Ki - Shabari and Rama Hindi Story Book
- Author Name:
Urvashi Agrawal ‘Urvi’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anokha Pyar Hindi Translation of An Uncommon Love: The Early Life of Sudha and Narayana Murthy
- Author Name:
Chitra Banerjee Divakaruni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
In The Arms of A Soldier: For A Soldier, The Nation Is Always First
- Author Name:
Buddhabhushan Kuchekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Vatan
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kahani Purab-Pashchim Stories (Hindi Translation of Chekhov And His Buys)
- Author Name:
C.V. Ananda Bose
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rifleman Sanjay Kumar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Sanjay Kumar was born on March 3, 1976 in Kalol Bakain of District Bilaspur in Himachal Pradesh. Rank—Rifleman (Presently, Subedar Major) Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—ParamVir Chakra Recognition—Rifleman Sanjay Kumar is a paradigm of extraordinary bravery. His enemies were amazed and impressed by his incredible bravery. The enemy attacked from the hill and most of the soldiers from his team were martyred. There was a point of time when Sanjay was out of ammunitions, but this never stopped him. He could see his end right in front of his eyes, yet he acted with determination and courage and thus defeating death, he successfully completed the mission assigned to him.
Hum Honge Kamyab
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: प्रश्नोत्तर शैली में प्रस्तुत यह पुस्तक भारत के महान् प्रेरणा-पुरुष और राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा बच्चों से बातचीत पर आधारित है। बच्चे समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं। बच्चे जितने शिक्षित, संस्कारी व चरित्रवान् होते हैं, समाज और राष्ट्र का भी उतना ही चारित्रिक विकास होता है। बच्चों की जिज्ञासाएँ अद्भुत व अनुपम होती हैं और उनके सोच को व्यापकता प्रदान करती हैं। उनकी जिज्ञासाओं का समाधान जीवन-पथ पर आगे बढ़ने हेतु उन्हें संबल प्रदान करता है। इसमें डॉ. कलाम के जीवन के अनूठे प्रसंगों और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उनके महान् स्वप्न तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग व प्रौद्योगिकी एवं देश को विकसित बनानेवाले अन्य महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के बारे में बच्चों से उनकी रोचक व प्रेरक बातचीत प्रस्तुत है। डॉ. कलाम के जीवन-प्रसंगों, उनके विचारों को प्रस्तुत करती प्रेरणादायी पुस्तक।
Safaltam Karobariyon Ki Adbhut Kahaniyan
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mallika Samagra
- Author Name:
Mallika
- Book Type:

- Description: बहुमुखी प्रतिभा की धनी एवं स्वतंत्रचेता मल्लिका आधुनिक हिन्दी साहित्य के आरम्भिक दिनों की एक महत्त्वपूर्ण, लेकिन उपेक्षित शख़्सियत हैं। अकसर उनका उल्लेख भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की प्रेयसी (धर्मग्रहीता) और उनकी बौद्धिक सहायक के रूप में किया जाता है जबकि एक रचनाकार के रूप में उनकी स्वतंत्र पहचान को स्वीकार किया जाना और उनके योगदान का यथोचित मूल्यांकन अब भी शेष है। उन्होंने कई उपन्यास लिखे। गीतों और लेखों की रचना की। पत्रिकाओं के सम्पादन-प्रकाशन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई—बालाबोधिनी में उनकी भूमिका तो थी ही, रहस्य चन्द्रिका पत्रिका का भी उन्होंने स्वतंत्र रूप से प्रकाशन किया। यही नहीं, उन्होंने मल्लिका चन्द्र एंड कम्पनी चलाने की ज़िम्मेदारी का भी निर्वाह किया। सम्भवतः उन्नीसवीं सदी में लेखन करनेवाली हिन्दी-क्षेत्र की वह अकेली स्त्री हैं जो लेखन के साथ-साथ प्रकाशन-सम्पादन में सक्रिय दिखाई देती हैं। बांग्ला और हिन्दी के बीच अपने लेखन से एक सेतु बनाने का उनका प्रयास भी उल्लेखनीय है। इस परिप्रेक्ष्य में मल्लिका के योगदान का सम्यक् मूल्यांकन हिन्दी-क्षेत्र के पुरुष-केन्द्रित साहित्यिक-सांस्कृतिक इतिहास को दुरुस्त करने के लिए ज़रूरी है। वास्तव में मल्लिका के बिना न तो उन्नीसवीं सदी के कथित ‘हिन्दी नवजागरण’ की कहानी पूरी हो सकती है, न ही उस नवजागरण के प्रवर्तक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की। उम्मीद है, मल्लिका की समस्त उपलब्ध रचनाओं का यह प्रामाणिक संकलन इस ज़रूरत को पूरा करेगा।
Hamare Sudarshanji
- Author Name:
Baldev Bhai Sharma
- Book Type:

- Description: "संघ के पंचम सरसंघचालक पूज्य सुदर्शनजी का ऋषितुल्य जीवन भौगोलिक व मत-पंथ की सीमाएँ लाँघकर देश-विदेश के लक्षावधि अंतःकरणों में एक प्रेरणापुंज के रूप में बसा है। हमारे ऋषियों ने कहा, ‘यानि अस्माकं सुचरितानि तानि त्वया सेवितम्’ यानी उनके जीवन के जो आदर्श हैं, सुचरितरूप श्रेष्ठ जीवन-मूल्य जिन्हें उन्होंने जिया, वह सद्मार्ग जिस पर चलकर उन्होंने मानवता के उच्च मानदंड स्थापित किए, उन्हें उनकी आनेवाली पीढ़ी यानी हम अपने जीवन के आचरण में ढालें, ताकि हम उन सद्गुण-सदाचार से युक्त उदात्त जीवन-मूल्यों और संस्कारों से युक्त जीवन जी सकें। पूज्य सुदर्शनजी के ऐसे तपोनिष्ठ व संकल्पवान् राष्ट्रसेवी जीवन का सान्निध्य जिन असंख्य लोगों को मिला, वे स्मृतियाँ उनके हृदय को सुवासित किए हुए हैं। एक बालक से लेकर स्वयंसेवक बनने, कार्यकर्ता के रूप में ढलकर प्रचारक जीवन का असिधारा व्रत स्वीकारने और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पूज्य सरसंघचालक के रूप में प्रतिष्ठित होने की उनकी यात्रा बड़ी प्रेरणास्पद है। पूज्य सुदर्शनजी के जीवन की यह विविध पक्षीय प्रेरणा आनेवाले समय में राष्ट्र व समाज के सर्वतोमुखी उन्नयन हेतु लक्षावधि स्वयंसेवकों के लिए तो जीवंत रहे ही, समाज के अन्य वर्गों में भी उस जीवन-दृष्टि का विस्तार हो, यह महत् उद्देश्य ही इस ग्रंथ की रचना का आधार है। विश्वास है कि यह ग्रंथ पूज्य सुदर्शनजी की यश-काया को अक्षुण्ण रखेगा और सबके लिए राष्ट्रभक्ति व समाजसेवा का पाथेय बनेगा। "
Ye Kya Hai Maa?
- Author Name:
Dr. Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Upanyaskar Ka Safarnama
- Author Name:
Udayan Vajpeyi
- Book Type:

- Description: “शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी इस समय न सिर्फ़ उर्दू बल्कि समूचे भारतीय साहित्य में एक बड़ी और आकर्षक हस्ती हैं। उनमें गहरी विद्वत्ता और अथक सृजनशीलता का जो संयोग है, वह अनोखा है। अपनी पारम्परिक बहुलता, जो कई बार आधुनिकता की झोंक में इकहरी देखी-समझी जाने लगती है, इस चिन्तक-लेखक के यहाँ जीवन्त गतिशीलता में प्रगट होती है। उनके संवाद से हमारी स्थिति के, हमारी सांस्कृतिक धरोहर के ऐसे कई पहलू सामने आते हैं जिन्हें हम भूल गए हैं। किसी उर्दू लेखक का हिन्दी में शायद यह सबसे लम्बा संवाद है। रज़ा पुस्तक माला में इस अनूठी और कई सिम्तों को रोशन करती बातचीत को पुस्तकाकार प्रस्तुत करते हमें हर्ष है।" —अशोक वाजपेयी
Naariwadi Nigah Se
- Author Name:
Nivedita Menon
- Book Type:

- Description: इस किताब की बुनियादी दलील नारीवाद को पितृसत्ता पर अन्तिम विजय का जयघोष सिद्ध नहीं करती। इसके बजाय वह समाज के एक क्रमिक लेकिन निर्णायक रूपान्तरण पर ज़ोर देती है ताकि प्रदत्त अस्मिता के पुरातन चिह्नों की प्रासंगिकता हमेशा के लिए ख़त्म हो जाए। नारीवादी निगाह से देखने का आशय है मुख्यधारा तथा नारीवाद, दोनों की पेचीदगियों को लक्षित करना। यहाँ जैविक शरीर की निर्मिति, जाति-आधारित राजनीति द्वारा मुख्यधारा के नारीवाद की आलोचना, समान नागरिक संहिता, यौनिकता और यौनेच्छा, घरेलू श्रम के नारीवादीकरण तथा पितृसत्ता की छाया में पुरुषत्व के निर्माण जैसे मुद्दों की पड़ताल की गई है। एक तरह से यह किताब भारत की नारीवादी राजनीति में लम्बे समय से चली आ रही इस समझ को दोबारा केन्द्र में लाने का जतन करती है कि नारीवाद का सरोकार केवल ‘महिलाओं’ से नहीं है। इसके उलट, यह किताब बताती है कि नारीवादी राजनीति में कई प्रकार की सत्ता-संरचनाएँ सक्रिय हैं जो इस राजनीति का मुहावरा एक दूसरे से अलग-अलग बिन्दुओं पर अन्तःक्रिया करते हुए गढ़ती हैं।
Shreshtha Hasya Vyangya Ekanki
- Author Name:
Kaka Hatharasi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book