Aapki Jeet
(0)
₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
पचासी वर्ष की आयु और पचास वर्ष से भी अधिक समय तक दुनिया को बहुत कुछ देते रहनेवाले जिग जिगलर प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक बातचीत का एक ऐसा प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं, जिन्हें कई लोग प्रेरणा और संतुलित जीवन का जनक तक कहते हैं। उनकी आखिरी और अब तक की सबसे विस्तृत और समग्र पुस्तक पेश है आपकी जीत! जानिए अपनी सफलता का सूत्र। जिग जिगलर की आखिरी पुस्तक में जीवन का कायाकल्प करनेवाले साधनों और उपायों से जुड़े साढ़े चार दशक के अनुभवों को प्रेरक, संक्षिप्त और सरल रूप में समेटा गया है, जिनका उपयोग अंतिम पंक्ति के वे लोग आसानी से कर सकते हैं, जो अपने जीवन का विस्तार और सुधार अभी-की-अभी करना चाहते हैं। पाठक यह जान जाएँगे कि जब आपके पास चीजों को बदलने की उम्मीद और उस बदलाव को संभव बनाने की योजना होती है, तब आप कर सकते हैं और करते भी हैं। जिग जिगलर के संपूर्ण व्यक्तित्व, जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण ने करोड़ों लोगों को अच्छा स्वास्थ्य, परिवार और मित्रों के प्रति अगाध प्रेम और आभार, वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, तथा मन की आध्यात्मिक शांति दी है। आप जब सही मायने में समझ जाते हैं कि आपकी जीत निश्चित है, तब आप दुनिया को बदल सकते हैं!
Read moreAbout the Book
पचासी वर्ष की आयु और पचास वर्ष से भी अधिक समय तक दुनिया को बहुत कुछ देते रहनेवाले जिग जिगलर प्रेरणादायी और उत्साहवर्धक बातचीत का एक ऐसा प्रतिष्ठित नाम बन चुके हैं, जिन्हें कई लोग प्रेरणा और संतुलित जीवन का जनक तक कहते हैं। उनकी आखिरी और अब तक की सबसे विस्तृत और समग्र पुस्तक पेश है आपकी जीत! जानिए अपनी सफलता का सूत्र।
जिग जिगलर की आखिरी पुस्तक में जीवन का कायाकल्प करनेवाले साधनों और उपायों से जुड़े साढ़े चार दशक के अनुभवों को प्रेरक, संक्षिप्त और सरल रूप में समेटा गया है, जिनका उपयोग अंतिम पंक्ति के वे लोग आसानी से कर सकते हैं, जो अपने जीवन का विस्तार और सुधार अभी-की-अभी करना चाहते हैं।
पाठक यह जान जाएँगे कि जब आपके पास चीजों को बदलने की उम्मीद और उस बदलाव को संभव बनाने की योजना होती है, तब आप कर सकते हैं और करते भी हैं। जिग जिगलर के संपूर्ण व्यक्तित्व, जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण ने करोड़ों लोगों को अच्छा स्वास्थ्य, परिवार और मित्रों के प्रति अगाध प्रेम और आभार, वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, तथा मन की आध्यात्मिक शांति दी है। आप जब सही मायने में समझ जाते हैं कि आपकी जीत निश्चित है, तब आप दुनिया को बदल सकते हैं!
Book Details
-
ISBN9789390101931
-
Pages192
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tribal Phiolosphy
- Author Name:
Santosh Kiro
- Book Type:

- Description: The world of tribes in India is still undiscovered and it often appears mysterious to the common man. Their peculiar belief system, worship of myriad spirits, animals, plants, hills, rivers and mountains compound the mystery. Even today, their world view, lifestyle, ritual and value system remain beyond the grasp of the mainstream society. Tribes are often dismissed as just animists, without a philosophy. Scholars so far have been dwelling mostly on the anthropological aspects of the tribes. This book is the first systematic effort to deal with the tribes from the point of view of philosophy. The work goes beyond what appears about the tribes on the surface level, and delves into their world of cosmology, metaphysics, aesthetics, epistemology and eschatology, man-animal-nature relations, gods, spirits, body and soul. Though the book is a work of philosophy, it chooses to avoid dry and cumbersome _ philosophical process; but in the final analysis succeeds to bring forth the philosophy of the tribal community in a manner appealing even to the general readers. A large number of legends and folktales have been interpreted philosophically in order to give sensible meaning to them vis-a-vis Vedic philosophy and Christian philosophy; and it is therefore that the book promises to be an exotic journey into the world of the tribes.
Village Defence Committees | The Saviours of Jammu and kashmir
- Author Name:
Dr. Annu Kotwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deh Mann Madhyam Tumhare Yog Ka "देह मन माध्यम तुम्हारे योग का" Book In Hindi
- Author Name:
Praveen Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwan Atalani Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Bhagwan Atalani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swapna Rath "स्वप्न रथ" Book in Hindi- Dr. Aniruddha Rawat
- Author Name:
Dr. Aniruddha Rawat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chalisa Sangrah - Aarti Sangrah "चालीसा संग्रह आरतियों सहित" | All in One for Pooja Ghar | Samanya Ganesh Chalisa Durga Shiva Chalisa Krishna Chalisa Ram Chalisa Gayatri Chalisa Hanuman Chalisa Gyan
- Author Name:
Pt. Ram Kishore
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi Ki Anusuchit Jatiyan Va Aarakshan Vyavastha
- Author Name:
Ramesh Chander
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mridula Garg Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Aalok Puranik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khalil Zibran Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mozej Michael
- Book Type:

- Description: "एक सीप ने अपने पड़ोसी सीप से कहा, ‘‘मेरे अंदर बहुत दर्द है। यह भारी व गोल है और मैं परेशानी में हूँ।’’ दूसरे सीप ने दंभ और इत्मीनान से कहा, ‘‘ईश्वर और सागर की कृपा है, मेरे अंदर कोई दर्द नहीं है। मैं अंदर और बाहर दोनों ही तरफ से अच्छा, भला-चंगा हूँ।’’ पहले सीप ने कहा, ‘‘हाँ, तुम अच्छे-भले और चंगे हो, लेकिन तुम्हारा पड़ोसी जो दर्द झेल रहा है, वह बेहद खूबसूरत एक मोती के बनने का है।’’ —इसी पुस्तक से विश्व-विख्यात दार्शनिक एवं विचारक खलील जिब्रान की लोकप्रिय व चर्चित कहानियाँ, जो मनोरंजक तो हैं ही, मानवीय संवेदना और मार्मिकता से भरपूर होने के कारण पाठकों के दिल तक उतर जाती हैं। जीवन का यथार्थ और मायने बतातीं रोचक कहानियाँ। "
Kamleshwar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kamleshwar
- Book Type:

- Description: भारतीय कथाकारों में कमलेश्वर की लोकप्रियता का कोई जवाब नहीं। न तो उनसे पहले, न ही उनके बाद वैसी लोकप्रियता किसी और को हासिल हो सकी। उन्होंने आरंभ में ही ‘दूरदर्शन’ में लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परिक्रमा’ शुरू किया। बाद में ‘दूरदर्शन’ के महानिदेशक भी बने। आँधी, मौसम, डाक बँगला, द बर्निंग ट्रेन, राम-बलराम जैसी सौ के करीब फिल्में और चंद्रकांता संतति जैसे तमाम सीरियल लिखनेवाले कमलेश्वर ने ‘सारिका’, ‘कथायात्रा’, ‘गंगा’ और ‘श्रीवर्षा’ जैसी पत्रिकाओं का संपादन किया। जीवन के आखिरी समय तक अखबारों में कॉलम लिखनेवाले कमलेश्वर की कलम उनके हाथ से कभी छूटी नहीं। कमलेश्वर की पहली कहानी ‘फरार’ सन् 1946 में कानपुर से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक ‘जय भारत’ में छपी थी, जबकि ‘कॉमरेड भारती’ सन् 1948 में छपी, जिसे उनकी पहली कहानी मान लिया गया था। उन्होंने ढेर सारी कहानियाँ लिखीं, जिनमें से उनकी कुछ लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं। कहानियाँ अलग-अलग आस्वाद लिये हुए हैं। आशा है सुधी पाठकों को ये कहानियाँ रुचेंगी और अपनी सी लगेंगी।
Bharatiya Sanskritik Moolya
- Author Name:
Dr. Bajrang Lal Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Antim Satya Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Himanshu Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dadi Amma Kahen Kahani
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Sapna Lapta "एक सपना लापता" Book In Hindi
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
- Author Name:
Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: "अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे। महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई। जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा। साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी। "
Shivna Sahityiki April-june 2023
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Rating:
- Book Type:

- Description: UGC Registered General
Saat Chiranjeevi: The 7 Immortals
- Author Name:
Ramesh Soni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GAUTAM BUDDH KI PRERAK JEEVANI
- Author Name:
PARIJAT
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book