Khamosh Aawazen
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Book
Read moreAbout the Book
Book
Book Details
-
ISBN9789387310261
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Love, Life & Marriage.. In a Metro
- Author Name:
Rashmi Anand
- Book Type:

- Description: This story is about two people who fell in love during college. After college, they marry, but reality soon hits their lives. And they realised that things were not going well. The girl decides to live separately, but the boy cannot accept that they are no longer together. It shatters his life. To overcome this, he goes to his aunt’s place in Singapore for a month. He lives there, meets some interesting people, makes good friends, and explores Singapore. He was about to get laid with the girl interested in him. But nothing happened that night. The next morning he felt guilty about the incident and went to Phuket for two days. He met a woman dumped by her husband, whom she loved madly. After spending time with her and sharing stories, he realised that he had to clear all differences with his wife and they should live happily.
Mr. Lapata (Tiwari)
- Author Name:
Devendra Pandey
- Book Type:

- Description: इश्क़ बकलोल' और 'बाली श्रृंखला' के लेखक की नई पेशकश "कल ऐसे ही गिरते पड़ते मिले थे, बस से उतरे और मुंह के बल गिरे थे, रास्ते मे भी कई दफा गिरते पड़ते रहें हैं।आज भी ठोकर ही खाते दिखाई दे रहें हैं। लगता है ठोकरों से पुराना रिश्ता है इनका, या ठोकरों का ही अपनापन ज्यादा है इनके लिए।" "शायद आपके गांव का हम शहर वालों से प्यार जताने का यह अपना तरीका है" "हां! जब तक आप इसे अपना नहीं मानेंगे तब तक कहां आपको इस प्यार दुलार का अहसास होगा? जड़ें तो यहीं से है आपकी, जब आपको यहां अपनापन दिखने लगेगा तब आपको इन ठोकरों में भी दुलार ही दिखेगा।" "ऐसे दुलार से दूरी भली।" "आप दूर ही तो हैं।" उसकी इस बात पर वह चाह कर भी मुस्कुरा नही पाया।
Sita Banam Ram
- Author Name:
Narayan Singh
- Book Type:

- Description: सीता बनाम राम(वाल्मीकि रामायण पर आधारित रामकथा का वैकल्पिक पाठ) वनगमन के समय सीता को अयोध्या में रहकर भरत को 'विशेष यत्नपूर्वक' प्रसन्न रखने के राम के सुझाव की निंदा करते हुए सीता द्वारा राम को स्त्री की कमाई खाने वाले नट की संज्ञा देना (शैलूष इव मां राम परेभ्यो दातुमिच्छसि), अरण्यकांड में 'अकारण' हिंसा के विरुद्ध सीता का राम के साथ वाद-विवाद करना, अग्नि-परीक्षा के समय देह को ही सर्वोपरि मानने वाले राम के आरोपों का उत्तर देते हुए सीता का हृदय और आत्मा में बसे प्रेम को देह से परे बताना (मदधीनं तु यत् तन्मे हृदयं त्वयि वर्तते। पराधीनेषु गात्रेषु किं करिष्याम्यनीश्वरी॥); ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे दोनों के सोच और व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है। और आखिर में अश्वमेध यज्ञ के समय जनसमुदाय के समक्ष राम जिस प्रकार सीता के सामने शुद्धता की शपथ लेने के बाद ही उन्हें अपनाने की शर्त रखते हैं; और उत्तर में राम की ओर देखे बिना वे खामोशी के साथ जिस प्रकार भूमि-प्रवेश कर जाती हैं (जो प्रेम के समाप्त होने का संकेत माना जा सकता है), वह उन दोनों के वैचारिक अंतर को स्पष्ट कर देता है।सीता और राम अपने सोच और आचरण में ही नहीं, जन्म और मृत्यु में भी एक-दूसरे के प्रतिकूल हैं। सीता का जन्म राम की तरह किसी माँ के गर्भ से नहीं, धरती से होता है और वे अंत में धरती में समा जाती हैं। वह न तो जन्म लेती हैं और न (राम की भाँति) मरती हैं। राम आकाश में स्थित विष्णुलोक से अवतार लेकर आते हैं और वापस आकाश में चले जाते हैं। दोनों के इस संसार में आने और लौटने के स्थान विपरीत दिशा में हैं। बिछड़ने के बाद राम के साथ वे कभी नहीं मिलतीं। ('सीता बनाम राम' पुस्तक से...)
Prashaskiy Yogayog
- Author Name:
Shekhar Gaikwad
- Book Type:

- Description: काही घटित काही अघटित स्टील फ्रेम! अर्थात शासनाच्या धोरणांची, निर्णयांची अंमलबजावणी करणाऱ्या सरकारी यंत्रणेची चौकट म्हणजेच प्रशासन!! अशा या स्टील फ्रेमच्या आत नेमकं काय चालतं आणि कसं चालतं याचं आकलन सरकारी कचेऱ्यांमध्ये रोज नियमानं खेटं घालणाऱ्या व्यक्तीलाही नीट होत नाही. म्हणूनच सामान्य माणसांना नेहमी प्रश्न पडतो. तो म्हणजे सरकार म्हणजे नक्की काय? खरं तर याचं साधं, सरळ असं उत्तर देता येणार नाही. पण या स्टील फ्रेमच्या पलीकडे एक मोठं आणि वेगळंच जग कार्यरत असतं. आणि त्या जगामध्ये साहेब, अधिकारी, अधीक्षक, क्लार्क, शिपाई अशी बरीच मोठी उतरंड असते. त्यात बदल्या, प्रमोशन, उद्घाटनं, फाइलींचा गोंधळ, निवडणुका, आदेशांचे घोडे, पत्रकबाजी, कार्यालयीन स्टाफ, त्यांचं वागणं-बोलणं, कामं मिळवण्याची, कामं काढून घेण्याची, फायली मंजूर करण्याची, न करण्याची अशी अनेक कारस्थानं असं काहीबाही अनाकलनीय चालत असतं. शासन आणि सामान्य नागरिक यांच्यातला दुवा बनून काम करताना या स्टील फ्रेमच्या आत घडणाऱ्या या अनाकलनीय गोष्टींद्वारे अनेक योग कधी घडवले जातात, तर कधी बिघडवले जातात. अशाच योगायोगांच्या या गोष्टी... कधी हलक्या फुलक्या विनोदाने हसवणाऱ्या, तर कधी विरोधाभासावर नेमकं बोट ठेवत अंतर्मुख करणाऱ्या... म्हणूनच कारभार चालवताना घडणाऱ्या आणि घडवल्या जाणाऱ्या गमतीजमती नेमकेपणानं टिपणारं हे पुस्तक आपल्याला प्रशासनाच्या अंतरंगाचं विहंगम्य दर्शन घडवतं. थोडक्यात काय तर प्रशासनाची नेमकी चाल आजमावण्यासाठी हे पुस्तक आपल्याकडे असायलाच हवं. Prashaskiy Yogayog | Shekhar Gaikwad प्रशासकीय योगायोग | शेखर गायकवाड
Nishpran Gawaah
- Author Name:
Kadambari Mehra
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Dharmhatya
- Author Name:
Sapna Singh
- Book Type:

- Description: This book has no description
Love and Destiny
- Author Name:
Siva Komaroju
- Book Type:

- Description: Masterpeice romantic english novel
Dekh Loon To Chaloon
- Author Name:
Sameer Lal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Good to Great
- Author Name:
Jim Collins +1
- Book Type:

- Description: पुस्तकात काय आहे? © सर्वोत्तमाचा शत्रू म्हणजे उत्तम असणं. © पाचव्या पातळीवरचं नेतृत्व : नम्र तरीही आक्रमक नेता असणं आवश्यक. © आधी कोण... मग काय? : योग्य लोकांची निवड करणं म्हणजे उत्तमतेच्या प्रवासाची सुरुवात. © दाहक वास्तवाला सामोरे जा... (तरीही विशास कायम ठेवा) या विरोधाभासातला तोल जपला तर उत्तमतेचा प्रवास वेगाने होतो. © साळू कल्पना (तीन वर्तुळातला साधेपणा) ‘कशावर लक्ष केंद्रित करायचं' ती तुमच्या कंपनीसाठीची कल्पना सापडणं फार गरजेचं असतं. © शिस्तीची संस्कृती : उत्तम कंपन्यांमधलं जादूई रसायन. © तांत्रिक वेगवर्धक - योग्य वापर करणं जमलं नाही तर तंत्रज्ञानाच्या सापळ्यात अडकाल. © प्रगतीचक्र आणि विनाशगती चक्र : सातत्याने टिकणारी आणि वाढणारी गती प्रगतीचक्राला कशामुळे मिळते. © उत्तम ते सर्वोत्तम पासून दीर्घकाळ टिकणारं होणं - चांगल्या कंपनीपासून सुरुवात करून दीर्घकाळ उत्तम राहणारी यशस्वी कंपनी कशी बनवायची. ‘एक उत्तम असणारी कंपनी सर्वोत्तम बनवता येते का? आणि येत असेल तर कशी?' या महत्त्वाच्या प्रश्नांची उत्तरं ‘गुड टू ग्रेट' या पुस्तकात आपल्याला मिळतात. पाच वर्षांच्या संशोधनानंतर कोलिन्स असं सांगतो, ‘उत्तम कंपनीची सर्वोत्तम कंपनी बनवणं अगदीच शक्य आहे.' उत्तम ते सर्वोत्तम प्रवास केलेल्या आणि हा प्रवास करू न शकलेल्या कंपन्यांच्या उदाहरणांमधून सर्वोत्तम होण्याच्या प्रक्रियेच्या अनेक पदरांची चर्चा त्याने या पुस्तकात केली आहे. ती करताना काय केल्याने हा प्रवास यशस्वी होतो आणि काय केल्याने चुका घडतात हेही त्याने सांगितलं आहे. अनेक उदाहरणं आणि आकडेवारी यांचा आधार घेत केलेल्या शास्त्रीय अभ्यासातून पुढे आलेले निकर्ष हे आजच्या आधुनिक युगातही आश्चर्यचकित आणि धक्कादायक वाटू शकतात. म्हणूनच कोलिन्सने सांगितलेला उत्तमापासून सर्वोत्तमापर्यंत हा प्रवास प्रत्येकानेच समजून घेण्यासारखा आहे. Good to Great : Jim Collins Translation : Dr. Pradyana Kulkarni गुड टू ग्रेट | जिम कोलिन्स अनुवाद : डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी
Zindagi Ki Sabse Sard Raat
- Author Name:
Krishn Bihari
- Book Type:

- Description: Book
Saahi & Sudhir
- Author Name:
Yogita Warde
- Book Type:

- Description: “साही '&' सुधीर” दोस्ती, प्रेम और आकर्षण पर आधारित उपन्यास है। यह उपन्यास सभी पीढ़ियों को अपने समय, जीवन और कहानीसे वाकिफ कराता है, यह एक प्यारी सी कहानी है जिसमें साही और सुधीर बचपन के दोस्त हैं। सुधीर पेंटिंग बनाता है और साहीलेखिका है, जब साही सुधीर के जीवन में आयी तब उसने अपने जीवन में कई बदलाव महसूस किए। दोनों अच्छे दोस्त हैं लेकिन कुछसमय बाद सुधीर और साही दोनों को एहसास होता है कि वे एक दूसरे से प्यार करते हैं लेकिन तब तक बहुत देर हो जाती है, फिर क्याहोता है? क्या वे फिर कभी मिलेंगे? क्या वे अपने प्यार का इजहार करेंगे? क्या पेंटिंग और लेखन दोनों का आपस में जुड़ पाते हैं? ऐसेबहुत से सवाल हैं, और जवाब के लिए आपको "साही '&' सुधीर” उपन्यास पढ़ना होगा। यह उपन्यास आपके दैनिक जीवन के साथआसानी से जुड़ सकता है। इस उपन्यास में स्कूली जीवन, दोस्ती और अलगाव के कई उतार-चढ़ाव शामिल हैं जो हर किसी को यहसोचने पर मजबूर करते हैं कि अब आगे क्या होगा, हिंदी साहित्य में लेखिका की यह सर्वश्रेष्ठ पहली रचना है एक परिपक्व कलमआपकी समीक्षाओं के साथ-साथ आलोचना की भी प्रतीक्षा कर रही है, ताकि अगले उपन्यास में आपके सामने और बेहतर काम किया जा सके।
Shah Aur Maat
- Author Name:
Manjushri
- Book Type:

- Description: Book
Tejo Tungabhadra
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: 15-16 ನೆಯ ಶತಮಾಮನದ ಲಿಸ್ಬನ್, ವಿಜಯನಗರ ಮತ್ತು ಗೋವಾ ನಗರಗಳ ಸಾಮಾಜಿಕ ಮತ್ತು ರಾಜಕೀಯ ಜೀವನವನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ಬರೆದ ಜನಸಾಮಾನ್ಯರ ಕಾದಂಬರಿ. ನಿಮ್ಮ ಹೊಸ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಓದಿ ಮೂಕ ವಿಸ್ಮಿತನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇಂತಹ ಶ್ರೇಷ್ಠ ಕೃತಿಯನ್ನು ಕನ್ನಡಿಗರಿಗೆ ಕೊಟ್ಟಿರುವ ನಿಮಗೆ ಹಾರ್ದಿಕ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು. – ಡಾ. ಸಿ ಎನ್ ರಾಮಚಂದ್ರನ್
Faisla Abhi Baki Hai
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: This book has no description
Delightful Novella (Volume-1)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella: Volume 1 is a short story collection that explores the world of romance, and love. It's a collection of stories that explore all aspects of love: from falling in love to finding your soulmate; from cheating on your partner to having an affair; from falling out of love to breaking up with someone you can't stand. The book contains stories, each one more beautiful than the last.
Vaijayantipura Kadamba Mayooravarmana Maha Charite
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Adventures of Rama
- Author Name:
Wonder House
- Rating:
- Book Type:

- Description: This delightful collection of stories from Indian mythology introduces young readers to our enriching and ancient culture and wisdom.
Delightful Novella (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-3) is the first book in a series of four novellas that follows the adventures of a young woman named Delightful. She's an aspiring writer who's trying to find her way in the world, and she has some big decisions to make about what kind of life she wants to live.Delightful is also a very interesting character because she has autism--which means that she has difficulty communicating with others and understanding social cues. This makes her vulnerable when it comes to making friends and finding love, but it also means that she can be very observant about people's behavior and learn things about others that they may not even realize they're doing!
Tunga
- Author Name:
V Gayathri
- Rating:
- Book Type:

- Description: ತುಂಗಾ ಒಂದು ಪುಟ್ಟ ಹುಡುಗಿ ತುಂಗಾಳ ಕಥೆ. ಕರ್ನಾಟಕದ ಶಿವಮೊಗ್ಗ ಜಿಲ್ಲೆಯ ಒಂದು ದೂರದ ಹಳ್ಳಿಯಲ್ಲಿ ಕಥೆ ನಡೆಯುತ್ತದೆ. ಕಥೆಯು ಅವಳ ಹಳ್ಳಿಯ ಶಾಲೆಯಲ್ಲಿ ಅವಳ ಅನುಭವಗಳು ಮತ್ತು ಸರಿಯಾದ ಶಾಲೆಯನ್ನು ಕಂಡುಕೊಂಡಾಗ ಅವಳ ಜೀವನವು ಹೇಗೆ ಧನಾತ್ಮಕವಾಗಿ ತಿರುಗಿತು ಎಂಬುದರ ಬಗ್ಗೆ. Tunga is a story of a little girl Tunga. The story is set in a remote village in Shivmogga district in Karnataka. The story is about her experiences in her village school and how life turned around positively for her when she finds the right school.
Topi Shukla
- Author Name:
Rahi Masoom Raza +2
- Book Type:

- Description: ‘मी लेखकांच्या अशा जमातीचा आहे ज्यांच्या मते लेखकाचं काम विश्वभरात शांती पसरवण्याचं आहे. त्याचं काम आहे अशा प्रेमकथा लिहिणं की ज्या वाचल्यावर माणसं आपापसातल्या भिंती विसरून जातील. सीमारेषा पुसून टाकणं हेच तर लेखकाचं काम आहे.' राही मासूम रझा राही मासूम रझा यांच्या ‘टोपी शुक्ला' या कादंबरीचा माझ्या मनावर मोठाच प्रभाव पडला. एकीकडे तिने अंतर्मुख केलं, तर दुसरीकडे लढ्याची नवी दृष्टी दिली. या कादंबरीची भाषा लढ्याची प्रेरणा देणारी तसेच मानवी करुणेचीही आहे. यातील भाषाशैलीने मनाची पकड घेतली आणि युवकांशी संवाद साधण्याची नवी दृष्टी दिली. तिने धर्म, जाती, प्रांतीयता, भाषा, लिपी, संस्कृती, राष्ट्र्रीयता, देशप्रेम या संकल्पना सर्वसामान्य माणसांच्या जीवनात कशा उतरतात ते दाखवून दिलं. धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारतीयतेशी त्यांचा असलेला अतूट धागा समोर आणला. त्याबरोबरच या भारतीयतेचा एकेक चिरा कसा ढासळत चालला आहे, यावरील भाष्यही या कादंबरीत येतं. टोपीला त्या काळात पडलेले प्रश्न आजचे आपलेच प्रश्न आहेत. भारतात, भारतीय समाजात तरुणांना सांप्रदायिकतेचं आणि केवळ सत्ताप्राप्तीचं साधन मानलं गेलं, तर भारताला, भारतीयतेला काय भवितव्य उरतं? यापेक्षा वेगळं भवितव्य घडवायला आपण उभं राहायला नको का? ही संपूर्ण कादंबरी इशारा देते की धर्मवादी लोकशाहीविरोधी शक्तींशी तडजोड केली तर ती भारताची, भारतीयतेची आत्महत्या ठरेल, त्यामुळे पडेल ती किंमत देऊन धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यांसाठी लढणं, ती जगणं अटळ आहे. रझिया पटेल
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book