Sita Banam Ram
(0)
₹
450
₹ 369 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
सीता बनाम राम(वाल्मीकि रामायण पर आधारित रामकथा का वैकल्पिक पाठ) वनगमन के समय सीता को अयोध्या में रहकर भरत को 'विशेष यत्नपूर्वक' प्रसन्न रखने के राम के सुझाव की निंदा करते हुए सीता द्वारा राम को स्त्री की कमाई खाने वाले नट की संज्ञा देना (शैलूष इव मां राम परेभ्यो दातुमिच्छसि), अरण्यकांड में 'अकारण' हिंसा के विरुद्ध सीता का राम के साथ वाद-विवाद करना, अग्नि-परीक्षा के समय देह को ही सर्वोपरि मानने वाले राम के आरोपों का उत्तर देते हुए सीता का हृदय और आत्मा में बसे प्रेम को देह से परे बताना (मदधीनं तु यत् तन्मे हृदयं त्वयि वर्तते। पराधीनेषु गात्रेषु किं करिष्याम्यनीश्वरी॥); ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे दोनों के सोच और व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है। और आखिर में अश्वमेध यज्ञ के समय जनसमुदाय के समक्ष राम जिस प्रकार सीता के सामने शुद्धता की शपथ लेने के बाद ही उन्हें अपनाने की शर्त रखते हैं; और उत्तर में राम की ओर देखे बिना वे खामोशी के साथ जिस प्रकार भूमि-प्रवेश कर जाती हैं (जो प्रेम के समाप्त होने का संकेत माना जा सकता है), वह उन दोनों के वैचारिक अंतर को स्पष्ट कर देता है।सीता और राम अपने सोच और आचरण में ही नहीं, जन्म और मृत्यु में भी एक-दूसरे के प्रतिकूल हैं। सीता का जन्म राम की तरह किसी माँ के गर्भ से नहीं, धरती से होता है और वे अंत में धरती में समा जाती हैं। वह न तो जन्म लेती हैं और न (राम की भाँति) मरती हैं। राम आकाश में स्थित विष्णुलोक से अवतार लेकर आते हैं और वापस आकाश में चले जाते हैं। दोनों के इस संसार में आने और लौटने के स्थान विपरीत दिशा में हैं। बिछड़ने के बाद राम के साथ वे कभी नहीं मिलतीं। ('सीता बनाम राम' पुस्तक से...)
Read moreAbout the Book
सीता बनाम राम(वाल्मीकि रामायण पर आधारित रामकथा का वैकल्पिक पाठ) वनगमन के समय सीता को अयोध्या में रहकर भरत को 'विशेष यत्नपूर्वक' प्रसन्न रखने के राम के सुझाव की निंदा करते हुए सीता द्वारा राम को स्त्री की कमाई खाने वाले नट की संज्ञा देना (शैलूष इव मां राम परेभ्यो दातुमिच्छसि), अरण्यकांड में 'अकारण' हिंसा के विरुद्ध सीता का राम के साथ वाद-विवाद करना, अग्नि-परीक्षा के समय देह को ही सर्वोपरि मानने वाले राम के आरोपों का उत्तर देते हुए सीता का हृदय और आत्मा में बसे प्रेम को देह से परे बताना (मदधीनं तु यत् तन्मे हृदयं त्वयि वर्तते। पराधीनेषु गात्रेषु किं करिष्याम्यनीश्वरी॥); ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे दोनों के सोच और व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है। और आखिर में अश्वमेध यज्ञ के समय जनसमुदाय के समक्ष राम जिस प्रकार सीता के सामने शुद्धता की शपथ लेने के बाद ही उन्हें अपनाने की शर्त रखते हैं; और उत्तर में राम की ओर देखे बिना वे खामोशी के साथ जिस प्रकार भूमि-प्रवेश कर जाती हैं (जो प्रेम के समाप्त होने का संकेत माना जा सकता है), वह उन दोनों के वैचारिक अंतर को स्पष्ट कर देता है।सीता और राम अपने सोच और आचरण में ही नहीं, जन्म और मृत्यु में भी एक-दूसरे के प्रतिकूल हैं। सीता का जन्म राम की तरह किसी माँ के गर्भ से नहीं, धरती से होता है और वे अंत में धरती में समा जाती हैं। वह न तो जन्म लेती हैं और न (राम की भाँति) मरती हैं। राम आकाश में स्थित विष्णुलोक से अवतार लेकर आते हैं और वापस आकाश में चले जाते हैं। दोनों के इस संसार में आने और लौटने के स्थान विपरीत दिशा में हैं। बिछड़ने के बाद राम के साथ वे कभी नहीं मिलतीं। ('सीता बनाम राम' पुस्तक से...)
Book Details
-
ISBN9789391925796
-
Pages304
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gata
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕಿ ಆಶಾ ರಘು ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ-ಗತ. ಪುನರ್ಜನ್ಮ ಎಂಬ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯು ಭಾರತೀಯರ ಜನಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರಾಚೀನ. ಪುನರ್ ಜನ್ಮದ ನಂಬಿಕೆ ಆಳವಾಗಿ ಬೇರೂರಿದೆ. ಪುನರ್ಜನ್ಮವು ಇಲ್ಲ. ಜನರ ಧಾರ್ಮಿಕ ಭಾವನೆಗಳನ್ನು ಶೋಷಿಸಲು ಕೆಲವರು ಸೃಷ್ಟಿಸಿದ ತಂತ್ರ ಎಂದು ಹಳಿಯುವವರು ಇದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ, ವ್ಯಕ್ತಿಯ ಮರಣ ನಂತರ ಆತ್ಮ ಇಲ್ಲವೇ ಜೀವ ಯಾರ ಕಣ್ಣಿಗೂ ಕಾಣಿಸದೇ ಹೋಗಿ ಮತ್ತೊಂದು ದೇಹದಲ್ಲಿ ಸೇರಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ. ದೇಹ ನಶ್ವರ. ಆದರೆ, ಆತ್ಮವಲ್ಲ ಎಂಬ ಭಾವನೆಯು ಪುನರ್ಜನ್ಮದ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯನ್ನು ಜನರು ನಂಬುವಂತೆ ಮಾಡಿದೆ. ಈ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟು ಆರಂಭವೂ ಅಲ್ಲ; ಸಾವು ಅಂತಿಮವೂ ಅಲ್ಲ. ಇಂತಹ ಕುತೂಹಲ ಹಾಗೂ ನಿಗೂಢ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಗಳನ್ನು ವಸ್ತುವಾಗಿಸಿಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
The Untold Story of Kashmeer
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Bhintiaadacha Cheen
- Author Name:
Shreeram Kunte
- Book Type:

- Description: भारताशी चीन शत्रुत्वाने का वागतो? चीनकेंद्रित जगाचे धोके काय असतील? चीनच्या नाकावर टिच्चून भारत महासत्ता होईल का? असे अनेक प्रश्न आपल्याला पडलेले असतात. या प्रश्नांची उत्तरं शोधण्यासाठी चीनचा इतिहास, कम्युनिस्ट पक्षाची अमानवी धोरणं, त्यातून चीनने घेतलेली झेप, इतिहास आणि वर्तमानाबद्दलच्या भानातून तयार झालेलं चीनचं परराष्ट्र धोरण, चीनचा भारताला असणारा धोका या सर्व अंगांनी श्रीराम कुंटे यांनी सखोल अभ्यास केला. त्यातून ‘भिंतींआडचा चीन` जन्माला आलं आहे. महासत्ता होऊ घातलेल्या चीनमधल्या साम्राज्यशाहीच्या इतिहासापासून ते आजच्या उत्तुंग प्रगतीपर्यंतचा आढावा घेत लेखकाने या पुस्तकातून चीनची कुंडली मांडली आहे. भारताच्या संदर्भात चीन समजून घ्यायचा असेल, तर चिनी राजघराण्यांचा इतिहास, स्थित्यंतराची चाळीस वर्षं, जगाला चकित करणारा काळ आणि भारतासमोरील चिनी आव्हानं या चार भागांत विभागलेलं हे पुस्तक आपल्या जवळ असायलाच हवं. चीनची ओळख करून देणाऱ्या पुस्तकाची मराठीत कमी होती. श्रीराम कुंटे यांच्या ‘भिंतींआडचा चीन`मुळे ही उणीव भरून काढण्यास मदत होईल. या निमित्ताने आंतरराष्ट्रीय विषयांवर प्रबंधी-प्राध्यापकीपणा टाळून जनसामान्यांसाठी लिहिणारा एक नवा लेखक कुंटे यांच्या रूपाने मराठीत समोर येताना दिसतोय. गिरीश कुबेर (संपादक, दै. लोकसत्ता व लेखक) एका संतुलित राष्ट्रवादी दृष्टिकोनातून, तसेच बहुविद्याशाखीय जाणकारीतून लिहिलेले हे पुस्तक आपल्या निकटतम स्पर्धकाला समजून घेण्यासाठीच्या प्रवासातील अत्यावश्यक वाचन ठरणार आहे. रवि आमले (ज्येष्ठ पत्रकार व लेखक) महत्त्वाकांक्षी चीनशी स्पर्धा करण्यास आसुसलेल्या भारतीयांना स्वतःच्या व चीनच्या मर्मस्थळांची जाणीव हे पुस्तक कळात-नकळत करवून देते. प्रा. परिमल माया सुधाकर (चीनचे अभ्यासक व लेखक)
Deepavirada Daariyalli
- Author Name:
Sushanth Kotiyan
- Rating:
- Book Type:

- Description: ದೀಪವಿರದ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ-ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಲೇಖಕ ಸುಶಾಂತ ಕೊಟ್ಯಾನ್ ಅವರು ರಚಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸಾಹಿತಿ ಡಾ. ಪುರುಷೋತ್ತಮ ಬಿಳಿಮಲೆ, ಕೃತಿಗೆ ಮುನ್ನುಡಿ ಬರೆದು ‘ಸಲಿಂಗರತಿಯಂಥ ವಸ್ತುವನ್ನು ಆಯ್ದುಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿಯು ಓದುಗರನ್ನು ಬೌದ್ಧಿಕವಾಗಿ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಕಾದಂಬರಿಯ ನಾಯಕನಾದ ಸುಕೇಶನೂ ಒಬ್ಬ ಸ್ತ್ರೀ ವೇಷಧಾರಿ. ಇಡೀ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಅವನ ಸುತ್ತಲೇ ಕಟ್ಟಿ ಬೆಳೆಸಲಾಗಿದೆ. ಹಾಗೆ ಕಟ್ಟುವಾಗ, ಸುಕೇಶನೊಳಗಿನ ಹೆಣ್ತನದ ಸೂಕ್ಷ್ಮಗಳಿಗೆ ಗೌರವ ತಂದುಕೊಡಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ಅವನನ್ನು ಲೈಂಗಿಕವಾಗಿ ಶೋಷಿಸುವವರನ್ನು ಬಯಲುಗೊಳಿಸಲಾಗಿದೆ. ಇವುಗಳ ನಡುವೆ ಐಉಃಖಿಕಿ ನ ಹಲವು ಸಂಕೀರ್ಣ ಮುಖಗಳು ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ ಅನಾವರಣಗೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಓದುಗರನ್ನು ಶೈಕ್ಷಣಿಕವಾಗಿಯೂ ಬೆಳೆಸುತ್ತದೆ. ‘ದೀಪವಿರದ ಕತ್ತಲ ದಾರಿಯಲ್ಲಿ ಒಂಟಿಯಾಗಿ ನಿಂತಿದ್ದನು ಸುಕೇಶ. ಅವನು ಇಷ್ಟರವರೆಗೆ ಬಯಸಿದ ಬದುಕವನಿಗೆ ದೊರೆಯಲೇ ಇಲ್ಲ. ಅಷ್ಟೊತ್ತಿಗೆ ಮೂಡಣದಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಿದ್ದ ರವಿ ತನ್ನ ಹೊಂಗಿರಣದ ಹೊಂಬೆಳಕನ್ನು ಭುವಿಯೆಡೆಗೆ ಚೆಲ್ಲಿದ್ದನು. ಟ್ಯಾಕ್ಸಿ ನಿಧಾನವಾಗಿ ಮುಂದಕ್ಕೆ ಚಲಿಸಿತ್ತು. ಸುಕೇಶ ಅಂಧಕಾರದ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬೆಳಕಿಗಾಗಿ ಅರಸುತ್ತಿದ್ದನು. ಅಂತ್ಯವಿಲ್ಲದ ಕತೆಯ ಆರಂಭ ಅವನ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಇದೀಗ ಆಗಿತ್ತು. ಹೀಗೆ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯು ಲೈಂಗಿಕತೆಯ ವಿಭಿನ್ನ ಮಜಲುಗಳನ್ನು ಧೈರ್ಯವಾಗಿ ಶೋಧಿಸುತ್ತದೆ. ರವೀಂದ್ರ, ಆಕಾಶ್ ಮತ್ತು ಸುಕೇಶರ ನಡುವಣ ತ್ರಿಕೋನ ಸಂಬಂಧಗಳ ಜೊತೆಗೆ ಗಂಡಸರ ಹಿಂದೆ ಹೋಗುವ ರಘುಪತಿಯ ಸಮಸ್ಯೆಗಳೂ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತವೆ. ಗೇ ಸೆಕ್ಸ್ ವೀಡಿಯೋ ನೋಡುವ ಅವನನ್ನು ಬಿಟ್ಟು, ಅವನ ಹೆಂಡತಿ ಗುಜರಾತಿಯೊಬ್ಬನ ಸ್ನೇಹ ಮಾಡುತ್ತಾಳೆ. ಈ ಎಲ್ಲಾ ಘಟನೆಗಳನ್ನು ಸಮಾಜವು ತನ್ನ ಮೂಗಿನ ನೇರಕ್ಕೆ ವ್ಯಾಖ್ಯಾನಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಹೋಗುತ್ತದೆ. ಇಂಥ ಸಂಕೀರ್ಣ ಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಕಾದಂಬರಿ ತಣ್ಣಗೆ ಕಟ್ಟಿಕೊಡುತ್ತದೆ. ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ವಸ್ತು ಮತ್ತು ಪಾತ್ರಗಳು ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ತೀರಾ ಹೊಸದು. ಕಾನೂನಿನ ತೊಡಕುಗಳು, ಸಂಪ್ರದಾಯಸ್ಥರ ಆಕ್ರಮಣ, ಮಡಿವಂತಿಕೆ, ನಿಷೇಧ, ಭಯ ಇತ್ಯಾದಿ ಕಾರಣಗಳಿಂದಾಗಿ ಏಕಾಏಕಿ ಸಾಹಿತ್ಯವು ಮುಖ್ಯಧಾರೆಗೆ ಬರಲೇ ಇಲ್ಲ. ಸುಶಾಂತ್ ಕೋಟ್ಯಾನ್ ತುಂಬ ಧೈರ್ಯವಹಿಸಿ ಈ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಬರೆದು ನಮ್ಮ ಅರಿವಿನ ಗಡಿರೇಖೆಗಳನ್ನು ವಿಸ್ತರಿಸಿದ್ದಾರೆ’ ಎಂದು ಪ್ರಶಂಸಿಸಿದ್ದಾರೆ.
Gidhadanchi Mejwani
- Author Name:
Dr. Nitin Hande +1
- Book Type:

- Description: रितसर कामांसह गैरकृत्यांसाठी मध्यस्थांची, दलालांची यंत्रणा कशी काम करते आणि त्यातून भारतीय लोकशाहीतील काळे कारनामे कसे आकाराला येतात यांचा शोध या पुस्तकातून घेण्यात आलेला आहे. शोधपत्रकारिता करणाऱ्या जोसी जोसेफ यांनी मागील दोन दशकांत या समस्येची व्यापकता कशी वाढली आहे हे उघडकीस आणले आहे. त्यातून समोर आलेले चित्र स्फोटक आणि भयावह आहे. आधुनिक भारताचा याआधी कधी घेण्यात न आलेला अनेक पातळ्यांवरचा शोध म्हणजे गिधाडांची मेजवानी हे पुस्तक आहे. ते वाचकांना अस्वस्थ करते, कृतिप्रवण करते, परिवर्तनासाठी आक्रोश करायला भाग पाडते. लोकशाहीबद्दल काळजी असणाऱ्या तसेच देशात घडलेल्या घडामोडींमागे दडलेले सत्य समजून घेण्यास इच्छुक असलेल्या प्रत्येकाने हे पुस्तक वाचले पाहिजे. Gidhadanchi Mejwani | Josy JosephTranslation by : Dr. Nitin Hande गिधाडांची मेजवानी | जोसी जोसेफअनुवाद : डॉ. नितीन हांडे
Bhorvela
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Howrah Bridge
- Author Name:
Anup Jetty
- Rating:
- Book Type:


- Description: It is story of a married couple in kolkatta
Main Janak Nandini
- Author Name:
Asha Prabhat
- Book Type:

- Description: भारतीय मानस का अर्थ केवल पढ़े-लिखे शिक्षितों का मानस नहीं है, उसका मूल अभिप्राय है—लोक मानस। इस लोक मानस की भारतीयता का लक्षण है—काल के आदिहीन, अन्तहीन प्रवाह की भावना...। जनमानस में आज तक सीता का मूक (मौन) स्वरूप ही विद्यमान है। सौम्यस्वरूपा आज्ञाकारी पुत्री का, जो बिना तर्क-वितर्क या प्रतिरोध किए पिता का प्रण पूर्ण करने हेतु या पुत्र-धर्म के निर्वाह हेतु उस किसी भी पुरुष के गले में वरमाला डाल देती, जो शिव के विशाल पिनाक पर प्रत्यंचा का सन्धान कर देता। उस समर्पिता, सहधर्मिणी या सह-गामिनी पत्नी का जो सहजभाव से सारा राज्य सुख तथा वैभव त्यागकर पति राम की अनुगामिनी बनकर उनके संग चल देती है चुनौती-भरे वन्य जीवन के दु:खों को अपनाने। सीता के चरित पर अनेक ग्रन्थ लिखे गए हैं, अधिकांश में उन्हें जगजननी, शक्तिस्वरूपा या देवी मानकर पूजनीया बनाया गया। किन्तु मानवी मानकर उनके मर्म के अन्तस्थल तक पहुँचने...उनके मर्म की थाह लेने की चेष्टा न के बराबर की गई। उनके प्रति किए गए राम के सारे निर्णय को उनकी मौन स्वीकृति मानकर राम की महानता, मर्यादा तथा उत्तमता को और महिमामंडित किया गया। क्या वास्तव में ऐसा था? क्या सीता के पास अपने प्रति किए जा रहे अविचार के प्रति प्रतिरोध के स्वर का अभाव था? अपने जीवन-जनित अभीष्ट अपने कर्मों में निहित कर जीती सीता क्या मात्र पाषाण प्रतिमा थीं? क्या उनका अन्तस संवेदनशून्य था या उन्हें हर्ष-विषाद तथा शोक-सन्ताप नहीं व्याप्तता था? और क्या हर स्थिति-परिस्थिति को उन्होंने सहज स्वीकार लिया था, शिरोधार्य कर लिया था बिना प्रतिवाद किए? यह उपन्यास ऐसे ही अनेक प्रश्नों का सन्धान है।
Drishtikon
- Author Name:
Priti Samkit Surana
- Book Type:

- Description: This book has no description
Topi Shukla
- Author Name:
Rahi Masoom Raza +2
- Book Type:

- Description: ‘मी लेखकांच्या अशा जमातीचा आहे ज्यांच्या मते लेखकाचं काम विश्वभरात शांती पसरवण्याचं आहे. त्याचं काम आहे अशा प्रेमकथा लिहिणं की ज्या वाचल्यावर माणसं आपापसातल्या भिंती विसरून जातील. सीमारेषा पुसून टाकणं हेच तर लेखकाचं काम आहे.' राही मासूम रझा राही मासूम रझा यांच्या ‘टोपी शुक्ला' या कादंबरीचा माझ्या मनावर मोठाच प्रभाव पडला. एकीकडे तिने अंतर्मुख केलं, तर दुसरीकडे लढ्याची नवी दृष्टी दिली. या कादंबरीची भाषा लढ्याची प्रेरणा देणारी तसेच मानवी करुणेचीही आहे. यातील भाषाशैलीने मनाची पकड घेतली आणि युवकांशी संवाद साधण्याची नवी दृष्टी दिली. तिने धर्म, जाती, प्रांतीयता, भाषा, लिपी, संस्कृती, राष्ट्र्रीयता, देशप्रेम या संकल्पना सर्वसामान्य माणसांच्या जीवनात कशा उतरतात ते दाखवून दिलं. धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक भारतीयतेशी त्यांचा असलेला अतूट धागा समोर आणला. त्याबरोबरच या भारतीयतेचा एकेक चिरा कसा ढासळत चालला आहे, यावरील भाष्यही या कादंबरीत येतं. टोपीला त्या काळात पडलेले प्रश्न आजचे आपलेच प्रश्न आहेत. भारतात, भारतीय समाजात तरुणांना सांप्रदायिकतेचं आणि केवळ सत्ताप्राप्तीचं साधन मानलं गेलं, तर भारताला, भारतीयतेला काय भवितव्य उरतं? यापेक्षा वेगळं भवितव्य घडवायला आपण उभं राहायला नको का? ही संपूर्ण कादंबरी इशारा देते की धर्मवादी लोकशाहीविरोधी शक्तींशी तडजोड केली तर ती भारताची, भारतीयतेची आत्महत्या ठरेल, त्यामुळे पडेल ती किंमत देऊन धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यांसाठी लढणं, ती जगणं अटळ आहे. रझिया पटेल
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
Aparoopada Purana Katheglu
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: A collection of mythological stories retold. ಅಜ್ಜಿ ಅಜ್ಜಂದಿರು ಮೊಮ್ಮಕ್ಕಳನ್ನು ಕೂರಿಸಿಕೊಂಡು ಕಥೆ ಹೇಳುತ್ತಿದ್ದ ಕಾಲವೊಂದಿತ್ತು. ಒಂದೂರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬ ರಾಜಕುಮಾರಿ ಇದ್ದಳು ಎನ್ನುತ್ತಾ ಆರಂಭವಾಗುತ್ತಿದ್ದ ಕಾಲ್ಪನಿಕ ಕಥೆಯಲ್ಲಿ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನಕ್ಕೂ ಮೀರಿದ ಕಥಾವಸ್ತುಗಳು ಬಂದೊಗುತ್ತಿದ್ದವು. ಇಂತಹ ಕಾಲ್ಪನಿಕ, ಪೌರಾಣಿಕ, ಜಾನಪದ ಕಥೆಗಳಲ್ಲಿ ನೀತಿ ಪಾಠವೂ ಇರುತ್ತಿತ್ತು. ಆದರೆ ಇಂದಿನ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಇವೆಲ್ಲಾ ದಕ್ಕುತ್ತಿರುವುದು ಸಂದೇಹವೇ ಸರಿ. ಗ್ಯಾಜೆಟ್ ಲೋಕದಲ್ಲಿ ಮುಳುಗಿರುವ ಮಕ್ಕಳಿಗೆ ಕಥೆ ಹೇಳುವ ಪುರುಸೊತ್ತು ಮನೆಯ ಸದಸ್ಯರಿಗೆ ಇರುವುದಿಲ್ಲ. ಮಕ್ಕಳೂ ಕೂಡ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದ ತ್ವರಿತ ಬೆಳವಣಿಗೆಗೆ ತಕ್ಕಂತೆ ಇಂತಹ ನೀತಿ ಪಾಠಗಳನ್ನು ಯೂಟ್ಯೂಬ್, ಗೂಗಲ್ನಲ್ಲಿ ನೋಡಲು ಶುರುವಿಟ್ಟುಕೊಂಡಿರುತ್ತಾರೆ. ಲೇಖಕಿ ಆಶಾ ರಘು ಅವರು ಇಂದಿನ ಸಿದ್ಧ ಮಾದರಿಯನ್ನು ಒಡೆಯಲು ಅಪರೂಪದ ಪುರಾಣದ ಕಥೆಗಳನ್ನು ಹೆಣೆದಿದ್ದಾರೆ. ಇವು ಪೌರಾಣಿಕ ಕಥೆಗಳೆ ಆಗಿದ್ದರೂ ಕಥಾ ವಸ್ತು ಹಾಗೂ ಹೆಣೆದಿರುವ ರೀತಿ ವಿಭಿನ್ನವಾಗಿದೆ. ರಾಮ-ಸೀತೆಯ ರಾಮಾಯಣದಲ್ಲಿ ಚೂಡಾಮಣಿಯ ಮೂಲಕ ಅವರಿಬ್ಬರ ಪ್ರೀತಿ ಕಟ್ಟಿಕೊಟ್ಟಿರುವುದು, ಅರ್ಧನಾರೀಶ್ವರ ಪರಿಕಲ್ಪನೆ ಇವೆಲ್ಲವೂ ಓದುಗರಿಗೆ ಹೊಸತನವನ್ನು ಮೂಡಿಸುತ್ತವೆ.
Safar Me Dhoop Bahut Thee
- Author Name:
Jyoti Thakur
- Book Type:

- Description: Book
The Vedas and Upanishads for Children
- Author Name:
Roopa Pai
- Rating:
- Book Type:

- Description: 3,000 years ago, deep inside the forests of India, a great ‘thought- revolution’ was brewing. In those forest labs, the brightest scientist-philosophers contemplated the universe and reflected upon the already-ancient texts called the Vedas, gaining some startling insights into questions that we still have no watertight answers to, like: * What is the universe made of? * How do I know I’m looking at a tree when I see one? * Who am I? My body, my mind, my intelligence, my emotions, or NOTA? And where did they put those explosive findings? In a sprawling body of goose-bumpy, thought-provoking and fascinating oral literature called the Upanishads! Intimidated? Don’t be! For this joyful, fun guide to some of India’s most enduring and secular wisdoms, reinterpreted for first-time explorers by author Roopa Pai, is guaranteed to keep you turning the pages. Why haven’t you read it yet?
Priyee Chaarusheele
- Author Name:
Nagaraja Vastarey
- Book Type:

- Description: ಐಳ ಮತ್ತು ಮಾತಂಗಿ ಎನ್ನುವ ಒಂದು ಯುವ ಜೋಡಿ, ಪುರಿಯ ಜಗನ್ನಾಥ ಮಂದಿರದ ಸುತ್ತಲೂ ಒಂದು ಸಂಜೆ ಕಳೆಯುವ ಈ ಅಪರೂಪದ ಪ್ರೇಮಕಥನವು, ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ ಹೊಸದೇ ಒಂದು ಬಗೆಯ ಕಾದಂಬರಿಯ ಜಗತ್ತನ್ನು ತೆರೆದು ಕೊಟ್ಟಿದೆ. ನಾಗರಾಜ ವಸ್ತಾರೆಯವರ ಅಪರೂಪದ ಕಾವ್ಯಮಯ ಭಾಷೆಯು ಈ ಕಾದಂಬರಿಯ ಉದ್ದಕ್ಕೂ ವಿಶೇಷ ಮೆರುಗನ್ನು ನೀಡಿದೆ.
Harichitta Satya
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ- ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರ ಮೊದಲ ಕಾದಂಬರಿ. ಅತ್ಯಂತ ಸಂಯಮದಿಂದ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಹೆಣೆದಿದ್ದು ಅವರ ಪ್ರೌಢಿಮೆಗೆ ಕನ್ನಡಿ ಹಿಡಿಯುತ್ತದೆ. ಸನ್ನಿವೇಶಗಳ ಜೋಡಣೆ, ಪಾತ್ರಗಳ ಸಂಭಾಷಣೆ, ನಿರೂಪಣೆ ಶೈಲಿ ಓದುಗರ ಗಮನ ಸೆಳೆಯುತ್ತದೆ. ಕಟ್ಟರ ಸಮಾಜ ಹಾಗೂ ಮುಕ್ತ ಸಮಾಜದ ಮಧ್ಯೆ ಇರುವ ವಿದ್ಯಮಾನಗಳು, ವೈಚಾರಿಕ ಪ್ರವಾಹ ಇಲ್ಲಿಯ ಪ್ರಮುಖ ವಸ್ತು. ಆದರೂ, ವಿಧಿಯ ಪಾತ್ರವನ್ನು ತಳ್ಳಿ ಹಾಕದೇ ಇದ್ದರಿಂದ ಅವರು ಹರಿಚಿತ್ತ ಸತ್ಯ ಎಂದೇ ಕಾದಂಬರಿಗೆ ಹಸರು ಇಟ್ಟಿದ್ದು ಸೂಕ್ತವೆನಿಸಿದೆ.
Dharmhatya
- Author Name:
Sapna Singh
- Book Type:

- Description: This book has no description
Umeda- Ek yuddha Nartaki
- Author Name:
Akash Mathur
- Rating:
- Book Type:

- Description: इतिहास पर लिखना बहुत मुश्किल होता है, और विशेषकर उस इतिहास पर लिखना, जिसके बारे में कहीं कोई विशेष जानकारी नहीं मिलती हो। आकाश माथुर ने एक ऐसा ही विषय उठा लिया। कुँवर चैन सिंह की जगह उन्हीं के साथ शहीद हुई नर्तकी उमेदा की कहानी लिखना। नर्तकी का नाम तक कहीं नहीं मिलता, बस एक टूटी-फूटी समाधि है, जो सीहोर में कुँवर चैन सिंह की छतरी के पास बनी हुई है। समाधि भी धीरे-धीरे टूट रही है, या यूँ कहें कि तोड़ी जा रही है। और कुछ समय में वहाँ समाधि का नामो-निशान तक नहीं मिलेगा। लेकिन अब कम से कम यह तो है कि आकाश ने उसकी कहानी को सुरक्षित कर दिया है। प्रशंसा करनी होगी आकाश की कि उसने एक ऐसी शहीद नर्तकी की कहानी लिखी, जिसके बारे में कहीं एक शब्द भी नहीं लिखा गया है। इस उपन्यास को पढ़ते हुए यह विश्वास करना मुश्किल होता है कि कुछ बहुत छोटे-छोटे सूत्रों से ही इस पूरे उपन्यास को लिख दिया गया है और उमेदा की कहानी रच दी गई है। आकाश ने बहुत मेहनत की है इस उपन्यास पर। इन दिनों जब शोध कर के लिखने की परंपरा ही समाप्त होती जा रही है, ऐसे में यह उपन्यास इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसके लेखक ने न केवल किताबों की यात्रा की है, बल्कि उन स्थानों की भी यात्रा की, जहाँ-जहाँ इस उपन्यास को लेकर उसे सूत्र मिल सकते थे। जाने किस-किस से मुलाक़ात की, उन सब से, जिनके पास से कोई छोटी से छोटी भी जानकारी मिल सकती थी। यह मेहनत, यह श्रम और यह शोध इस उपन्यास को पढ़ते समय शब्द दर शब्द महसूस होता है। उपन्यास बहुत रोचक बना है, जिसको पढ़ते समय कभी भी पठनीयता की कमी महसूस नहीं होती है। आकाश का यह पहला उपन्यास है, उम्मीद करता हूँ कि आगे और भी उपन्यास आकाश की लेखनी से सामने आएँगे। मेरी शुभकामनाएँ। - पंकज सुबीर
Khamosh Aawazen
- Author Name:
Saiyed Asad Mehdi
- Book Type:

- Description: Book
Bijji Ka Katha Lok
- Author Name:
Dinesh Charan
- Book Type:

- Description: लोकजीवन से गहरी संसक्ति और लोकमानस की वैज्ञानिक समझ रखनेवाले सर्वोपरि कथाकारों में बिज्जी का नाम बेहिचक लिया जा सकता है। उनकी कहानियों को पढ़ते हुए निरंतर यह महसूस होता है कि वे स्वयं लोक के अभिन्न अंग भी हैं और द्रष्टा भी। यही वजह है कि अपने नितांत निजी अनुभवों को कथा में पिरोते हुए भी उनमें भावुकता का लेशमात्र भी दिखाई नहीं देता। यह बिज्जी की रचनाधर्मिता की ख़ासियत है। इसी के बलबूते वे अपनी रचनाओं में ऐसा लोक रच पाए जो वास्तविक भी है और उनका कल्पनालोक भी है। सामंती परिवेश के भीतर रहनेवाले पात्रों में प्रगतिशील विवेक और रूढ़ियों से टकराने की क्षमता इसी से उपजी है। राजस्थानी लोकमानस की मुकमल पहचान बिज्जी के कथालोक में डूबकर ही की जा सकती है। किसी रचनाकार के लिए किंवदंती में बदल जाना यदि सबसे बड़ी उपलब्धि मान ली जाए तो बिज्जी इस उपलब्धि को अपने जीवनकाल में ही हासिल कर चुके थे। राजधानियों की चमक-दमक से कोसों दूर ग्रामांचल में रहकर साहित्य साधना करते हुए नोबेल नोमिनेशन तक की यात्रा ने इस किंवदंती को संभव बनाया। डॉ. दिनेश चारण युवा पीढ़ी के उन भाग्यशाली लोगों में हैं जिन्हें बिज्जी का सान्निध्य मिला है। वे ख़ुद कथाकार हैं और लोक के मर्मज्ञ हैं। इस पुस्तक को पढ़ते हुए उनकी सूक्ष्म दृष्टि और विवेचनात्मक विवेक से रूबरू होने तथा बिज्जी के कथालोक का हिस्सा होने का सुख मिलता है। डॉ. जगदीश गिरी
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book