Andhre Me Ujale Ki Kiran
(0)
₹
175
₹ 140 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
MADHUR KULSHRESHTH New Novel
Read moreAbout the Book
MADHUR KULSHRESHTH New Novel
Book Details
-
ISBN9788119018253
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Fukatchech Salle
- Author Name:
Dr. Ravindra Laxmikant Tamboli
- Book Type:

- Description: वाचाल तर वाचाल, असे आम्हाला शिकवले गेले होते. म्हणून आम्ही वाचत गेलो आणि वाचलेले जे काही होते त्यामुळेच संपन्नपणे वाढलो. अलीकडेही ‘वॉचाल' तर बिघडाल असे पोटतिडकीने सांगूनही वाचनावर बहिष्कार का टाकला जात आहे, याचा उलगडा होऊ शकत नाही. अनुत्तरित प्रश्नांवर खूप चिंतन करून उत्तर शोधायचे असते म्हणून आम्ही त्या शोधात वेळोवेळी जे काही लिहीत गेलो त्यातील काही लिखाण ‘फुकटचे सल्ले' म्हणून या पुस्तकात एकत्रितपणे दिले आहे.हे सल्ले फुकटचे असले तरी त्यांना अनुभवांचा आधार आहे. म्हणून ते महत्त्वाचे ठरतात. तेव्हा सदरचे पुस्तक विकत घेऊन आमचे हे फुकटचे सल्ले आपल्या जीवनात उपयोगात आणाल अशी आशा आहे. Fukatchech Salle | Dr.Ravindra Laxmikant Tamboli फुकटचेच सल्ले | डॉ.रवींद्र लक्ष्मीकांत तांबोळी
Hadsan Tat Ka Joda
- Author Name:
Prabodh Kumar Govil
- Book Type:

- Description: novels
Umeda- Ek yuddha Nartaki
- Author Name:
Akash Mathur
- Rating:
- Book Type:

- Description: इतिहास पर लिखना बहुत मुश्किल होता है, और विशेषकर उस इतिहास पर लिखना, जिसके बारे में कहीं कोई विशेष जानकारी नहीं मिलती हो। आकाश माथुर ने एक ऐसा ही विषय उठा लिया। कुँवर चैन सिंह की जगह उन्हीं के साथ शहीद हुई नर्तकी उमेदा की कहानी लिखना। नर्तकी का नाम तक कहीं नहीं मिलता, बस एक टूटी-फूटी समाधि है, जो सीहोर में कुँवर चैन सिंह की छतरी के पास बनी हुई है। समाधि भी धीरे-धीरे टूट रही है, या यूँ कहें कि तोड़ी जा रही है। और कुछ समय में वहाँ समाधि का नामो-निशान तक नहीं मिलेगा। लेकिन अब कम से कम यह तो है कि आकाश ने उसकी कहानी को सुरक्षित कर दिया है। प्रशंसा करनी होगी आकाश की कि उसने एक ऐसी शहीद नर्तकी की कहानी लिखी, जिसके बारे में कहीं एक शब्द भी नहीं लिखा गया है। इस उपन्यास को पढ़ते हुए यह विश्वास करना मुश्किल होता है कि कुछ बहुत छोटे-छोटे सूत्रों से ही इस पूरे उपन्यास को लिख दिया गया है और उमेदा की कहानी रच दी गई है। आकाश ने बहुत मेहनत की है इस उपन्यास पर। इन दिनों जब शोध कर के लिखने की परंपरा ही समाप्त होती जा रही है, ऐसे में यह उपन्यास इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इसके लेखक ने न केवल किताबों की यात्रा की है, बल्कि उन स्थानों की भी यात्रा की, जहाँ-जहाँ इस उपन्यास को लेकर उसे सूत्र मिल सकते थे। जाने किस-किस से मुलाक़ात की, उन सब से, जिनके पास से कोई छोटी से छोटी भी जानकारी मिल सकती थी। यह मेहनत, यह श्रम और यह शोध इस उपन्यास को पढ़ते समय शब्द दर शब्द महसूस होता है। उपन्यास बहुत रोचक बना है, जिसको पढ़ते समय कभी भी पठनीयता की कमी महसूस नहीं होती है। आकाश का यह पहला उपन्यास है, उम्मीद करता हूँ कि आगे और भी उपन्यास आकाश की लेखनी से सामने आएँगे। मेरी शुभकामनाएँ। - पंकज सुबीर
Prashaskiy Yogayog
- Author Name:
Shekhar Gaikwad
- Book Type:

- Description: काही घटित काही अघटित स्टील फ्रेम! अर्थात शासनाच्या धोरणांची, निर्णयांची अंमलबजावणी करणाऱ्या सरकारी यंत्रणेची चौकट म्हणजेच प्रशासन!! अशा या स्टील फ्रेमच्या आत नेमकं काय चालतं आणि कसं चालतं याचं आकलन सरकारी कचेऱ्यांमध्ये रोज नियमानं खेटं घालणाऱ्या व्यक्तीलाही नीट होत नाही. म्हणूनच सामान्य माणसांना नेहमी प्रश्न पडतो. तो म्हणजे सरकार म्हणजे नक्की काय? खरं तर याचं साधं, सरळ असं उत्तर देता येणार नाही. पण या स्टील फ्रेमच्या पलीकडे एक मोठं आणि वेगळंच जग कार्यरत असतं. आणि त्या जगामध्ये साहेब, अधिकारी, अधीक्षक, क्लार्क, शिपाई अशी बरीच मोठी उतरंड असते. त्यात बदल्या, प्रमोशन, उद्घाटनं, फाइलींचा गोंधळ, निवडणुका, आदेशांचे घोडे, पत्रकबाजी, कार्यालयीन स्टाफ, त्यांचं वागणं-बोलणं, कामं मिळवण्याची, कामं काढून घेण्याची, फायली मंजूर करण्याची, न करण्याची अशी अनेक कारस्थानं असं काहीबाही अनाकलनीय चालत असतं. शासन आणि सामान्य नागरिक यांच्यातला दुवा बनून काम करताना या स्टील फ्रेमच्या आत घडणाऱ्या या अनाकलनीय गोष्टींद्वारे अनेक योग कधी घडवले जातात, तर कधी बिघडवले जातात. अशाच योगायोगांच्या या गोष्टी... कधी हलक्या फुलक्या विनोदाने हसवणाऱ्या, तर कधी विरोधाभासावर नेमकं बोट ठेवत अंतर्मुख करणाऱ्या... म्हणूनच कारभार चालवताना घडणाऱ्या आणि घडवल्या जाणाऱ्या गमतीजमती नेमकेपणानं टिपणारं हे पुस्तक आपल्याला प्रशासनाच्या अंतरंगाचं विहंगम्य दर्शन घडवतं. थोडक्यात काय तर प्रशासनाची नेमकी चाल आजमावण्यासाठी हे पुस्तक आपल्याकडे असायलाच हवं. Prashaskiy Yogayog | Shekhar Gaikwad प्रशासकीय योगायोग | शेखर गायकवाड
Jinhen Jurme Ishq Pe Naaz Tha
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास 'जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था' हमारे चारों ओर पसरते जा रहे अंधकार को चीरकर एक प्रकाश-पुंज की तरह सामने आता है। निराशा के इस जानलेवा समय में पंकज सुबीर की यह कृति हमें हौसला और उम्मीद बँधाती है। इसे पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किया जाना चाहिए और युवाओं तक निःशुल्क पहुँचाया जाना चाहिए। आज के पुस्तक और प्रेम विरोधी दौर में ऐसा कुछ किया जाना चाहिए कि 'जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था' उपन्यास घर-घर में पढ़ा जाए। हिन्दी के चर्चित लेखक पंकज सुबीर का तीसरा उपन्यास। पंकज सुबीर के पहले दोनो उपन्यास "ये वो सहर तो नहीं" और "अकाल में उत्सव" बहुत अधिक चर्चित रहे हैं। कई सारे सम्मान इन दोनो उपन्यासों पर प्राप्त हुए। और अब पंकज सुबीर का तीसरा उपन्याास "जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था" प्रकाशित होकर आया है। पंकज सुबीर अपनी अलग तरह की शैली तथा विशिष्ट भाषा के लिए पहचाने जाते हैं। यह उपन्यास भी उसी कड़ी में एक प्रयोग है। यह उपन्यास मानव सभ्यता के पिछले पाँच हज़ार वर्षों की कहानी कहता है। और तलाशने की कोशिश करता है कि आख़िर वो क्या है, जिसके कारण मानव सभ्यता पिछले पाँच हज़ार साल केवल लड़ाई और युद्ध में ही गँवा चुकी है। यह उपन्यास बहुत सूक्ष्मता के साथ पिछले पाँच हज़ार सालों की कहानी का अवलोकन करता है। पाठक को एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहाँ वर्तमान और भविष्य के संकेत मिलते हैं।
Pyar Mein Shaheen Bagh
- Author Name:
Rathor Bichitramani Singh
- Book Type:

- Description: ‘प्यार में शाहीन बाग’ राठौर विचित्रमणि सिंह का पहला उपन्यास है जो देश के बदलते हालात को ऐतिहासिक, राजनैतिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में देखते हुए प्रेम और घृणा, हिंसा और अहिंसा के मुद्दे को तथ्य और तर्क की कसौटी पर लेकर कसते हैं और अंत में स्वीकार करते हैं कि जानना और समझना मानवीय संबंधों को बहाल करने की कसौटी है। उपन्यास हिमांशु नामक युवक के बचपन से शुरु होता है जहां उसके अवलोकन और समझ की जगह उस पर झूठा सच थोपा जाता है। इससे नफरत की इकहरी दृष्टि लेकर वह शाहीन बाग के आंदोलन को ध्वस्त करने के इरादे से जाता है जहां विष भरे हृदय में प्यार अंकुर उगता महसूस करता है सोफिया से जो गांधी से प्रभावित है। उपन्यास का यह हिस्सा फसाद, गलत प्रचार, दुखद घटनाओं व हत्याओं से पाठक के मन पर गहरा असर डालता है और स्वयं हिमांशु के अंदर की इंसानियत उसकी हैवानियत पर भारी पड़ती है। वह इसी भावना के वेग में आकर असम आंदोलन में शिरकत करता है और कहता है कि जहां-जहां शाहीन बाग उभरेगा, वहां वहां मैं मौजूद रहूंगा। देशप्रेम, आपसी भाईचारा व सकारात्मक व नकारात्मक सोच को बिना किसी लंबी व्याया के लेखक ने समय के सूप से पछोड़ कर अलग व सराहनीय काम किया है। उपन्यास पढ़ा जाना चाहिए जिसके लिए लेखक बधाई का पात्र है।-नासिरा शर्मा
Raqqasa
- Author Name:
Anshu Pradhan
- Book Type:

- Description: novels
Maye
- Author Name:
Asha Raghu
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Swarg Ka Antim Utaar
- Author Name:
Lakshmi Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: यह लक्ष्मी शर्मा का दूसरा उपन्यास है, उनका पहला उपन्यास भी बहुत चर्चित रहा था। अमीरी और ग़रीबी के बीच की खाई, मानव मन के गहरे में पैठे हुए लालच और उन सब के बीच कहीं-कहीं बची हुई संवदेनशीलता को यह उपन्यास बहुत ख़ूबसूरती के साथ रेखांकित करता है। यह कहानी केवल छिगन की कहानी नहीं है, बल्कि छिगन के बहाने यह उस करुणा को तलाश करने की कहानी है, जो करुणा भारत की आत्मा में बसती है।
Moh : Maithili Novel
- Author Name:
Dr. Sunita Jha
- Book Type:

- Description: उपनिषदक आदेश अछि- “प्रजातन्तुं मा व्यवच्छेत्सीः” अर्थात् ओहि प्रजा-सूत्र केँ नहि तोड़ी। की थिक ई प्रजासूत्र? पिता, पितामह, प्रपितामह, पुत्र, पौत्र, प्रपौत्र आ एकर बीचक पीढ़ीपर ठाढ़ स्वयं ओ व्यक्ति- इएह सात पीढ़ी एक ईकाई थीक। ओकर बीच सम्बन्ध आ ओकर संसार प्रजातन्तु थीक, जकरा ‘मोह’ जोड़ने रहैत अछि। ई मोह जतेक मजबूत रहत, ओ प्रजा-तन्तु ओतेक निस्सन रहत। एही मोहकेँ अक्षुण्ण रखबाक आदेश देल जाइत अछि। इएह मोह एहि उपन्यासक केन्द्रीय भाव थीक आ उपन्यासक नायकक नाम सेहो। आइ उन्नतिक मोल पर परिवार टुटि रहल अछि। ग्लोबलाइजेशन एकटा सुरसा जकाँ सभटा सम्बन्ध आ मोहकेँ गीड़ि रहल अछि। एक दिस वृद्ध-वृद्धाक लेल बनल आश्रम सभ विकास कए रहल अछि तँ दोसर दिस बाबाक सारा पर लागल आमक गाछ सुखा रहल अछि। एहि ‘कंट्रास्ट’क बीच ई उपन्यास आगाँ बढ़ैत अछि आ एही ‘क्लाइमैक्स’ पर आबि एकर अंत सेहो भए जाइत अछि। बीचमे कतेको मोह अबैत अछि– अपन लोथ भाइक लेल वीणाक मोह, अपन दारूपीबा भाइक जीवन बचएबाक लेल वीणाक मोह, अपन भाउजिकेँ अतीतमे देल गेल वचनक पालन करबाक लेल विवश पंडितजीक मोह, बालाक विवाह नीक जकाँ करएबाक लेल कटिबद्ध मोहक मोह– सभटाक मोहक जालकेँ नीकसँ बिनैत, ओकर तानी-भरनी केँ सक्कत बनबैत मोह आ वीणा एहि उपन्यासक नायक-नायिका बनल अछि। प्रकाश, कनक आ आन कतेको देयाद-बाद एकरा नहिं निमाहि सकल छथि। ई उपन्यास आदर्शवादी अछि। अन्हारमे दीप जरएबाक काज करैत अछि। उपन्यासमे सभठाम आशावाद छैक, ओहि प्रजातन्तुकेँ सक्कत बनएबाक प्रयास छै। वीणा अपन पुस्तैनी डीह पर गाछ लगबैत छथि, एही आशासँ जे विदेशमे रहैत हुनक धियापुता छुट्टीमे किछुओ दिनक लेल गाम आओत आ ओही सूत्रसँ बँधाएल रहत। उपन्यासक क्लाइमैक्समे मोह जखनि ओहि प्रजातन्तुकेँ सक्कत होइत देखैत छथि तँ निश्चिन्त भए जाइत छथि आ बाबाक सारा पर सबा सए वर्ष पूर्वक लागल गाछ केँ तिलांजलि दैत छथि, किएक तँ हुनका छह टा गाछ रोपबाक सार्थकता भेटि जाइत छनि, अपन पौत्र सभक लेल, अपन भविष्यक लेल। आइ टुटैत समाज, टुटैत परिवारक बीच सभकेँ मोहक बंधनमे जोड़बाक लेल संघर्ष करैत मोहक प्रति वीणाक शब्दमे लेखिकाक उक्ति सार्थक छनि- “बड़ सोचि कए अहाँक नाम पूर्वजलोकनि रखलन्हि। गाम-घर, सर-समाज, बन्धु-बांधव, पूर्वज, संतति, गाछ-वृक्ष, पशु-पक्षी सभमे अहाँक नाम अछि।” इएह मोह उपन्यासकेँ सार्वजनिक बनबैत अछि, व्यापक बनबैत अछि आ साहित्य बनबैत अछि।
Deewar Me rasta
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Sattavara Sollu
- Author Name:
Karthik R +1
- Book Type:

- Description: “ಸ್ತುವರ ಸ್ಲಟಲುೆ”್ಇದು ಪ್ತರಕ್ತೆ ಮತುು ಕ್ತಲಗಾರರಾದ ಆಶುತಲಟೋಷ್ ಭ್ಾರದ್ಾಾಜ್ರ “ಮೃತುಾ ಕ್ಥಾ”್ಎೆಂಬ ಹಿೆಂದಿ ಕ್ೃತ್ತಯ ನಲೋರ ಕ್ನಾಡ ಅನುವಾದ. ಮಾವೋವಾದಿಗಳು ಮತುು ಭ್ಾರತ್ತೋಯ ಪ್ರಭುತಾದ ಮಧ್ಲಾ ನಡಲಯುತ್ತುರುವ ಸ್ೆಂಘಷ್ೆ ಮತುು ಇದರ ನಡುವಲ ಸಿಕ್ತಕಹಾಕ್ತಕಲಟೆಂಡಿರುವ ಆದಿವಾಸಿಗಳ ಬವರ್ಲಯ ಕ್ುರಿತು ಆಶುತಲಟೋಷ್ ಭ್ಾರದ್ಾಾಜ ಕ್ಳಲದ ಒೆಂದು ದಶಕ್ದಿೆಂದಲಟ ಬರಲಯುತಾು ಬೆಂದಿದ್ಾಾರಲ. ಹಲವಾರು ಧ್ವನಿ-ಧ್ಾಟಗಳಲ್ಲೆ ದೆಂಡಕಾರಣ್ಾದ ಸ್ೆಂಕ್ತೋಣ್ೆ ಮತುು ರಕ್ುಸಿಕ್ು ಆತಮವೃತಾುೆಂತವನುಾ ನಿರಟಪಿಸ್ಲು ಹಲಟರಡುವ ಈ ಕ್ೃತ್ತಯಲ್ಲೆ, ಒಬಬ ಪ್ತರಕ್ತೆನ ಶಿಸಿುನ ವರದಿಗಾರಿಕಲ, ಡಲೈರಿಯ ಆತ್ತೀಯತಲ, ಅೆಂಕ್ತಅೆಂಶಗಳ ವಸ್ುುನಿಷ್ಠತಲ ಮತುು ಕ್ತಲಗಾರಿಕಲಯ ಕ್ಲ್ಲ, ಇವಲಲೆವೂ ಸ್ಮಪಾಕ್ದಲ್ಲೆ ಬಲರಲತ್ತವಲ. ದ್ಲೋಶದ ಶಲರೋಷ್ಠ ಲ್ಲೋಖಕ್ರು ಮತುು ವಿಮಶೆಕ್ರ ಮೆಚ್ುುಗಲಗಲ ಪಾತರವಾಗರುವ ಈ ಕ್ೃತ್ತಗಲ ಹಲವಾರು ಪ್ರಶಸಿುಗಳು ಸ್ೆಂದಿವಲ. ಈ ಕ್ೃತ್ತ ಅನಲೋಕ್ ಭ್ಾರತ್ತೋಯ ಭ್ಾಷಲಗಳಿಗಲ ಅನುವಾದಗಲಟೆಂಡಿದ್ಲ.
The Seven Tears of God
- Author Name:
Prasann Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: What happens when a human is suddenly chosen and reaches an isolated island? Far from everyone he knew, with other species, he fears? Species he disgusted and species he didn’t even know existed? Join Sir Antonio de Iden III, a Nobel Aristocrat, who sets out on an adventure after being chosen by a golden coin that allows him to ask God to grant him one wish. One wish to change his past, future or anything that he wants. He soon realises that he is not the only one chosen by the mysterious coin, leading him to a secluded island along with other chosen ones from different species – beasts, elves, demons and more. Welcome to a world full of desires, sins, curses, dreams, and how one wish can be the hardest choice ever. Will their wishes lead them one step towards their destinies? Or will it change their destiny forever?
Khairiyat Hai Huzoor
- Author Name:
Urmila Shirish
- Book Type:

- Description: Book
Rang Zindagi Ke
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Zindagi Ki Sabse Sard Raat
- Author Name:
Krishn Bihari
- Book Type:

- Description: Book
Sita Banam Ram
- Author Name:
Narayan Singh
- Book Type:

- Description: सीता बनाम राम(वाल्मीकि रामायण पर आधारित रामकथा का वैकल्पिक पाठ) वनगमन के समय सीता को अयोध्या में रहकर भरत को 'विशेष यत्नपूर्वक' प्रसन्न रखने के राम के सुझाव की निंदा करते हुए सीता द्वारा राम को स्त्री की कमाई खाने वाले नट की संज्ञा देना (शैलूष इव मां राम परेभ्यो दातुमिच्छसि), अरण्यकांड में 'अकारण' हिंसा के विरुद्ध सीता का राम के साथ वाद-विवाद करना, अग्नि-परीक्षा के समय देह को ही सर्वोपरि मानने वाले राम के आरोपों का उत्तर देते हुए सीता का हृदय और आत्मा में बसे प्रेम को देह से परे बताना (मदधीनं तु यत् तन्मे हृदयं त्वयि वर्तते। पराधीनेषु गात्रेषु किं करिष्याम्यनीश्वरी॥); ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे दोनों के सोच और व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर दिखाई देता है। और आखिर में अश्वमेध यज्ञ के समय जनसमुदाय के समक्ष राम जिस प्रकार सीता के सामने शुद्धता की शपथ लेने के बाद ही उन्हें अपनाने की शर्त रखते हैं; और उत्तर में राम की ओर देखे बिना वे खामोशी के साथ जिस प्रकार भूमि-प्रवेश कर जाती हैं (जो प्रेम के समाप्त होने का संकेत माना जा सकता है), वह उन दोनों के वैचारिक अंतर को स्पष्ट कर देता है।सीता और राम अपने सोच और आचरण में ही नहीं, जन्म और मृत्यु में भी एक-दूसरे के प्रतिकूल हैं। सीता का जन्म राम की तरह किसी माँ के गर्भ से नहीं, धरती से होता है और वे अंत में धरती में समा जाती हैं। वह न तो जन्म लेती हैं और न (राम की भाँति) मरती हैं। राम आकाश में स्थित विष्णुलोक से अवतार लेकर आते हैं और वापस आकाश में चले जाते हैं। दोनों के इस संसार में आने और लौटने के स्थान विपरीत दिशा में हैं। बिछड़ने के बाद राम के साथ वे कभी नहीं मिलतीं। ('सीता बनाम राम' पुस्तक से...)
Noaakhali
- Author Name:
Ramesh Oza +1
- Book Type:

- Description: आधुनिक भारताच्या इतिहासात घडलेल्या भीषण दंग्यांची जेव्हा चर्चा होते तेव्हा नोआखालीचे नाव आवर्जून घेतले जाते. 16 ऑगस्ट 1946 रोजी मुस्लीम लीगने पुकारलेल्या प्रत्यक्ष कृती दिनाच्या निमित्ताने कोलकाता येथे भीषण सांप्रदायिक दंगे भडकले. त्याची धग कोलकातापासून 400 किलोमीटर दूर असलेल्या आजच्या बांग्लादेशमधील नोआखाली जिल्ह्यापर्यंत जाऊन पोहोचली. तेव्हा नोआखालीतील अल्पसंख्य हिंदूंचे अश्रू पुसण्यासाठी, त्यांच्यात आत्मविश्वास निर्माण करण्यासाठी शहात्तर वर्षांचे वयोवृद्ध गांधीजी तेथे चार महिने जाऊन राहिले. हा त्यांच्या आयुष्यातील सर्वात कठीण काळ होता. मानवाच्या इतिहासात सत आणि असत शक्तींमधे अखंड चाललेल्या संघर्षात चिरंतन सत मूल्यांच्या रक्षणासाठी गांधीजींचे नोआखालीत जाऊन राहणे यास फार मोठे महत्त्व आहे. किंबहुना आज आपला समाज स्वातंत्रोत्तर काळातील सर्वात कठीण आव्हानाला सामोरा जात असताना हे महत्त्व आणखी वाढते. कारण सांप्रदायिकतेच्या समस्येने आज अत्यंत उग्र रुप धारण केले असून पुन्हा एकदा मानवतेच्या अस्तित्वापुढे प्रश्नचिन्ह निर्माण झाले आहे. अशा पार्श्वभूमीवर हिमालयाएवढ्या आव्हानाचा सामना करत गांधीजींनी मानवाच्या असीम आत्मबलाचा अत्युच्च मानबिंदू नोआखालीतून कसा प्रस्थापित केला, याची ही कहाणी रमेश ओझा आणि श्याम पाखरे या लेखक द्वयींनी आपल्यासमोर मांडली आहे. आजच्या अत्यंत निराशाजनक परिस्थितीत नोआखाली पर्वाचे स्मरण करून देणारी ही कादंबरी वाचकांना मानवतेच्या रक्षणासाठी नवी प्रेरणा देईल अशी आशा आहे. नोआखाली | रमेश ओझा, श्याम पाखरे Noaakhali| Ramesh Oza And Shyam Pakhare
Deh Ki Keemat
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Nirthak
- Author Name:
Dr. Ramakant Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book