Ek Mantri Swarglok Mein
(0)
Author:
Shankar PuntambekerPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
299
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शंकर पुणतांबेकर का यह उपन्यास मूलतः एक व्यंग्य-रचना है, जिसमें राजनीतिज्ञों की जोड़-तोड़ का प्रभावशाली चित्रण है। जिस प्रकार पृथ्वीलोक में चुनाव में टिकट पाने, चुनाव जीतने और फिर मंत्रिपद हथियाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाए जाते हैं, ठीक उसी तरह के हथकंडे एक मंत्री महोदय स्वर्गलोक में पहुँचने पर अपनाते हैं। आज के राजनीतिज्ञ किस प्रकार एक अच्छी-भली, साफ़-सुथरी व्यवस्था को भी अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए भ्रष्ट कर देते हैं। इसका बहुत ज़ोरदार चित्रण प्रस्तुत उपन्यास में है।</p> <p>ख़ास बात यह कि कहानी में निहित व्यंग्य कटु न होते हुए भी सीधी चोट करता है और जाने-पहचाने तथ्यों को भी इस ढंग से उद्घाटित करता है कि उपन्यास को पढ़ते हुए बराबर छल-प्रपंच की एक नई दुनिया से परिचित होने का एहसास बना रहता है और साथ ही यह एहसास भी कि यह नई दुनिया कितनी तुच्छ, कितनी अवांछनीय है।
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शंकर पुणतांबेकर का यह उपन्यास मूलतः एक व्यंग्य-रचना है, जिसमें राजनीतिज्ञों की जोड़-तोड़ का प्रभावशाली चित्रण है। जिस प्रकार पृथ्वीलोक में चुनाव में टिकट पाने, चुनाव जीतने और फिर मंत्रिपद हथियाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाए जाते हैं, ठीक उसी तरह के हथकंडे एक मंत्री महोदय स्वर्गलोक में पहुँचने पर अपनाते हैं। आज के राजनीतिज्ञ किस प्रकार एक अच्छी-भली, साफ़-सुथरी व्यवस्था को भी अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए भ्रष्ट कर देते हैं। इसका बहुत ज़ोरदार चित्रण प्रस्तुत उपन्यास में है।</p>
<p>ख़ास बात यह कि कहानी में निहित व्यंग्य कटु न होते हुए भी सीधी चोट करता है और जाने-पहचाने तथ्यों को भी इस ढंग से उद्घाटित करता है कि उपन्यास को पढ़ते हुए बराबर छल-प्रपंच की एक नई दुनिया से परिचित होने का एहसास बना रहता है और साथ ही यह एहसास भी कि यह नई दुनिया कितनी तुच्छ, कितनी अवांछनीय है।
Book Details
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ISBN9788171783151
-
Pages212
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: ઇજીપ્ત, ઇસાપૂર્વ ૨૬૮૬ ઇજીપ્તના ગીઝા શહેરમાં ક્રૂર ફેરો એક્ષોટેપનું શાસન છે. એક્ષોટેપે ભાઇ વિનેન સાથે દગો કર્યો હોય છે. એક્ષોટેપ ધીરે ધીરે વધુ ને વધુ શક્તિશાળી બનતો જાય છે. એક્ષોટેપ સામે યુદ્ધ કરી ગીઝાને મુક્ત કરાવવા માટે મૃદારીતીના કુખે એક વીરાંગનાનો જન્મ થાય છે. તેનું બાળપણ અને યુવાની નાઇલના કિનારે પસાર થાય છે. યુવાનીમાં પ્રવેશતાં તેનું અસ્તિત્વ સામે આવે છે. ગીઝા રાજ્ય પાછું મેળવવા યુદ્ધ જરૂરી બને છે. આ યુદ્ધમાં વીરાંગનાને મેડઝાઇ યોદ્ધા અને ગુપ્ત પ્રજા મદદ કરે છે. વિનેન રાજ્ય પાછું મેળવવા પ્રભુ અનુબીશની તલવારનો સહારો લેવા માંગે છે. પિતા અને વીરાંગનાના સંઘર્ષમાં વિજય વીરાંગનાનો થાય છે. વીરાંગનાની સૌમ્યતાથી શૂરવીરતા સુધીની સફરમાં મિત્રતા, પ્રેમ, સમુદ્રની મુસાફરી, હિંદુકુશની મુલાકાત, સાહસ, સિનાઇ દ્વીપકલ્પનું યુદ્ધ અને એક્ષોટેપના વધનો સમાવેશ થાય છે.
Sensation of A Soul
- Author Name:
Jyoti Patel
- Book Type:

- Description: Despite their contrasting personas, two people get conjoined and manifest that true love stories never have final; a woman’s fingers fling away from the keypad at the very instant of reading startling news. A man founds himself standing in silence amidst talks, unable to react to the love of his life. A couple never praises each other until someday; a guy always prefers to look up at the sky and think enormously about his precious life and death. There are some sorrowful and amicable poetries and thought-provoking stories. The affecting poems and captivating stories in this book share the Theme of relationship, adoration, passion, love, hope, faith, desire, dreams and life. The inner meanings are even more profound than the words used in this splendid and awe-inspiring book. The sensation of a soul is sure to touch the hearts of many readers, brings out the best moments of one’s life and encourages people to evaluate their inner selves and the world around them with advanced eyes.
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