Jal Pradushan
(0)
Author:
Dr. Sheo Gopal MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Health-fitness-nutrition₹
213
170.4 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"जल प्रदूषण भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है । जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी । "
Read moreAbout the Book
"जल प्रदूषण
भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है ।
जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी ।
"
Book Details
-
ISBN9789382901754
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Samaya Prabandhan (Time Management)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: अगर आप यह कहते रहते हैं कि अमुक काम के लिए मेरे पास समय ही नहीं है तो आप समय-प्रबंधन नहीं जानते। उचित समय-प्रबंधन से आप प्रत्येक कार्य—पढ़ाई, खेल, मनोरंजन, गपशप, भरपूर नींद, सुबह की सैर आदि सब कर सकते हैं। समय-प्रबंधन में जरा भी कठिनाई नहीं है, इसका सीधा सा फॉर्मूला है—प्रत्येक कार्य अपने तय वक्त पर किया जाए—समय पर सोकर उठना, समय पर नहाना, समय पर खाना, समय पर पढ़ाई, समय पर दफ्तर के सारे काम निबटाना। याद रखें, जो व्यक्ति समय को नष्ट करता है, समय ही उसे नष्ट कर देता है। समय नष्ट करनेवाला व्यक्ति असहाय तथा भ्रमित होकर यूँ ही भटकता रहता है। कार्यों को टालने या अधर में लटका देने की आदत समय-प्रबंधन के मार्ग के सबसे बड़ी बाधा है। इनसे उबरकर उचित समय-प्रबंधन करके सफलता पाई जा सकती है। समय किसी के लिए नहीं रुकता और बीता समय कभी लौटकर नहीं आता। दरअसल, समय-प्रबंधन ही जीवन-प्रबंधन है। टाइम मैनेजमेंट की बेजोड़ पुस्तक।
Aapka Adbhut Srijan
- Author Name:
Dr. Himanshu Bavishi
- Book Type:

- Description: ‘एक सुरक्षित गर्भावस्था और प्रतिभाशाली बच्चा यों ही नहीं हो जाता’ बल्कि यह जागरूकता, सही जानकारी, सक्रिय रूप से शामिल माता-पिता और उनको चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध करवाने वाली टीम का सामूहिक प्रयास होता है। गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे सुखद दौर होता है। नवजात के आगमन की बहुत सारी तैयारी करनी होती है। शारीरिक और भावनात्मक बदलाव, सामान्य लक्षण और उनका उपचार, सही पोषण, बच्चे का विकास, प्रसव पूर्व और बाद की देखभाल तथा संक्षेप में प्रसव की सही, वैज्ञानिक जानकारी, आसानी से समझ में आनेवाली सटीक जानकारी देने से गर्भवती महिलाओं को बहुत फायदा होता है। यह पुस्तक नवीनतम विज्ञान ‘गर्भ संस्कार’ का आधुनिक प्रासंगिकता के साथ निचोड़ है। यह पुस्तक अंग्रेजी में "Your Miracle in Making" तथा मराठी और गुजराती के बाद अब हिंदी भाषा में ‘आपका अद्भुत सृजन’ बहुत ही सावधानीपूर्वक भावी माता-पिता के लिए तैयार की गई है। गर्भावस्था के बारे में यह पुस्तक दंपती को हर वह जानकारी देती है, जो उनके जीवन के सबसे महत्त्वपूर्ण पलों से संबंधित है और उसे वे जानना चाहते हैं।
Chikitsa Aur Hum
- Author Name:
Dr. Anil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: This book does not have any description.
Aap Safal Kaise Ho
- Author Name:
Dr. Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: "जीवन में कौन सफल और विजयी होना नहीं चाहता। यह पुस्तक एक सफल उच्च पदस्थ प्रबंधक के व्यावहारिक अनुभव का निचोड़ है, जो आपको बताएगी कि सफल होने, विजय प्राप्त करने और जीवन में आगे बढ़ने के गुर क्या हैं। बानगी के लिए प्रस्तुत हैं कुछ सूत्र— • किसी भी अवरोध के पश्चात् यह आवश्यक है कि उस रुकावट का ब्योरा विस्तार से लिखें, क्योंकि लिखी बात को दिमाग अच्छी तरह से समझता है अपेक्षाकृत मौखिक विवरण के। • हमेशा किसी भी रुकावट का रास्ता निकालने के लिए पहले धैर्य से उसके बारे में सोचें, उसको विभिन्न टुकड़ों में तोड़ें तथा एक-एक कर उसको कार्यान्वित करें। • यदि कोई व्यक्ति रुकावट पेश कर रहा हो तो उसे Persue करके किसी भी तरह से negotiation स्तर तक लाएँ, ताकि वह अब आपकी बात सुन सके। • मन-ही-मन में यह प्रण लें कि आप किसी समस्या का कारण नहीं, अपितु समाधान का कारक बनेंगे। जीवन में कुछ कर दिखाने का दम-खम पैदा करने की शक्ति देनेवाले बिंदु, जो आपको एक सफल व्यक्ति बनने में सहायक सिद्ध होंगे। "
Mediclaim Aur Swasthya Beema
- Author Name:
Prof Kshitij Patukale
- Book Type:

- Description: "सन् 1986 में भारत में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ने पहली मेडिक्लेम पॉलिसी जारी की। बाद में भारतीय जीवन बीमा निगम ने आशादीप, जीवन आशा, नवप्रभात नामक सीमित लाभ देनेवाली हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की योजना शुरू की। इनसे लोगों में अपने जीवन का बीमा करवाने की प्रवृत्ति शुरू हुई, साथ ही लोगों में स्वास्थ्य बीमा करने का भी चलन शुरू हुआ; और धीरे-धीरे ये सब खूब लोकप्रिय हो गए। इनसे जीते-जी स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सकीय व्यय से राहत मिलने लगी और मृत्योपरांत परिजनों को एक राशि, ताकि चले गए प्रियजन के बाद भी परिवार आसानी से चल सके। इस पुस्तक के विद्वान् लेखक का स्पष्ट विचार है कि स्वास्थ्य बीमा सिर्फ करों में छूट पाने के लिए न लें, वरन् उसे अपने जीवन की एक अनिवार्य सुविधा समझकर स्वीकारें। अपनी उम्र के अनुसार हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की प्लानिंग कैसे की जा सकती है, इसके बारे में विस्तृत जानकारी पुस्तक में है। साथ ही यह मेडिक्लेम का क्लेम प्रोसेसिंग, कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन, टी.पी.ए., अंडरराइटिंग आदि का मार्गदर्शन भी करती है। मेडिक्लेम तथा हैल्थ इंश्योरेंस की बारीकियाँ बताकर उपभोक्ता का अधिकाधिक हितसाधन करनेवाली लोकप्रिय पुस्तक।
Al Hijama
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: "Indeed in Hijama there is a cure" -Prophet Muhammed (PBUH). AL-HIJAMA IS the treatment which is recommended by the Prophet Muhammed (PBUH) for the Mankind. Al-Hijama is a devine treatment and having miraculous benefits. The Book Al-Hijama is the world's number one book which is written by one of the most experienced Hijama Therapist of the world,who has done Hijama on more than 50,000 patients till now . Author Dr Abrar Multani is a well known personality in the field of health who is a bestseller Author also.The book Al-Hijama is a complete therapeutic guide for the Students as well as for the Hijama Therapist.
Matra Shakti Tumhen Pranam
- Author Name:
Louise L. Hay
- Book Type:

- Description: "प्लांट ब्रीडिंग ऐंड जैनेटिक्स में मास्टर्स डिग्री प्राप्त देविंदर शर्मा पुरस्कृत पत्रकार, लेखक, विचारक और कृषि विशेषज्ञ हैं। वैश्विक विकास के क्षेत्रीय स्तर पर होनेवाले प्रभावों के विशेष अध्ययन एवं उसकी विवेचना के कौशल स्वरूप खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों में उनकी अलग पहचान है। वे अपने लेखों में जटिल वैश्विक संधियों के विकासशील देशों पर पड़नेवाले प्रभावों की बडे़ सरल शब्दों में व्याख्या करते हैं। उन्हें हि.प्र. कृषि विश्वविद्यालय ने मानद प्रोफेसर एट लार्ज से सम्मानित किया। वह फिलिपींस के इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, ब्रिटेन के ईस्ट एंजिला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज और कैंब्रिज विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी जुडे़ रहे हैं। उन्हें कई देशों की संसद् को संबोधित करने का गौरव प्राप्त है, जिसमें हाउस ऑफ कॉमंस भी शामिल है। यूरोप, अमेरिका और ऑस्टे्रलिया के 50 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में करीब 100 व्याख्यान दे चुके हैं। अब तक चार पुस्तकें ‘गैट एंड इंडिया ः द पॉलिटिक्स ऑफ एग्रीकल्चर’, ‘गैट टू डब्ल्यू.टी.ओ. : सीड्स ऑफ डिस्पेयर’, ‘इन द फेमाइन टै्रप’, ‘भूख का असली चेहरा’ (हिंदी) प्रकाशित। यह पाँचवीं पुस्तक उनके चुनिंदा लेखों का संग्रह है। "
Jeevan Jeene Ki Kala
- Author Name:
Dalai Lama
- Book Type:

- Description: "क्या पारिवारिक जिम्मेदारियों से बँधा एक सामान्य व्यक्ति निर्वाण या बुद्धत्व (बोध) प्राप्त कर सकता है? अपने कार्य-व्यवसाय में व्यस्त किसी व्यक्ति के लिए महत्त्वाकांक्षाओं की आध्यात्मिक सीमा क्या होनी चाहिए? क्या नकारात्मक भाव अलग-अलग रूपों में सामने आते हैं? अपने चारों ओर होनेवाले मानवीय अन्याय का सामना करते हुए आप सकारात्मक कैसे बने रह सकते हैं? इस तरह के अनेक प्रश्नों के उत्तर परम पावन दलाई लामा द्वारा इस पुस्तक में दिए गए हैं। जीवन के विभिन्न पक्षों का ज्ञान रखनेवाले और स्वभाव से सहृदय, व्यवहारशील दलाई लामा ने ऐसे कई विषयों व समस्याओं पर महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो एक सामान्य व्यक्ति के जीवन में प्रायः देखने में आती हैं, जैसे—संकीर्ण मानसिकता से उत्पन्न लोभ और भावनात्मक पीड़ा से स्वयं को कैसे बचाएँ? विषाद और निराशा को संतोष में कैसे बदलें? आज के इस मुश्किल भरे समय में विभिन्न धर्मों-मतों में सामंजस्य कैसे बनाए रखें? अपनी तरह की सर्वोत्तम रचना के रूप में यह पुस्तक ‘जीवन जीने की कला’ हमें दलाई लामा की दार्शनिक शिक्षाओं से अवगत कराती हुई मोक्ष का मार्ग दिखाती है। "
Practical Prescriber
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
ACUPRESSURE CHIKITSA
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena +1
- Book Type:

- Description: "पिछले कुछ वर्षों में एक्यूप्रेशर ने काफी ख्याति अर्जित की है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इसमें किसी तरह की दवाइयों या शल्य चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह हर तरह के साइड इफेक्ट से मुक्त है। यह पूरी तरह से गैरपरंपरागत, सुरक्षित और गैर-हस्तक्षेपकारी है। इतना ही नहीं, गरदन के दर्द या लंबर स्पॉण्डिलाइटिस, साइनसाइटिस, पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, एडि़यों के दर्द, साइएटिका, डिस्क खिसकने, कब्ज, अपच, अनिद्रा, अवसाद, टेनिस एल्बो, दमा, हाइपर टेंशन, माइग्रेन, स्नायु संबंधी समस्याओं आदि में भी बेहद उपयोगी साबित हुई है। काफी समय से इस बात की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि कोई ऐसी पुस्तक प्रश्नोत्तर रूप में हो, जिसमें इस थेरैपी के असर और उपयोगिता के बारे में आम पाठक के मन में उठने वाले सारे प्रश्नों के उत्तर दिए गए हों। यह पुस्तक उस अभाव की पूर्ति करती है। इसमें स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग और उसके महत्त्व को चित्रों के जरिए यथासंभव स्पष्टता के साथ समझाया गया है। नीरोग रहने के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यावहारिक उपयोग बनानेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तक।"
Handbook Of Acupressure
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena +1
- Book Type:

- Description: एक्यूप्रेशर थेरैपी की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें दवाओं की कोई भूमिका नहीं होती और न ही इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव होता है। इसके अलावा इसमें किसी प्रकार की चीरफाड़ नहीं करनी पड़ती, न ही डॉक्टर की जरूरत होती है और यह गैरपारंपरिक है। इस पुस्तक में लेखकों ने केस स्टडी के जरिए बीमारियों के बारे में समझाया तथा बताया है। इनमें भी कुछ ऐसी बीमारियाँ थीं, जो काफी लंबे समय से जड़ें जमाए बैठी थीं। ऐसे मुश्किल मामलों का उपचार करते हुए लेखकों को भी यह पक्का भरोसा नहीं था कि इसका परिणाम क्या निकलेगा! इन केस स्टडी को साझा करने का लेखकों का मकसद अन्य थेरैपिस्ट के साथ अपने ज्ञान को साझा करना, साथ ही उन छात्रों के साथ अपने अनुभवों को बाँटना है, जो एक्यूप्रेशर का अध्ययन कर रहे हैं। सबसे अधिक संतुष्ट करने की बात यह है कि लेखकों ने एक पद्धति के दूसरी पद्धति पर प्रभुत्व की वकालत करने की बजाय सहप्रबंधन के महत्त्व पर जोर दिया है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि यह पुस्तक एक्यूप्रेशर के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी और पाठकों द्वारा सराही जाएगी।
Sakaratmak Soch
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: "जब भी खिड़की से बाहर देखें तो कीचड़ को नहीं, आसमान के तारों को देखें—यही है सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोच आदमी का वह ब्रह्मास्त्र है, जो उसके मार्ग के सभी व्यवधानों व बाधाओं को समाप्त कर उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर देता है। याद रखें—एक नकारात्मक विचार हमारे अनेक सकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है, उनका दमन कर देता है। निराशा मनुष्य को शिथिल कर देती है, तोड़कर रख देती है; वहीं एक छोटी सी सफलता का सकारात्मक विचार मन में उमंग एवं उत्साह का संचार कर देता है। आज की आपाधापी भरी जिंदगी में सभी लोग तरह-तरह की स्पर्धाओं और चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में महत्त्वपूर्ण आवश्यकता सकारात्मक दृष्टिकोण तथा सोच के साथ आगे बढ़ने की है। सकारात्मक सोच व्यक्ति की जीवनशैली और फिर दृष्टिकोण को बदल देती है; इससे व्यक्ति की सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं। इस पुस्तक में सकारात्मक सोच विकसित करने के सरल उपाय और उनसे हमारे व्यक्तित्व पर पड़नेवाले सुनहरे प्रभावों के बारे में बताया गया है, जिन्हें जीवन में अपनाकर आप अभूतपूर्व सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। "
Naye Daur Ke Business Funde
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Zimmedari (Responsibility)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: अगर आपको ज्यादा-से-ज्यादा काम सौंपा जाता है तो यकीन मानिए, आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं, क्योंकि जिम्मेदारी उसी को मिलती है, जो उन्हें निभा सकता है। जिम्मेदारियों को अगर आप बोझ की तरह लेंगे तो ये आपको तोड़कर रख देंगी। इनसे मुँह मोड़ना आपको असफलताओं के गर्त में धकेल देगा। जिम्मेदारियाँ मनुष्य के जन्म लेते ही उसके साथ जुड़ जाती हैं। परिवार, समाज और देश जिम्मेदारियों के सही निर्वहण से ही चल सकता है। एक की जिम्मेदारी दूसरे की ताकत और सफलता बनती है। दूसरे की जिम्मेदारी तीसरे की सफलता और ताकत बनती है। इस तरह यह श्रंखलाबद्ध ढंग से सफलता की सीढ़ियों का निर्माण करती है, जिन पर चढ़कर व्यक्ति, समाज और देश तरक्की करते हैं। अतः एक की जिम्मेदारी दूसरे से जुड़ी है और सबकी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहण ही व्यक्तिगत और सामूहिक सफलता की गारंटी है। जिम्मेदार व्यक्ति ही महान् बनते हैं और जिम्मेदारियाँ ही व्यक्ति को महान् बनाती हैं। आप भी निश्चित ही महान् बनना चाहेंगे—प्रस्तुत पुस्तक आपका इसी दिशा में मार्गदर्शन करेगी।
Sakaratmak Soch Ki Apaar Shakti
- Author Name:
Louise L. Hay +1
- Book Type:

- Description: "सकारात्मक सोच की अपार शति’ प्रसिद्ध लेखिका लुइस एल. हे और मोना लिसा शुल्ज की नई पुस्तक है, जो न केवल लुइस हे की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक बिकनेवाली पुस्तक ‘यू कैन हील योर लाइफ’ के अभिकथनों के पीछे छिपी चिकित्सा विज्ञान की परतें खोलती है, बल्कि व्यतिगत उपचार के लिए निर्देशन और व्यावहारिक सलाह भी उपलध कराती है। हमारी चक्र प्रणाली को प्रतिबिंबित करनेवाले सात भावनात्मक केंद्रों के इर्द-गिर्द बुनी गई पुस्तक में, लुइस और मोना लिसा इन केंद्रों तथा शरीर के बीच संबंधों का पता लगाती हैं। वर्षों के शोध के आधार पर वे प्रत्येक केंद्र से संबंधित बीमारियों के सामने आने के पीछे छिपे संभावित मानसिक कारणों की पड़ताल करती हैं, और फिर बताती हैं कि इन स्वास्थ्य समस्याओं को किस प्रकार दूर किया जाए। वे लोगों को वास्तविक संसार के उदाहरण देती हैं, जिन्होंने बीमारी का सामना किया और स्वस्थ होने में किन विशेष भावनात्मक और भौतिक सुझावों से उन्हें मदद मिली। अभिकथन, सहजज्ञान और चिकित्सा विज्ञान एक शतिशाली त्रय का निर्माण करते हैं, जो पाठकों को अधिकतम स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती प्राप्त करने में तथा गहराई तक उसे अनुभव करने में सहायक होते हैं, जिसे लुइस हमेशा कहती हैं—ऑल इज वेल..."
Chhand Chhand Par Kumkum
- Author Name:
Shri Wagish Shukla
- Book Type:

- Description: पाठ, टीका आदि की अनेक नयी विधियाँ भारतीय प्रसंड्भ में प्राकु-आधुनिक हूँ, भले इधर वे हिन्दी आलोचना के परिसर से बाहर ही रहती आयी हूँ । 'राम की शक्तिपूजा' की यह टीका निराला की कविता को उसकी पूरी अर्थाभा, आशयों और अन्तर्ध्वनियाँ में, समकालीन सन्दर्भों और पारम्परिक स्मृति के अत्यन्त सर्जनात्मक रसायन के रूप में पुनरायत्त करने का अवसर सुलभ कराती है। प्रकारान्तर से यह टीका सत्यापित करती है कि निराला की आधुनिक संवेदना में परम्परा के कितने सन्दर्भो-स्मृतियाँ और अन्तर्भावाँ का गुम्फन और पुनराविष्कार है। उसका एक अघोषित किन्तु असन्दिग्ध प्रतिपाद्य यह भी है कि श्रेष्ठ आधुनिकता के स्थापत्य में परम्परा की अनेक तहाँ और घटित स्तराँ का आधार है; यह भी कि प्रश्नाकुलता आधुनिकता भर का नहीं, हमारे यहाँ परम्परा का भी स्वभाव रहा है।
Dama Evam Alergy : Kaise Chhutkara Payen
- Author Name:
Rajendra Mehta
- Book Type:

- Description: साँसों के साथ ही जीवन की डोर बँधी है। मगर इन साँसों का दुश्मन है दमा। इसी तरह एक और व्याधि है एलर्जी। दमा एवं एलर्जी कैसे होती है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है? इसका इलाज किन-किन विधियों से होता है और दमे की अवस्था की जाँच कैसे होती है? दमे की दवाइयाँ कौन-कौन-सी हैं?एलर्जी से कौन-कौन से रोग होते है और इनका सम्पूर्ण निदान कैसे किया जाता है? आदि अनेक ऐसे सवाल हैं जिनका समुचित उत्तर इस पुस्तक में आपको मिल जाएगा। दमा एवं एलर्जी के प्रभावी मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में संकलित है जो इन व्याधियों से छुटकारा पाने में एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह आपको सही राह सुझाएगी।
Bachche Kaise Hon
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "प्रस्तुत पुस्तक में यही बताया गया है कि सीखनवाले बालकों एवं बालिकाओं से हम क्या अपेक्षा करते हैं? सीखनेवाले से हम क्या अपेक्षा करते हैं? उन्हें कैसा व्यवहार सीखना और करना चाहिए? अपेक्षित संस्कार कैसे डाले जा सकते है? यह तो विस्तृत विषय है। आगामी अनेक पुस्तकें संभवतः इसका उत्तर दे पाएँ या न भी दे पाएँ। यह पुस्तक बच्चों के स्तर को ध्यान में रखकर सरल भाषा में लिखी गई है। बच्चे इसे पढ़कर स्वयं सहज ही समझ सकते है कि उन्हें कैसा व्यवहार करना चाहिए? बड़ों के लिए विशेषकर माता-पिता के लिए भी यह उपयोगी है। "
Aapka Swasthya Aapke Haath
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती; अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम; क्रोध; लोभ; मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है; जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है; वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान; सुख क्या है और कहाँ?; जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें; जिनकी हमें जरूरत नहीं है; जो हानिकारक हैं। पान; पान मसाला; खैनी; शराब; मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं; अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है; अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब; क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है; सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं।
Bachchon Ke Liye Yoga
- Author Name:
Anup Gaur
- Book Type:

- Description: "जैसे-जैसे भौतिकवाद की चकाचौंध में मानव मशीन बनता जा रहा है और अस्वस्थ एवं तनावमय जीवन जीने के लिए मजबूर हो रहा है वैसे-वैसे शांतिपूर्ण, स्वस्थ और तनावरहित जीवन जीने के लिए पूरा विश्व तेजी से योग की ओर आकृष्ट हो रहा है । व्यावहारिक जीवन में पति-पत्नी, पिता- पुत्र, भाई-बहन इत्यादि बाह्य संबंध व साधन हैं । इनके विपरीत शरीर, मन, बुद्धि, अहंकार आदि अंतरंग साधन हैं । बाहरी साधनों की अपेक्षा आंतरिक साधन जीवन के अधिक निकट हैं । इन दोनों साधनों के संघर्ष में सदैव आंतरिक साधनों की विजय होती है । इन आंतरिक साधनों को वृत्तियों (विषयों) से दूर करने को ही ' योग ' कहा जाता है । शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए शिक्षार्थियों का योग मार्ग में उतरना अनिवार्य समझते हुए प्रस्तुत पुस्तक का लेखन किया गया है । इस पुस्तक को विशेष रूप से बच्चों के लिए तैयार किया गया है । योग क्या है, योग का मन व शरीर पर प्रभाव तथा योगासनों का परिचय, समयावधि एवं लाभादि को बहुत सरल व सुगमतापूर्वक बताया-समझाया गया है । पुस्तक की एक प्रमुख विशेषता है इसमें दिए गए चित्र । लेखक जो भी बताना चाहता है, वह सब चित्रों के माध्यम से साकार हो उठता है । हमें पूर्ण विश्वास है, यह पुस्तक पाठकों को नीरोग व प्रसन्न रखने में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी ।"
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book