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Author:
Shriprakash MishraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
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स्त्री-विमर्श यूरोप के लिए चाहे जितना पुराना हो, अध्ययन के स्तर पर भारत के लिए अभी नया क्षेत्र है। इसने पिछली सदी के अन्तिम दो दशकों में जोर पकड़ा है। इस विषय पर जहाँ अंग्रेजी में अच्छी पुस्तकों की भरमार है, हिन्दी में प्रचुर सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद एक व्यवस्थित रूप से लिखी पुस्तक शायद ही मिलती हो। उम्मीद है इस कमी को यह पुस्तक 'स्त्री-विमर्श की ज़मीन' पूरी करेगी। पुस्तक का प्रत्येक अध्याय इसका प्रमाण है। वहाँ पश्चिम में हुए चिन्तन और आन्दोलन के साथ-साथ भारत में हुए चिन्तन, अध्ययन और प्रयास का खुलासा है। इस पुस्तक का पाठक-समाज में भरपूर स्वागत होगा, ऐसी उम्मीद है।
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स्त्री-विमर्श यूरोप के लिए चाहे जितना पुराना हो, अध्ययन के स्तर पर भारत के लिए अभी नया क्षेत्र है। इसने पिछली सदी के अन्तिम दो दशकों में जोर पकड़ा है। इस विषय पर जहाँ अंग्रेजी में अच्छी पुस्तकों की भरमार है, हिन्दी में प्रचुर सामग्री उपलब्ध होने के बावजूद एक व्यवस्थित रूप से लिखी पुस्तक शायद ही मिलती हो। उम्मीद है इस कमी को यह पुस्तक 'स्त्री-विमर्श की ज़मीन' पूरी करेगी। पुस्तक का प्रत्येक अध्याय इसका प्रमाण है। वहाँ पश्चिम में हुए चिन्तन और आन्दोलन के साथ-साथ भारत में हुए चिन्तन, अध्ययन और प्रयास का खुलासा है।
इस पुस्तक का पाठक-समाज में भरपूर स्वागत होगा, ऐसी उम्मीद है।
Book Details
-
ISBN9789392186646
-
Pages360
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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"15 फरवरी, 1946 को ' एनियाक ' नामक कंप्यूटर दुनिया के सामने पहली बार आया था । तब से लेकर आज तक हमारे जीवन में कंप्यूटर का महत्व बढ़ता ही जा रहा है । इसके आकर्षण से क्या बच्चे, क्या बड़े-कोई नहीं बच पा रहा है । गणना करनी हो, गीत-संगीत सुनना हो, गप करना हो या फिर शोध करना हो, सबके लिए अपनी सेवाएँ देने हेतु सदैव तत्पर रहता है कंप्यूटर । इस पुस्तक में 1000 प्रश्नों के माध्यम से कंप्यूटर से संबंधित अनेक जानकारियाँ दी गई हैं । कंप्यूटर का आविष्कार, कंप्यूटर की पीढ़ियाँ, डिजिटल कंप्यूटरों का वर्गीकरण, कंप्यूटर : एक परिचय, सेकेंडरी मेमोरी, इनपुट/आउटपुट उपकरण, इंटरफेस, सॉफ्टवेअर, ऑपरेटिंग सिस्टम, डाटा संचार (कम्यूनिकेशन), कंप्यूटर नेटवर्क व्यवस्था, कंप्यूटर वाइरस एवं सुरक्षा प्रबंधन, सुपर कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-मेल, एफ.टी.पी. और टेलनेट, कंप्यूटर और भारत तथा कंप्यूटर और कैरियर जैसे अध्यायों के द्वारा इस पुस्तक में कंप्यूटर की दुनिया की रोचक व रोमांचक यात्रा कराई गई है । यह पुस्तक कंप्यूटर के क्षेत्र से संबंध रखनेवालों, छात्रों, इंजीनियरों, शोधार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठनेवाले प्रतियोगियों के लिए अत्यंत उपयोगी है । "
Ekta-Akhandata Ki Kahaniyan
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
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"‘एकता-अखंडता’ की कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। टी.वी. चैनलों के हास्य और मनोरंजन के कार्यक्रम, जो कुछ जनता के समक्ष परोस रहे हैं, उसके परिणामस्वरूप समाज का युवा वर्ग दिशाहीन होता जा रहा है। चोरी, डकैती और छेड़छाड़ की घटनाएँ निरंतर बढ़ती जा रही हैं। एक-दो नहीं, अनेक रेप कांड सभ्य नागरिकों, देशभक्तों के लिए घोर चिंता का विषय हैं। आम लोग न समाचार सुनते हैं, न सत्साहित्य पढ़ते हैं। प्रायः घरों में सीरियल ही देखते हैं। चरित्र-निर्माण तथा राष्ट्रभक्ति सिखाने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। छोटी-छोटी बातों पर युवक गोली चला देते हैं। चाकूबाजी की घटनाएँ तो सामान्य हैं। राजनीति के खिलाड़ी सामान्य घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर सांप्रदायिक झगड़े खड़े कर देते हैं। कोई जातीय रंग देते हैं, उच्च वर्ग और दलित वर्ग का संघर्ष खड़ा कर देते हैं, कारण वही है कि राष्ट्रीयता की भावना का पोषण करनेवाला साहित्य भी सीमित ही उपलब्ध है। हर समुदाय अपने जातीय हित के लिए आंदोलन के लिए तैयार है। कहीं जाट अपनी जाति को आरक्षण दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं तो कहीं पटेल विद्रोह पर उतर आए हैं। उनके सामने न सरकार और न्यायालय की विवशता है, न राष्ट्र की साख का प्रश्न है। युवाओं को देश की एकता-अखंडता की प्रेरणा देने का यह एक प्रयास है। आशा है, युवा वर्ग इन नई-पुरानी कहानियों से कुछ सीखेगा। "
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