Nandit Narak Mein
(0)
Author:
Humayun AhmedPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
145
118.9 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Bangla novel by Humayun Ahmed Translated in Hindi by Ramlochan Thakur
Read moreAbout the Book
Bangla novel by Humayun Ahmed Translated in Hindi by Ramlochan Thakur
Book Details
-
ISBN9789380044545
-
Pages72
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
The Inscrutable Mystery
- Author Name:
P.P Giridhar +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Inscrutable Mystery (Chidambara Rahasya), which won the Sahitya Akademi award in 1985, is a rare novel with dimensions that had been unheard of in Kannada Literature. The novel chronicles the tale of Kesaruru from the perspective of a free, sensitive, and poetic mind that responds to the condition of the land. With the suspense of a detective novel only as an excuse, the novel pictures the variegated life in Kesaruru with rationalism and the revolutionary yellings of some youth on one side and people who are steeped in superstition, people like Angaadi who are after strange research findings on the other, and the inferno that threatens to engulf Kesaruru as a result of their friction. The innocent love between Jayanti and Rafi, who strive to get out of the stifling firestorm engulfing Kesaruru, stands out as the only redeeming hope for Kesaruru. The novel is a tribute to the author's narrative skills as much as his ability to depict reality in all its sordid detail.
Gandhari Ki Atmakatha
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: गांधारी, अपने पुत्रों को समझाओ । द्वारकाधीश की माँग बहुत कम है । अब पाँच गाँव से और कम क्या हो सकता है?'' '' अब वे मेरे समझाने की सीमा में नहीं रहे । जब पानी सिर से ऊपर बहने लगा तब आप उसे बाँधने के लिए कहते हैं! आपसे अनेक अवसरों पर ओंर अनेक बार मैंने कहा है कि यह दुर्योधन बिना लगाम का घोड़ा हो गया है, उसपर नियंत्रण करिए; पर उस समय आपने बिलकुल ध्यान ही नहीं दिया । आज वह बात इस हद तक बढ़ गई कि यह घोड़ा जिस रथ में जुता है उसीको उलट देना चाहता है, तब आप मुझसे कहते हैं कि घोड़े की लगाम कसो! '' आपके पुत्रों ने पांडवों पर क्या-क्या विपत्ति नहीं ढाई! हर बार उन्हें समाप्त करने का प्रयत्न करते रहे । मैं हर बार तिलमिलाती रही और हर बार आपका मौन उन्हें प्रोत्साहन देता रहा । किसलिए? इस सिंहासन के लिए, जो न किसीका हुआ है और न किसीका होगा? इस धरती के लिए, जो आज तक न किसीके साथ गई है और न जाएगी? इस राजसी वैभव के लिए, जिसने हमें अहंकार के अतिरिक्त और कुछ नहीं दिया है ?'. .इसे आप अच्छी तरह जान लीजिए कि यदि कोई वस्तु हमारे साथ अंत तक रहेगी और इस संसार को छोड़ देने के बाद भी हमारे साथ जाएगी तो वह होगा हमारा धर्म, हमारा कर्म ।.. '' आपने उसीकी उपेक्षा की । मोह-माया, ममता, पुत्र-प्रेम और लोभ से ही घिरे रहे । इसी लोभ ने आपके पुत्रों को पांडवों के प्रति ईर्ष्यालु बनाया । अब जो कुछ हो रहा है, वह उसी ईर्ष्या का शिशु है । अब आप ही उसे अपने गोद में खिलाइए । मैं उसका जिम्मा नहीं लेती । मैंने कई बार कहा है कि हमारे दुर्भाग्य ने हमें संतति के रूप में नागपुत्र दिए हैं । वे जब भी उगलेंगे, विष ही उगलेंगे । इसलिए नागधर्म के अनुसार समय रहते हुए उनका त्याग कर दीजिए । '' -इसी पुस्तक में
Vachan - Award Winning Novel
- Author Name:
Kashi Bahadur Shreshth
- Book Type:

- Description: 'वचन' एउटा सामाजिक उपन्यास हो। 'वचन' मा सजीवता छ, वास्तविकता छ औ छ स्वाभाविकता का साथै सभ्यता को छाप! कृत्रिम भाव काँहीं देखिदैन। पुस्तक पढ़दा त्यसमा लेखिएका पात्र-पात्रीहरु तथा भाव एकदम सजीव जस्ता देखिन्छन्।
Sangam Teere
- Author Name:
Pratap Gopendra
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में सिविल सेवा में रत अभ्यर्थियों के संघर्ष का जीता-जागता चित्र प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास और संस्मरण की भूमध्य रेखा पर फिसलती-सरकती एक सहज-सरल कृति है जो स्वयं में सुनहरे भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले किशोर-युवा पीढ़ी के अन्तर्द्वन्दों, वेदनाओं, छोटी-छोटी खुशियों को समेटे हुए, धुप्प अंधकार में मार्ग खोजती उनकी अदम्य जीजीविषा को अतीव रोचकता और स्पष्टता से प्रस्तुत करती है। एक ऐसा आख्यान, जहाँ सिविल सेवाओं की तैयारी करने वालों की अनजानी दुनियाँ पूरी विश्वसनीयता के साथ उपस्थित होती है।
Kya Main Andar Aa Sakta Hoon
- Author Name:
Arun Kumar Asafal
- Book Type:

- Description: Novel
The Hidden Hindu
- Author Name:
Akshat Gupta
- Rating:
- Book Type:

- Description: इक्कीस साल का पृथ्वी एक अधेड़ और रहस्यमयी अघोरी ओम् शास्त्री की तलाश कर रहा है, जिसे पकड़कर भारत के एक सुनसान द्वीप पर अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच भेज दिया गया | विशेषज्ञों की एक टीम ने जब उस अघोरी को नशे की दवा दी और पूछताछ के लिए सम्मोहित किया, तो उसने दावा किया कि वह सभी चार युगों-सतयुग, त्रेता, द्वापर व कलियुग–(हिंदू धर्म के अनुसार चार युग) को देख चुका है और रामायण तथा महाभारत की घटनाओं में हिस्सा ले चुका है | जीवन के बाद मृत्यु के नियम को भी बेअसर साबित करनेवाले ओम् के अविश्वसनीय अतीत से जुड़े खुलासे सभी को हैरान कर देते हैं। उस टीम को यह भी पता चला कि ओम् हर युग के दूसरे अमर लोगों की भी तलाश कर रहा है। ऐसे विचित्र रहस्य अगर सामने आ गए तो प्राचीन धारणाएँ हिल जाएँगी और भविष्य की दिशा ही बदल जाएगी। तो यह ओम् शास्त्री कौन है? उसे पकड़ा क्यों गया? पृथ्वी उसे क्यों ढूँढ़ रहा है? सवार हो जाइए ओम् शास्त्री के रहस्यों, पृथ्वी की तलाश और हिंदू पौराणिक कथाओं के रहस्यों से भरे अन्य अमर लोगों के कारनामों की इस नाव पर, और चलिए एक रोचक और रोमांचक यात्रा पर|
Life Aajkal
- Author Name:
Alok Kumar
- Book Type:

- Description: ‘The चिरकुटस’ के लेखक लेकर आये हैं, नए ज़माने की कहानियाँ, कुछ अपनी और कुछ आपकी।इन कहानियों में प्यार भी है तो तकरार भी, दोस्ती भी है तो लड़ाई भी, विश्वास भी है तो धोखा भी, मिलन है तो जुदाई भी। किसी कहानी में वो लड़का भी है जो लड़कियों से बात करने में शर्माता है तो मुहल्ले की वो दीदी भी हैं जो समाज से लड़कर अपनी जिंदगी संवारने में लगी हैं। यहाँ दो दोस्त भी हैं जो एक ही लड़की से प्यार कर बैठते हैं तो वो लड़की भी जो दोस्ती में प्यार खोज रही है। वहीं एक बेटी है जो बेटा होने का फ़र्ज निभा रही है।लाइफ आजकल की कहानियाँ उन सपनों की भी हैं जो कभी तो पूरे होते हैं और कभी अधूरे ही रह जाते हैं।
Laalbatti Ki Amritkanyaanyen
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: कुसुम खेमानी का यह उपन्यास ‘लालबत्ती की अमृतकन्याएँ’ कथावस्तु की दृष्टि से एक साहसिक क़दम माना जा सकता है क्योंकि यह वह इलाक़ा है जिस पर लिखने से हिन्दी लेखकों की क़लम प्राय: गुरेज करती है। फिर भी इस दिशा में कुछ उल्लेखनीय कृतियाँ तो देखने को मिलती ही हैं, यह उपन्यास उसी शृंखला की नवीनतम कड़ी है। यों उपन्यास कोलकाता के ‘सोनागाछी’ पर केन्द्रित है लेकिन यह लालबत्ती गली हर शहर और हर क़स्बे में होती है और अन्त:सलिला की तरह समाज के अन्तर में बहती रहती है। समाज इन स्त्रियों को विषकन्याएँ मानता है पर दरअसल ये समाज के भीतर छिपी गन्दगी को फैलने से रोकने के साथ ही उसका परिष्करण भी करती हैं और इस बिन्दु पर आकर ये ‘विषकन्याएँ’ अमृतकन्याओं में बदल जाती हैं। उपन्यास की कथा विष से अमृत की ओर बढ़ने की संघर्ष-गाथा है क्योंकि उपन्यास की पात्र वे स्त्रियाँ हैं, जिन्हें अमृत से वंचित कर ‘विष’ की ओर ढकेल दिया गया है। उपन्यास में इन स्त्रियों की रोज़-रोज़ की प्रताड़ना, अपमान और हत्या जैसे रोंगटे खड़े कर देनेवाले प्रसंगों का चित्रण कुसुम खेमानी ने जिस भाषाई कौशल और शिल्पगत दक्षता के साथ किया है, वह देखते ही बनता है। पहला पन्ना खोलते ही उपन्यास किसी रोचक फ़िल्म की तरह हमारे सामने खुलता चला जाता है। यह बतरस शैली डॉ. कुसुम खेमानी का अपना निजी और विशिष्ट कौशल है जो पाठकों को अन्त तक बाँधे रखता है। उपन्यास की कथा में सहारा देनेवाले हाथों का सन्दर्भ ही नहीं है बल्कि इन पतिता स्त्रियों द्वारा गिरकर ख़ुद उठने और सँभलने की कोशिशों का कलात्मक मंथन भी है। ‘लावण्यदेवी’, ‘जड़िया बाई’ और ‘गाथा रामभतेरी’ जैसे उपन्यासों से गुज़रने के बाद, निस्सन्देह यहाँ यह कहा जा सकता है कि इतनी ख़ूबियों से भरा-पूरा यह उपन्यास अगर किसी का हो सकता है, तो वह सिर्फ़ कुसुम खेमानी का हो सकता है। —एकान्त श्रीवास्
Kaamnaon Ki Munder Par
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description: ‘हंस’ में कहानी ‘अफ़सानाबाज़’ पढ़ी। दर्द को मन में पूरी तरह जज़्ब करके लिखी है यह कहानी जो कहानी नहीं, सच लगती रहती है बराबर। उनके पहाड़ जैसे सन्ताप के सामने हमारे अपने निजी दुख कितने छोटे नज़र आने लगते हैं। गीताश्री ने लिखी नहीं, कहानी जी है। मृदुला गर्ग,कथाकार गीताश्री की कहानियों में आधुनिक स्त्री की उन्मुक्त उड़ान है तो परम्पराओं में क़ैद नारी की यौनिक आज़ादी व स्वतंत्र अस्तित्व के लिए छटपटाहट भी। वे अपनी कहानियों में लोक कथाओं का बघार लगाना भी बख़ूबी जानती हैं। गीता की समस्या यह है कि वे साहित्य की मर्दवादी दुनिया में एक एनिग्मा की तरह देखी जाती हैं। जो भी हो, आप उनकी कहानियों की आलोचना कर सकते हैं, आप उनकी कहानियों की प्रशंसा कर सकते हैं किन्तु अप्रभावित नहीं रह सकते। संजय सहाय, सम्पादक-कथाकार गीताश्री हमारे समय की एक विशिष्ट रचनाकार हैं। पत्रकारिता के प्रशिक्षण ने उन्हें एक ऐसी सूक्ष्म दृष्टि प्रदान की है जो उनके थीम्स के चयन के मार्फ़त हमें चौंकाती है और एक नई दुनिया को बिना किसी मिलावट के हमारे सामने नग्न कर देती है। समाज की रूढ़ियों, वर्जित विषयों और हाशिये पर खड़े लोगों पर गीताश्री ने संवेदनशील कहानियाँ लिखी हैं। उनमें से कुछ उनके इस संग्रह में शामिल हैं। उसकी बानगी है ‘न्याय-चक्र’ कहानी। जाति व्यवस्था किस तरह सामूहिक वर्ग-भेद के भीतर बनी रहती है और हाशिये का समाज कैसे इस दोहरी मार से उबर नहीं पाता है, इसका अद्भुत विश्लेषण करती है यह कहानी। वन्दना राग,कथाकार
Shastriji Ke Prerak Prasang
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: "कथा-कहानियाँ सृष्टि के आरंभ से ही मनुष्य का मार्ग-दर्शन करती रही हैं। पंचतंत्र और हितोपदेश की कहानियाँ प्राचीन काल से हमारा मार्गदर्शन करती चली आ रही हैं। प्रत्येक कहानी के लिए कथावस्तु का होना अनिवार्य है, क्योंकि इसके अभाव में कहानी की रचना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कहानी में केवल मनोरंजन ही नहीं होता, उसमें कोई उद्देश्य और संदेश भी निहित होता है। जीवन में सादगी और सरलता का बहुत महत्त्व है। हमारी परंपरा में वर्णित है ‘सादा जीवन, उच्च विचार’। सादगी हमारे व्यक्तित्व को जो आभा प्रदान करती है, वह आडंबर या दिखावा नहीं। यह सादगी हमें आत्मविश्वास, शक्ति और आत्मबल देती है। इन्हीं जीवनमूल्य को समेटे, सादगी की महत्ता बताती प्रेरणाप्रद कहानियों का संकलन।"
The Last Fliker
- Author Name:
Gurdial Singh +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Long ago Dharam Singh's father had brought Thola to this village. He treated him as his own brother and had even gifted four bighas of land to him. After Thola's death, Dharam Singh took sole responsibility of his son Jagsir and his mother Nondi. Over the years however, things changed. The tragedy of Jagsir is not confined to this. It is also a tragedy of unfulfilled love of Bhani, Nikka's wife. Through his long years of loneliness, it is opium which somewhat alleviates the storm raging inside him.
Ramjanmabhoomi Andolan Ki Sangharshgatha
- Author Name:
Vinay Nalwa +1
- Book Type:

- Description: रामजन्मभूमि' का अर्थ है, भगवान् राम का जन्मस्थान, जो भगवान् विष्णु के अवतार हैं। भगवान् राम का जन्मस्थान उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में स्थित है, और हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। 1528 में बाबर ने अयोध्या के राम मंदिर को ध्वस्त करवाकर वहाँ एक मसजिद जैसे एक ढाँचे का निर्माण करवा दिया। तब से हिंदू इस स्थान को वापस पाने और इस पर राम मंदिर बनाने के लिए निरंतर संघर्षरत रहे हैं। इसके लिए अनेक हिंदुओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। 1980 के दशक के मध्य में राम मंदिर निर्माण का आंदोलन पुनः प्रारंभ किया गया था। इसने भारत में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नींव रखी और भारतीय राजनीति में भी एक परिणामकारी परिवर्तन का काल प्रारंभ हुआ । रामजन्मभूमि पर राम मंदिर निर्माण के मामले को दुनिया के इतिहास में सबसे लंबी चलनेवाली कानूनी लड़ाई होने का गौरव भी प्राप्त है। इस मामले पर आखिरकार 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय और रामजन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। यह पुस्तक 'रामजन्मभूमि' के इन सभी पहलुओं की पड़ताल करती हुई भव्य, उथल-पुथल भरी ऐतिहासिक गाथा के सभी महत्त्वपूर्ण बिंदुओं को एक स्थान पर लाती है। 'रामजन्मभूमि' विषय पर ऐतिहासिक दस्तावेजों, धर्मग्रंथों, उपाख्यानों और दस्तावेजी बहसों से समर्थित यह पुस्तक आपको हजारों वर्षों से अधिक की यात्रा पर ले जाएगी और रामजन्मभूमि की ऐतिहासिकता के साथ-साथ इसके माहात्म्य और गौरव को समझने की दृष्टि भी विकसित करेगी।
Firki Wali
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Mohalla - Award Winning Novel
- Author Name:
Madhu Acharya Ashawadi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Mohalla is an English translation of Madhu Acharya Ashawadi's Sahitya Akademi award-winning Rajasthani novel, Gavaad (a Mohalla or neighbourhood). In this novel, which has been hailed as the first postmodren novel written in Rajasthani literaturre, Gavaad emerges as the central characterm where it actually represents a country. People in the Gavaad live together as people of different religions live in a country. The novel investigates various facets of the human psyche and touches the deeper chords of human emotions. It explores human pain with profound sensitivity and depicts the co-existence of good and evil in human beings.
Pebbles on the Sea-Shore
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Emotions form an integral part of human heart and become genesis of great pieces of literature. Present book has developed into socially purposeful stories out of such thoughts. Tragedy of India’s partition is a hair-raising story but is softened by the balm of love. Pure love sometimes results in pain of separation and is a heart wrenching tragedy of a love story. Children, a source of great strength for their parents, sometimes become cause of grave pain on account of their insatiable ambitions. Story of a simple housing problem brings out scores of problems of our sick and ailing social and democratic systems. Caste still continues to be a bane in our marriage system. This social evil has been woven into the problems of our judicial system. How a poor innocent girl brings joy and happiness to an old pilgrim who is handicapped by the language problem is a subject matter of an interesting story. Pure love and desire to raise a happy family lands a poor fisherwoman in jail. Humour, a part of our life, has been built as an integral part of some stories to lighten the impact of seriousness yet retaining the purpose and essence of narration. In short, real and imaginary ideas form the core of the stories that leave food for thought for the reader to ponder over long afterwards.
Agyeya Ke Uddharan
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description: अज्ञेय का लेखन इतना विपुल और वैविध्यपूर्ण है कि उसमें से उद्धरणों के एक चयन की बात सोचते ही पहला सवाल तो उसकी क्रम-प्रक्रिया को लेकर ही सामने आया। लगभग सभी साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट लेखन के साथ-साथ अज्ञेय ने मानव-जीवन और समाज से जुड़ी सभी समस्याओं पर भी स्वतन्त्र रूप से सम्यक् विचार किया है। अज्ञेय के लिए न केवल साहित्य बल्कि पूरा मानव-जीवन ही मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है। इस क्रम से आरम्भ करने पर सहज ही केन्द्रीय मूल्य स्वतन्त्रता और उनसे जुड़े सवालों को अलगे चरण में रख पाना उचित लगा और साहित्य क्योंकि मूल्यान्वेषण की प्रक्रिया है, अत: भाषा, साहित्य आदि से जुड़े चिन्तन से चयन किये जाने वाले उद्धरणों का क्रम भी तय हो गया। इस चयन से गुज़रते हुए पाठक को यह महसूस हो सकता है कि अज्ञेय जब किसी दार्शनिक या तर्कशास्त्रीय गुत्थी पर भी विचार करते हैं तो उनका चिन्तन अधिकांशत: किसी अकादेमिक दार्शनिक की तरह का नहीं, बल्कि एक संवेदनात्मक दृष्टि, या कहें कि कवि-दृष्टि से किया गया चिन्तन होता है। अज्ञेय का चिन्तन कवि-दृष्टि का चिन्तन है, अकादेमिक नहीं। शायद, इसलिए इस कवि-दृष्टि के विमर्शात्मक चिन्तन और कविताओं के बीज-संवेदन का अहसास भी सुधी पाठकों को हो सकेगा। पाठक यदि चयन की इन मोटी रेखाओं के सहारे अज्ञेय के चिन्तन और कवि-कर्म की विपुलता, विविधता और सूक्ष्मता में प्रवेश करने की प्रेरणा पा सकें, तो यही इस चयन की सार्थकता होगी। अज्ञेय के कवि-कर्म और चिन्तन के द्वन्द्वों-समाधानों और प्रक्रियाओं-निष्कर्षों में ऐसा बहुत कुछ है जो किसी भी समय के लेखक-पाठक के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। —प्रस्तावना से
Aklant Kaurav
- Author Name:
Mahashweta Devi
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास सामयिक वाम राजनीति के परस्पर विरोधी पक्षों के संघर्ष की प्रामाणिक दस्तावेज़ है और इतनी परिपक्व राजनीतिक सूझ-बूझ और प्रखर सामाजिक चेतना से ओतप्रोत कि वाम राजनीति की विचारधाराओं के घटाटोप आकाश के स्पष्ट दिशा-संकेत देता है। संथालों के जागुला गाँव में द्वैपायन सरकार का आगमन एक ऐसी थीसिस लिखने के लिए होता है, जिसका उद्देश्य संथालों की ताक़त और उनकी एकता को छिन्न-भिन्न करना है। वाम राजनीति के दक्षिणी छोर के स्थायी निवासी द्वैपायन सरकार किन्हीं अदृश्य शक्तियों से चालित होकर अक्सर इसी तरह के विषयों के अनुसन्धानकर्ता के रूप में प्रख्यात हैं, किन्तु अब उन्हें पहचान लिया गया है। युवा इन्द्र प्रामाणिक कलकत्ता के यूनियन फ़्रंट पर बड़े नेताओं के बदलते तेवर देखकर ईमानदारी से गाँव में काम करने के लिए आया है, किन्तु नवीन बाबू और मोती बाबू जैसे सजे-धजे काडरों का उसे नक्सल सिद्ध करने में कौन-सा मक़सद है? ईमानदार काडर और बेईमान काडर तथा छुटभैये कॉमरेडों के इस संघर्ष में संथालों को अपना विश्वसनीय पक्ष ढूँढ़ने में कोई कठिनाई नहीं होती। यह उपन्यास पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा खेतिहर भूमि के बँटवारे के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन बर्गा’ के लाभों से वंचित आदिवासी जातियों की संघर्ष-गाथा है। न्याय की लड़ाई का प्रामाणिक दस्तावेज़ है।
The Lowland
- Author Name:
Jhumpa Lahiri
- Rating:
- Book Type:

- Description: Two brothers bound by tragedy. A fiercely brilliant woman haunted by her past. A country torn by revolution. A love that lasts long past death. This extraordinary, emotionally riveting new novel, set in India and America, expands the scope and range of one of our most beloved storytellers: the Pulitzer Prize-winning, #1 New York Times best-selling author of Interpreter of Maladies and Unaccustomed Earth. Born just fifteen months apart, Subhash and Udayan Mitra are inseparable brothers, one often mistaken for the other in the Calcutta neighborhood where they grow up. But they are also opposites, with gravely different futures ahead. It is the 1960s, and Udayan-charismatic and impulsive-finds himself drawn to the Naxalite movement: he will give everything, risk all, for what he believes. Subhash, the dutiful son, does not share his brother’s political passion; he leaves home to pursue a life of scientific research in a quiet, coastal corner of America. But when Subhash learns what happened to his brother in the lowland outside their family’s home, he comes back to India, hoping to pick up the pieces of a shattered family, and to heal the wounds Udayan left behind-including those seared in the heart of his brother’s wife. Suspenseful, sweeping, piercingly intimate, The Lowland is a masterly novel of fate and will, exile and return. Shifting among the points of view of a wide range of richly drawn characters, it is at once a page-turner and a work of great beauty and complex emotion; an engrossing family saga with very high stakes; and a story steeped in history that seamlessly spans generations and geographies. A tour de force and an instant classic, this is Jhumpa Lahiri at the height of her considerable powers.
Amar Desva
- Author Name:
Praveen Kumar
- Rating:
- Book Type:

- Description: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीतते-न-बीतते उस पर केन्द्रित एक संवेदनशील, संयत और सार्थक औपन्यासिक कृति का रचा जाना एक आश्चर्य ही कहा जाएगा। कहानियों-कविताओं की बात अलग है, पर क्या उपन्यास जैसी विधा के लिए इतनी अल्प पक्वनावधि/जेस्टेशन पीरियड काफ़ी है? और क्या इतनी जल्द पककर तैयार होनेवाले उपन्यास से उस गहराई की उम्मीद की जा सकती है जो ऐसी मानवीय त्रासदियों को समेटनेवाले उपन्यासों में मिलती है? इनका उत्तर पाने के लिए आपको अमर देसवा पढ़नी चाहिए जिसने अपने को न सिर्फ़ सूचनापरक, पत्रकारीय और कथा-कम-रिपोर्ट-ज़्यादा होने से बचाया है, बल्कि दूसरी लहर को केन्द्र में रखते हुए अनेक ऐसे प्रश्नों की गहरी छान-बीन की है जो नागरिकता, राज्यतंत्र, भ्रष्ट शासन-प्रशासन, राजनीतिक निहितार्थों वाली क्रूर धार्मिकता और विकराल संकटों के बीच बदलते मनुष्य के रूपों से ताल्लुक़ रखते हैं। इस छान-बीन के लिए प्रवीण संवादों और वाचकीय कथनों का सहारा लेने से भरसक परहेज करते हैं और पात्रों तथा परिस्थितियों के घात-प्रतिघात पर ज़्यादा भरोसा करते हैं। इसीलिए उनका आख्यान अगर मानवता के विरुद्ध अपराध घोषित किए जाने लायक़ सरकारी संवेदनहीनता और मौत के कारोबार में अपना लाभ देखते बाजार-तंत्र के प्रति हमें क्षुब्ध करता है, तो निरुपाय होकर भी जीवन के पक्ष में अपनी लड़ाई जारी रखनेवाले और शिकार होकर भी अपनी मनुष्यता न खोनेवाले लोगों के प्रति गहरे अपनत्व से भर देता है। संयत और परिपक्व कथाभाषा में लिखा गया अमर देसवा अपने जापानी पात्र ताकियो हाशिगावा के शब्दों में यह कहता जान पड़ता है, ‘कुस अस्ली हे... तबी कुस नकली हे। अस्ली क्या हे... खोज्ना हे।’ असली की खोज कितनी करुण है और करुणा की खोज कितनी असली, इसे देखना हो तो यह उपन्यास आपके काम का है।
Mishri
- Author Name:
Anoop Bajpai
- Book Type:

- Description: "‘मिश्री’ के किरदार उसी प्राचीन धार्मिक नगरी वृंदावन की रज ( मिट्टी) में खेल-कूदकर बडे़ हुए हैं, जहाँ की असंख्य लीलाएँ और कहानियाँ दुनिया भर में सुनी-सुनाई जाती हैं। सँकरी गलियों से निकली कहानी के पात्र खुद को सात समंदर पार भी ले जाते हैं। कहानी में वृंदावन के सभी चटख रंग भी दिखेंगे और परंपरा, आस्था के अनोखे ढंग भी। यही कारण हैं ‘मिश्री’ के किरदार करीब से देखने में अपने और जाने-पहचाने से लगेंगे। ऐतिहासिक कहानियाँ जो हमारे चिंतन में या चेतन में कहीं दबी होती हैं, अकसर नए किरदारों, बदलते परिवेश में नए रूप में सामने आती हैं। किसी कहानी में सभी किरदारों का अपना महत्त्व है, लेकिन ‘मिश्री’ में एक आधुनिक नारी का एकतरफा समर्पण दिखेगा। उसने एक पात्र के तौर पर दमदार पहचान बनाई, लेकिन खुद के लिए तो बिलकुल नहीं। एक अदृश्य प्रेम जिसका मकसद कुछ पाना नहीं बल्कि खो देना है। कहानी के अंत में ‘मिश्री’ सभी पात्रों और लेखक को भी यह अहसास कराने में सफल है कि इस कहानी की पहचान तो उसके नाम से ही है।"
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book