Student Mind Power: Jeetna Hai Har Shikhar
(0)
Author:
Dr. Ranjit Kumar SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
मस्तिष्क एक शानदार यंत्र है, लेकिन अगर प्रभावी ढंग से प्रबंधित नहीं किया जाता है, तो यह संकट, नकारात्मकता और उदासीनता का स्रोत बन सकता है। हालाँकि अच्छी खबर यह है कि सही ज्ञान, उपकरणों और अभ्यास के साथ हम अपनी बुद्धि की शक्ति का उपयोग करना सीख सकते हैं और अपने स्वयं के बौद्धिक क्षेत्र के स्वामी बन सकते हैं। यह पुस्तक हमें व्यावहारिक रणनीतियों, उदाहरणों और अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए है, जो हमें अपनी बुद्धि पर नियंत्रण रखने और अपने लक्ष्यों, मूल्यों और आकांक्षाओं के अनुरूप जीवन को बनाने में मदद कर सकती है। अपनी बुद्धि पर नियंत्रण पाना आजीवन चलनेवाली यात्रा है और इसके लिए समर्पण, सतत प्रयास और अभ्यास की आवश्यकता होती है। यह पुस्तक एक त्वरित समाधान नहीं है, बल्कि एक रोडमैप है, जो हमको अधिक आत्म-चेतना, आत्म-देखभाल और आत्म-निपुणता में हमारा मार्गदर्शन कर सकती है। यह एक ऐसा उपकरण है, जिसका उपयोग हम सकारात्मक बौद्धिकता विकसित करने, स्वस्थ आदतें बनाने, अपनी भावनाओं को प्रबंधित करने और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए कर सकते हैं। यह एक ऐसा संसाधन है जिसका हम संदर्भ ले सकते हैं। आशा है, यह पुस्तक अपनी बुद्धि को नियंत्रित करने की यात्रा में हर आयु वर्ग के पाठक का भरपूर मार्गदर्शन करेगी।
Read moreAbout the Book
मस्तिष्क एक शानदार यंत्र है, लेकिन अगर प्रभावी ढंग से प्रबंधित नहीं किया जाता है, तो यह संकट, नकारात्मकता और उदासीनता का स्रोत बन सकता है। हालाँकि अच्छी खबर यह है कि सही ज्ञान, उपकरणों और अभ्यास के साथ हम अपनी बुद्धि की शक्ति का उपयोग करना सीख सकते हैं और अपने स्वयं के बौद्धिक क्षेत्र के स्वामी बन सकते हैं।
यह पुस्तक हमें व्यावहारिक रणनीतियों, उदाहरणों और अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए है, जो हमें अपनी बुद्धि पर नियंत्रण रखने और अपने लक्ष्यों, मूल्यों और आकांक्षाओं के अनुरूप जीवन को बनाने में मदद कर सकती है।
अपनी बुद्धि पर नियंत्रण पाना आजीवन चलनेवाली यात्रा है और इसके लिए समर्पण, सतत प्रयास और अभ्यास की आवश्यकता होती है।
यह पुस्तक एक त्वरित समाधान नहीं है, बल्कि एक रोडमैप है, जो हमको अधिक आत्म-चेतना, आत्म-देखभाल और आत्म-निपुणता में हमारा मार्गदर्शन कर सकती है। यह एक ऐसा उपकरण है, जिसका उपयोग हम सकारात्मक बौद्धिकता विकसित करने, स्वस्थ आदतें बनाने, अपनी भावनाओं को प्रबंधित करने और सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए कर सकते हैं। यह एक ऐसा संसाधन है जिसका हम संदर्भ ले सकते हैं।
आशा है, यह पुस्तक अपनी बुद्धि को नियंत्रित करने की यात्रा में हर आयु वर्ग के पाठक का भरपूर मार्गदर्शन करेगी।
Book Details
-
ISBN9789354886591
-
Pages216
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aap Bhi Comedian Ban Sakte Hain: Haso Hasao, Beshumar Daulat Kamao
- Author Name:
J.P.S. Jolly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC Staff Selection Commission Constable (GD) (Male and Female) Computer Based Examination (15 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Sainya Patniyon Ki Sahasik Kahaniyan (Hindi Translation of The Force Behind The Forces)
- Author Name:
Swapnil Pandey
- Book Type:

- Description: भारतीय सैन्य बलों के पराक्रमी; शूरवीर, जाँबाज और निर्भीक सैनिक अपना सर्वस्व मातृभूमि पर समर्पित कर देते हैं। होम कर देते हैं अपना यौवन, अपने सपने, ताकि हमारे तिरंगे की आनबान अक्षुण्ण रहे और हमारी सीमाएँ सुरक्षित। पर इनके साथ ही इनका परिवार और स्वयं भी उनकी इस साधना में बराबर के साझेदार होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में लेखिका ने सात वीर नारियों और उनके परिवारों के जीवन पर प्रकाश डाला है। व्यक्तिगत हानि, घर चलाने की जिम्मेदारी, भविष्य की चिंता, बच्चों के पालन-पोषण जैसी समस्याओं से निपटने और जिंदगी की सच्चाई का सामना करती पत्नियों के चित्रण में काफी कुछ अनूठापन है। वीर नारी को खुद भी यह समझने की जरूरत है कि कैसे उसके छोटे-छोटे बच्चे भविष्य की उन चुनौतियों से निपटेंगे, जिनका उन्हें भान तक नहीं है। सैन्य पत्नियों से भविष्य के लिए मजबूत होने, छोटे बच्चों की देखभाल करने और दयालु होने की अपेक्षा की जाती है। पर अपेक्षाओं का बोझ उठाना आसान नहीं होता है। एक सैनिक के न रहने पर सैनिक की पत्नियों को किन कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, साथ ही उनके परिवारवालों और समाज को उनके क्या- क्या अपेक्षाएँ होती हैं, इन सब ज्वलंत प्रश्नों पर इस पुस्तक में गंभीरता से विचार किया है। हमारे बलिदानी सैनिकों की उतनी ही त्यागी पत्नियों के समर्पण, संघर्ष और साहस की प्रेरक गाथा हैं ये कहानियाँ।
Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj
- Author Name:
Chitra Awasthi
- Book Type:

- Description: समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्, पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उद्देश्य को पूर्ण करेगी।
Rochak Bodhkathayein
- Author Name:
Dulichand Jain ‘Sahityaratna’
- Book Type:

- Description: प्राचीन काल से ही भारत में शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण को महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। कहानियों की विधा का भी हमारे सामाजिक जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। वेदों, उपनिषदों, पुराणों, रामायण, महाभारत, जातक कथाओं एवं जैन कथाओं के द्वारा अनेक कहानियों को रोचक ढंग से सुनाकर विद्यार्थियों को सुसंस्कारित किया जाता था। प्रस्तुत पुस्तक में एक तिहाई कहानियों को भारत की संस्कृति और परंपरा के आधार पर संग्रहीत किया गया है। एक तिहाई कहानियों को मानवीय जीवनमूल्यों यथा अहिंसा, करुणा, निस्स्वार्थ प्रेम, मैत्रीभाव और सेवा के आधार पर संकलित किया गया है। एक तिहाई भाग में रोचक जैन कथाओं का संकलन है। प्रत्येक कहानी में एक संदेश है, जो हमारे जीवन पर अमिट प्रभाव डालता है। अधिकांश कहानियाँ सरल और रोचक भाषा में हैं। अच्छा कर्म, अच्छा ज्ञान, अच्छा चरित्र, इंद्रिय-विजय, मन पर नियंत्रण, भावना, एकाग्रता एवं स्मरण-शक्ति जैसे सद्गुणों को जब कहानियों में गुंफित किया जाता है तो वे बहुत रोचक हो जाते हैं। मानव-मूल्यों को सर्वसुलभ बनाने के लिए प्रेरक बोधकथाओं का उत्कृष्ट संकलन। —दुलीचंद जैन
RAJYABHISHEK (PB)
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: आचार्य जी का यह प्रसिद्ध उपन्यास राम द्वारा लंका पर चढ़ाई से प्रारंभ होता है और सीता के भू प्रवेश तक चलता है। इसकी एक-एक पंक्ति, एक-एक दृश्य ऐसा जीवंत है कि पाठक को बरबस लगता है कि वह स्वयं उसी युग में जी रहा है। - बहुमुखी प्रतिभा के धनी आचार्य चतुरसेन ने ५० वर्षों तक विविध विधाओं में निरंतर लेखन कार्य किया। वह एक लेखक और विचारक ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शास्त्री भी थे ।
Zadakhalachi Shala
- Author Name:
Raghu Babu +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: तंत्र्य हा आपल्या शिक्षणाचा पाया असायला हवा! स्पर्धा, बक्षिसं आणि शिक्षेला त्यात स्थान असू नये. मुलं पुस्तकातून लिहायला आणि वाचायला शिकतात; परंतु पुस्तकातला अर्थ त्यांना केवळ अनुभवातूनच समजून घेता येईल. पाठ्यपुस्तकं पाठ करून परीक्षेत पास होणं म्हणजे खरं शिक्षण नव्हे. मुलांनी निरीक्षण व प्रयोग करून नवं ज्ञान मिळवायला हवं. शिकणं ही एक मजेची प्रक्रिया असावी आणि ती आयुष्याच्या वाटचालीचाच एक भाग असावी! Zadakhalachi Shala | Raghubaboo Translation : Sujata Godbole झाडाखालची शाळा | रघुबाबू अनुवाद : सुजाता गोडबोले
Aadhunik Bharat Ke Divangat Ganitagya
- Author Name:
Virendra Kumar
- Book Type:

- Description: आधुनिक भारतीय गणितज्ञों के बारे में हिंदी भाषा में कोई अच्छा ग्रंथ तैयार करने का प्रयास किसी विद्वान द्वारा नहीं किया गया। कई वर्ष पहले मैंने अपनी यह इच्छा भारतीय गणित के प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. राधाचरण गुप्त से प्रकट की थी। उन्होंने मुझे यह शुभ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी मध्य प्रीति श्रीवास्तव तथा महेश शर्मा द्वारा लिखित ‘भारत के महान् गणितज्ञ’ एवं अनंत व्यवहारे द्वारा लिखित ‘भारतीय गणितज्ञ’ नामक पुस्तकें प्रकाशित हुईं। ये दोनों पुस्तकें इस विषय पर सीमित सामग्री उपलब्ध कराती हैं तथा इनका कालखंड विस्तृत है। मेरा उद्देश्य वैदिक काल से लेकर अब तक भारत भूमि में पैदा हुए सभी महान् गणितज्ञों का परिचय कराना है, परंतु यह एक लंबा प्रोजेक्ट है तथा इस क्षेत्र में रुचि रखनेवाले लोग नाम मात्र के हैं। अतः प्रारंभ में मैंने आधुनिक भारतीय गणितज्ञों के ऊपर ही ध्यान केंद्रित किया। इस कालखंड में गणितज्ञों की एक लंबी सूची बन जाती है। अतः पाठकों की रुचि और पुस्तक के आकार को ध्यान में रखते हुए पुस्तक को खंडों में प्रकाशित करने का विचार सुनिश्चित हुआ। प्रथम खंड में केवल उन्नीसवीं तथा बीसवीं शताब्दी में दिवंगत गणितज्ञों को ही लिया गया है। इस पुस्तक के अंदर उन सभी भारतीय विद्वानों का परिचय है, जिन्होंने विशुद्ध गणित, प्रयुक्त गणित, ज्योतिर्विज्ञान, ज्योतिभौतिकी, सैद्धांतिक भौतिकी, कंप्यूटर या सांख्यिकी के क्षेत्र में कार्य किया है।
Trivendra : Ek Zindaginaama
- Author Name:
Dr. Nandan Singh Bisht ‘Vishw’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Zindagi Ke 78 Kohinoor
- Author Name:
Mrityunjay Kumar Singh
- Book Type:

- Description: जीवन में होने वाली घटनाएँ हमेशा हमें कुछ-न-कुछ सिखाकर हमारा ज्ञान, अच्छाई और तजुर्बा बढ़ाती हैं। जीवन में कभी-कभी अच्छाई के लिए मनुष्य को कुछ-न-कुछ त्याग करना पड़ता है। जीवन में अच्छाई की यह शिक्षा इनसान को प्रकृति से मिली है। प्रकृति के प्रत्येक कार्य में सदैव भलाई की भावना निहित दिखाई पड़ती है। नदियाँ अपना जल स्वयं न पीकर दूसरों की प्यास बुझाती हैं। वृक्ष अपने फल दूसरों को अर्पित करते हैं। बादल पानी बरसाकर धरती की प्यास बुझाते हैं। सूर्य तथा चंद्र भी अपने प्रकाश को दूसरों में बाँट देते हैं। इसी प्रकार अच्छे इनसान का जीवन भलाई में ही लगा रहता है। जीवन में हर इनसान छोटे-छोटे कार्य करके अनेक प्रकार की अच्छाई संसार में कर सकता है। भूखे को रोटी खिलाकर, अशिक्षितों को शिक्षा देकर, जरूरतमंद को दान देकर, प्यासे को पानी पिलाकर व अबलाओं तथा कमजोरों की रक्षा कर अच्छाई की जा सकती है। —इसी पुस्तक से भारत के सांस्कृतिक एवं धार्मिक इतिहास से गहरे लगाव के कारण कोरोना काल में फुर्सत के पलों में तैयार पुस्तक ‘जिंदगी के 78 कोहिनूर’ में घटनाओं और प्राप्त अनुभवों के आधार पर जिंदगी की वास्तविकता को जैसा लेखक ने समझा है, उन्हें दृढ़ संकल्प, साफ नीयत और अटल निष्ठा के साथ स्पष्ट करने का प्रयास किया है। मेरा यह पहला प्रयास आपके सामने है। यह कैसी बन पड़ी है, इसका निर्णय आपको करना है।
Paryavaran Shabdakosh
- Author Name:
Dr. Sudhir Kumar Mishra +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME NIHIT TATHA ABHIVYAKT SAMASYAEN
- Author Name:
Nidhiraj Bhadana +1
- Book Type:

- Description: प्रवासी कहानीकार डाॅ सुधा ओम ढींगरा की कहानियों पर यह दो शोध कार्य हैं जो निधिराज भडाना तथा रेशू पाण्डेय ने किये हैं।
Ramana Pito
- Author Name:
Hiralal Shukla
- Book Type:

-
Description:
गोंडी बोली में रामकथासार की प्रस्तुति रचनात्मक अभाव को दूर करने की एक बड़ी कोशिश
तो है ही, नई शुरुआत करने की एक दूरदृष्टि भी है। गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानसएक ऐसी कृति है, जिसका दो-तिहाई से अधिक अंश वनभूमि और वनजनों से सम्बद्ध है और आदिवासियों के जीवन-जगत में आज भी शामिल है, जिससे ये अपना सम्बन्ध पुरातन मानते हैं, इसलिए अभिन्न जुड़ाव रखते हैं।
गोंडी बोली की इस रामकथा में आदिवासी समुदाय अपने जीवन, समाज, संस्कृति और सामूहिक संघर्ष-चेतना की
भी कथा देखता, जीता है। यह पुस्तक रामकथा के बहाने जनजातियों की तरफ़ से उनकी विरासत का परिचय
और उनके अपने अस्तित्व की गाथा भी प्रस्तुत करती है।
Ravindra Gita
- Author Name:
Ravindra Jain
- Book Type:

- Description: भगवान् श्रीकृष्ण संपूर्ण सृष्टि के सबसे बड़े आकर्षण, सबसे बड़े सम्मोहन और सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। इन्हीं भगवान् श्रीकृष्ण का दिव्य वचनामृत है—‘श्रीमद्भगवद्गीता’। यह भगवान् श्रीकृष्ण का परम आदेश, परम निर्देश तो है ही, साथ ही यह संपूर्ण मानवता का परम उपयोगी संविधान भी है। चूँकि ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ जीवमात्र के लिए परम उपयोगी और संपूर्ण मानवता के लिए एक संविधानस्वरूप है, इसलिए इस महाउपयोगी महाग्रंथ का सरल और सर्वग्राही होना परम आवश्यक है। ‘रवीन्द्र गीता’ भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा उपदेशित मूल श्रीमद्भगवद्गीता का सरल हिंदी पद्यानुवाद है। सरस्वती-पुत्र, परम संगीत-साधक, विलक्षण सृजन प्रतिभा के धनी रवींद्र जैनजी ने संगीत की सेवा से संपूर्ण विश्व में ईश्वर की महिमा और भक्ति-भावना को एक नई ऊँचाई, एक नया स्वरूप, एक नया आकर्षण दिया। ‘रामायण’, ‘श्रीकृष्ण’, ‘जय हनुमान’ जैसे अनेकानेक पौराणिक विषयों को ग्रंथों से निकालकर संगीत और स्वर से सजाकर जनसामान्य तक सरलता, व्यापकता और पूरी सफलता के साथ पहुँचाया। यह कृति योगेश्वर श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेश को जनमानस तक पहुँचाकर समाज में सकारात्मकता और सद्मूल्यों को विकसित करे, तो इसका लेखन तथा प्रकाशन सार्थक होगा।
Sitara
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prasad Kavya-Kosh
- Author Name:
Suchita Verma +1
- Book Type:

-
Description:
जयशंकर प्रसाद ने ब्रजभाषा और हिन्दी में कविताएँ रची थीं। छायावाद के वे श्रेष्ठ कवि और नाटककार हैं; मगर उनकी रचना-यात्रा छायावाद से एक दशक पहले से प्रारंभ हो चुकी थी। प्रसाद का देहांत और छायावाद का ‘युगांत’ लगभग एक साथ घटित हुआ था। छायावाद का अधिकतम प्रतिनिधित्व प्रसाद की रचनाएँ करती हैं।
‘कामायनी’, ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘झरना’ आदि काव्य-पुस्तकों के साथ उनके नाटकों के गीतों को मिलाकर उनके कवि-व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता रहा है। प्रसाद का ब्रजभाषा काव्य उनके काव्य-संस्कार की बुनियाद को बनाता है और नाटकों के गीतों में इतिहास-सम्मत भावजगत बिखरा हुआ है। इस प्रभूत काव्य-संसार में शब्दों और पदबंधों की विविधता भरी-सजी है।
जयशंकर प्रसाद की समस्त काव्य-कृतियों में प्रयुक्त शब्दों और पदबंधों के आधार पर 'प्रसाद काव्य-कोश' का निर्माण किया गया है। प्रसाद के शब्द-प्रयोगों से जुड़ी काव्य-पंक्तियों को एक साथ पढ़कर अलग ढंग का आनंद आता है और उसके अर्थ की विभिन्न छायाओं को जानकर महसूस होता है कि हिन्दी की काव्य-भाषा कितनी समृद्ध है! प्रसाद के शब्द-संसार का सम्बन्ध संस्कृत, ब्रज और हिन्दी से भाषिक स्तर पर तो है ही, उनके ज्ञान का दायरा न जाने कितने ढंग के लोक और शास्त्र से जुड़ा है। उनके साहित्य में आया हुआ लोक अनेक कालखंडों से सम्बद्ध है। इन सब का प्रभाव उनके शब्द-संसार के वैविध्य और विस्तार पर पड़ा है।
गहरी साहित्यिक रुचि को आज भी प्रसाद का काव्य आकर्षित करता है। प्रसाद के पाठकों, अध्यापकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों को यह कोश अर्थ तक पहुँचने में मददगार होगा।
Cactus Evam Anya Laghukathayen
- Author Name:
Dr. Upma Sharma
- Book Type:

- Description: कथा-सृजन के कई मानक होते हैं और कथाकारों की कई श्रेणियाँ। साहित्य के रूप केवल रूप नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने के विभिन्न माध्यम भी हैं। एक माध्यम जब चुकता दिखाई पड़ता है तो दूसरे माध्यम का निर्माण किया जाता है। अपनी इसी यात्रा में मानव ने समय-समय पर नए-नए कला-स्तरों की सृष्टि की। अपने मन के अनुसार सृष्टि करना मानव स्वभाव का अंग है। उसकी रचना के रूप अलग हो सकते हैं, पर ज्यों- ज्यों वह बड़ा होता है, उसकी रचनाधर्मिता की दिशाएँ भी बदल जाती हैं। रचनात्मकता सबसे पहले आत्माभिव्यक्ति है। इस अभिव्यक्ति के माध्यम कई हो सकते हैं। जब-जब विचारों की कौंध होती है, कोमल, संवेदनशील हृदय उसे अभिव्यक्त करने के लिए व्याकुल हो उठता है और जब उस विचार या अनुभव को लिखित अभिव्यक्ति दे देता है तो शब्दों के मोती ढुलकना शुरू कर देते हैं। उनकी लडिय़ाँ अपने आप बनने लगती हैं। जब मन में भाव की चुभन होने लगती है और अनुभव की पीड़ा बहुत सघन होती है, तब वे कागज पर उतरे बिना नहीं रहते। मेरा लेखन सायास नहीं रहा। जब-जब भावों ने मन को विह्वïल किया, रचना कागज पर अपने आप उतर आई।
News Girl (Hindi Translation of Garbage Beats)
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class: 1-5) 24 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book