Premchand : Addhyan Ki Nai Dishayen
(0)
Author:
Kamal Kishore GoenkaPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
475
₹ 380 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक प्रेमचंद पर विद्वान लेखक डॉ. कमल किशोर गोयनका द्वारा लिखा गया एक अनूठा ग्रंथ।
Read moreAbout the Book
हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक प्रेमचंद पर विद्वान लेखक डॉ. कमल किशोर गोयनका द्वारा लिखा गया एक अनूठा ग्रंथ।
Book Details
-
ISBN9789381520697
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Bihar Vastunisth (7500+ vastunisth Questions in Hindi
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jan Gopal : Sant Dadu Ke Jivanikar
- Author Name:
Purushottam Agarwal +1
- Book Type:

- Description: हालाँकि आज उन्हें बहुत लोग नहीं जानते, लेकिन जन गोपाल आरम्भिक आधुनिक भारत के एक महत्त्वपूर्ण देशज बुद्धिजीवी थे। ‘जन गोपाल : संत दादू के जीवनीकार’ पुस्तक के लेखकों का कहना है कि ऐसे कई निर्गुण भक्त कवि रहे हैं जिन पर उनकी काव्य-मेधा और ऐतिहासिक अहमियत के बावजूद उतना ध्यान नहीं दिया गया जितने के वे हक़दार थे। उन्नींसवीं सदी के राजस्थानी कवि एवं कथावाचक जन गोपाल भी ऐसी ही प्रतिभा हैं। यह पुस्तक उनके जीवन और कृतित्व पर केन्द्रित एक अभूतपूर्व अध्ययन है। जन गोपाल किसी आम निर्गुणपंथी भक्त के साँचे में पूरी तरह फ़िट नहीं बैठते। उनका जन्म एक व्यापारी परिवार में हुआ; निर्गुण पंथ का चुनाव उन्होंने किसी पारिवारिक या सामाजिक परम्परा के चलते नहीं, बल्कि अपने सचेत निजी निर्णय के आधार पर किया। उन्होंने अपने साहित्य में न केवल छन्दशास्त्र, काव्य-परम्परा और शास्त्रीय हिन्दुस्तानी संगीत के अपने अद्भुत ज्ञान का बल्कि एक नागर तथा प्रगतिशील संवेदना का भी परिचय दिया। उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘दादू जनम लीला’ का नाम सबसे पहले आता है जो उनके गुरु और अकबर के समकालीन दादू दयाल की जीवन-गाथा है। भागवत पुराण की कथाओं को भी उन्होंने अपने काव्य में पिरोया जिनमें ‘प्रह्लाद चरित्र’, ‘ध्रुव चरित्र’ और ‘जड़ भरत चरित्र’ मुख्य हैं। इस पुस्तक में स्पष्ट होता है कि जन गोपाल का विशेष महत्त्व इसलिए है कि उन्होंने लोक-प्रचलित पौराणिक कथाओं को अपनी हिन्दी व ब्रज रचनाओं में समकालीनता का एक सूक्ष्म तेवर दिया। साथ ही इन कथाओं के नैतिक पक्ष को नए रूप में रचने की प्रक्रिया में उन्होंने पारम्परिक धर्मशास्त्र के मूल तत्त्व पर भी नई दृष्टि डाली और भक्ति को एक समतावादी और मुक्तिकारी रूप में प्रस्तुत किया। जन गोपाल के जीवन और कृतित्व के विश्लेषण के साथ और भक्ति परम्परा में उन्हें उनका उचित स्थान देते हुए लेखकों ने इस पुस्तक में उनके रचे तीनों चरित्रों (प्रह्लाद, ध्रुव और भरत) के साथ ही उनके बीस पद भी प्रस्तुत किए हैं। देशज बौद्धिक परम्पराओं और निर्गुण भक्ति के अध्ययन के लिए यह पुस्तक निस्सन्देह महत्त्वपूर्ण है।
1947 Ke Zakhma
- Author Name:
Rajeev Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sachitra Hindi Bal Kosh
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत कोश कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हिन्दी प्रदेश में निर्धारित पाँचवें दर्जे तक की सभी पाठ्य-पुस्तकें मँगवाई गईं और उनमें से शब्दों को संग्रह करवाया गया। बारम्बारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। इस प्रकार शब्दावली का एक स्तर निश्चित हुआ। इस शब्दकोश में लगभग छह हज़ार शब्द हैं जो प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और आवश्यक हैं। अर्थों का चुनाव भी इसी दृष्टि से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रत्येक शब्द का प्रयोग जैसा कि शिष्ट हिन्दी में होता है, अत्यन्त सटीक उदाहरणों द्वारा समझाया गया है। उपयुक्त ज्ञान कराने में चित्र बहुत सहायक होते हैं। हिन्दी में ऐसे सचित्र कोश नहीं हैं। प्रस्तुत कोश इस दृष्टि से बेजोड़ है।
Kashi Ki Golakdhandhari : Evam Anya Jasoosi Kahaniyan
- Author Name:
Gopalram Gahmari
- Book Type:

- Description: गोपाल राम गहमरी हिंदी के पहले जासूसी कथाकार थे। उन्होंने हिंदी कथा को कल्पना, रहस्य-रोमांच, चमत्कार, ऐयारी से हटाकर जमीनी धरातल प्रदान किया। जीवन, घटनाएँ, अपराध, रोजमर्रा की जिंदगी की समस्याओं को वे कथा-जगत में लेकर आए। कथा के माध्यम से जीवन की जीवंत कहानियाँ उन्होंने पेश कीं। वे न केवल उम्दा कथाकार थे, बल्कि संपादक, कविता में खड़ी बोली के हिमायती भी थे। उनके संस्मरणों में हिंदी साहित्य के बनते इतिहास को पढ़ सकते हैं। हिंदी की पहली आलोचना पत्रिका 'समालोचक' का संपादन उन्होंने सन 1902 में किया। उनकी कहानियाँ अपने भूगोल और विषय के साथ भाषा का बर्ताव करती हैं। हिंदी, उर्दू, अरबी, फारसी, संस्कृत, बांग्ला भाषा में वे समर्थ थे। बांग्ला से ढेरों उपन्यासों का अनुवाद किया। मंडला नरेश के साथ श्रीलंका की यात्रा की और यात्रा-वृत्तांत भी लिखा। आइए, उनकी इन कहानियों से गुजरें, जो आज से सौ साल पहले लिखी गई थीं।
Shrimad Bhagavadgita Mein Karma Aur Netratva Siddhant | Shrimad Bhagwat Geeta Hindi
- Author Name:
Dr. Asmika Sinha
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Guru Ravidas : Stuti-Maryada
- Author Name:
Ghanshyam Das Hans
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
France ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Smt. Pramila Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Urdu Hindi Kosh
- Author Name:
Ramchandra Verma
- Book Type:

-
Description:
उर्दू और हिन्दी दोनों भाषाओं के प्रामाणिक ज्ञान और उन्हें निकट लाने में यह कोश अत्यन्त सहायक है।
उर्दू-भाषी पाठक और प्रेमी प्रायः ऐसे शब्दकोश की ज़रूरत महसूस करते हैं जो हो तो उर्दू की लिपि में किन्तु जिससे हिन्दी शब्दों का अर्थज्ञान हो सके। इसी प्रकार उर्दू से अनभिज्ञ हिन्दीभाषी नागरी लिपि में उर्दू शब्दों की प्रस्तुति से प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। इस दिशा में यह ‘उर्दू-हिन्दी कोश’ एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।
यह कोश उर्दू भाषा में प्रयुक्त होनेवाले अरबी-फ़ारसी आदि के शब्दों का हिन्दी अर्थ जानने में पर्याप्त सहायक है। अरबी, फ़ारसी व तुर्की आदि की अधिकांश संज्ञाओं और विशेषणों के समावेश ने इस कोश की सार्थकता बढ़ा दी है। कोश की विश्वसनीयता फ़ारसी लिपि में मुख्य प्रविष्टियों के अंकन के कारण बढ़ गई है।
भाषाविदों, साहित्य-साधकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अनुवादकों, सम्पादकों, शोधार्थियों आदि के लिए यह कोश बहुत उपयोगी है।
Vaigyanik Kosh
- Author Name:
Shanti Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: विज्ञान और वैज्ञानिकों का मनुष्य-जीवन और सभ्यता के लिए अतुल्य योगदान रहा है। विकास के रथ को तीव्र गति से आगे बढ़ाने में उन्होंने बहुधा अपने जीवन और जीवन की सुख-सुविधाओं तक को महत्त्व नहीं दिया। यह ‘वैज्ञानिक कोश’ संसार के ऐसे ही वैज्ञानिकों से हमारा परिचय कराता है जिनके आविष्कारों और खोजों ने दुनिया को इतना उन्नत और सुविधाजनक बनाया है जिसमें रहते हुए हम मानव-जाति के भविष्य के बारे में सोच सकते हैं। इनमें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक भी शामिल हैं जिनका परिचय अलग से दिया गया है। हिन्दी में अभी तक ऐसी और इतनी विस्तृत पुस्तक उपलब्ध नहीं थी। यह हिन्दी के प्रमुख विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे के बरसों के श्रम का नतीजा है, जिसे अन्तिम रूप उनकी पत्नी और सुपुत्र ने सावधानी और यत्नपूर्वक दिया है। हर पाठक के लिए उपयोगी यह कोश न सिर्फ़ विश्व के महान वैज्ञानिकों के जीवन, उनके आविष्कारों और उपलब्धियों के विषय में आवश्यक जानकारी देता है, बल्कि हमें वैज्ञानिक ढंग से सोचने को भी प्रेरित करता है। परिशिष्ट में प्रस्तुत की गई सामग्री इस अध्ययन को और भी उपयोगी बनाती है जिसमें भौतिकी, रसायन और चिकित्सा विज्ञान आदि विषयों की संक्षिप्त एवं सारगर्भित जानकारी दी गई है।
CTET/TETs Solved Papers (2023-2011) Paper-2 (Class 6 - 8) Samajik Adhyayan/Samajik Vigyan (Social Study / Social Science)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IIT-JEE Main + Advanced Rasayan (Chemistry) for JEE Main + JEE Advanced and NEET (Other Engineering Entrance Examinations)
- Author Name:
Dr. K.G. Ojha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
General English For RAS Mains
- Author Name:
P.C. Kothari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Mains - Bihar Lok Seva Ayog Mukhya Pariksha Solved Papers (Paper I & II 67th Se 48th) Sanyukt Pareeksha
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pardesi
- Author Name:
Neelam Mishra
- Book Type:

- Description: रामधन ने रामसुख का हाथ पकड़कर कहा, 'भय्या रेलिया देख सकित हा का?' रामसुख ने कहा, 'अरे काहे नाही, चला स्टेशन पर चली', कहकर तीनों प्लेटफार्म पर पहुँच गए। वहाँ एक रेलगाड़ी खड़ी थी। रामदीन अचानक कूदकर रेलगाड़ी पर चढ़ गए। उनके पीछे उत्सुकतावश रामधन, फिर रामसुख भी एकजुट रहने के मकसद से रेलगाड़ी पर चढ़ गए। रामसुख के चढ़ते ही ट्रेन एकाएक चल पड़ी। तीनों भाई एकदम हक्का-बक्का होकर एक सीट पर बैठ गए। रामसुख को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें? पर रामदीन और रामधन तो खुशी से चहक रहे थे। उन लोगों ने रेलगाड़ी पहले देखी भी न थी। रामसुख भाइयों के साथ खिड़की से बाहर देखकर चलती गाड़ी की गति अनुभव करने लगे। थकान से भरा शरीर, पर रेल की मीठी झुलान ने तीनों को सुला दिया। अचानक एक कड़क आवाज से रामसुख की आँख खुली तो सामने एक रोबदार अंग्रेज खड़ा था। वह टिकट जाँच का अधिकारी था। अंग्रेज ने कहा, 'ओ लड़के! टिकट दिखाओ।' रामसुख ने सिर हिलाकर कहा, 'टिकट नहीं है साहब।' —इसी पुस्तक से गाँव-देहात के भोले-भाले सरल निवासियों के अबोध, निश्छल और सहज भावभूमि का दिग्दर्शन करवाता पठनीय एवं मार्मिक उपन्यास, जो पाठकों की संवेदना को झंकृत कर देगा।
Practical English Hindi Dictionary
- Author Name:
Ed. Dr. Badri Nath Kapoor
- Book Type:

- Description: यह अद्यतन कोश है और इसमें अंग्रेज़ी के उन सभी शब्दों तथा पदबंधों का संकलन किया गया है जो जीवन के विविध क्षेत्रों से संबद्ध हैं तथा विद्यार्थियों- अध्यापकों, लेखकों- अनुवादकों, संपादकों-पत्रकारों, अधिकारियों-कर्मचारियों आदि को जिनके हिंदी समानार्थी जानने की नित्य आवश्यकता होती है । अंग्रेज़ी के सभी शब्दों को अक्षरक्रम से रखा गया है । अन्य प्रमुख अंग्रेज़ी-हिंदी कोशों में विकारी शब्दों तथा समस्त पदों को मूल शब्द के अंतर्गत अर्थात् पेटे में रखा गया है, परंतु इस कोश में ऐसे शब्दों की स्वतंत्र प्रविष्टियाँ हैं । आशा है, इससे पाठकों को विभिन्न शब्दों तक पहुँचने में सुगमता होगी । अनियमित क्रियाओं के भूतकालिक, भूतकृदंत तथा वर्तमानकालिक कृदंत रूप भी दिए गए हैं । प्राय : विशेषणों के उत्तरावस्था और उत्तमावस्था कें विशिष्ट रूप भी दिए गए हैं । शब्दों का उच्चारण अधिक सुगमतापूर्वक तथा व्यवस्थित ढंग से किया जा सके, इसके लिए शब्दों को अक्षरों (syllables) में विभाजित किया गया है और उन्हें योजिका (hyphen) से अलग- अलग करके दिखलाया भी गया है । शब्द के जिस अक्षर पर बलाघात है उसपर चिह्न भी लगाया गया है । आवश्यकता प्रतीत होने पर शब्दों के ब्रितानवी और अमेरिकी दोनो प्रकार के उच्चारण भी दिए गए हैं । हर शब्द के अर्थ अंग्रेज़ी और हिंदी दोनो भाषाओं में दिए गए हैं । चष्टा रही है कि अंग्रेजी अर्थ की प्रमुख विवक्षा हिंदी समानार्थी से स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो । पदबंधों और मुहावरों की व्याख्या करते समय उनके अर्थ-सौष्ठव को यथावत् प्रतिबिंबित करने का प्रयास भी किया गया है । इस कोश में भारत सरकार द्वारा स्थिर किए हुए विधि, प्रशासन, न्याय, प्रौद्योगिकी तथा विभिन्न शास्त्रों और विज्ञानों के शब्दों को प्रमुखता दी गई है । उच्चारण-तालिका अन्यत्र दी गई है । इसमें अंग्रेज़ी की कुछ विशिष्ट ध्वनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संकेत चिह्नों के आधार पर कुछ हिंदी वर्णो में विशेष चिह्न जोड़े गए हैं । आशा है, पाठकों को इससे सही उच्चारण करने में सुविधा होगी ।
CISF Head Constable (Ministrial) Likhit Pareeksha 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Operation Khukri
- Author Name:
Major General Rajpal Punia +1
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Krishi (CUET Agriculture in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Hidden Hindu Book 2 "द हिडन हिंदू-2" - अक्षत गुप्ता (Hindi Version of Hidden Hindu 2) - Akshat Gupta
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book