Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit Practice MCQs (MPTET Maths Practice Sets)
(0)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
245
₹ 196 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789354884450
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Homoeopathy Chikitsa
- Author Name:
Dr M B L Saxena
- Book Type:

- Description: Awaiting description
How To Be Successful In Civil Services
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: Civil Services are the most prestigious and accountable services in the country. Educated youths have a special attraction towards them. Every youth wants to achieve this position.Out of a population of 140 crores, about 750 civil servants are selected every year, for which lakhs of candidates apply. The attraction and importance of these services can be easily understood from these statistics. Candidates for these services are tested on a three-tier test. The candidate who fulfils these criteria with intense fire in their belly is selected and takes a vow to serve the country with his unique aura. The present book is a guide to preparation for Civil Services. The book tells you how to prepare for these exams, what are the special points that should be kept in mind while studying. Overall, this book eases most of the difficulties of the examinees. The author of the book himself is an IAS and has been a topper in the Civil Services Examination. This book is the essence of his wide and deep experience, which is in front of the readers. A very useful book for competitive exam aspirants and students who have a strong will to succeed in their career.
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022 (34 Solved Papers, 40 Practice Sets)
- Author Name:
Sumumar Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan (MPTET Social Science Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
INDIAN AIR FORCE AIRMEN GROUP X & Y (TECHNICAL & NON-TECHINCAL TRADES EXAM) 25 PRACTICE SETS (REVISED 2021)
- Author Name:
Prakash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC JHARKHAND LOK SEVA AAYOG SAMANYA ADHYAYAN PRARAMBHIK PAREEKSHA
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: 20 PRACTICE SETS PAPER-I EVAM PAPER-II
Sangharsh Ma Gujarat (Gujarati Edition)
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: લોકતંત્રનું ગળું ઘોંટી દેવા તત્કાલીન વડાપ્રધાન ઇંદિરા ગાંધીએ દેશમાં કટોકટી લાદી હતી. લોકતંત્રની રક્ષા અને કટોકટી સામેની લડતમાં ગુજરાત હંમેશાં મોખરે રહ્યું. આ સંઘર્ષના અગ્રેસર કાર્યશીલોમાંના એક શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ પોતે લોકશાહીની લડત અને તેના અંતિમ વિજયની ગાથા આ પુસ્તકમાં આલેખી છે. કટોકટી કેવી રીતે આવી એ વિશે ઘણું લખાય છે, પરંતુ કટોકટી ગઈ કેવી રીતે એ વિશે ખાસ કંઈ જ લખાયું નથી. આ વિચારમાંથી જ આ પુસ્તકનો જન્મ થયો. કટોકટી પછી ચૂંટણીઓ આવી અને જનતા પક્ષ વિજયી થયો તે નર્યો ચમત્કાર માત્ર હતો? ચૂંટણીઓ દ્વારા થયેલ ક્રાંતિકારી પરિવર્તન એ અચાનક જ આવી મળેલી સફળતા છે એવો પણ એક મત પ્રચલિત થયો છે. પણ વાસ્તવમાં નિશ્ચિત પરિણામો પ્રાપ્ત કરવા ૨૦ માસ સુધી લગાતાર સુનિયોજિત સંઘર્ષ કરવો પડ્યો છે અને તે સંઘર્ષનાં કેટલાં-કેવાં વિવિધ સૂક્ષ્મ, જ્ઞાત-અજ્ઞાત ક્ષેત્રો હતાં તેની પણ એક ભવ્ય ગાથા છે. આઝાદીની પહેલી લડાઈ કરતાં લોકશાહીના રક્ષણ માટેની આ આ બીજી લડાઈનું મૂલ્ય આ રીતે જરાય ઓછું નથી. અને તેમાં ગુજરાત પણ પ્રારંભથી લડતું રહ્યું છે. તેની ગાથા આ પુસ્તકમાં છે
Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
- Book Type:

- Description: "हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
Sahastrabahu
- Author Name:
Guru Datt
- Book Type:

- Description: यशस्वी रचनाकार स्व. गुरुदत्त ने रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में एम.एस-सी. की और गवर्नमेंट कॉलेज, लाहौर (अब पाकिस्तान में) में प्रोफेसर के पद पर कार्य किया। स्वाधीनता आंदोलन से जुड़ने पर पद से त्याग-पत्र दे दिया। तत्पश्चात आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त किया और उसे ही अपना कार्यक्षेत्र बनाया; साथ-ही-साथ उपनिषदों और वेदों का गहन अध्ययन किया। लेकिन नियति उन्हें बचपन से ही लिखने की प्रेरणा दे रही थी। शीघ्र ही वे उपन्यास-जगत में छा गए। उन्होंने अपने उपन्यासों के पात्रों द्वारा पाठकों को भिन्न- भिन्न विषयों का ज्ञान दिया। विज्ञान के प्रोफेसर यशस्वी लेखक ने अपने उपन्यास 'सहस्रबाहु' में पाठकों को अत्यंत रुचिकर विधि से आधुनिक विज्ञान व प्राचीन भारतीय विज्ञान की जानकारी दी है। उपन्यास का एक पात्र बताता है कि इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूट्रॉन तो वेदों में वर्णित वरुण, मित्र एवं सोम ही हैं, और कैसे उनकी विभक्ति भयंकर ऊर्जा उत्पन्न करती है। यदि इन फॉर्मूलों की प्राप्तिएक आस्तिक वैज्ञानिक को होती है तो वह मानव कल्याण का साधन बन जाता है और नास्तिक वैज्ञानिक यही ज्ञान प्राप्त कर अशांति व सर्वनाश का कारण बन जाता है। महान् उपन्यासशिलपी वैद्य गुरुदत्त की यह कृति रोचक होने के साथ-साथ शिक्षाप्रद भी है। - पदमेश दत्त
SHRI GURU TEGABAHADURAJI (PB)
- Author Name:
Kuldeep Chand Agnihotri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Odissi Dance: Therapeutics Aesthetics Metaphysics
- Author Name:
Dr.Reela Hota
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Maharaas (Hindi Novel)
- Author Name:
Usha Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KVS Kendriya Vidyalaya Sangathan PRT : Primary Teacher Written Examination 2023 (Complete Syllabus) Guidebook
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gunvattapoorna Shiksha : Siddhant Aur Vyavahar
- Author Name:
Ed.Vinodanand Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Na Bhoolanewali 100 Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ranaji Ka Shanadar Balla Aur Any Kahaniyan (Hindi Translation of Ranji'S Wonderful Bat and other Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: कोकी के पुरस्कार जीतने से लेकर रणजी के शानदार बल्ले से निकले कैच को लपककर हार को टालने तक, और दो भंँवरों के बीच रोमांचक रेस से लेकर गेंदों को निगलकर भूख मिटानेवाले मगरमच्छ तक, देश के पसंदीदा कहानीकार की लिखी खेलों से जुड़ी कहानियों का यह आकर्षक संग्रह मौज-मस्ती और उल्लास से भरा है। रस्किन बॉण्ड की अनोखी शैली में लिखी और हँसी-मजाक के जबरदस्त डोज से भरी, विजय और खेल- भावना, शरारत और दोस्ती की ये कहानियाँ निश्चित तौर पर पाठकों का मन पूरी तरह मोह लेंगी।
Kritrim Upgrahon Mein Ooshmiya Prabandhan
- Author Name:
Kamlesh Kumar Baraya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Ke Purodha : Shri Mahesh Chandra Sharma
- Author Name:
Acharya 'Anmol'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sankshipt Uttar Pradesh Samanya Gyan
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prem : Ek Album
- Author Name:
V. M. Girija
- Book Type:

-
Description:
मलयालम कविता जहाँ-जहाँ रूढ़ अवशेषों से टकराती है और अपनी भाषिक एवं सांस्कृतिक स्वत्वगत मौलिकता को बनाए रखते हुए समय में रचे-बसे औपनिवेशिक आयामों का अनावरण करती है, वहाँ यह समकालीन साबित होती है। मलयालम कविता का यह सृजनात्मक व दृष्टिसम्पन्न उन्मेष बहुआयामी इसलिए है कि वह सत्ता के बहुरंगी वर्चस्व को पहचानती है। अत: समकालीन मलयालम कविता एककेन्द्री नहीं बल्कि बहुकेन्द्री है। उसकी बहुस्वरता समय के सही सरोकारों से उपजी विशेषता है। इसलिए उसका प्रतिरोधी स्वर तमाम जटिल स्थितियों में अनुवाद गुंजित हो उठता है। आज की मलयालम कविता में नारी-स्वत्व का स्वर विद्रोह की बहिरंग मुखरता मात्र नहीं है। उसका पूरा तेवर मुक्ति की कामना को आद्यन्त अनावृत करने का रहा है।
पुरुषकेन्द्रित सामाजिक वर्चस्व को सरलीकृत करना मलयालम की नारीवादी कविता का उद्देश्य नहीं है। पुरुष-केन्द्रीकरण को वह नए सन्दर्भ में प्रस्तुत करती है।...मलयालम कविता ने नारी-दृष्टि को इसी व्यापक सन्दर्भ में अनुभव किया है। एक इतिहासबद्ध दृष्टि उसका सम्बल ही नहीं है, बल्कि वह उसकी अवस्थिति है। स्त्री-कामनाओं की कविता पुरुषविरोधी कविता नहीं है, वह पुरुषाधिष्ठित एकांगी मूल्यों की विरोधी कविता है। व्यापक सन्दर्भ में वह विपक्ष की कविता है। मुक्ति की पारदर्शी स्थिति उसमें अंकित है। वह अधिकार-केन्द्रित संस्कृति पर आघात करती है। ...मलयालम कविता में आधुनिक दौर से लेकर यह मुक्तिकामी स्वर मुखर रहा है। उसमें तमाम अवरोधों को तोड़ने का आग्रह भी है।
...समकालीन मलयालम कविता में वी.एम. गिरिजा का स्वर सबसे अधिक तेज़ तेवर से युक्त है। उनकी कविता के केन्द्र में उत्तप्त नारी ही विद्यमान है। उनके स्वर में विद्रोही दृष्टि की एकायामी बुलन्दियाँ नहीं हैं। गिरिजा के अनुभव-जगत् में स्त्री पूर्णरूपेण यथार्थ है। वह नैतिक अवलम्ब के सहारे प्रस्तुत नहीं होती है। वह अपनी जैविक स्थिति में प्रस्तुत होती है। इसलिए गिरिजा अपनी कविताओं में प्रकृति का भरसक उपयोग करती हैं। प्रत्येक प्रकरण प्रकृति के सहज विन्यास के साथ जुड़कर जैविक स्थिति का बोध कराता है। सवाल यह है कि गिरिजा की कविता की यह हरियाली किससे सम्बन्धित है? हरियाली के साथ उन्होंने मिट्टी के मटमैलेपन को भी उभारा है। लोकोन्मुखता का यह परिदृश्य गिरिजा की कविता का यथार्थ है जिससे उनकी सृजनात्मकता उभार लेती है और उनकी दृष्टि हमारी नैतिकताओं की जटिलताओं की भीतरी स्थितियों की थाह लेती है। प्रकृति यहाँ रूमानी आग्रह से विन्यासित नहीं है। ‘इको-पोयट्री’ की तरह जल, आकाश और हरियाली के बिम्बों और प्रतीकों की आवृत्ति गिरिजा करती रहती हैं। अपने में विकसने को उद्यत, अपने में सम्पुष्ट और अपने में सम्पूर्ण स्त्री-कामनाओं की विराट उपस्थिति गिरिजा के हर एक शब्द को बारीक बना देती है। प्रेम का यह एलबम प्रेमाभिव्यक्ति को निरी भावानुभूति के स्तर पर प्रस्तुत करनेवाली कविताओं का आकलन-भर नहीं है। यह प्रेम के मूल्यों को खोजने का धारदार उपक्रम भी है।
—भूमिका से
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book