Ranaji Ka Shanadar Balla Aur Any Kahaniyan (Hindi Translation of Ranji'S Wonderful Bat and other Stories)
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कोकी के पुरस्कार जीतने से लेकर रणजी के शानदार बल्ले से निकले कैच को लपककर हार को टालने तक, और दो भंँवरों के बीच रोमांचक रेस से लेकर गेंदों को निगलकर भूख मिटानेवाले मगरमच्छ तक, देश के पसंदीदा कहानीकार की लिखी खेलों से जुड़ी कहानियों का यह आकर्षक संग्रह मौज-मस्ती और उल्लास से भरा है। रस्किन बॉण्ड की अनोखी शैली में लिखी और हँसी-मजाक के जबरदस्त डोज से भरी, विजय और खेल- भावना, शरारत और दोस्ती की ये कहानियाँ निश्चित तौर पर पाठकों का मन पूरी तरह मोह लेंगी।
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कोकी के पुरस्कार जीतने से लेकर रणजी के शानदार बल्ले से निकले कैच को लपककर हार को टालने तक, और दो भंँवरों के बीच रोमांचक रेस से लेकर गेंदों को निगलकर भूख मिटानेवाले मगरमच्छ तक, देश के पसंदीदा कहानीकार की लिखी खेलों से जुड़ी कहानियों का यह आकर्षक संग्रह मौज-मस्ती और उल्लास से भरा है।
रस्किन बॉण्ड की अनोखी शैली में लिखी और हँसी-मजाक के जबरदस्त डोज से भरी, विजय और खेल- भावना, शरारत और दोस्ती की ये कहानियाँ निश्चित तौर पर पाठकों का मन पूरी तरह मोह लेंगी।
Book Details
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ISBN9789355214171
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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“इन्द्र जिमि जंभ पर, बाडव सुअंभ पर, रावन सदंभ पर, रघुकुल राज है।
पौन बारिकाह पर, संभु रतिनाह पर, ज्यों सहस्रबाह पर रामद्विज राज है॥”
जंभ, अंभ तथा सदंभ आदि के तुकान्तक शब्दों ने, प्रभावी उपमाओं के योग से जो प्राण इस छन्द में फूँक दिए हैं, उन पर शिवाजी महाराज तक रीझे बिना न रह सके। कहते हैं शिवाजी महाराज ने यह छन्द भूषण से बार-बार सुना और प्रत्येक बार एक स्वर्ण-मुद्रा पारितोषिक रूप में प्रदान की।
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