Lokbharti Brihat Pramanik Hindi Kosh
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Badrinath Kapoor, Ramchandra VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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आचार्य रामचन्द्र वर्मा द्वारा सम्पादित ‘बृहत् प्रामाणिक हिन्दी कोश’ का उपयोग पिछले कई वर्षों से हिन्दी-प्रेमी निरन्तर करते चले आ रहे हैं।</p> <p>प्रस्तुत बृहत् संस्करण वर्मा जी के मानदंडों के अनुरूप तथा वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सैकड़ों शब्दों को ढूँढ़-ढूँढ़कर इस कोश में स्थान दिया गया है जो पहले से हमारी भाषा के अंग हैं, परन्तु जिनका आज तक कोशों में समावेश नहीं हो पाया। आंचलिक तथा प्रादेशिक रचनाकारों के कुछ ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जो हिन्दी साहित्य में अपना स्थान बना पाए हैं। समस्त पदों में पूर्वपद या उत्तरपद के रूप में कुछ विशिष्ट शब्दों के योग से बने नए शब्दों की बहुलता भी इस कोश में दर्शनीय है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, प्रशासन, जनसंचार आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होनेवाले अंग्रेज़ी भाषा के ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है, जिनका व्यापक रूप से इधर प्रयोग हो रहा है। इस कोश में पहली बार ऐसे सैकड़ों क्रिया-विशेषण, विशेषण तथा संज्ञा शब्दों की प्रविष्टियाँ मिलेंगी जो सम्बन्धबोधकों की तरह प्रयुक्त होते हैं। इधर सहस्रों हिन्दी शब्दों में नए अर्थ विकसित हुए हैं। ऐसे अर्थों को सँजोने तथा विश्लेषित करने का काम इस बृहत् संस्करण का विशेष ध्येय रहा है।</p> <p>अरबी, फ़ारसी, तुर्की आदि के अधिकतर प्रचलित शब्दों को मूल शुद्ध रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है। अनेक शब्द भेदों में जिन शब्दों को बाँटा जा सकता है, ऐसे शब्दों को प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण, योजक, निपात, विस्मयादिक, सम्बन्धबोधक आदि नामों से अभिहित किया गया है। लिंग-सम्बन्धी भी अनेक भूलें ठीक की गई हैं। अनेक शब्दों की व्युत्पत्ति में भी सुधार किया गया है।</p> <p>इधर सहस्रों नए शब्द हमारी भाषा में प्रविष्ट हुए हैं। इनमें से जिनका पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रयोग देखने को मिला, उन्हें इस नवीन संस्करण में सम्मिलित कर लिया गया है।</p> <p>निश्चय ही यह कोश, विद्यार्थियों, लेखकों, अध्यापकों, सम्पादकों, पत्रकारों, शोधार्थियों इत्यादि के लिए अत्यन्त उपयोगी तथा विश्वसनीय है।</p> <p>
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आचार्य रामचन्द्र वर्मा द्वारा सम्पादित ‘बृहत् प्रामाणिक हिन्दी कोश’ का उपयोग पिछले कई वर्षों से हिन्दी-प्रेमी निरन्तर करते चले आ रहे हैं।</p>
<p>प्रस्तुत बृहत् संस्करण वर्मा जी के मानदंडों के अनुरूप तथा वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सैकड़ों शब्दों को ढूँढ़-ढूँढ़कर इस कोश में स्थान दिया गया है जो पहले से हमारी भाषा के अंग हैं, परन्तु जिनका आज तक कोशों में समावेश नहीं हो पाया। आंचलिक तथा प्रादेशिक रचनाकारों के कुछ ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जो हिन्दी साहित्य में अपना स्थान बना पाए हैं। समस्त पदों में पूर्वपद या उत्तरपद के रूप में कुछ विशिष्ट शब्दों के योग से बने नए शब्दों की बहुलता भी इस कोश में दर्शनीय है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, प्रशासन, जनसंचार आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होनेवाले अंग्रेज़ी भाषा के ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है, जिनका व्यापक रूप से इधर प्रयोग हो रहा है। इस कोश में पहली बार ऐसे सैकड़ों क्रिया-विशेषण, विशेषण तथा संज्ञा शब्दों की प्रविष्टियाँ मिलेंगी जो सम्बन्धबोधकों की तरह प्रयुक्त होते हैं। इधर सहस्रों हिन्दी शब्दों में नए अर्थ विकसित हुए हैं। ऐसे अर्थों को सँजोने तथा विश्लेषित करने का काम इस बृहत् संस्करण का विशेष ध्येय रहा है।</p>
<p>अरबी, फ़ारसी, तुर्की आदि के अधिकतर प्रचलित शब्दों को मूल शुद्ध रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है। अनेक शब्द भेदों में जिन शब्दों को बाँटा जा सकता है, ऐसे शब्दों को प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण, योजक, निपात, विस्मयादिक, सम्बन्धबोधक आदि नामों से अभिहित किया गया है। लिंग-सम्बन्धी भी अनेक भूलें ठीक की गई हैं। अनेक शब्दों की व्युत्पत्ति में भी सुधार किया गया है।</p>
<p>इधर सहस्रों नए शब्द हमारी भाषा में प्रविष्ट हुए हैं। इनमें से जिनका पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रयोग देखने को मिला, उन्हें इस नवीन संस्करण में सम्मिलित कर लिया गया है।</p>
<p>निश्चय ही यह कोश, विद्यार्थियों, लेखकों, अध्यापकों, सम्पादकों, पत्रकारों, शोधार्थियों इत्यादि के लिए अत्यन्त उपयोगी तथा विश्वसनीय है।</p>
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Book Details
-
ISBN9788180316326
-
Pages1122
-
Avg Reading Time37 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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क्या आप विश्वास कर पाएँगे कि आपको एक ऐसे शख्स ने लूटा है, जो ढाई साल पहले मर चुका है। क्या एक SMS भेजना हो सकता है, आपके जीवन की सबसे बड़ी गलती। क्या गलती थी उसकी, उसने सिर्फ एक फ्रेंड रिक्वेस्ट ही तो रिसीव की थी। एक कॉल रिसीव किया और साफ हो गए उसके एकाउंट से पूरे 82 लाख रुपए। जब 14 साल का एक लड़का बन गया भारतीय रेलवे के लिए सबसे बड़ी मुसीबत। कैसे कमाए उस 22 साल के लड़के ने 3700 करोड़ रुपए सिर्फ फेसबुक से। आप विश्वास करेंगे, आपका बिजली का बिल भरकर, मैं कमा लूँ पूरे 100 करोड़ रुपए। जब एक मोबाइल एप्प के थ्रू हो गई एक किडनेपिंग। आप अपने घर का दरवाजा खुला छोड़ सकते हैं, पर अपना मोबाइल बिना पासवर्ड मत रखिए। जब मरी हुई लड़की के फिटबिट बैंड ने दी गवाही और पहुँचा दिया क्रिमिनल को सलाखों के पीछे। क्या आप जानना चाहेंगे कि आप के घर का Wi-Fi खोल सकता है आपके कौन-कौन से राज। जब उसकी मौत और जिंदगी के बीच में आ गया एक व्हाट्सएप मेसेज। उसकी जान की कीमत सिर्फ 3 बिटकॉइन। यदि उस दिन फोन न खोया होता तो वह मर जाती। जब बिजली के बल्ब से रोशनी के बजाय आने लगे धमकी की आवाज। आजकल हर व्यक्ति अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन बिताता है, चाहे वो खरीदारी करना हो, बिल पेमेंट करनी हो, दोस्त बनाना हो, जिसकावर्णन बेचनी हो या घर खरीदना हो, कॉलेज के एडमिशन से लेकर शादी के लिए जीवनसाथी ढूँढ़ने तक आपकी जिंदगी इस ऑनलाइन के मायाजाल में उलझ तो गई ही है। लगातार हर क्षण एक ऐसी दुनिया अपनी वास्तविक दुनिया के समांतर खड़ी हो रही है, जिसको हम आभासी दुनिया कहते हैं, पर इस दुनिया में वे सारे अपराध संभव हैं, जो असली दुनिया में होते हैं, इस कारण इस दुनिया की अँधेरी सच्चाइयों के प्रति खुद को जागरूक रखना बहुत जरूरी हो गया है। उत्सुकता बहुत है, जानने की चाह भी, पर इस भागती दुनिया में हमारे पास वक्त कहाँ है कि हम इन दिशा-निर्देशों को सीखें, कोई भी ऐसा ज्ञान या वीडियो बड़ा ही बोरिंग लगने लगता है, जब कोई कहता है कि OTP मत दीजिए, लिंक क्लिक मत कीजिए या फोन पर कोई डिटेल शेयर मत कीजिए। लेखकद्वय ने अनुभव किया कि लोग दिशा-निर्देश भले ही भूल जाएँ पर उन्हें कहानियाँ याद रहती हैं, तो क्यों न वे ये बातें कहानियों के द्वारा बताएँ और तब इस पुस्तक ‘साइबर क्राइम की रोमांचकारी कहानियाँ’ की जरूरत महसूस हुई।दरअसल ये कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इनके द्वारा कुछ अनुभव साझा किए हैं। उनका मानना है कि सच्चाइयाँ कल्पना से ज्यादा रोचक होती हैं; ये सच्ची कहानियाँ न सिर्फ आपको साइबर खबरों के प्रति आगाह करेंगी, बल्कि आपको सतर्क भी करेंगी, ऐसे क्रिमिनल्स से निपटने के लिए।
Chhattigarh Ka Itihas
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Book Type:

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chhattigarh ka itihas
Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
- Book Type:

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"हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
HIMALAYA KE SANTON KI RAHASYA-GATHA
- Author Name:
Dr. Sant S. Dharmanand
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पुस्तक के हर प्रसंग में एक अप्रत्यक्ष और अदृश्य शाश्वत शक्ति परिलक्षित होती है। यह पुस्तक एक उन्नत साधक से लेकर आध्यात्मिक पथ के प्रथम जिज्ञासुओं के लिए रोमांचक मार्गदर्शिका है। हिमालयवासी दिव्य संतों के रहस्यों से परिचय कराती आत्मकथा, जिसमें पुनर्जन्म, साधना, आध्यात्मिक उन्नयन आदि की अनसुनी घटनाएँ पाठकों को अचंभित कर देंगी। ‘‘मैं तुम्हारे परिवार में लौट रहा हूँ।’’ ‘‘हमने पिछले जन्म में भी साथ गाया है।’’ जैसे वाक्य इस पुस्तक में दृष्टिगोचर होते हैं। यह पुस्तक शरीर से निकलकर सूक्ष्म यात्रा कर पिछले जन्म के संबंधियों को सँभालने जैसे रहस्योद्घाटनों से भरी विस्मयकारी कृति है, जिसको आप अवश्य पढ़ना चाहेंगे। इसमें आपको भौतिकवादी पश्चिम जगत् में प्रेम से ओत-प्रोत लोक-कल्याणार्थ हिमालयवासी भारतीय संतों की गौरवशाली करुणा गाथा का विस्तृत विवरण मिलेगा। साथ ही यह आपको सत्य और धर्म पर आधारित दुःख, पीड़ा और मृत्यु से निवृत्ति दिलाती दिव्य उद्देश्य से भरपूर ईश्वर के चिरसेवकों के चमत्कारों का परिचय भी देगी। अवतारों और अलौकिक महापुरुषों की क्रीड़ाभूमि भारत की अक्षुण्ण संत परंपरा की अत्यंत रोमहर्षक नवीनतम गाथा।
Rishton ki Chhatri
- Author Name:
Man Mohan Bhatia
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- Description:
दिल की बेचैनी ने आज जल्दी जगा दिया। श्रीमती जी अपनी खूबसूरती लिए आराम से सो रहीं थी, मैं उठ कर बाहर आ गया। अख़बार वाला आज जल्दी अख़बार रख गया था। अख़बार उठाया तो वो दूर से टाटा करता हुआ नज़र आया। चेहरे पर ख़ुद-ब-ख़ुद एक मुस्कान ठहर गई।अख़बार पढ़ तैयार हुआ, तब तक पत्नी ने गरम चाय, अपने नरम होठों के साथ पीला दी। दफ्तर तक जाने में किए ऑटो-वाले ने, आज फिर कोई मज़ेदार किस्सा सुनाया, दिल खुश हो गया। ऑफ़िस का दिन भी सह-कर्मियों के साथ हँसी-मज़ाक में निकल गया। सालों से इनके साथ रिश्ता घर-सा हो गया है।वापसी में पत्नी जी के लिए एक खास गजरा लिया, जो फूलवाले ने आदत में डाल दिया है। बच्चों के लिए फल ले लिए। ज़िन्दगी कुछ ऐसे ही चलती जा रही है।बेमौसम बरसात हो गयी, छतरी थी नहीं, भीग गए। घर पहुँचे, तो सब ने घेर लिया, लगे ‘हाल’ पूछने। कपड़े बदल सोफे पर बैठा, तो चाय के साथ पकोड़े तैयार थे। बिना बोले श्रीमती जी ने सर दबाना शुरू कर दिया और बच्चों ने पाँव। सबको यों पास देख, दिल को सुकून मिला, लगा जैसे जिंदगी की धुप-छाँव, इन सभी रिश्तों की छतरी तले आराम से निकल जाएगी। रात, हमसफ़र के साथ, एक-दूसरे की बाहों में सिमट, चैन से सो गया।
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