Kala-Mann (Essays)
(0)
Author:
Dr. Rajesh Kumar VyasPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
कला-मन' का अपना ही एक ललित स्वाद और संवाद है। राजेश कुमार व्यास कलाओं को लेकर एक खिड़की और आकाश एक साथ रचते हैं—खिड़की कलाओं को देखने-सुनने की और आकाश वह, जहाँ कुछ रचनात्मक घटित हो रहा है, जिसे देखने में हमें आनंद मिलता है। कलाएँ स्वयं अपने रचनाकारों के माध्यम से, मानो कुछ नया खोजती रहती हैं और पुराने को सहेजती भी हैं, जिसका नया होना, होते रहना कभी समाप्त नहीं होता। व्यास के लेखन में इस तथ्य का, इस बोध का, कलाओं के मर्म का भान सदा बना रहता है। एक जगह वह लिखते हैं-कला क्या है? आकार, रंग, अंतरिक्ष (स्पेस) का सम्मिलित सौंदर्य ही तो है !''''संगीत, नृत्य-चित्र, नाट्य को अपने में बसाते हम कला के समय में रूपांतरित हो जाते हैं। हम वह नहीं रहते, जो पहले थे। कला के समय का इससे बड़ा सच और क्या हो सकता है ! कलाओं का अंतर्सबंध भी राजेश कुमार व्यास की इस रचना में लगातार ध्वनित होता है। कलाओं के बारे में लिखते हुए वह, मानो पाठक को कलाओं के संसार में आने का निमंत्रण देते हैं। सुखद है कि व्यास नियमित ढंग से कलाओं पर लिखते हैं । उनको उत्सव- सा मानते हैं और उनमें विन्यस्त विचारों को रेखांकित करते हैं । निश्चय ही उनके लेखन से हिंदी में कला-लेखन समृद्ध हो रहा है। इसमें भला क्या संदेह कि एक बड़ा पाठक वर्ग उनकी इस पुस्तक को भी प्रीतिपूर्वक अपनाएगा, जिस तरह वह पहले भी अपनाता रहा है। —प्रयाग शुक्ल
Read moreAbout the Book
कला-मन' का अपना ही एक ललित स्वाद और संवाद है। राजेश कुमार व्यास कलाओं को लेकर एक खिड़की और आकाश एक साथ रचते हैं—खिड़की कलाओं को देखने-सुनने की और आकाश वह, जहाँ कुछ रचनात्मक घटित हो रहा है, जिसे देखने में हमें आनंद मिलता है।
कलाएँ स्वयं अपने रचनाकारों के माध्यम से, मानो कुछ नया खोजती रहती हैं और पुराने को सहेजती भी हैं, जिसका नया होना, होते रहना कभी समाप्त नहीं होता। व्यास के लेखन में इस तथ्य का, इस बोध का, कलाओं के मर्म का भान सदा बना रहता है। एक जगह वह लिखते हैं-कला क्या है? आकार, रंग, अंतरिक्ष (स्पेस) का सम्मिलित सौंदर्य ही तो है !''''संगीत, नृत्य-चित्र, नाट्य को अपने में बसाते हम कला के समय में रूपांतरित हो जाते हैं। हम वह नहीं रहते, जो पहले थे। कला के समय का इससे बड़ा सच और क्या हो सकता है !
कलाओं का अंतर्सबंध भी राजेश कुमार व्यास की इस रचना में लगातार ध्वनित होता है। कलाओं के बारे में लिखते हुए वह, मानो पाठक को कलाओं के संसार में आने का निमंत्रण देते हैं। सुखद है कि व्यास नियमित ढंग से कलाओं पर लिखते हैं । उनको उत्सव- सा मानते हैं और उनमें विन्यस्त विचारों को रेखांकित करते हैं । निश्चय ही उनके लेखन से हिंदी में कला-लेखन समृद्ध हो रहा है। इसमें भला क्या संदेह कि एक बड़ा पाठक वर्ग उनकी इस पुस्तक को भी प्रीतिपूर्वक अपनाएगा, जिस तरह वह पहले भी अपनाता रहा है।
—प्रयाग शुक्ल
Book Details
-
ISBN9789355212948
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aao Chalen Mangal Ki Ore
- Author Name:
Alisha Satyarth +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prashasnik Kosh (Angreji-Hindi)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
इस शब्दकोश की ख़ास विशेषता यह है कि इसमें अपने समय के तमाम ज़रूरी विषयों के शब्दों को संगृहीत किया गया है—अर्थ व्याख्या, आयोजन (planning), उद्योग-धन्धे, कार्यालयी कार्य, डाक-तार-संचार, नागरिक आपूर्ति, परिवहन, पुलिस प्रशासन, प्रसारण और दूरदर्शन, बीमा, बैंकिंग, मुद्रण, रक्षा, राजनीति विज्ञान, रेलवे, लेखा-परीक्षण, लेखाविधि, वाणिज्य, वास्तुकला, वित्त, विदेश-नीति, विधि (क़ानून), शिक्षा, श्रम और रोज़गार, संसदीय मामले, संस्कृति, समाज कल्याण, सहकारिता और स्वास्थ्य आदि।
निस्सन्देह, अंग्रेज़ी से हिन्दी का यह कोश सरकारी काम करनेवालों और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी और संग्रहणीय है।
BPSC Bihar Shikshak Bahali Rajniti Vigyan Bhag-1 (Political Science) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Anokha Ladka
- Author Name:
Karan Johar With Poonam Saxena
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agni Raag
- Author Name:
Usha Yadav
- Book Type:

- Description: ‘अग्नि-राग’ समकालीन संदर्भों में नारी-सशक्तीकरण की कहानी है। धधकती अग्नि-ज्वाला में जलती-झुलसती दीपिका की कहानी। विवाह का झाँसा देकर एक डॉक्टर वर्षों उसका यौन-शोषण करता है। जब युवती को डॉक्टर का विवाह अन्यत्र तय हो जाने की सूचना मिलती है, तो वह किस प्रकार प्रतिशोध लेती है—इसका उपन्यास में चित्रण है। बलात्कार-पीडि़ता के प्रति समाज की प्रतिक्रिया, मीडिया की प्रतिक्रिया, कानून की प्रतिक्रिया आदि का यह ऐसा विश्वसनीय आख्यान है, जिसमें अनुरंजन और चिंतन दोनों मौजूद हैं। बलात्कार के आँकड़े बताते हैं कि औरत दिनोदिन असुरक्षित हुई है। घर, स्कूल, सड़क, खेत-खलिहान—कहाँ पर ‘निर्भयाकांड’ नहीं होते? देह-शोषण की शिकार औरत अमूमन लोक-लाज अथवा ग्लानि के चलते अपना मुँह बंद रखती है या फाँसी के फंदे पर झूल जाती है। किंतु जब किसी रेप-पीडि़ता के भीतर आग धधक उठती है, तो वह अपने अर्धनारीश्वर रूप में एक मिसाल बन जाती है। नारीगत कोमलता और पौरुषेय कठोरता की धूपछाँही द्युति एक विलक्षण आलोक-लोक सिरज देती है। यही अग्नि-राग है। पंचतत्त्वों से बने हर मानव शरीर में अग्नि का वास है, कहीं कम, कहीं ज्यादा। इसलिए यदि ‘अग्नि-राग’ की दीपिका अपनी नन्ही सी लौ से अन्य रेप-पीडि़ताओं के अँधेरे जीवन को प्रकाशमान करने का उद्यम करती है, तो उसके इस संकल्प और साहस को नमन करने का जी चाहता है। ‘अग्नि-राग’ इसी संवेदना का उपन्यास है।
Farfando Reminiscence
- Author Name:
Dr. Kirti Kale
- Book Type:

- Description: डॉ. कीर्ति काले ने पद्य के क्षेत्र में अपने गीतों से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। अब गद्य के क्षेत्र में उनका अश्वमेध यज्ञ अबाध गति से चल रहा है। गत वर्ष उनका व्यंग्य संग्रह 'ओरत्तिरेकी' चर्चा में रहा और यह वर्ष जाते-जाते उनका यह संस्मरण-संग्रह 'फरफंदो ' शिष्ट गद्य की एक विशिष्ट कृति के रूप में आया है।आत्मीय भाषा और चित्रोपम शैली में उनके संस्मरण हृदयस्पर्शी और रोचक हैं। यह सिद्ध करता है कि बचपन सारे जीवन भर आच्छादित रहता है। खट्टा, मीठा, कसैला या कैसा भी बचपन रहा हो, जीवनभर प्रभावित करता है। कीर्ति कालेजी के जीवन संपर्क में आए अनगिनत चेहरों में कुछ को उन्होंने लेखनीबद्ध किया है। इस खूबसूरती से किया है, मानो पाठक उनमें अपनत्व खोज पाता है। संस्मरण विधा आत्म-मंथन कौ विधा है, सत्य लेखन की विधा है। लेखिका ने अपने सत्य का उद्घाटन करते हुए ऐसे संस्मरण दिए हैं, जिनके साथ पठनीयता एवं विश्वसनीयता जुड़ी है। आप पढ़ते जाइए और जुड़ते जाइए। —डॉ. हरीश नवल प्रख्यात लेखक एवं पूर्व प्राध्यपक
General Knowledge 2022
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh B.Ed. Sanyukt Pravesh Pariksha 15 Practice Sets Vigyan Varg (UP B.Ed Science Entrance Exam 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agniveer Vayu (Indian Airforce) Bhartiya Vayu Sena Science Subjects Bharti Pareeksha 25 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Polytechnic JCECE Sanyukt Pravesh Pratiyogita Pariksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sarokar (Samasaamayik Aalekhon Ka Sankalan)
- Author Name:
Chander Sonane
- Book Type:

- Description: जब मैं म.प्र. शासन के सूचना और जनसंपर्क विभाग में पदस्थ था, तब 1989-93 और बाद में 2004-2006 के बीच चंदर सोनाने ने मेरे साथ काम किया था। मैंने उन्हें गरीबों और दलितों को प्रभावित करनेवाले मुद्दों पर तेज नजर रखनेवाला एक बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति पाया। जनसंपर्क अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने कठिन परिश्रम कर अपने कार्य के प्रति पूर्ण न्याय किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे निरंतर रचनाशील रहे तथा जनसामान्य, समाज, गरीबों को सीधे प्रभावित करनेवाली शासन की नीतियों और कार्यक्रमों के विषयों पर चिंतनपूर्वक लिखते रहे हैं। ‘सरोकार’ उनका नियमित स्तंभ है। इन लेखों का एक संकलन पहले ही प्रकाशित हो चुका है, जो अति रोचक और ज्ञानवर्धक है। इस दूसरे संकलन में सामयिक विषयों, जैसे कश्मीरी पंडितों की समस्या, शासन द्वारा कोविड से निपटने का तरीका, न्याय प्रणाली, उज्जैन की स्थानीय समस्याओं, महाकाल मंदिर और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था, शिप्रा नदी की स्वच्छता, किसान आंदोलन, किसान संबंधी तीन कानूनों की वापसी, राजनीति, सामाजिक, व्यक्तित्व, देश व प्रदेश से संबंधित अन्य विषयों पर गहन चिंतन और लेखन किया गया है। यदि नीति-निर्माता और प्रशासक अपने दिन-प्रति-दिन के कार्य के दौरान ऐसे अच्छे ब्लॉगों और पुस्तकों का उपयोग करते हैं, तो मुझे यकीन है कि वे किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर गहन अंतर्दृष्टि का भारी लाभ प्राप्त करेंगे। —ओ.पी. रावत भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
The story Untold
- Author Name:
Faiz
- Rating:
- Book Type:

- Description: Good book
Purushottam Ki Padyatra
- Author Name:
Dr. Mayank Murari
- Book Type:

- Description: जीवन में पुरुषोत्तम की यात्रा आसान नहीं होती है। मानव जीवन में शिखर पर पहुँचने के लिए पदयात्रा करनी होती है। श्रीराम के जीवन को ध्यान से देखिए | उन्होंने कभी खुद को अवतार कौन कहे, पुरुषोत्तम के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया। वे सदैव जीवन की जटिलताओं के बीच खड़े एक आम मानव की तरह चलते हैं, सामान्य लोगों के साथ बराबरी का संबंध बनाते हैं। पुरुषोत्तम की पदयात्रा को जिस प्रकार श्रीराम ने अपने विचार और विवेक के धरातल पर सहज बनाया, वह आज अनुकरणीय बने-- वैज्ञानिक चेतना के आधार पर मौलिक विचारों के प्रकटीकरण तथा विचार और विवेक के साथ अध्यात्म में प्रवेश करने की सरल यात्रा करवाती है यह पुस्तक “पुरुषोत्तम की पदयात्रा'। इसके लिए अंतर्यात्रा आवश्यक है । रामायण में वर्णन है कि विश्वमित्र के साथ भेजने के निर्णय के पश्चात् दशरथजी ने श्रीराम को बुलाकर पूछा कि वह आजकल सब कामों के प्रति उदासीन क्यों हैं ? राम कहते हैं कि जीवन में आदमी जो कुछ भी करता है, वह अंतत: क्षणिक परिणामों वाला तथा मृत्यु की ओर जानेवाला होता है। जीवन में कहीं किसी बात की कोई स्थायी उपलब्धि नहीं है; धन, यश, बल और पद--सभी के अपने अंतर्विरोध हैं। भला कोई विवेकशील प्राणी क्यों इन क्षणिक सुख से जुड़ना चाहेगा ? भारतीय चिंतन में उत्कृष्टता की खोज सदैव की गई है। नचिकेता ऐसे ही कुछ सवाल यम के समक्ष उठाते हैं, महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन शंका व्यक्त करते हैं और इस युग में तथागत को भी कट सत्य से जुझना पड़ता है। लेकिन कोई पुरुषोत्तम कैसे बनता है ? इसके लिए श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के सामने है।
VEDON KI KATHAYEN (PB)
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description: कहते हैं धर्म वेदों में प्रतिपादित है। वेद साक्षात् परम नारायण है। वेद में जो अश्रद्धा रखते हैं, उनसे भगवान् बहुत दूर हैं। वेदों का अर्थ है—भिन्न-भिन्न कालों में भिन्न-भिन्न व्यक्तियों द्वारा आविष्कृत आध्यात्मिक सत्यों का संचित कोष। वास्तव में जीवन को सुंदर व साधक बनानेवाला प्रत्येक विचार ही मानो वेद है। मैक्स म्यूलर का तो यहाँ तक कहना था कि वेद मानव जाति के पुस्तकालय में प्राचीनतम ग्रंथ हैं। वेद संख्या में चार हैं—ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद। वेद का शाब्दिक अर्थ है ‘ज्ञान’ या ‘जानना’। ये हमारे ऋषि-तपस्वियों की निष्कपट, निश्छल भावना की अभिव्यक्ति हैं। इनमें जीवन को सद्मार्ग पर प्रशस्त करने का आह्वान है। इतना ही नहीं, वेदों में आत्मा-परमात्मा, देवी-देवता, प्रकृति, गृहस्थ-जीवन, सृष्टि, लोक-परलोक के साथ-साथ नाचने-गाने आदि की बातें भी निहित हैं। इन सबका एक ही उद्देश्य है—मानव-कल्याण। एक ओर जहाँ वेदों में ईश-भक्ति और अध्यात्म की महिमा गाई गई है, वहीं दूसरी ओर कर्म को ही कल्याण का मार्ग कहा गया है। वेद हमारे अलौकिक ज्ञान की अनुपम धरोहर हैं। अत: इनके प्रति जन-सामान्य की जिज्ञासा होना स्वाभाविक है, इसलिए वेदों के गूढ़ ज्ञान को हमने कथारूप में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया है। इन कथा-कहानियों के माध्यम से सुधी पाठक न केवल इन्हें पढ़-समझ सकते हैं, बल्कि पारंपरिक वैदिक ज्ञान को आत्मसात् कर लोक-परलोक भी सुधार सकते हैं।
Bhasha Sanshay Shodhan
- Author Name:
Kamlesh Kamal
- Book Type:

- Description: पुस्तक को पढ़कर कहा जा सकता है कि लेखक ने भाषाई शुद्धता संबंधी लगभग सभी पक्षों को छूने का प्रयास किया है। आशा करता हूँ, विश्वविद्यालयों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी हिंदी प्रेमी इस पुस्तक से लाभान्वित होंगे। -गिरिधर मालवीय कुलाधिषति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के साथ-साथ यह पुस्तक उन सभी सुधी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्हें हिंदी भाषा से स्नेह है और जो सदैव इस भाषा के विकास के लिए विचार करते हैं अथवा प्रयास करते हैं । सिविल सेवा अभ्यर्थियों में लेखन कौशल के विकास में यह अत्यधिक सहायक होगी । -सी.बी.पी. श्रीवास्तव निदेशक; डिस्कवरी आई. ए. एस., दिल्ली यह पुस्तक आज के दौर में भाषाई अनुशासन को कायम रखने की दिशा में अभिनव प्रयोग है। यह मीडियाकर्मियों, विद्यार्थियों, लेखकों के साथ-साथ हर हिंदीप्रेमी के लिए अच्छी मार्गदर्शिका के रूप में पठनीय है। -प्रो. संजीव भानावत पूर्व अध्यक्ष जनसंचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, संपादक; “कम्युनिकेशन टुडे यह पुस्तक पत्रकारिता और लेखन से जुड़े लोगों के लिए एक अत्यावश्यक संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। -संजय स्वतंत्र मुख्य उपसंपादक, जनसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस सगृह
Karysthal Par Yaun Utpeedan, Karan Aur Nivaran
- Author Name:
Shaharyar Amjad Khan
- Book Type:

- Description: Book
CTET/TETs Shikshak Patrata Pareeksha Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022 (34 Solved Papers, 40 Practice Sets)
- Author Name:
Sumumar Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Lok Seva Ayog Prarambhik Pariksha Samanya Adhyayan Shrinkhala Arthik Evam Dharniya Vikas
- Author Name:
Manoj Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class: 1-5) 24 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vayam Rakshamah
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: मेरे हृदय और मस्तिष्क में भावों और विचारों की जो आधी शताब्दी की अर्जित प्रज्ञा- पूँजी थी, उस सबको मैंने 'वय॑ रक्षाम: ' में झोंक दिया है। अब मेरे पास कुछ नहीं है। लुटा-पिटा सा, ठगा सा श्रांत-क्लांत बैठा हूँ। चाहता हूँ--अब विश्राम मिले। चिर न सही, अचिर ही परंतु यह हवा में उड़ने का युग है। मेरे पिताश्री ने बैलगाड़ी में जीवन-यात्रा की थी, मेरा शैशव इक्का टाँगा-घोड़ों पर लुढ़कता तथा यौवन मोटर पर दौड़ता रहा। अब मोटर और वायुयान को अतिक्रांत कर आठ सहख मील प्रति घंटा की चालवाले रॉकेट पर पृथ्वी से पाँच सौ मील की ऊँचाई पर मेरा वार्धक्य उड़ा चला जा रहा है। विश्राम मिले तो कैसे ? इस युग का तो विश्राम से आचूड़ बैर है। बहुत घोड़ों को, गधों को, बैलों को बोझा ढोते-ढोते बोच राह मरते देखा हैं। इस साहित्यकार के ज्ञानयज्ञ की पूर्णाहुति भी किसी दिन कहीं ऐसे ही हो जाएगी। तभी उसे अपने तप का संपूर्ण पुण्य मिलेगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book