Bharat Ki Aantrik Suraksha : Chunautiyan Aur Samadhan
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Author:
Vivek OjhaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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वर्तमान समय में देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति भी उतनी ही तेज़ी से बदल रही है जितनी तेज़ी से चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश की आन्तरिक सुरक्षा के समक्ष उपस्थित सभी प्रमुख चुनौतियों के कारण और समाधान को इस पुस्तक में ऐसे प्रस्तुत किया गया है जिससे एक मौलिक और अवधारणात्मक समझ बन सके। यह पुस्तक सिविल सेवा में पूछे जानेवाले प्रश्नों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर लिखी गई है जिससे उत्तर लेखन में विशेष सहायता मिल सकेगी। पुस्तक में आतंक के नए स्वरूपों, आर्थिक अपराधों, भारतीय संघ की अखंडता से सम्बन्धित मुद्दों को नए सन्दर्भों के साथ उठाया गया है। इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Read moreAbout the Book
वर्तमान समय में देश की आन्तरिक सुरक्षा की रणनीति भी उतनी ही तेज़ी से बदल रही है जितनी तेज़ी से चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश की आन्तरिक सुरक्षा के समक्ष उपस्थित सभी प्रमुख चुनौतियों के कारण और समाधान को इस पुस्तक में ऐसे प्रस्तुत किया गया है जिससे एक मौलिक और अवधारणात्मक समझ बन सके।
यह पुस्तक सिविल सेवा में पूछे जानेवाले प्रश्नों की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर लिखी गई है जिससे उत्तर लेखन में विशेष सहायता मिल सकेगी।
पुस्तक में आतंक के नए स्वरूपों, आर्थिक अपराधों, भारतीय संघ की अखंडता से सम्बन्धित मुद्दों को नए सन्दर्भों के साथ उठाया गया है। इसमें उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
इस पुस्तक को समावेशी बनाने का प्रयास करते हुए पाठ्यक्रम के सभी महत्त्वपूर्ण विषयों को प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Book Details
-
ISBN9789389598520
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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