Pratinidhi Kahaniyan : Chandrakishore Jaiswal
(0)
Author:
Chandrakishore JaiswalPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
150
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चन्द्रकिशोर जी की कहानियों को किसी खास विमर्श के खाँचे में फिट नहीं किया जा सकता है।...ये कहानियाँ एक व्यापक मानवीय और सामाजिक फलक पर रची गई हैं, जहाँ मनुष्य का जीवन और मानवीय मूल्यबोध सर्वोपरि है। उनकी कहानियों में व्यक्त जीवन बहुत विविधतापूर्ण है। इतना विशाल जीवनानुभव! और जब यह जीवन करुणा से ओत-प्रोत होकर कथा में उतरता है तो अनन्त छटाएँ बिखेर देता है। इसीलिए जैसी विविधवर्णी कहानियाँ चन्द्रकिशोर जी के पास हैं वैसी कम लेखकों के पास हैं। विषयवस्तु और विन्यास की विविधता को दृष्टिगत रखते हुए लेकिन इस संग्रह की सीमा को समझते हुए लेखक की सिर्फ छह कहानियों को प्रतिनिधि कहानियों के रूप में चुना गया है। इसमें कोई शक नहीं कि ये सभी महाप्राण कहानियाँ हैं।
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चन्द्रकिशोर जी की कहानियों को किसी खास विमर्श के खाँचे में फिट नहीं किया जा सकता है।...ये कहानियाँ एक व्यापक मानवीय और सामाजिक फलक पर रची गई हैं, जहाँ मनुष्य का जीवन और मानवीय मूल्यबोध सर्वोपरि है। उनकी कहानियों में व्यक्त जीवन बहुत विविधतापूर्ण है। इतना विशाल जीवनानुभव! और जब यह जीवन करुणा से ओत-प्रोत होकर कथा में उतरता है तो अनन्त छटाएँ बिखेर देता है। इसीलिए जैसी विविधवर्णी कहानियाँ चन्द्रकिशोर जी के पास हैं वैसी कम लेखकों के पास हैं। विषयवस्तु और विन्यास की विविधता को दृष्टिगत रखते हुए लेकिन इस संग्रह की सीमा को समझते हुए लेखक की सिर्फ छह कहानियों को प्रतिनिधि कहानियों के रूप में चुना गया है। इसमें कोई शक नहीं कि ये सभी महाप्राण कहानियाँ हैं।
Book Details
-
ISBN9788119028320
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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