Apni Vapasi
(0)
Author:
Chitra MudgalPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
199
₹ 159.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
समकालीन भारतीय कथाकारों में चित्रा मुद्गल का विशिष्ट स्थान है। उनकी समाज सापेक्ष सृजनात्मकता के ज़द में कहना ग़लत न होगा—समूचा भारतीय समाज है। अपनी मिट्टी के रंगों का भूगोल है। जाहिर है उसी माटी-पानी में गुँथा-मड़ा, अवाक् कर देने वाली विसंगतियों में जीता, साँसें भरता वह आमजन है, जो व्यवस्था और पूँजी की मिलीभगत की विसात का मोहरा बना हुआ है। ग़ज़ब तो यह है, उसके ज़हालत और संघर्ष को कहीं विराम मिलता हुआ नज़र नहीं आ रहा।</p> <p>यह भी कहना चाहता हूँ, महिला कथाकारों पर जिस तरह के सीमा संकेत लगाए जाते हैं, दायरों और दरीचों के सन्दर्भ में, चित्रा जी उन सभी सीमाओं का अतिक्रमण सहज रूप से इसलिए कर सकी हैं कि उनका संवेद घर-परिवार-रिश्ते-नातों की बारिकियों को उसके भीतरी संवेगों में जिस नफ़ासत से कथात्मक सौन्दर्य में बाँधता है, उसी गहराई और कलात्मकता से देहरी के बाहर निकल अपसंस्कृति की आँधी में डूब रही ज़िन्दगी के तनावों और आर्थिक दबावों, चाहे वह एक्जीक्यूटिव क्लास हो या फ्रीलांसर वर्ग—सभी को रेखांकित करने में सफल होती हैं।</p> <p>मैं यह भी कहना चाहता हूँ, उनकी ज्यादातर कहानियों के चरित्र भावुकता की तर्कहीन नदी में न बहकर आर्थिक दबाव की परिणतियों को स्वीकार करते हुए ही अधिक प्रभावपूर्ण बनते हैं।</p> <p>—शानी
Read moreAbout the Book
समकालीन भारतीय कथाकारों में चित्रा मुद्गल का विशिष्ट स्थान है। उनकी समाज सापेक्ष सृजनात्मकता के ज़द में कहना ग़लत न होगा—समूचा भारतीय समाज है। अपनी मिट्टी के रंगों का भूगोल है। जाहिर है उसी माटी-पानी में गुँथा-मड़ा, अवाक् कर देने वाली विसंगतियों में जीता, साँसें भरता वह आमजन है, जो व्यवस्था और पूँजी की मिलीभगत की विसात का मोहरा बना हुआ है। ग़ज़ब तो यह है, उसके ज़हालत और संघर्ष को कहीं विराम मिलता हुआ नज़र नहीं आ रहा।</p>
<p>यह भी कहना चाहता हूँ, महिला कथाकारों पर जिस तरह के सीमा संकेत लगाए जाते हैं, दायरों और दरीचों के सन्दर्भ में, चित्रा जी उन सभी सीमाओं का अतिक्रमण सहज रूप से इसलिए कर सकी हैं कि उनका संवेद घर-परिवार-रिश्ते-नातों की बारिकियों को उसके भीतरी संवेगों में जिस नफ़ासत से कथात्मक सौन्दर्य में बाँधता है, उसी गहराई और कलात्मकता से देहरी के बाहर निकल अपसंस्कृति की आँधी में डूब रही ज़िन्दगी के तनावों और आर्थिक दबावों, चाहे वह एक्जीक्यूटिव क्लास हो या फ्रीलांसर वर्ग—सभी को रेखांकित करने में सफल होती हैं।</p>
<p>मैं यह भी कहना चाहता हूँ, उनकी ज्यादातर कहानियों के चरित्र भावुकता की तर्कहीन नदी में न बहकर आर्थिक दबाव की परिणतियों को स्वीकार करते हुए ही अधिक प्रभावपूर्ण बनते हैं।</p>
<p>—शानी
Book Details
-
ISBN9789395328005
-
Pages158
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Pahad Katha 2
- Author Name:
Dinesh Pathak
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Bahurupiya Shahar
- Author Name:
Shweta Sharda
- Book Type:

-
Description:
हर पल शहर के नक़्शे बदलते हैं। अपनी अन्दरूनी ऊर्जाओं, हुनर और काल्पनिक शक्तियों से लोग अपनी रोज़मर्रा में चलती समय की रेखाओं को आकार देते चलते हैं। दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों और पुनर्वास कॉलोनियों में रहते ऐसे सैकड़ों कारीगर हैं, जिनकी जीने की ज़िद्द और चाहतें ज़िन्दगी के अनुभव बनकर क़िस्सों का रूप लेती हुई हमारे रोज़ाना में घुलती हैं। सुनने-सुनाने की इन संस्कृतियों में रहते हुए हमने बचपन से अपने माहौल से सोचने के साधन सींचे हैं। यहाँ अंकुरित हुए ‘बहुरुपिया शहर’ ने दिल्ली के नांगला माँची कॉलोनी के ढहते ढाँचों और घेवरा पुनर्वास कॉलोनी के बनते आकार के बीच अपना रूप लिया है।
पिछले कुछ सालों से एलएनजेपी कॉलोनी, दक्षिणपुरी और नांगला माँची में रहनेवाले लगभग ढाई सौ युवक-युवतियाँ अपने माहौल की बौद्धिक ज़िन्दगी के पहलुओं को अपनी ज़िन्दगी में गहरा करने में तत्पर हैं। ये साझा समूह अपने रियाज़ और क्रियाओं से कॉलोनियों के फैलाव और हममें से हर एक के निजी जीवन के बीच एक साँस लेती परत बनाता आया है। इसमें शहर को समझने के कई सवाल और सोच पनपते हैं। ‘बहुरुपिया शहर’ इस साझे सन्दर्भ का एक प्रतिरूप है। इसके हर लेख में हमारे इन सभी साथियों की सोच के सायों की ठंडक, उनके सवालों की गूँज और उनके रियाज़ से उठती चुनौतियों की उत्तेजना है।
Madhyakaleen Bharat Ka Aarthik Ithihas : Ek Servekshan
- Author Name:
Irfan Habib
- Book Type:

-
Description:
इस पुस्तिका में सम्मिलित आलेख बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को दिए गए शारदा स्मृति व्याख्यान का परिवर्द्धित रूप हैं।
पहले आलेख में देहली सल्तनत के आर्थिक महत्त्व सम्बन्धी सिद्धान्तों, नगरों, दस्तकारियों और वाणिज्य के विकास की प्रक्रिया, खेतिहर परिवर्तनों और भारत की मध्यकालीन अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है।
दूसरा अध्याय विजयनगर साम्राज्य की अर्थव्यवस्था पर एक सारगर्भित टिप्पणी के रूप में है।
तीसरे अध्याय में मुग़ल भारत की अर्थव्यवस्था पर ‘कृषि और कृषि-क्षेत्र’; ‘राज्य और व्यवस्था’; ‘नगर और दस्तकारियाँ’; ‘आन्तरिक और विदेश व्यापार’ आदि शीर्षकों के तहत प्रकाश डाला गया है।
Contemporary Dogri Short Stories
- Author Name:
Ved Rahi
- Rating:
- Book Type:

- Description: English translation by Satnam Kaur of Dogri Diyan Namiyan Kahaniyan, edied by Ved Rahi. Sahitya Akademi 2013
Kisse Avadh Ke
- Author Name:
Jagdish Piyush
- Book Type:

-
Description:
— अवध के क़िस्सों की लम्बी यात्राएँ हैं। ये भगवान राम के साथ वन-वन घूमे
हैं, तो प्रवासी भारतीयों के साथ मारीशस, फ़िजी, गयाना आदि सुदूर देशों तक जाकर आज भी वहाँ सुने-कहे जा रहे हैं। श्रमिकों ने इन्हें खुले आसमान व वृक्षों के नीचे सुनाया, तो ग़रीबों ने झोंपड़ियों में और धनवानों ने महलों में, ऋषियों-मुनियों ने इन्हें वेदों, पुराणों, आरण्यक ग्रन्थों उपनिषदों, ‘रामायण’, ‘महाभारत’ आदि में अपनी शैली में समावेशित किया।
लोक साहित्य में विश्वासों में कोई सुदृढ़ तर्क योजना भले न दिखे, लेकिन, इनमें प्रतीक या अन्योक्ति की कई छवियाँ दिख जाती हैं। क़िस्सों में भूत-प्रेत, जादू-टोना, चमत्कार आदि का उल्लेख होता रहता है। इनका आनन्द लेकर इनमें उलझे बिना पाठक अपना अर्थ प्राप्त कर लेता है।
क़िस्से अवध के में सामाजिक सम्बन्धों का पूरा भूगोल दिखता है। इसे स्त्री-विमर्श और अस्मिता-विमर्श के दृष्टिकोण से भी पढ़ा जा सकता है। यह भी जाना जा सकता है कि भारतीय समाज की आन्तरिक संरचना में जाति और वर्ण आदि की सकारात्मक या नकारात्मक धारणाएँ क्या हैं?
इन क़िस्सों में शाश्वत मान्यताओं की पुष्टि रोचक ढंग से हुई है। इनमें सन्देश और मनोरंजन का मिला-जुला आस्वाद है।
Shreshtha Bal Kahaniyan(part-1)
- Author Name:
Prakash Manu
- Rating:
- Book Type:

- Description: Collection of children short stories, compiled abd edited by Prakash Manu.
Bolta Lihaph
- Author Name:
149,201
- Book Type:

- Description: इस संग्रह में हिन्दी के श्रेष्ठ कथाकारों द्वारा लोकप्रिय मासिक 'कादम्बिनी' के ‘कथा-प्रतिमान’ स्तम्भ के लिए चयनित विश्व-साहित्य की श्रेष्ठ कहानियाँ संकलित हैं। चयनकर्ता कथाकारों ने इसमें अपनी पसन्द के कारणों का ज़िक्र करते हुए इन कहानियों की विशिष्टताओं का भी वर्णन किया है, जिससे इस संग्रह की उपयोगिता बढ़ गई है। विभिन्न कालखंडों में रची गई ये कहानियाँ अपनी रचनात्मक विशिष्टता के लिए चर्चित रही हैं। इस संग्रह में शामिल कथाकारों की कहानी-कला का मर्म मानव-जीवन के मूल्यों को लेकर उनकी सतत दुविधा और विस्मय का भाव है जो हमारे मन में मानव जीवन की असारता या क्षुद्रता के प्रति खीज नहीं उपजाते बल्कि एक गहरी हलचल मचाए रखते हैं। यही कारण है कि ये कहानियाँ आज भी हमें उतनी टटकी और अन्तरंग महसूस होती हैं जितनी अपने समकालीन पाठकों के लिए रही होंगी। विश्व के समर्थ कहानीकारों और उनकी विशिष्ट कथा कृतियों को सुलभ कराने का हमारा यह विनम्र प्रयास निश्चय ही आपको पसन्द आएगा और प्रेरणादायक लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Yugaadi
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ಹಲವು ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಸಂದಿವೆ. ಮುಖ್ಯವಾಗಿ ಡಾ. ಯು ಆರ್ ಅನಂತಮೂರ್ತಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಹಾಗೂ ವರ್ಧಮಾನ ಉದಯೋನ್ಮುಖ ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಈ ಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ದಕ್ಕಿವೆ.
Waqt Ek Chabuk Hai
- Author Name:
Rameshraaj
- Book Type:

- Description: व्यंग और अन्य कहानी संग्रह
Pahar Ki Pagdandiyan
- Author Name:
Prakash Thapliyal
- Book Type:

-
Description:
पहाड़ चार आयामी होता है। उसमें लम्बाई-चौड़ाई के साथ-साथ ऊँचाई और गहराई भी होती है। इस भौगोलिक विशिष्टता के कारण वहाँ नज़रिया भी कई कोण लिए होता है।
पहाड़ की पगडंडियों पर चलने के लिए चाल में दृढ़ता ज़रूरी है और पाँव ख़ास तरह की पकड़ माँगते हैं।
प्रकाश थपलियाल की इन कहानियों में यह पकड़ है। ये पहाड़ की शृंखलाओं की तरह परत-दर-परत खुलती जाती हैं और हर कहानी नए गिरि-गह्वरों की सैर कराती जाती है। इनमें पहाड़ की मासूमियत और पगडंडियों के रास्ते गाँव-गाँव तक पहुँची तिकड़मी राजनीति एक साथ दिखाई देती हैं। फिर भी ये राजमार्ग और उसकी संस्कृति से काफ़ी दूर और दुर्गम हैं। जीव-जगत के साथ मानवी अन्योन्याश्रितता को ये बख़ूबी रेखांकित करती हैं और यह बताती हैं कि किस तरह पहाड़ी जन-जीवन बाहरी दबावों से, शुरुआती संशय के साथ, ताल-मेल बैठाकर समायोजन और अनुकूलन करता जा रहा है।
इन कहानियों में पर्वतीय जनजीवन अपनी कठिनाइयों, संघर्षों, ठिठोलियों और शहरों को अनोखे लगनेवाले अपने पात्रों के साथ पाठकों के सामने उतर आता है। थपलियाल की ये कहानियाँ कोरी रूमानियत वाली नहीं हैं बल्कि क़दम-दर-क़दम जीवन के तर्क के साथ आगे बढ़ती हैं।
Aadim Ratri Ki Mehak
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

-
Description:
फणीश्वरनाथ रेणु के कथा साहित्य को आंचलिक कहा गया है किन्तु उनकी कहानियाँ (तथा उपन्यास भी) जहाँ एक ओर ग्राम्य-जीवन की आंचलिकता को ही नहीं उसकी सम्पूर्ण आन्तरिकता को व्यक्त करती हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण तथा शहरी जीवन के अन्त:सम्बन्धों की वास्तविकता का भी उद्घाटन करती हैं। रेणु की कहानियों में अत्यन्त ‘निजी’ को व्यापक सामाजिक यथार्थ से जोड़ पाने की अद्भुत क्षमता है और ऐसा वे अपूर्व काव्यात्मक रचाव के साथ कर पाते हैं। इस प्रक्रिया में उनकी कहानियाँ संगीत की सरहदों को छूने लगती हैं। उनके सहज प्रतीत होनेवाले कथा-शिल्प से अनायास ‘ऑडियो-विजुअल’ प्रभाव उत्पन्न होने लगता है। उनकी टेकनीक एक सर्ररियलिस्टिक पैटर्न निर्मित करती है जिसमें एक ‘प्रिज़्म’ की तरह छनकर रंगारंग विचारों तथा भावनाओं की घुलनशीलता शामिल हो जाती है। उनकी कहानियाँ हमारी सम्पूर्ण संवेदनाओं को एक साथ तृप्त करती हैं। अगर उनमें गहरी लयबद्ध ऐन्द्रिकता है तो बिना बौद्धिकता का छद्म धारण किए ही ‘वस्तु सत्य’ के मर्म तक पहुँच जानेवाली विश्लेषणपरकता भी है। आज़ादी के बाद के राजनैतिक परिवर्तनों का दस्तावेज़ी बयान प्रस्तुत करनेवाली कहानियों में यह तथ्य ख़ूब उभरकर आता है—‘जलवा’ तथा ‘आत्म-साक्षी’ जैसी कहानियों में तटस्थ राजनैतिक बोध की निर्ममता के साथ उस क्रूर ‘ट्रेजडी’ का एहसास भी है जिसमें कोमल मानवीय सच्चाइयों के निर्दयता से कुचले जाने का इतिहास अंकित है। ‘आदिम रात्रि की महक’ की कहानियों में एक नैसर्गिक विनोद वृत्ति है जो एक साथ भाषा, स्थितियों तथा चरित्रों से छेड़छाड़ करती चलती है—चुलबुलेपन की हद तक जाकर। लेकिन उनमें कब अचानक एक करुण मानवीय बोध उतर आता है, इसका पता पाठक को तब चलता है जब उसकी ‘हँसी’ में सहसा एक ‘हूक’ शामिल हो जाती है। ऐसे विरल संयोगों के हिन्दी में रेणु एकमात्र कथाकार हैं।
—विजय मोहन सिंह
Zikre Yaar Chale : Love Notes
- Author Name:
Pallavi Trivedi
- Book Type:

-
Description:
इन लव-नोट्स के तल में प्रेम का समूचा संसार है! ये वैसे ही हैं, जैसे पानी की आण्विक संरचना H2O ही रहती है, चाहे वह जो रूप-रंग ले ले। प्रेम की संरचना वही है—दो अणु मोह—एक अणु समर्पण, एक अणु पीड़ा।
ज़िक्रे यार चले में अतीत, वर्तमान और भविष्य—तीनों कालों में स्पन्दित दो लोगों के बीच का प्रेम रोलरकोस्टर बना हुआ है। कहीं बेचैनी ऐसी है कि सीने में पुराना दर्द जाग उठे! कहीं राहत है प्रेम की अति साँकरी गली से निकल आने की, कहीं समय के उस टुकड़े में बन्द होकर रह जाने की ललक है, कहीं आगत के सपन सलोने हैं। प्रेम के अनगिन रंगों का यह वितान इन्द्रधनुषी भी है। कड़ी धूप का सफ़र भी है तो धारासार बरसात भी है। घुटी-घुटी उमस है, सर्दियों की मीठी गुनगुनी धूप भी है। प्रेम के हर कोण से लेकर हर चाप तक 360 डिग्री का पूरा सर्कल इस छोटी-सी किताब में है।
यही वजह है कि ये लव नोट्स छोटे-छोटे आईने की तरह सामने आते हैं! इनमें आप भी ख़ुद को पाकर चौंक सकते हैं। मुस्कुराइए कि आपके हाथों में पल्लवी त्रिवेदी के लोकप्रिय लव नोट्स हैं—ज़िक्रे यार चले!
—मनीषा कुलश्रेष्ठ
Galicia Ki Kathayein
- Author Name:
Andrzej Stasiuk
- Book Type:

-
Description:
गालिसिया की कथाएँ स्ताशुक की प्रसिद्ध किताब है जिसका फ़िल्मीकरण भी हो चुका है। इस रचना की कहानी सरहदी, पिछड़े, देहाती इलाक़े में स्थित है, जहाँ लौकिक और अलौकिक दुनियाएँ एक-दूसरे में समाती प्रतीत होती हैं।
अंजेय स्ताशुक की कथा-शैली अत्यन्त चित्रात्मक और भावप्रवण है। विचित्र तथा आश्चर्यजनक हवालों से वे अपने पात्रों तथा कथा-संरचना को इतनी आकर्षक बना देते हैं कि पाठक एक अलग ही संसार में चला जाता है।
इस पुस्तक में मानव-जीवन की ज़मीनी हक़ीक़तों और असहायता की धुर सीमा पर स्थित ऐसे लोगों का चित्र-प्रवाह है जिन्हें दुनिया के हर कोने में देखा जा सकता है और जिनका जीवन हमें बार-बार सोचने पर मजबूर करता है।
Pali
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

- Description: भीष्म साहनी का यथार्थबोध यद्यपि समाज को कई बार बहुत वेधक दृष्टि से देखता है, लेकिन करुणा से परहेज करते वे कहीं दिखाई नहीं देते। करुणा का उछाल यहाँ इतने स्वाभाविक रूप में आता है कि पाठक गहरी आन्तरिक वेदना से भर उठता है और समाज की न्यायसंगत पुनर्रचना उसे अनिवार्य लगने लगती है। विभाजन की यादों को ताजा करानेवाली कुछ कहानियाँ इस संग्रह (प्रथम प्रकाशन, 1989) में भी हैं जिनमें सबसे प्रमुख है 'पाली’। इस कहानी में करुणा का परिपाक अद्भुत ढंग से मर्मस्पर्शी है। एक छोटा-सा बच्चा पाकिस्तान से भारत आते समय अपने माता-पिता से बिछुड़कर वहीं रह गया, और एक मुस्लिम माँ-बाप का लाड़ला हो गया। पाँच-छह साल बाद उसे वापस अपने माता-पिता के पास भारत ले आया गया। हिन्दू-मुसलमान आदि पहचानों के खोखलेपन को उजागर करती यह कहानी हृदयवान पाठक को बार-बार भिगो जाती है। 'आवाजें’ इस संग्रह की एक और महत्त्वपूर्ण कहानी है जिसमें विभाजन के बाद भारत आए शरणार्थियों के बसने-बढ़ने की प्रक्रिया का वर्णन बहुत दिलचस्प ढंग से किया गया है। घरों की नींव पड़ने से लेकर उनके बहुमंजिला होकर किराए पर चढ़ने तक। संग्रह में कुछ ग्यारह कहानियाँ हैं जो अलग-अलग कोणों से मन और मनुष्य का उत्खनन करती हैं।
Tang Galiyon se bhi Dikhta Hai Akash
- Author Name:
Yadvendra
- Book Type:

- Description: मेरा मानना है कि हिंदी में ही नहीं बल्कि भारतीय भाषाओं में अब तक अनूदित कहानियों के जितने संकलन हैं उनमें यह किताब इसलिए विशिष्ट है क्योंकि पहली बार छह महादेशों के 25 देशों की 27 स्त्री कहानीकारों की कहानियां इसमें शामिल हैं। दुनिया का कोई प्रश्न ऐसा नहीं है जो इसमें शामिल न किया गया हो। —प्रो. रविभूषण
Das Pratinidhi Kahaniyan-Sudha Om Dhingra
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: This book has no description
Bisat
- Author Name:
Rakesh Bihari
- Book Type:

- Description: This book has no description
Shatabdi Se Shesh
- Author Name:
Pankaj Bisht
- Book Type:

-
Description:
‘शताब्दी से शेष’ विशिष्ट कथाकार पंकज बिष्ट की चर्चित कहानियों का संग्रह है। पंकज बिष्ट व्यापक सामाजिक सरोकारों से सम्पन्न एक ऐसे रचनाकार हैं जो यथार्थ की भीतरी तहों का उत्खनन करते हैं। संग्रह की भूमिका के अनुसार, ‘...इन कहानियों में अपने दौर के विभिन्न बदलावों और उनकी चुनौतियों को लगातार अभिव्यक्त करने की कोशिश है। इस पर भी ये कहानियाँ इतिहास या किसी तरह का दस्तावेज़ नहीं हैं; बल्कि गुज़री सदी का ऐसा कोलाज हैं जिसका निर्माण निजी वृत्तान्त से हुआ है।’
प्रस्तुत कहानियों में घटनाएँ तो हैं, लेकिन वे किसी विस्मृत होते जीवन-मूल्य को रेखांकित करती हुई आती हैं। निजता तो है, लेकिन उसके आयतन में असंख्य जनों का सुख-दु:ख समाहित है। विमर्श तो है, लेकिन वह आवरण नहीं, आत्मा का हिस्सा है।
पंकज बिष्ट की भाषा बेहद रचनात्मक है। जैसे, ‘पर उन दिनों न तो शून्य ही इतना अन्तहीन था, न ही एकरसता इतनी यांत्रिक। अपनी सारी प्रारम्भिक उदासी और अनमनेपन के बावजूद उसकी आँखें एक किशोर कौतुक से जगमगाती रहती थीं।’
प्रस्तुत संग्रह पाठकों को संवेदना और विचार के नए आयामों से परिचित कराता है।
Peddibhotla Subbaramaiah Short Stories
- Author Name:
Peddibhotla Subbaramaiah
- Rating:
- Book Type:

- Description: awaited
Metronama
- Author Name:
Devesh
- Book Type:

-
Description:
जैसा यह दिल्ली महानगर है, वैसी ही परतदार हैं मेट्रोनामा की ये कहानियाँ। देवेश की निगाहें इन परतों को प्यार, चुहल, हसरत और बारीकी से देखती हैं। किताब में बहुत कुछ है— निब्बा-निब्बी रंग का इश्क़, गाँव से आए देहाती परिवारों की ठसक, शहर में काम करने वाले मज़दूरों के सपने, रंग-बिरंगे गुन-गुन करते बच्चे, कुनमुनाते-झींखते अंकल-आंटियाँ, मेट्रो के दिलजले कमेंटबाज़, हक़ के लिए ज़िद ठाने लड़कियाँ और शाइस्ता बुज़ुर्ग वग़ैरह-वग़ैरह। इतने तरह के लोगों की इतनी जीवित कहानियों से गुज़रते हुए आप मुस्कराएँगे, हँसेंगे, उदास होंगे और कई बार आपकी आँखें भर आएँगी।
मेट्रोनामा सिर्फ़ मेट्रो की कहानियों का गुलदस्ता नहीं है। यह मेट्रो के भीतर और बाहर बदलते शहर, रिश्तों और ज़िन्दगी का आईना है। यह किताब समग्रता में मेट्रो सिटी का एक नया ही नक़्शा खींचती है, जो आमतौर पर हमसे अनदेखा रह जाता है।
इस नई नज़र की दिल्ली मेट्रो में आपका स्वागत है!
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book