NLP At Work: ऑफिस में NLP द्वारा सफलता पाएँ (Hindi Translation)
(0)
₹
750
₹ 600 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789390372218
-
Pages520
-
Avg Reading Time17 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Greatest Speeches of India
- Author Name:
Ram Kumar
- Book Type:

- Description: We present here, a collection of 25 great speeches made by some of the tallest Indian personalities. Many of these personalities are men and women who have made invaluable contributions to our coming together as a nation of people and are the pride and honour of the country. These are people who have made a great impact on the lives around them and thus their words are the gems which had the power to evoke the courage and emotion in people and inspire them to make history. The power of a great speech, especially when everyone listens is something that sets the wheels of history in motion to many great events that changed the face of our known world. Some of these are from the era of the struggle for Indian independence from the colonial rule such as, Subhas Chandra Bose, Dr. B.R. Ambedkar, Mahatma Gandhi and Jawaharlal Nehru to mention a few. Polar contemporaries such as Nathuram Godse, Vinayak Damodar Savarkar also make an appearance in this collection to present a different perspective. In today’s times, Ratan Tata, N.R. Narayana Murthy, Kiran Bedi, Sachin Tendulkar are defining trailblazers in their own fields. The quality of a great speech is not only the wisdom that comes from the experience of their unique lives but the timelessness of these words which work their magic anytime you hear or read it.
Man Mein Hai Vishwas
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Arabpati Karobariyon Ke Motivational Vichar
- Author Name:
Swati Gautam
- Book Type:

- Description: सफल और अनुभवी लोगों के सद्विचार, प्रेरक वाणी और अनुकरणीय जीवनशैली भी आपके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस पुस्तक में संकलित एलोन रीव मस्क, जैक मा, नारायण मूर्ति, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग, रतन टाटा, रॉबर्ट कियोसाकी, वॉरेन बफे, वॉल्ट डिज्नी, सुंदर पिचाई जैसे अत्यंत कामयाब कारोबारियों के उत्साह और ऊर्जा से भरपूर मोटिवेशनल विचार आपके चिंतन को धार देंगे और सफलता के नए फलक छूने में मदद भी करेंगे— आप एकाग्रचित्त होकर ही महान् कार्य कर सकते हैं, चाहे आप कितने ही योग्य क्यों न हों; सपने वही सच होते हैं, जिन पर विश्वास किया जाता है; समस्या के समाधान के लिए हमें खुद से क्यों पूछना चाहिए; असफलता हमारी स्वीकार्यता पर निर्भर करती है; अपनी संस्कृति को ध्यान में रखें; छोटे से शुरुआत करिए; करो और दुनिया बदल दो; सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए हमें सर्वश्रेष्ठ के साथ खड़ा होना होगा; विश्वास किसी भी बिजनेस की पहली सीढ़ी है; हमें हमेशा सीखते और सुनते रहना चाहिए; जोखिम उठाने का साहस कीजिए; सिक्के के दोनों पहलुओं को देखें; अपने दिमाग से काम लीजिए; अपने शब्दों पर ध्यान दीजिए; रिस्क लेना सीखें; बडे़ लक्ष्य निर्धारित करें; पहली सफलता पर ही मत रुको; जोखिम के बिना सफलता नहीं मिलती।
Dheeraj ka Jadu
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: "धीरज के जादू से जुबान, कान, आँख, नाक और हाथ सब असली खुशी पाने का साधन बन जाते हैं। बिना धीरज यही इंद्रियाँ रोग और विकार का कारण बन जाती हैं। जैसे... जुबान - धीरज = साँप का जहर, गाली, बद्दुआ। जुबान + धीरज = विकास की सीढ़ी, रिश्तों में मिठास कान - धीरज = युद्ध का मैदान, शोर कान + धीरज = सत्य श्रवण का द्वार आँख - धीरज = माया का विज्ञापन आँख + धीरज = करुणा की लहरों का महासागर नाक - धीरज = डर, यम का बैल, कम साँसें नाक + धीरज = प्राणायाम, लंबा स्वस्थ जीवन हाथ - धीरज = पाप कर्म हाथ + धीरज = महानिर्वाण निर्माण का साधन धीरज में ताकत है, धीरज में जादू है। धीरज निरंतर प्रयास है, प्रहार है, जो हर मुसीबत से आपको निकाल सकता है। हर कार्य के साथ यदि धीरज जुड़ जाए तो जीवन सीधा, सहज, सरल बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप धीरज पाने के लिए धीरज के साथ प्रयत्नशील रहें। कुछ नहीं करना, केवल इंतजार करना धीरज नहीं है। तो सवाल आ सकता है कि यह कैसे करें? जवाब बिल्कुल आसान है। इसके लिए आपको केवल यह पुस्तक पढ़कर इसमें दिए गए मार्गदर्शन को अपने दैनिक जीवन में उतारना है। www.watchwaitandwonder.com यानी थोड़ा देखें, थोड़ा इंतजार करें, मगर आश्चर्य के साथ!"
Diya Nahin to Kya Jiya
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Motape Se Breakup
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Prabandhan Ke Gurumantra
- Author Name:
Suresh Kant
- Book Type:

-
Description:
प्रबन्धन आत्म-विकास की एक सतत प्रक्रिया है। अपने को व्यवस्थित-प्रबन्धित किए बिना आदमी दूसरों को व्यवस्थित-प्रबन्धित करने में सफल नहीं हो सकता, चाहे वे दूसरे लोग घर के सदस्य हों या दफ़्तर अथवा कारोबार के। इस प्रकार आत्म-विकास ही घर-दफ़्तर, दोनों की उन्नति का मूल है। इस लिहाज़ से देखें, तो प्रबन्धन का ताल्लुक़ कम्पनी-जगत के लोगों से ही नहीं, मनुष्य मात्र से है। वह इनसान को बेहतर बनाने की कला है, क्योंकि बेहतर इनसान ही बेहतर कर्मचारी, अधिकारी, प्रबन्धक या कारोबारी हो सकता है।
‘प्रबन्धन के गुरुमंत्र’ में विद्वान् लेखक ने ‘व्यक्तिगत विकास’, ‘औद्योगिक सम्बन्ध’ और ‘निर्णयकारिता’ पर विभिन्न आयामों से विचार किया है। लेखक के अनुसार अपनी क्षमताओं की पहचान, अच्छी आदतों का विकास, निरन्तर ज्ञान-वृद्धि और अनुशासन ऐसे मूल्य हैं जिन पर चलकर आप एक सफल प्रबन्धक बन सकते हैं। कर्मचारी को प्रतिबद्ध कैसे बनाया जाए, असहमति को कैसे सुफलदायक बनाया जा सकता है और अनिर्णय किस तरह घातक हो सकता है, इन बिन्दुओं पर भी इस पुस्तक में विचार किया गया है।
प्रबन्धकीय कौशल व क्षमता के विकास हेतु अवश्यमेव पढ़ी जानेवाली पुस्तक।
Kyunki Jeena Isi Ka Naam Hai
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jab Aurat Sochti Hai : Romanch, Saundarya Aur Safalta Bhari Zindagi Ke Nuskhe
- Author Name:
Maye Musk
- Book Type:

- Description: ‘ख़तरनाक सावधानी’ के साथ जिए गए जीवन की कहानियाँ और सबक़ मेय मस्क एक फ़ैशनेबल, आकर्षक, धनवान सुपरमॉडल और पब्लिक स्पीकर हैं। लेकिन उनका जीवन हमेशा से इतना आसान और ग्लैमरस नहीं था—मात्र इकतीस वर्ष की उम्र में वे एकल माँ बन गईं, घनघोर ग़रीबी में तीन बच्चों के लालन-पालन की भारी ज़िम्मेदारी उनके ऊपर आन पड़ी, प्लस-साइज़ मॉडल के रूप में उन्हें अपने वज़न से जुड़ी समस्याओं से दो-चार होना पड़ा और मॉडलिंग उद्योग के ‘आयु-वाद’ से भी सफलतापूर्वक मुक़ाबला किया। और, इस सबके बीच तीन मुल्कों और दो महाद्वीपों के आठ शहरों में काम करते हुए एक इज़्ज़तदार आहार-विशेषज्ञ के रूप में अपना शानदार और स्थायी करियर भी स्थापित किया। यह सब उन्होंने अपने अदम्य उत्साह और व्यावहारिकता के बल पर किया, विश्व-स्तर पर सफलता हासिल की, अप्रत्याशित ढंग से एक आइकन बनीं और अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण क्षण तक पहुँचीं। जब औरत सोचती है में वे अपने अनुभवों और कड़ी मेहनत से अर्जित ज्ञान और समझ को साझा कर रही हैं। करियर, परिवार, स्वास्थ्य, एडवेंचर और जीवन के अन्य पहलुओं पर उनकी व्यावहारिक सलाहें भी इसमें आपको मिलेंगी। यह पुस्तक आपको बताती है कि जो होता है, या होने वाला है, उसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते, लेकिन अगर आप एक योजना बनाकर चलते हैं तो किसी भी उम्र में एक प्रसन्न, स्वस्थ और आनन्ददायी जीवन जी सकते हैं।
Vidyarthiyon Mein Avishkarak Soch
- Author Name:
Lakshman Prasad
- Book Type:

- Description: "विद्यार्थियों में आविष्कारक सोच विकसित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे किसी भी बात को स्वीकार करने से पहले उसका तर्कसंगत संज्ञान लें। इस दृष्टि से हिंदी में लिखी गई संभवतया एकमात्र और पहली पुस्तक है। इसमें छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टि से सुसंपन्न करने और ‘नवाचार’ करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसको प्रश्नोत्तर के रूप में लिखने का प्रयास किया गया है। छात्रों द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों के उत्तर बहुत ही सरलता से समझाने की कोशिश की गई है, जिससे वे आसानी से उनको आत्मसात् कर लें। ‘नवाचार’ शब्द को बहुत ही स्पष्ट और सरलता से पारिभाषित किया गया है। ‘खोज’ एवं ‘आविष्कार’ किस प्रकार से नवाचार से भिन्न होते हैं, उस पर भी प्रकाश डाला गया है। पुस्तक में ‘नवाचार’ से संबंधित सभी पहलुओं जैसे—सृजनशीलता एवं नवाचार, शिक्षा एवं नवाचार, नवाचार का क्षेत्र, नवाचार की प्रक्रिया, नवाचार उत्पाद का नामकरण, नवाचार के लिए कार्यशाला, नवाचार पर आधारित उत्पाद का निर्माण, पेटेंट संबंधी जानकारी, नवाचार से लाभ, मान-सम्मान एवं पुरस्कार आदि पर प्रकाश डाला गया है, जिससे नवाचारी को नवाचार प्रक्रिया की जटिलता का आसानी से बोध हो सके। पुस्तक में कुछ ऐसे सफल नवाचारियों के विषय में वर्णन किया गया है, जिन्होंने राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। इसके अलावा कुछ ऐसे नवाचारियों के बारे में भी उल्लेख किया गया है, जो करोड़पति के साथ-साथ लोकोपकारी भी बने और शिक्षण, सामाजिक संस्थान आदि की स्थापना भी की। आशा है कि ऐसे नवाचारियों के विषय में जानकर पाठकगण प्रेरित होंगे।
Tenaliram Se Seekhen Samasyaon Ke Hal
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: हर व्यक्ति सफलता प्राप्त करना चाहता है, स्वयं को उत्कृष्टता के शिखर पर देखना चाहता है। मगर उत्कृष्टता के पर्वत पर पहुँचने के लिए एक-एक कदम उत्कृष्टता के साथ ही रखना पड़ता है । अगर लापरवाही से कदम बढ़ाया जाए तो फिसलने व गिरने का डर बना रहता है। उत्कृष्टता के शिखर तक पहुँचने के लिए अनिवार्य है कि पीछे छोड़नेवाले हर कदम को सर्वोत्तम बनाया जाए, ताकि वह न केवल दूसरों को मार्ग दिखा सके, बल्कि पीछे निशान भी छोड़ सके। उत्कृष्टता सदैव सकारात्मक परिणाम देती है। तेनालीराम एक ऐसे व्यक्ति थे, जो हर छोटे-बड़े काम को अपनी बुद्धि के साथ करते थे और कभी भी पीछे नहीं हटते थे। ज्ञान के चक्षु खोलने का कार्य शिक्षा करती है। तेनालीराम शिक्षित थे। उनकी शिक्षा ने भी उनके ज्ञान को बढ़ाया, जिस कारण वे हर कार्य को चतुराई से करके अपने शत्रुओं व प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते रहे। तेनालीराम केवल एक थे। उनके जैसा कोई नहीं बन सकता। मगर हाँ, उनकी कहानियों एवं उनके जीवन को जान कर कोई भी स्वयं को शिखर पर ले जा सकता है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए 'एक पठनीय पुस्तक ।
Ruk Jana Nahin
- Author Name:
Dr. Sachin Pachorkar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saal Mein 1000 Productive Ghante Kaise Badhayen
- Author Name:
Sanjay Kumar Agarwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Modi @ Success India
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Journey with My Soulmate
- Author Name:
Arjun Ram Meghwal
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Kaladrshti
- Author Name:
Shri Naveen Sharma "Anshuman"
- Book Type:

- Description: भारत में पौराणिक काल से ही कलाशक्षेत्र बहुत विकसित तथा सुव्यवस्थित रहा है। देश में प्रचलित कला और साहित्य के विभिन्न माध्यमों ने मानवमात्र को संस्कारित करने के साथ-साथ मूल्यों, परंपराओं आदि को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाया है। कला मानव जीवन की सहचरी रही है। विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम कही जानेवाली - भारतीय सभ्यता और संस्कृति के द्वारा विश्व के-कल्याण के लिए किए गए विभिन्न उत्कृष्ट कार्यों को संपूर्ण विश्व तक पहुँचाने का महत्पूर्ण कार्य भारतीय कला ओर साहित्य के द्वारा ही हुआ है। भारतीय कला और साहित्य ने सदा समाज को जाग्रत् और संस्कारित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सकारात्मकता से अपना धर्म निभाया है तथा संस्कारों की संवाहक रही है, परंतु अपने भारत देश की अनेक वर्षो की पराधीनता के कारण भारतीयों के मन-मस्तिष्क से अपने गत वैभव का स्मृतिभ्रंश हो गया था और भारतीय कला भी इन कुठाराघातों से नहीं बच पाई थी। सन् 1981 से कलाक्षेत्र में कार्यरत 'संस्कार भारती' सरीखा अखिल भारतीय संगठन कला को हिंदू कला दृष्टि से पुनः स्थापित करना चाहता है और कला-विधाओं और उत्सवों को आधार बनाकर कलाकारों के माध्यम से प्रत्येक भारतीय के हृदय में अपनी मातृभूमि के प्रति निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का भाव जगाना चाहता है। इस दृष्टि से ही इस पुस्तक में “संस्कार भारती ' से जुड़कर संपूर्ण भारत में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं के लिए सैद्धांतिक व व्यावहारिक जानकारी दी गई है।
Sunrays For Tuesday
- Author Name:
Priya +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Atalji Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dr. Rashmi
- Book Type:

- Description: "एक दोपहर अटलजी और दीनदयालजी जमीन पर चटाई बिछाकर लेट गए। वहीं सिराहने कुछ ईंटें रखी हुई थीं। दोनों ने उन्हीं ईंटों को तकिए की तरह अपने सिर के नीचे लगा लिया। उस समय भारत प्रेस के हिसाब-किताब का काम श्री राधेश्याम कपूरजी देखा करते थे। वैसे तो उनकी अमीनाबाद में अपनी दुकान भी थी, लेकिन वे उसमें कम ही बैठते, क्योंकि उनका दिल तो भारत प्रेस में ही लगा रहता था।...तो अचानक वे आ गए और दोनों को ऐसे सोता देख द्रवित हो उठे, जबकि सच तो यह है कि अटलजी और दीनदयालजी को किसी भी प्रकार का कोई कष्ट महसूस ही नहीं हुआ था, वे दोनों तो थकान के बाद की नींद का आनंद ले रहे थे। बाद में तो यह अकसर ही होने लगा। कोई भी सोता तो उन्हीं ईंटों का तकिया लगा लेता। उन दिनों संघ की शाखा में रोज कबड्डी खेली जाती थी। अटलजी को भी कबड्डी खेलना बड़ा अच्छा लगता था, लेकिन वे ठीक से खेल ही नहीं पाते थे। खेल के नियम तो सारे जानते थे, लेकिन दरअसल कारण यह था कि उन दिनों वे बहुत दुबले-पतले हुआ करते थे, इसलिए वे जिसके भी पाले में आते, उस पाले के स्वयंसेवक अपना सिर पकड़ लेते। —इसी संग्रह से भारत रत्न अटलजी जननायक थे, कवि-साहित्यकार थे, सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता लिये संवेदना से भरपूर एक महान् विभूति थे। उनकी स्मृतियाँ सँजोने का एक विनम्र उपक्रम है यह पुस्तक, जो पाठकों को प्रेरित करेगी। "
KALAM SIR KE SUCCESS-PATH
- Author Name:
Surekha Bhargava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
E-Squared Shreshtha Vicharon Se Safalta Payen
- Author Name:
Pam Grout
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book