General Knowledge Encyclopedia
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Author:
Dr. Sheo Gopal MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
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"यह कोश सामाजिक विज्ञानों—मानव विज्ञान, समाज विज्ञान, मनोविज्ञान, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास एवं कला को अपने में समेटे हुए है। (विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को अलग खंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है।) इसमें हमने उन कतिपय महापुरुषों का संक्षिप्त जीवन-परिचय भी सम्मिलित किया है, जिन्होंने इतिहास तथा समाज को गति प्रदान की है। धार्मिक संप्रदायों, उनके मान्य ग्रंथों एवं उनके प्रवर्तकों के विषय में भी संक्षिप्त विवरण दिए गए हैं। इसमें आदि से अंत तक भारतीय योगदान को दृष्टि से ओझल नहीं होने दिया गया है। यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ कोशों की शैली और विषय-वस्तु से कुछ हटकर लगे तो कोई आश्चर्य की बात न होगी। हम उन अनेक पुस्तकों एवं संदर्भ ग्रंथों के लेखकों और संपादकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहेंगे जिनसे प्रेरणा प्राप्त करके सामग्री का चयन, संकलन एवं लेखन पूरा किया गया है। आशा है, यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ इक्कीसवीं सदी के आबालवृद्ध-वनिताओं को ज्ञानवर्धक लगेगा। यदि इसमें यत्र-तत्र त्रुटियाँ मिलें तो पाठक जन उन्हें सुधारने की सदाशयता बरतेंगे। "
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"यह कोश सामाजिक विज्ञानों—मानव विज्ञान, समाज विज्ञान, मनोविज्ञान, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास एवं कला को अपने में समेटे हुए है। (विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को अलग खंड के रूप में प्रस्तुत किया गया है।) इसमें हमने उन कतिपय महापुरुषों का संक्षिप्त जीवन-परिचय भी सम्मिलित किया है, जिन्होंने इतिहास तथा समाज को गति प्रदान की है। धार्मिक संप्रदायों, उनके मान्य ग्रंथों एवं उनके प्रवर्तकों के विषय में भी संक्षिप्त विवरण दिए गए हैं। इसमें आदि से अंत तक भारतीय योगदान को दृष्टि से ओझल नहीं होने दिया गया है। यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ कोशों की शैली और विषय-वस्तु से कुछ हटकर लगे तो कोई आश्चर्य की बात न होगी।
हम उन अनेक पुस्तकों एवं संदर्भ ग्रंथों के लेखकों और संपादकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहेंगे जिनसे प्रेरणा प्राप्त करके सामग्री का चयन, संकलन एवं लेखन पूरा किया गया है।
आशा है, यह ‘सचित्र सामाजिक विज्ञान विश्वकोश’ इक्कीसवीं सदी के आबालवृद्ध-वनिताओं को ज्ञानवर्धक लगेगा। यदि इसमें यत्र-तत्र त्रुटियाँ मिलें तो पाठक जन उन्हें सुधारने की सदाशयता बरतेंगे।
"
Book Details
-
ISBN9789351866411
-
Pages464
-
Avg Reading Time15 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginN/A
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"यात्रा-वृत्तांत साहित्य की बड़ी जीवंत विधा है, जिसमें पहाड़ों की गूँज, नदियों की कल-कल और पक्षियों की मीठी चह-चह की तरह जीवन और जीवन-रस छलछलाता नजर आता है। इनमें हमारा समय है तो मानव-आस्था की सुदीर्घ परंपरा भी। यात्रा-वृत्तांत एक तरह से कालदेवता की अभ्यर्थना भी हैं, जो पल में हमें कल से आज और आज से कल तक हजारों वर्षों की यात्रा कराके एकदम ताजा एवं पुनर्नवा बना देते हैं। प्रस्तुत यात्रा पुस्तक में दर्शनीय तीर्थस्थलों की प्रामाणिक जानकारी दी गई है, जिससे वे सभी सुरम्य यात्रा-स्थल अपनी पूरी प्राकृतिक सुंदरता, भव्यता और ऐतिहासिक गौरव के साथ पाठक की स्मृति में बसने की ताकत रखते हैं। प्रस्तुत पुस्तक ‘नगरी-नगरी, द्वारे-द्वारे’ के यात्रा-वृत्तांतों की सबसे बड़ी विशेषता है कि ये मन को बाँध लेते हैं। पाठक इन्हें पढ़ना शुरू करे तो पूरा पढ़े बिना रह नहीं सकता है। पाठक को लगता है, वह इन्हें पढ़ नहीं रहा, बल्कि चलचित्र की भाँति देख रहा है; लेखक के साथ-साथ यात्रा कर रहा है। विभिन्न साहित्यिक पत्रिकाओं में पाठकों का अपार प्यार-दुलार पाने के बाद अब ये यात्रा-संस्मरण पुस्तक रूप में पुनः पाठकों के सामने उपस्थित हैं। पत्र-पत्रिकाओं के पाठकों से इतर पाठक-बंधु भी अब इनका रसास्वादन सहजता से कर सकेंगे। पाठकों के हृदय में उतरकर अपना स्थान बना लेनेवाले यात्रा-संस्मरणों की रोचक, पठनीय-मननीय पुस्तक।
Ped-Paudhon Ki Ashcharyajanak Baaten
- Author Name:
Kumar Manish
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"प्रस्तुत पुस्तक में संसार के ऐसे ही विचित्र पेड़-पौधों के बारे में रोचक एवं ज्ञान-वर्धक जानकारी संकलित की गई है। रोचकता इसका प्राण है और ज्ञान-वर्धक इसका गुण। पुस्तक में पेड़-पौधों की आश्चर्यजनक बातों के साथ-साथ उनके जन्म-स्थान, मानव जीवन में उनके महत्त्व तथा यथासंभव उनके उपलब्ध चित्र दिए गए हैं। आशा है यह रोचक एवं ज्ञान-वर्धक रचना सभी वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। "
Antariksh Ki Rochak Baaten
- Author Name:
S.G. Mishra +1
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"अंतरिक्ष तथा ब्रह्मांड वस्तुत : एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न रूप हैं, जिनसे उस असीम- अनंत सत्ता का बोध होता है, जिसे ' नेति-नेति ' कहा गया है । जहाँ मनुष्य की आँखें नहीं देख पातीं, जहाँ दूरबीन भी विफल हो जाती है-वह आकाश अंतरिक्ष है । वह अपरिमित, अनंत और असीम है । वह अनेक कल्पनाओं से भरा हुआ क्षेत्र है । विश्व की उत्पत्ति कैसे हुई, उसका अंत कैसे होता है, उसका विस्तार कहाँ तक है, अंतरिक्ष में विभिन्न ग्रहों का स्वरूप क्या है, तारे क्या हैं, अंतरिक्ष की शून्यता क्या है, हमारी पृथ्वी का अंतरिक्ष में क्या स्थान है. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्या है और अंतरिक्ष का अध्ययन कैसे किया जाता है- ये ऐसे प्रश्न हैं, जिनका उत्तर मिलेगा प्रस्तुत पुस्तक ' अंतरिक्ष की रोचक बातें ' में; जिसे लेखका ने प्रामाणिक सामग्री के आधार पर, जनरुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है । विश्वास है, पुस्तक हमारे पाठको को पसंद आएगी ।
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