Bharat Ke Chakravarti Samrat
(0)
Author:
Devraj Singh JadaunPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"यह पुस्तक विशेष रूप से भारत के चक्रवती सम्राटों पर है। विषय की व्यापकता को ध्यान में रखकर अत्यंत प्राचीनकाल से आरंभ कर पांडववंशी जनमेजय तक के चक्रवर्तियों को ही विषय-वस्तु में सम्मिलित किया गया है। भारत की नई पीढ़ी इस इतिहास से प्रायः अनभिज्ञ है। इतना ही नहीं, वह अपने भारतीय ज्ञान-संपदा के ग्रंथों से भी अनभिज्ञ है। उसको इस इतिहास, भारत की सार्वभौमिकता, दर्शन, संस्कृत वाङ्मय, आर्ष साहित्य आदि से परिचय कराना हमारा दायित्व है। भारत निर्माता संतों, ऋषियों, मुनियों, आविष्कारकों व विदुषी वेदज्ञ मातृशक्ति से परिचय हमारे गौरवबोध को जाग्रत् करेगा। संपूर्ण पृथ्वी पर भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का संदेश 'कृण्वन्तो विश्वमार्यम्' लेकर, 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का विचार लेकर, 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का मंत्र लेकर, 'मातृवत् परदारेषु परद्रव्येषु लोष्ठवत्, आत्मवत् सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः' का आचरण लेकर तथा 'राष्ट्र सर्वोपरि' की दृष्टि लेकर जो लोग चले, जिनमें बड़े-बड़े राजपरिवार तथा व्यापारी व समाज-सुधारक शामिल हैं; उनसे आज की पीढ़ी परिचित हो, इस हेतु से प्रस्तुत पुस्तक का सृजन हुआ है।"
Read moreAbout the Book
"यह पुस्तक विशेष रूप से भारत के चक्रवती सम्राटों पर है। विषय की व्यापकता को ध्यान में रखकर अत्यंत प्राचीनकाल से आरंभ कर पांडववंशी जनमेजय तक के चक्रवर्तियों को ही विषय-वस्तु में सम्मिलित किया गया है।
भारत की नई पीढ़ी इस इतिहास से प्रायः अनभिज्ञ है। इतना ही नहीं, वह अपने भारतीय ज्ञान-संपदा के ग्रंथों से भी अनभिज्ञ है। उसको इस इतिहास, भारत की सार्वभौमिकता, दर्शन, संस्कृत वाङ्मय, आर्ष साहित्य आदि से परिचय कराना हमारा दायित्व है। भारत निर्माता संतों, ऋषियों, मुनियों, आविष्कारकों व विदुषी वेदज्ञ मातृशक्ति से परिचय हमारे गौरवबोध को जाग्रत् करेगा।
संपूर्ण पृथ्वी पर भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का संदेश 'कृण्वन्तो विश्वमार्यम्' लेकर, 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का विचार लेकर, 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' का मंत्र लेकर, 'मातृवत् परदारेषु परद्रव्येषु लोष्ठवत्, आत्मवत् सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः' का आचरण लेकर तथा 'राष्ट्र सर्वोपरि' की दृष्टि लेकर जो लोग चले, जिनमें बड़े-बड़े राजपरिवार तथा व्यापारी व समाज-सुधारक शामिल हैं; उनसे आज की पीढ़ी परिचित हो, इस हेतु से प्रस्तुत पुस्तक का सृजन हुआ है।"
Book Details
-
ISBN9789355626042
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Those Unsaid Words
- Author Name:
Anshuman Agrahri
- Rating:
- Book Type:


- Description: Tanvi realises how the definition of love keeps changing and emotions were the last parameters she considered while deciding her life. As the destiny could play, her best friend dies on the very day of her marriage, and she starts inculpating herself for the misfortune, which leads to a fractured married life. She defies everyone and goes on a road trip to Leh. In the land of lamas she tries to understand life from the lens of spirituality and starts discerning threads of coincidences. The journey helps her to understand ‘Those Unsaid Words’ which cannot be said, cannot be written, cannot be gesticulated; can only be felt.
Dhikku - Award Winning Novel
- Author Name:
Devidasa Kadam +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Dika, which means "direction" in Konkani, tells the story of a farming family from the lower middle class. It is set in the North Kanara district of Karnataka and offers a vivid portrayal of the socio-cultural life of the region's inhabitants. The plot follows Deepak and his family as they struggle to adapt to a new way of life in their village after the sudden death of Deepak's father, a policeman. Along the way, they encounter various challenges, including problematic villagers, conniving relatives, and blind faith. When Deepak's sister falls in love with a Muslim boy, he must confront societal norms and convince his mother to accept their relationship. Ultimately, Deepak leads his family to a new and free existence, breaking free from the constraints imposed on them by society. This is best exemplified in the novel's closing scene, where Deepak witnesses a lone crow moving eastward, away from its flock, in a new direction.
Friend Boyfriend Jaisa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: बहुत दिनों बाद भी जब दोस्त से बात हो तो फिर से वही लहज़ा, वही शरारत सूझ जाती है। ऐसी ही थी मेरी वो दोस्त। लोग तो कहते हैं कि एक लड़का और लड़की फ़्रेंन्ड्स नहीं हो सकते, लेकिन हमारे दिल में क्या है? हम एक दूसरे के लिए क्या सोचते हैं ? ये मायने रखता है। न कि ये समाज हमें किस नज़र से देखता है और हमारे बारे में क्या सोचता है। ये सब बेमानी है। अगर हमारा मिलना एक इत्तफाक था तो बिछड़कर फिर मिल जाना खुशकिस्मती थी। हमारे आज के हालात में चाहे कितना भी बदलाव आया हो, लेकिन आज भी हम वही जिंदादिल दोस्त हैं, जो कल थे, जो आज हैं और हमेशा रहेंगे। पढ़िए, किशन और अन्वी की प्यारी सी दोस्ती की कहानी!
Carvalho
- Author Name:
K.P. Purnachandra Tejaswi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Carvalho is one of the most widely read and admired novels of Tejaswi. It is a novek which can be read at varioud levels as it presents many worlds. The dream if science and mystery and the everyday world of ordinary but amazing men and women. The novel explored the various facets of our complex civilisation like agriculture law and politics. It is a novel which will apppeal to readers of all ages. To Children it will appeal as a story of adventure, mystery and thrill; grown-ups can enjoy it as a work which offers stimulating insights into the world of men and women and Nature, and connoisseurs of art can see in it a baffling and inviting vision of art and metaphysics and wisdom.
Khari Nadi
- Author Name:
Richa Nagar
- Rating:
- Book Type:

- Description: खारी नदी को आप मुमताज़ बेगम की कहानी कहिए, या फिर उनकी कहानी से हिम्मत बटोरती कई कहानियाँ कहिए, आपबीती कहिए, ज़िन्दगी के तजुर्बे कहिए, पर यह कहानी हमें अपने आप से और दुनिया की कठोर सच्चाई से रू-ब-रू कराती है और आगे के रास्ते भी दिखाती है। इसलिए ये महज़ कहानी या आपबीती नहीं रह जाती बल्कि खारी नदी कहलाती है। खारा तो समुन्दर भी होता है, लेकिन इस नदी का खारापन आँसुओं से जुड़ा है। उसके बावजूद इसमें उमंगों की लहरें हैं जो इस कहानी को ख़ास बनाती हैं। हमारे आसपास की दुनिया ने कुछ दस्तूर बना दिए हैं, कुछ ठप्पे बना दिए हैं, जो बस इनसानों पर लगा दिए जाते है, कि ये तो ऐसा ही होगा। एक तयशुदा नज़रिया और तयशुदा सज़ा... लेकिन खारी नदी तो इन सब नज़रियों से परे एक औरत का संघर्ष दिखाती है जो किसी भी वंचित समुदाय की औरत का संघर्ष हो सकता है। खारी नदी में बयाँ की गई मुमताज़ बेगम, नन्दा, और चन्द्रभागा के साथ-साथ तमाम औरतों की आपबीतियाँ हमें झकझोर कर रख देती हैं। हर कहानी किसी एक औरत की नहीं, बल्कि तमाम औरतों का बयान है जो उन पर लगाए गए असंख्य बन्धनों और दुखों को उजागर करता है। और ये सारे बन्धन और दुख कहीं-न-कहीं धर्म और जाति के साथ उलझकर अलग-अलग जगहों पर अपना जाल बिछाए हुए हैं, औरत गाँव-देहात की हो या शहर की, अनपढ़ हो चाहे पढ़ी-लिखी। लेकिन खारी नदी की हर कहानी में एक ज़िन्दा मन भी है, और संघर्ष की तैयारी भी। खारी नदी औरतों के दुख, आँसू और शोषण के साथ-साथ उनकी ज़िन्दगी को बेहतरीन बनाने के लिए किया गया संघर्ष है। उम्मीद है यह संघर्ष पाठक को बहुत कुछ सोचने, समझने, आँकने और उसे जीवन में उतारने पर मजबूर करेगा; एक नया नज़रिया देगा।
Chhayarekha - Award Winning Novel
- Author Name:
Mousumi Bose +1
- Book Type:

- Description: এই বইটি সময় এবং ঘটনার সারমর্ম ক্যাপচার করে, কীভাবে নির্দিষ্ট লাইন মানুষকে একত্রিত বা বিভক্ত করতে পারে তা চিত্রিত করে। এই লাইনগুলি এক দৃষ্টিকোণ থেকে দৃশ্যমান হতে পারে কিন্তু অন্য দৃষ্টিকোণ থেকে অস্তিত্বহীন। এগুলি কেবল একজন ব্যক্তির স্মৃতিতে থাকতে পারে তবে অন্যদের দ্বারা কল্পনা করা যেতে পারে। আখ্যানটি একটি নির্দিষ্ট গল্প বলার চেষ্টা না করেই বিভিন্ন লোকের স্মৃতির একটি জটিল জাল বুনেছে। পরিবর্তে, এটি পাঠককে জড়িতদের স্মৃতি ব্যবহার করে তাদের নিজস্ব গল্প তৈরি করতে দেয়, যাদের প্রত্যেকেরই ভিন্ন অভিজ্ঞতা রয়েছে। উপন্যাসটি স্বদেশী আন্দোলন, দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধ, ভারত বিভাজন এবং ঢাকা ও কলকাতায় 1963-64 সালের সাম্প্রদায়িক দাঙ্গা সহ উল্লেখযোগ্য ঐতিহাসিক ঘটনার সময় রচিত।
King Solomon Mines
- Author Name:
H. Rider Haggard
- Book Type:

- Description: तीन अनजान पुरुष, एक धनी और पराक्रमी योद्धा, दूसरा एक जहाज़ी कप्तान और तीसरा जो मामूली लेकिन बड़ा ही अनुभवी शिकारी था। जब ये तीनों एक भटके हुए साथी की खोज में उस सफ़र पर निकल पड़ते हैं जिसके रास्ते अनोखे, अद्भुत, चमत्कारी और भयावह अनुभवों से भरपूर थे, जो की उन्हें बड़ी कठिनाइयों और एक महायुद्ध के बाद सुलेमान के ख़ज़ाने तक ले जाती हैं। वह सुलेमान का खज़ाना जिसके कीमती रत्नों के भण्डार तक पहुंचने वाला, सदियों पुराने शाप से शापित हो जाता। तो क्या इतनी कठिनाइयों के बाद उन्हें उनका खोया हुआ साथी मिल पाता है? क्या वह उस खजाने तक पहुंच पाते हैं? क्या वह उस सदियों पुराने शाप से बच पाते हैं? या फिर उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है? यह अद्भुत कहानी उनके उस सफर की है जिसे कभी कोई पूरा नहीं कर पाया था। क्या उनका अनुभव, साहस, समझदारी, संयम और सूझबूझ, उन्हें उनके मंजिल तक पहुंचाने में सफल होता है?
Firki Wali
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Janumada Jodi
- Author Name:
Pannalal Patel
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Chhako Ki Vapasi
- Author Name:
Badiuzzaman
- Book Type:

-
Description:
मुस्लिम-समाज की संरचना, गठन, जातीय स्मृतियों, आस्था और विश्वास के कुल योग—उसकी समूची आन्तरिकता को सघन कलात्मक रचाव से प्रस्तुत करनेवाले उपन्यासों में से यदि किन्हीं दो या तीन अग्रणी रचनाओं का चुनाव किया जाएगा तो ‘छाको की वापसी’ को उस सूची में रखना ही होगा, इसके बिना वह पूरी नहीं होगी।
छाको एक धुरी है, जिस पर घूम रही है एक भरी-पूरी दुनिया। एक समूची क़ौम की ज़ेहनियत और ज़िन्दगी। बीच में जो विभाजन की रेखा दिखाई देती है, वह हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बीच से होती हुई दोनों देशों के शासकवर्ग और जनता के वर्ग-हितों की भी सुस्पष्ट पहचान कराती है, और अन्तत: मनुष्य के अस्तित्व के प्रश्न में बदल जाती है।
मिट्टी की गन्ध जिस तरह से पूरी कृति में समाई हुई है, उसके आगे देश-प्रेम की भारी-भरकम शब्दावली वाली कितनी ही परिभाषाएँ बेकार हैं। सरहदों और सीमाओं में बँधी नागरिकता का एक प्रति-विमर्श रचते हुए यह उपन्यास ज़िन्दगी और ज़मीन के कहीं गहरे, लगभग शाश्वत रिश्ते की ओर इशारा करता है। यही वह रिश्ता है जो आख़िरकार मानव-सभ्यता के विकास का बीज बनता है।
‘एक चूहे की मौत’ जैसे अत्यन्त लोकप्रिय उपन्यास के लेखक का यह उपन्यास नागरिकता और देश की मौजूदा बहसों के सन्दर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाता है।
Kamini Kay Kantare Vol-II
- Author Name:
Mahesh Katare
- Rating:
- Book Type:

- Description: कामिनी काय कांतारे’ अर्थात कामिनी काया के जंगल में! राजा भर्तृहरि, गृहस्थ भर्तृहरि, प्रेमी भर्तृहरि, कवि भर्तृहरि, वैयाकरण भर्तृहरि, योगी भर्तृहरि! बहुमखी प्रतिभा के धनी विविध रूप-गुणों से संपन्न भर्तृहरि के जीवन पर आधारित यह उपन्यास कामिनी कंचन के बीच से ही नहीं गुजरता, कामिनी काया के जंगल से भी गुजरता है और कथा, इतिहास, मिथक के बल पर एक महान क्लासिक रचना वरिष्ठ कथाकार-उपन्यासकार महेश कटारे की कलम से पूर्णता को प्राप्त करती है। यह उपन्यास न मात्र बेहद पठनीय और रोचकता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है, ज्ञान को दीप्त करने वाली विशिष्ट कृति है। भारतीय परंपरा की थाती। उपन्यासकार के शब्दों में, ''भरथरी गाने वालों की कथा में बीवी की बेवफाई से दुखी राजा भरथरी जोगी बनकर महल, हवेली, राजपाट छोड़कर निकल गए। गुरु गोरखनाथ के कहने पर वह अपनी उसी पत्नी रानी पिंगला से भीख माँगने द्वार पर पहुँचे तो राजा को जोगी के भेष में देख रानी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। 'भरथरी’ सुनती स्त्रियों की भीड़ राजा के घर से निकलते ही आँसू बहाने लगती और रानी के पछाड़ खा गिरने पर तो अनेक की 'कीक’ फूट जाती। इस भर्तृहरि से मेरा बचपन का परिचय था। बाद में सरसरी दृष्टि से शतकत्रय भी पढ़े थे तो उस रात मैंने मित्रों को दो-तीन श्लोक सुना डाले। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि भर्तृहरि बहुत बड़ा कवि है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों पर बहुत कम काम हुआ है, सो मैं एक उपन्यास लिखूँ।...’’ और अब यह उपन्यास दो खण्डों में आपके सामने है। हिंदी की एक अनमोल कृति के रूप में!...
Hatya
- Author Name:
Hrideyesh
- Book Type:

- Description: सुपरिचित कथाकार हृदयेश ने इस उपन्यास में एक छोटे-से शहर की धड़कती ज़िन्दगी को केन्द्र बनाकर हत्या जैसे कृत्य के बहुआयामी चित्र प्रस्तुत किए हैं। शिवनारायण एक आदर्शवादी व्यक्ति है, और है शहर का एक नामी गुंडा चुन्नू जो मोहल्ले और शहर के निरीह लोगों पर जोर-जुल्म करता है। शिवनारायण उसकी इन हरकतों पर उत्तेजित होकर, उसके साथ कोई व्यक्तिगत शत्रुता न होते हुए भी, एक दिन उसकी हत्या कर देता है। मुक़दमा चलता है और अन्ततः शिवनारायण को फाँसी की सज़ा होती है। इस सारी प्रक्रिया में न केवल क़ानून का वास्तविक रूप उजागर होता है बल्कि हत्या के अनेक पहलू उभरकर सामने आते हैं। क़ानून की नज़र में हत्या सिर्फ़ एक आदमी के प्राण ले लेना है, जबकि हत्या व्यक्ति के चरित्र की, उज्ज्वल सम्भावनाओं की, अभिव्यक्ति पाने के लिए छटपटाती प्रतिभा की भी होती है। लेकिन समाज के कर्णधारों, सत्ता में बैठे लोगों और क़ानून के लिए हत्या के ये रूप चिन्तनीय नहीं हैं। ‘हत्या’ उपन्यास में लेखक ने इन सब पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है।
Parva
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War. Parva is acknowledged as S.L. Bhyrappa's greatest work. Non-Kannadigas who have read it in its Hindi and Marathi translations consider it one of the masterpieces of modern Indian literature. It transforms an ancient legend into a modern novel. In this process, it has gained rational credibility and a human perspective. The main incident, the Bharata war, symbolic of the birth pangs of a new world order, depicts a heroic but vain effort to arrest the disintegration and continue the prevailing order. It is viewed from the standpoints of the partisan participants and judged with reference to the objective understanding of Krishna. Narration, dialogue, monologue, and commentary are all employed for its presentation. Shot through with irony, pity, and objective understanding, the novel ends with the true tragic vision of faith in life and hope for mankind. Parva has been translated into several major Indian languages: Bengali, Hindi, Marathi, Tamil, and Telugu, apart from English. The novel narrates the story of the Hindu epic Mahabharata, primarily using monologue as a literary technique. Several principal characters from the original Mahabharata reminisce about their entire lives. Both the setting and the context for the reminiscence are the onset of the Kurukshetra War.
Kariyan
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने अपने लेखन में सामाजिक-नैतिक असंगतियों, मध्यवर्ग के दोहरे मानदंडों, परिवार व विवाह संस्थाओं के विरोधाभासों को निशाना बनाया है।
‘कड़ियाँ’ भीष्म साहनी का महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। इसकी विषयवस्तु एक ऐसे मध्यवर्गीय परिवार से सम्बन्ध रखती है जो परम्परागत संस्कारों में जकड़ा हुआ है, लेकिन इसका मुख्य कथानक दाम्पत्य जीवन की कड़वाहट और स्त्री की असहाय स्थिति से सम्बन्धित है। एक तरफ़ रूढ़ नैतिक मान्यताएँ हैं जो पति-पत्नी के सम्बन्धों में दरार पैदा कर देती हैं और दूसरी तरफ़ पत्नी की आर्थिक परनिर्भरता है जिसके कारण उसे अनेक मानसिक यंत्रणाओं से गुज़रना पड़ता है।
पुरुष प्रधान समाज में स्त्री के हिस्से आनेवाली पीड़ाओं और अत्याचारों का अंकन इस उपन्यास में बहुत बारीकी से किया गया है। तनाव और विघटन के क्षणों को उकेरने में लेखक ने विशेष कौशल का परिचय दिया है।
Hullugarike
- Author Name:
Rajan Gawas +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Kannada Translation by Chandrakant Pokale of Rajan Gawas's award-winning Marathi Novel Tanakat
Maiyadas Ki Madi
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

-
Description:
‘मय्यादास की माड़ी’ में दाख़िल होने का एक ख़ास मतलब है, यानी पंजाब की धरती पर एक ऐसे कालखंड में दाख़िल होना, जबकि सिक्ख-अमलदारी को उखाड़ती हुई ब्रिटिश-साम्राज्यशाही दिन-ब-दिन अपने पाँव फैलाती जा रही थी।
भारतीय इतिहास के इस अहम बदलाव को भीष्म जी ने एक क़स्बाई कथाभूमि पर चित्रित किया है और कुछ इस कौशल से कि हम जन-जीवन के ठीक बीचोबीच जा पहुँचते हैं। झरते हुए पुरातन के बीच लोग एक नए युग की आहटें सुनते हैं, उन पर बहस-मुबाहसा करते हैं और चाहे-अनचाहे बदलते चले जाते हैं—उनकी अपनी निष्ठाओं, कदरों, क़ीमतों और परम्पराओं पर एक नया रंग चढ़ने लगता है। इस सबके केन्द्र में है दीवान मय्यादास की माड़ी, जो हमारे सामने एक शताब्दी पहले की सामन्ती अमलदारी, उसके सड़े-गले जीवन-मूल्यों और हास्यास्पद हो गए ठाठ-बाट के एक अविस्मरणीय ऐतिहासिक प्रतीक में बदल जाती है। इस माड़ी के साथ दीवानों की अनेक पीढ़ियाँ और अनेक ऐसे चरित्र जुड़े हुए हैं जो अपने-अपने सीमित दायरों में घूमते हुए भी विशेष अर्थ रखते हैं—इनमें चाहे सामन्ती धूर्तता और दयनीयता की पराकाष्ठा तक पहुँचा दीवान धनपत और उसका बेटा हुकूमतराय हो, राष्ट्रीयता के धूमिल आदर्शों से उद्वेलित लेखराज हो, बीमार और नीम-पागल कल्ले हो, साठसाला बूढ़ी भागसुद्धी हो या फिर विचित्र परिस्थितियों में माड़ी की बहू बन जानेवाली रुक्मो हो—जो कि अन्ततः एक नए युग की दीप-शिखा बनकर उभरती है।
वस्तुतः भीष्म जी का यह उपन्यास एक हवेली अथवा एक क़स्बे की कहानी होकर भी बहते काल-प्रवाह और बदलते परिवेश की दृष्टि से एक समूचे युग को समेटे हुए है और उनकी रचनात्मकता को एक नई ऊँचाई सौंपता है।
Kabira Soi Peer Hai
- Author Name:
Pratibha Katiyar
- Book Type:

- Description: मूलतः एक संवेदनशील कवि के रूप में अपनी पहचान बनाने वाली प्रतिभा कटियार का यह पहला उपन्यास अपनी पठनीयता और अपने सरोकार दोनों वजहों से लगभग चकित करता है। उपन्यास एक कोचिंग सेंटर से शुरू होता है जहाँ अलग-अलग वर्गों के छात्र एक-सी महत्वाकांक्षा के साथ पहुँचते हैं। मगर वहाँ भी छात्रों की पसन्द-नापसन्द, उनकी मैत्री और उनके सम्बन्धों में एक स्पष्ट भेदभाव चला आता है। उपन्यास में ऐसे किरदार हैं जो इस भेदभाव को तोड़कर आगे बढ़ते हैं और बताते हैं कि दुनिया इन खानों से बड़ी है। जाहिर है, यह प्रेम और आपसी समझ के रसायन से बनी मनुष्यता है जो सामाजिक चाल-चलन पर भारी पड़ रही है। उपन्यास की नायिका दलित समाज से आती है और बचपन से ही देखती है कि उसकी प्रतिभा दूसरों की आँख का काँटा बनी हुई है। उसकी सफलता भी उसका अभिशाप है। जब उसे कोचिंग सेंटर में ऐसा दोस्त मिलता है जो बराबरी पर भरोसा करता है और उससे प्रेम करने लगता है तब वह कुछ बदलती दिखती है। उपन्यास अगर इसी दिशा में बढ़कर एक सुखान्त पर खत्म हो जाता तो तो शायद वह बराबरी की कामना का एक रूमानी बयान होकर रह जाता। यहाँ लेखिका साबित करती हैं कि उनके लहजे में चाहे जितनी रूमानियत हो, यथार्थ की उनकी समझ बहुत खरी है। वे घर-परिवार और समाज के सारे पूर्वग्रह और पाखंड जैसे तार-तार कर देने पर तुली हैं। वे एक पल के लिए भी इस बात को ओझल नहीं होने देतीं कि यह समाज बहुधा कुछ लोगों के प्रति बहुत अमानुषिक व्यवहार करता है और अगर यह भी न हो तो अपनी उदारता के चरम लम्हों में भी वह उनके अवसर छीनने में कोई कोताही नहीं करता, कोई हिचक नहीं दिखाता। इसमें सन्देह नहीं कि यह उपन्यास एक साँस में पढ़ा जा सकता है, लेकिन उसके बाद जिस गहरी और लम्बी साँस की ज़रूरत पड़ती है, वह कहीं हलक में अटकी रह जाती है। कई किरदारों और स्थितियों के बीच रचा गया यह उपन्यास हमारे समय की एक बड़ी विडम्बना पर उँगली रखता है और अपने छोटे कलेवर के बावजूद एक बड़ा वृत्तान्त रचता है। —प्रियदर्शन
Roti Ke Char Harf
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

- Description: यात्राएँ आलोक रंजन के स्वभाव में पैबस्त हैं। कहानियाँ लिखते हुए भी वे यात्राएँ करते रहते हैं—कभी बाहर की, कभी अन्तर्मन की। सबसे खूबसूरत बात यह है कि इन यात्राओं में वे आपके सहयात्री बन जाते हैं—हाथ पकड़कर चरित्रों, घटनाओं, दृश्यों की यात्राएँ करवाने वाले। जैसा कि एक कहानी में कहते हैं—‘ताकि एक आँख बाहर रहे और दूसरी अन्दर देखती रहे।’ आलोक डिटेलिंग के कथाकार हैं—चरित्रों के अन्तः एवं बाह्य रूप, दृश्यावलियाँ, बदलते घटनाक्रम—यह सब इतने स्वाभाविक और बारीक विवरणों के साथ कि उन पर विश्वास करने की इच्छा जन्म लेने लगती है। अगर आलोक आपको चुपके से दक्षिण भारत की यात्रा पर ले जाते हैं तो यह एक कल्चरल शॉक की तरह नहीं आता बल्कि चरित्र, वातावरण सबके साथ एकाकार होकर आपके अन्दर उतरता है। उनके चरित्र हममें से ही एक मालूम होते हैं—उनकी पीड़ाएँ, उनकी खूबियाँ, उनके शोषण, उनकी कामनाएँ—सब हमारी ही प्रतिछवियाँ हैं। आलोक की कहानियों में प्रेम की अनुपस्थित उपस्थिति रहती है। कुछ कहानियों में प्रेम है भी और नहीं भी है—मुखर रहते हुए भी मौन है—‘इस दुनिया के किनारे’, ‘जलते सबके मकान’, ‘स्वाँग के बाहर’ आदि कहानियाँ इस आलोक में पढ़ी जा सकती हैं। आलोक भाषाई तरलता का एक ऐसा स्वाभाविक वितान रचते हैं जिसमें हिन्दी, उर्दू, मैथिली, दक्षिण भारतीय भाषाएँ सब घुल-मिलकर एक रूप हो जाती हैं और धीमे-धीमे बहती नदी का रूप धरती रहती हैं। कहानियों की अन्य खूबियों के साथ जो गहरे आकर्षित करती है, वह है आलोक की नुक्ता-ए-नज़र—आलोक की पॉलिटिक्स बिलकुल साफ है, जो उनके पात्रों के चयन से ज़ाहिर हो जाती है—तकरीबन सभी चरित्र निम्नवर्गीय या निम्नमध्यवर्गीय हैं। जी में चीजों को बदलने की बहुत उत्कट इच्छा न भी हो तो समय के साथ, परिस्थितियों के साथ लड़-भिड़कर लहूलुहान हो जाने की सदिच्छा जरूर है।पंकज मित्र
Ajanta Ki Rajkumari
- Author Name:
Sourabh Sharma
- Book Type:

- Description: अजंता की गुफाओं ने भारत के क्लासिकल समाज को ज्यों का त्यों अपने भीतर सहेज लिया है। अजंता अपने भीतर आश्चर्य लोक है। अपने सुंदर समय की स्मृतियों को सहेजने का विचार जब राजपुरुषों के मन में आया होगा तो इस अद्भुत गैलरी का निर्माण हुआ होगा। इसका निर्माण भी उतना ही रहस्यमयी और रोचक होगा जितनी ये गुफाएं हैं। संभवतः राजा ने इसके निर्माण के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट बुलवाया होगा। चित्रकारों का चुनाव किया होगा और चित्रों का भी। इतने गहरे भावों को सृजित कराने वाले आश्रयदाताओं की भावभूमि भी गहन होगी। इनकी कहानियों पर एक कथा रचने का प्रयास है अजंता की राजकुमारी।
Gulo
- Author Name:
Subhash Chandra Yadav
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book